Chudai kahani एक मस्त लम्बी कहानी
01-13-2019, 11:03 PM,
#1
Lightbulb  Chudai kahani एक मस्त लम्बी कहानी
मैं हूँ बाबू, उम्र ४३ साल, अविवाहित पर सेक्स का मजा लेने में खुब उस्ताद। मेरी इस कहानी में जो लड़की है उसका नाम है - सानिया खान। वो मेरे एक दोस्त प्रोफ़ेसर जमील अहमद खान की बेटी है। सानिया के पिता और मैं दोनों कौलेज के दिनों से दोस्त हैं। उनकी शादी एम०ए० करते समय हीं हो गई। मेरी भाभी यानि उनकी बेगम रिश्ते में मौसेरी बहन थी। खैर मैं तो सानिया के बारे में कहने वाला हूँ उसके माँ-बाप में तो शायद हीं आप-लोगों को रुचि हो। सानिया १८ साल की बी०कौम० फ़र्स्ट ईयर की छात्रा है। बहुत सुन्दर चेहरे की मालकिन है। एक दम गोरी, ५’५" लम्बी, पतली छरहरी काया, लहराती-बलखाती जब वो सामने से चलती तो मेरे दिल में एक हूक सी उठती। मेरे जैसे चूतखोर मर्द के लिए उसका बदन एक पहेली था, कैसी लगेगी बिना कपड़ों के सानिया? तब मैं भूल जाता कि वो मेरे गोद में खेली है, उसके बदन को जवान होते मैने देखा है। उसकी चुची नींबू से छोटे सेव, संतरा, अनार होते देखा है, महसूस किया है। सोच-सोच कर मैंने पचासों बार अपना लंड झाड़ा होगा। पर उसका मुझे चाचा कहना, मुझे रोक देता था कुछ भी करने से। उसके दिल की बात मुझे पता नहीं थी न। वैसे सानिया का चक्कर दो-तीन लड़कों से चला था, घर पर उसे खुब डाँट भी पड़ी थी, पर उन लोगों ने हद पार की थी या नहीं मुझे पता न चल पाया, और जब भी मेरे दोस्त और भाभी जी ने इस बात की चर्चा की, तब उनके भाषा से मुझे कुछ समझ नहीं आया। और एक बार...भगवान की दया से कुछ ऐसा हुआ कि... हुआ ये कि सानिया के नाना की तबियत खराब होने की खबर आई, और सानिया के अम्मी-अब्बा को उसके ननिहाल मेरठ जाना पड़ा, और सानिया की क्लास चलते रहने की वजह से वो उसको नहीं ले जा सके। उनके घर में नीचे के हिस्से में जो किरायेदार थे वो भी अपने गाँव गए हुए थे, सो सानिया को अकेला वहाँ न छोड़, उन लोगों ने उसको एक सप्ताह मेरे साथ रहने को कहा। असल में ये प्रस्ताव मैंने ही उन लोगों को परेशान देख कर दिया था। वो तुरंत मान गए। मेरे दोस्त ने तब कहा भी कि यार मैं भी यही सोच रहा था पर तुम अकेले रहते हो, लगा कहीं तुम्हें कोई परेशानी ना हो। बात-चीत करते हुए जमील ने हल्की आवाज में बताया कि एक बार पहले भी वो सानिया को अकेले तीन दिन के लिए छोड़े थे तो आने पर किरायेदार से पता चला कि दो दिन लगातार सानिया के साथ कोई लड़का रहा था, जो उसके साथ स्कूल में पढ़ता था, अब कहीं इंजीनियरिंग पढ़ रहा है। वो अपनी परेशानी मुझे बता रहा था और मैं सोच रहा था कि जब सानिया अपने घर पर एक लड़के को माँ-बाप के नहीं रहने पर रख सकती है, तो घर के बाहर तो वो जरूर ही चुदवायी होगी। खैर..., अगले दिन सुबह कोई ७ बजे वो लोग सानिया को मेरे अपार्ट्मेंट पर छोड़े, चाय पिया और मेरठ चले गये। सानिया तब अपने स्लीपिंग ड्रेस में ही थी - एक ढ़ीला सा कैप्री और काला गोल गले का टी-शर्ट। उसको को ९ बजे कौलेज जाना था, दो घंटे के लिए। मेरी नौकरानी नास्ता बना रही थी, जब सानिया किचेन में जा कर उससे पूछी कि कोई साबुन है या नहीं। असल में अकेले रहने के कारण मेरे रूम के बाथरूम में तो सब था पर दुसरे रूम, जिसमें सानिया का सामान रखा गया था, वह बाथरूम कपड़े धोने के लिए ही इस्तेमाल होता था। मैं ही तब कहा-"सानिया, तुम मेरे रूम का बाथरूम युज कर लो, मुझे अभी समय है"। और सानिया अपना कपड़ा ले कर मुस्कुराते हुए चली गई। मैं बाहर वाले रूम में अखबार पढ़ रहा था, जब सानिया तैयार हो, नास्ता करके आई और बोली-"चाचा, मैं करीब १२ बजे लौटूँगी, तब तो घर बंद रहेगा।" मैंने उसको भींगे बालों से घिरे सुन्दर से चेहरे को देखते हुए कहा- "कोई परेशान होने की बात नहीं है, तुम एक चाभी रख लो", और मैने नौकरानी से चाभी ले कर उसको दे दी, (मैंने एक चाभी उसको इसलिए दी थी कि वो शाम को आ कर काम कर जाए और मेरा खाना पका जाए) साथ हीं नौकरानी को शाम की छुट्टी कर दी कि शाम को हम लोग होटल में खाना खा लेंगे। थोड़ी देर में नकरानी भी काम निपटा कर चली गई, और मैं तैयार होने बाथरूम में आया। और.. बाथरूम में सानिया की कैप्री और टी-शर्ट खूँटी से टंगी थी, और नीचे गीली जमीन पर सानिया की ब्रा-पैन्टी पड़ी थी। ऐसा लग रहा था कि उसने उन्हें धोया तो है, पर सुखने के लिए डालना भूल गई। मेरे लन्ड में सुरसुरी जगने लगी थी। मैंने उसके अन्तर्वस्त्र उठा लिए और उनका मुआयना शुरु कर दिया। सफ़ेद ब्रा का टैग देखा-लवेबल ३२बी०। सोचिए, ५’५" की सानिया कितनी दुबली-पतली है। मैंने अब उसकी पैन्टी को सीधा फ़ैला दिया। वो एक पुरानी पन्टी थी-रुपा सौफ़्ट्लाईन ३२ साईज। इतनी पुरानी थी कि उसके किनारे पर लगे लेस उघड़ने लगे थे और वो बीच से हल्का-हल्का घिस कर फ़टना शुरु कर चुकी थी।
-  - 
Reply

01-13-2019, 11:03 PM,
#2
RE: Chudai kahani एक मस्त लम्बी कहानी
मैंने उसे सूँघा, पर उसमें से साबुन की हीं खुश्बू आई। फ़िर भी मैंने ऐसे तो कई बार उसके नाम की मुठ मारी थी, पर आज उसकी पैन्टी से लन्ड रगड़-रगड़ कर मूठ मरा और अपना माल उसके पैन्टी के घीसे हुए हिस्से पर निकला और फ़िर बिना धोये ही पैन्टी-ब्रा को सुखने के लिए डाल दिया। मेरे दिमाग में अब ख्याल आने लगा कि एक बार कोशिश कर के देख लूँ, शायद सानिया पट जाए। पर मुझे अब देर हो रही थी सो मैं जल्दी-जल्दी तैयार हो कर निकल गया। शाम को करीब ७ बजे मैं घर आया, सानिया बैठ कर टीवी देख रही थी। उसने ही मुझे चाय बना कर दी। हम दोनों साथ चाय पी रहे थे, जब मैंने कहा-"तैयार हो जाओ, आज बाहर हीं खाना है।" खुशी उसके चेहरे पे झलक गई, और मैं उसके उस सलोने से चेहरे से नजर हटा न पाया। हम लोग इधर-उधर की बात कर रहे थे, तभी उसे ख्याल आया, बोली-"सौरी चाचा, आज आपके बाथरूम में गलती से मेरा कपड़ा रह गया। असल में मेरे जाने के बाद अम्मी जब सारे घर को ठीक करती है, तो वो ये सब भी कर देती है। कल से ऐसा नहीं होगा।" उसके चेहरे पे सारी दुनिया की मासुमियत थी। मैंने भी प्यार से कहा-"अरे, कोई बात नहीं बेटा, मुझे कोई परेशानी नहीं हुई। तुम तो धो कर गई ही थी, मैंने तो सिर्फ़ सुखने के लिए तार पर डाल दिया।" फ़िर थोड़ी शरारत मन में आई तो कह दिया-"वैसे भी तुम तो खुद १० किलो की हो, तो तुम्हारी ब्रा-पैन्टी तो १० ग्राम से ज्यादा नहीं होनी चाहिए न। उसको सुखने डालने में कोई मेहनत तो करना नहीं पड़ा मुझे।" उसने अपनी बड़ी-बड़ी आँखो को गोल-गोल नचाया-"पुरे ४१ किलो हूँ मैं"। मैंने तड़ से जड़ दिया-"ठीक है फ़िर तो मैं सुधार कर देता हूँ, फ़िर ४१ ग्राम होगी ब्रा-पैन्टी।" वो मुस्कुरा कर बोली-"मेरा मजाक बना रहें हैं, मैं तैयार होने जा रहीं हूँ।" और वो अपने रूम में चली गई, मैं अपने रूम में। कोई आधे घन्टे बाद हम घर से निकले। सानिया ने एक गहरे हरे रंग की कैप्री और गुलाबी टौप पहनी थी। बालों को थोड़ा उपर उठा पोनीटेल बनाया था, पैर में बिना मोजा रीबौक के जूते। मैं उसकी खुबसुरती पर मुग्ध था। हम लोग पैदल हीं एक घंटा घुमे और फ़िर करीब ९ बजे एक चाईनीज रेस्ट्रां मेम खाना खा कर १० बजे तक घर आ गए। थोड़ी देर टीवी देखने के बाद अरीब ११ बजे सानिया अपने रूम में और मैं अपने रूम में सोने चले गए। सानिया के बारे में सोचते सोचते बड़ी देर बाद मुझे नींद आई। अगले दिन करीब ६ बजे सानिया ने मुझे जगाया, वो सामने चाय ले कर खड़ी थी। मेरे दिमाग में पहला ख्याल आया कि आज का दिन अच्छा हो गया, उसकी सलोनी सूरत देख। हमने साथ चाय पी। वो तब मेरे बिस्तर पे बैठी थी। उसने एक नाईटी पहनी हुई थी जो उसके घुटने से थोड़ा नीचे तक थी। रेडीमेड होने के कारण थोड़ा लूज थी, और उसके ब्रा के स्टैप्स दिख रहे थे। आज उसे ८.३० बजे निकलना था, सो वो बोली-"आप बाथरूम से हो लीजिए तब मैं भी नहा लूँगी, आज थोड़ा पहले जाना है"। मैं जब बाथरूम से बाहर आया तो देखा कि उसने मेरा बिस्तर ठीक कर दिया है, और अपने कपड़े के साथ मेरे बेड पे बैठी है। जब वो बाथरूम की तरफ़ जाने लगी तब मैंने छेड़ते हुए कहा, आज भी अपना ४१ ग्राम छोड़ देना। वो यह सुन जोर से बोली-छीः, और हल्के से हँसते हुए बाथरूम का दरवाजा लौख कर लिया। मैं बाहर बैठ पेपर पढ़ रहा था, जब वो बोली-"मैं जा रही हूँ चाचु, करीब १ बजे लौटूँगी, मेरा लंच बनवा दीजिएगा, नस्ता मै कैंटीन में कर लूँगी।" मैं उसको पीले टाईट सलवार कुर्ते में जाते देखता रहा, जब तक वो दिखती रही। उसकी सुन्दर सी गांड हल्के हल्के मट्क रही थी।
-  - 
Reply
01-13-2019, 11:03 PM,
#3
RE: Chudai kahani एक मस्त लम्बी कहानी
 थोड़ी देर में मेरी नौकरानी मैरी आ गई, और अपना काम करने लगी, मैं भी तैयार होने बाथरूम में आ गाया। मुझे थोड़ा शक था कि आज शायद मुझे ब्रा-पैन्टी ना दिखे, पर मेरी खुशी का ठिकाना न रहा जब मैने देखा कि आज फ़िर उसने अपनी ब्रा-पैन्टी धो कर कल की तरह ही जमीन पर छोड़ दी है। कल शायद उससे गल्ती से छूट गया था, पर आज के लिए मैं पक्का था कि उसने जान-बूझ कर छोड़ा है। मुझे लगने लगा कि ये साली पट सकती है। मैंने आज फ़िर उसकी पैन्टी लंड पे लपेट मूठ मारी और माल उसके पैन्टी में डाल दिया। ये वाली पैन्टी कल वाली से भी पुरानी थी, और उसमें भी दो-एक छोटे छेद थे। पर मुझे मजा आया। मैंने अपने माल से लिपसे पैन्टी को ब्रा के साथ सुखने को डाल दिया। शाम को मुझे आने में थोड़ी देर हो गई, मैरी हम दोनों का खाना बना कर जा चुकी थी। मैं जब आया तो सानिया चाय बनाई और हम दोनों गपसप करते हुए चाय पीने लगे। सानिया ने ही बात छेड़ दी-"आज फ़िर आपको मजा आया मेरी सेवा करके?" मैं समझ न सका तो उसने कहा, "वही ४१ ग्राम, सुबह" और मुस्कुराई। मैंने भी कहा- "हाँ, मजा तो खुब आया, पर सानिया, इतने पुराने कपड़े पहनो, फ़टे कपड़े पहनना शुभ नहीं माना जाता"। वो समझ गई, बोली- "ठीक चाचु, आगे से ख्याल रखूँगी।" मैंने देखा कि बात सही दिशा में है तो आगे कहा-"अच्छा सानिया, थोड़ा अपने पर्सनल लाईफ़ के बारे में बताओ। जमील कह रहा था कि तुम्हारा किसी लड़के के साथ चक्कर था। अगर न बताना चाहो तो मना कर दो।" वो थोड़ी देर चुप रही फ़िर उसने रेहान के बारे में कहा, जो उसके साथ स्कूल में ५ साल पढ़ा था। दोनो अच्छे दोस्त थे। पर ऐसा कुछ नहीं किया कि उसको इतना डाँटा जाए, रेहान तो फ़िर उस डाँट के बाद कभी मिला भी नहीं। अब तो वो उसको अपना पहला क्रश मान ली थी। मैं तब साफ़ पूछ लिया-"क्यों, क्या सेक्स-वेक्स नहीं किया उसके साथ?" वो अपने गोल-गोल आँख घुमा कर बोली-"छीः, क्या मैं आपको इतनी गन्दी लड़की लगती हूँ, रेहान मेरा पहला प्यार था, अब कुछ नहीं है?" मैंने मूड को हलका करने के लिए कहा-"अरे नहीं बेटी तुम और गन्दी, कभी नहीं, हाँ थोड़ी शरारती जरूर हो, बदमाश जो अपनी ब्रा-पैन्टी अपने चाचु से साफ़ करवाती हो।" वो बोली-"गलत चाचु, साफ़ तो खुद करती हूँ, आप तो सिर्फ़ सुखने को डालते हो।" हम दोनों हँसने लगे। फ़िर खाना खा कर टहलने निकल गए। बातों बातों में वो अपने कौलेज के बारे में तरह तरह की बात बता रही थी, और मैं उसके साथ का मजा ले रहा था। तीसरे दिन भी सुबह सानिया के चेहरे पर नजर डाल कर ही शुरु हुई। उस दिन मैरी थोड़ा सवेरे आ गयी थी, सानिया का नास्ता बना रही थी। मैं भी अपने औफ़िस के काम में थोड़ा बीजी था, कि सानिया तैयार हो कर आई। मैंन घड़ी देखे -८.३०। सानिया बोली- "चाचु आज भी रख दिया है मैंने आपके लिए ४१ ग्राम.... और आज धोई भी नहीं हूँ", और वो चली गयी। मैंने भी अब जल्दी से फ़ाईल समेटी और तैयार होने चला गया। आज बाथरूम में थोड़ी सेक्सी किस्म की ब्रा-पन्टी थी और उससे बड़ी बात कि आज सानिया ने उसपर पानी भी नहीं डाला था। दोनो एक सेट की थी, गुलाबी लेस की। इतनी मुलायम की दोनों मेरी एक मुठी में बन्द हो जाए। मैंने पैन्टी फ़ैलाई-स्ट्रिन्ग बिकनी स्टाईल की थी। उसके सामने का भाग थोड़ा कम चौड़ा था, करीब ४ इंच और नीचे की तरफ़ पतला होते होते चुत के उपर २ इंच का हो गया था, फ़िर पीछे की तरफ़ थोड़ा चौड़ा हुआ पर ५ इंच का होते होते कमर के इलास्टिक बैंड मे जा मिला।
-  - 
Reply
01-13-2019, 11:03 PM,
#4
RE: Chudai kahani एक मस्त लम्बी कहानी
साईड की तरफ़ से पुरा खुला हुआ, बस आधा इंच से भी कम की इलस्टिक। मैंने प्यार से उस गन्दी पैन्टी का मुआयना किया। चुत के पास हल्का सा एक दाग था, जो बड़े गौर से देखने पर पता चलता, मैने उस धब्बे को सुंघा। हल्की सी खट्टेपने की बू मिली और मेरा लन्ड को सुरुर आने लगा। मैने प्यार से उसी धब्बे पर अपना लन्ड भिड़ा, पैन्टी को लन्ड पे लपेट मजे से मूठ मारने लगा, और सारा माल उसी धब्बे पर निकाला, फ़िर उस पैन्टी-और ब्रा को सिर्फ़ पानी से धो कर सुखने डाल दिया। शाम ७.३० बजे घर आया, साथ चाय पीने बैठे तो मैंने बात छेड़ दी-"आज तो सानिया बेटी, तुमने कमाल कर दिया।" वो कुछ नहीं बोली तो मैंने कह दिया-"बिना धोयी हुई ब्रा-पैन्टी से तुम्हारी खुश्बू आ रही थी।" वो शर्माने लगी, तो मैने कहा-"सच्ची बोल रहा हूँ, मैंने सुँघ कर देखा था। तुम्हारे बाप की उम्र का हूँ, पर आज वाली ४१ ग्राम की खुश्बू ने मेरे दिल में अरमान जगा दिये।" वो थोड़ा अनईजी दिखी, तो मैंने बात थोड़ा बदला, "पर मैंने भी दिल पे काबू कर लिया, तुम परेशान न हो।" वो मुस्कुराई, तब मैंने कहा-"पर आज वाली तो बहुत सेक्सी थी, अब कल क्या दिखाओगी मुझे?" वो मुस्कुराई-"कल ३० ग्राम मिलेगा"। मै-"क्यों?" वो बोली-"क्योंकि आज मैंने नीचे पहनी ही नहीं है। वो दोनो पुरानी वाली पहननी नहीं थी, और ये वाली तो आज धुली है, कल पहनुँगी।" मैंने कहा-"ऐसे बात है, चल आज ही खरीद कर लाते हैं। मैंने आज तक कभी लेडीज पैन्टी नहीं खरीदी, आज ये भी कर लेते हैं।" वो थोड़ा सकुचाई, तो मैंने उसको हाथ पकड़ कर उठा दिया, बोला जल्दी तैयार हो जाओ। मैं तब जींस और टीशर्ट में था, और वो अपने नाईटी में। वो दो मिनट में चेंज करके आ गई-नीले स्कर्ट और पीले टौप में वो जान-मारू दिख रही थी। उसने आते हुए कहा-"स्कर्ट में सुविधा होगी, एक तो वहीं पहन लूँगी, और एक और ले लूंगी।" बहुत मस्त लौन्डिया थी वो। मेरे जैसे मर्द को खुब टीज करना जानती थी। जब भी मैं ये सोचता कि साली नंगी चुत ले कर बाजार में है, मेरे दिल से एक हूक निकल जाती। हम एक लेडीज अंडरगार्मेंट्स स्टोर में गए। मेरे लिए ये पहला अनुभव था। दो-तीन और लेडीज ग्राहक थीं। हमारे पास एक करीब २८-३० साल की एक सेल्सगर्ल आई, तो मैने, उसे एक ब्र-पैन्टी सेट दिखाने को कहा। क्या साईज, और कोई खास स्टाईल, कहते हुए उसने एक कैटेलग हमें थमा दिया। एक से एक मस्त माल की फ़ोटो थी, तरह तरह की ब्रा-पन्टी में। मैं फ़ोटो देखने में बीजी था, कि सानिया बोली-"सिर्फ़ पैन्टी लेते हैं ना"। मैंने नजर कैटेलग पे ही रखते हुए कहा-"एक इसमें से ले लो, फ़िर दो-तीन पैन्टी ले लेना।" सेल्सगर्ल ने पूछा-"दीदी के लिए लेना है या मैडम के लिए?", मैंने सानिया की तरफ़ इशारा किया। वो मुस्कुराते हुए बोली-"किस टाईप का दूँ, थोड़ी सेक्सी, हौट या सोबर?" मैंने जब उसे थोड़ा सेक्सी टाईप दिखाने को बोला तो वो मुस्कुराई। वो समझ रही थी कि मैं उस हूर के साथ लंपटगिरी कर रहा हूँ उसने कुछ बहुत ही मस्त सेट निकल दिए। एक तो बस सिर्फ़ पैन्टी के नाम पर २"x१" का सफ़ेद पारदर्शी जाली थी ब्रा भी ऐसा कि जितना छुपाती नहीं उतना दिखाती। मुझ वो ही खरीदने का मन हुआ, पर सानिया ने एक दुसरा पसंद किया। जब मैने कहा कि एक वह सेक्सी टाईप ले कर देखे, तो वो बोली, नही पर अगर आपका मन है, तो सिर्फ़ पैन्टी में ऐसा कुछ देख लेंगे, पैसा भी कम लगेगा। सानिया की पसंद की पैन्टी उसकी सेक्सी पैन्टी से थोड़ी और छोटी थी। चुतड़ तो लगभग ९०% बाहर ही रहता, पर चुत ठीक ठाक से कवर हो जाती। उसने उसका चटख लाल रंग पसंद किया। फ़िर उसने हेन्स की स्ट्रींग बिकनी पैन्टी माँगी, तो सेल्सगर्ल ने एक ३ का सेट दिया। अब मैंने उस सेक्सी पैन्टी के बारे में कहा और जोर दे कर एक सफ़ेद और एक काली पैन्टी खरीद ली। सानिया ने हेन्स की एक पैन्टी पैक से निकाली और ट्रायल रूम में चली गई और पहन ली। सामान पैक करते समय सेल्सगर्ल ने सानिया से उसकी पुरानी पैन्टी के बारे में पूछा तो सानिया ने कहा-"इट्स ओके, आई हैडन्ट बीन वीयरिन्ग एनी (सब ठीक है, मैने नहीं पहना हुआ था)। सेल्सगर्ल ने भी चुटकी ली-"आजकल के बच्चे भी ना..., इस तरह बिना चड्ढ़ी बाजार में निकल लेते हैं।" दुकान पर मौजूद तीनों सेल्सगर्ल और मैंने भी हँस दिया, और सानिया झेंप गई।
-  - 
Reply
01-13-2019, 11:04 PM,
#5
RE: Chudai kahani एक मस्त लम्बी कहानी
अगले दिन सुबह चाय पीते हुए मैंने कहा-"सानिया बेटा, अब आज का दिन मेरा कैसे अच्छा बीतेगा, आज तो ३० ग्राम ही मुझे मिलेगा।" वो मुस्कुराई और बोई-"सब ठीक हो जायेगा, फ़िक्र नोट ।" जब वो जाने लगी तो मुझे बोली-"चाचु, जरा अपने रुम में चलिए, एक बात है।" मुझे लगा कि वोह शायद कुछ कहेगी। पर वो रुम में मुझे लाई और मुझे बेड पे बिठा दिया, फ़िर एक झटके में अपने जीन्स के बटन खोल कर उसे घुटने तक नीचे कर दिया, बोली-"देख कर आज दिन ठीक कर लीजिए।" उसके बदन पर वही सेक्सी वाली सफ़ेद पैन्टी थी। उसके त्रिभुजाकार सफ़ेद पट्टी से उसकी बूर एक्दम से ढ़्की हुई थी, पर सिर्फ़ बूर हीं। बाकी उस पैन्टी में कुछ था ही नहीं सिवाय डोरी के। उसकी जाँघ, चुतड़ सब बिल्कुल खुला हुआ था। एकदम साफ़ गोरा दमकता हुआ। झाँट की झलक तक नहीं थी। मेरा गला सुख रहा था। वो २०-२५ सेकेन्ड वैसे रही फ़िर अपना जीन्स उपर कर ली, और मुस्कुराते हुए बाय कह बाहर निकल गई। मैंने वहीं बिस्तर पर बैठे-बैठे मुठ मारी, यह भी भूल गया कि मैरी घर में है। उस दिन बाथरुम में मुझे पता चला कि आज मेरे हीं रेजर से सानिया झाँट साफ़ की थी, और अपने झाँट को वाश बेसिन पे ही रख छोड़ा है। २-२" की उसकी झाँट के कई बाल मुझे मिल गये, जिन्हें मैंने कागज में समेट कर रख लिया। मैनें फ़िर मुठ मारी। शाम की चाय पीते हुए मैने बात शुरु किया-"बेटा आज मेरे लिए पैन्टी नहीं था तो तुमने मेरे लिए रेजर साफ़ करने का काम छोड़ दिया।" मेरे चेहरे पर हल्की हँसी थी। वो शर्मा गई। तब मैंने कहा-"किस स्टाईल का शेव की हो?" उसके चेहरे के भाव बदले, बोली-"मतलब?" मैंने आगे कहा-"मतलब किस स्टाईल में अपने बाल साफ़ की हो?" उसे समझ नहीं आया तो बोली-"अब इसमें स्टाईल की क्या बात है, बस साफ़ कर दी।" मैंने अब आँख मारी-"पुरा साफ़ कर दी?" वो अब थोड़ा बोल्ड बन कर बोली-"और नहीं तो क्या, आधा करती? कैसा गन्दा लगता।" मैंने सब समझ गया, कहा-"अरे नहीं बाबा, तुम समझ नहीं रही हो, लड़कियाँ अपने इन बालों को कई तरीके से सजा कर साफ़ करती हैं।" उसके लिए यह एक नई बात थी, पुछी-"कैसे?"तब मैंने उसको बताया कि झाँटों को कैसे अलग अलग स्टाईल मे बनाया जाता है, जैसे लैंडिन्ग स्ट्रीप, ट्रायन्गल, हिटलर मुश्टैश, बाल्ड, थ्रेड, हार्ट... आदि। उसके लिए ये सब बात अजुबा था-"बोली, मुझे नहीं पता ये सब"। मैं तो हमेशा ऐसे ही पुरा साफ़ करती रही हूँ, जब भी की हूँ। अभी, दो महिने बाद की हूँ, तभी इतनी बड़ी-बड़ी हो गयी थी। अम्मी को पता चल जाए तो मुझे बहुत डाँटेंगी, वो तो जबर्दस्ती बचपन में मेरा १५-१७ दिन पर साफ़ कर देती थी। वो तो खुद सप्ताह में दो दिन साफ़ करती हैं अभी भी।" मैंने भी हाँ में हाँ मिलाई-"हाँ, सच बहुत बड़ी थी, २" तो मैं अपना नहीं होने देता, जबकि मैं मर्द हूँ।" मैं महिने में दो-एक बार कौल-गर्ल घर लाता था। इसके लिए मैं एक दलाल राजेन्दर सुरी की मदद लेता। उसके साथ मेरा ५-६ साल पुराना रिश्ता था। वो हमेशा मुझे मेरे पसन्द की लड़की भेज देता। अब तो वो भी मेरी पसन्द जान गया था, और जब भी कोई नई लड़की मेरे टेस्ट की उसे मिलती, वो मुझे बता देता। ऐसे ही उस दिन शाम को हुआ। सुरी का फ़ोन आया करीब ८ बजे, तब मैं और सानिया खाना खा रहे थे। सुरी बताया कि एक माल आई है नई उसके पास, १७-१८ साल की। ज्यादा नहीं गई है, घरेलू टाईप है। आज उसकी ब्लड टेस्ट रिपोर्ट सही आने के बाद वो सुबह मुझे बतायेगा, अगर मैं कहूँ तो वो कल उसकी पहली बूकिंग मेरे साथ कर देगा। सानिया को हमारी बात ठीक से समझ में नहीं आई, और जब उसने पुछा तो मैंने सोचा कि अब इस लौन्डिया से सब कह देने से शायद मेरा रास्ता खुले, सो मैंने उसको सब कह दिया कि मैं कभी-कभी दलाल के मार्फ़त कौल-गर्ल लाता हूँ घर पर, आज उसी दलाल का फ़ोन आया था, एक नई लड़की के बारे में। उसका चेहरा लाल हो गया। वो चुप-चाप खाई, फ़िर हम टीवी देखने लगे, वो एक फ़िल्म लगा कर बैठ गई। मुझे लगा कि शायद कौल-गर्ल वाली बात उसे अच्छी नहीं लगी। पर मैंने उसे अब नहीं छेड़ा, सोचा देखें अब वो खुद कैसे मुझे मौका देती है। अगली सुबह फ़िर सुरी का फ़ोन आया। मुझे लगा कि ये शायद ज्यादा हो रहा है, सो मैंने सुरी को मना कर दिया। सानिया फ़ोन पर मेरी जो बात हो रही थी, वो सुन रही थी। मेरे फ़ोन काटने पर उसने सब कुछ ठीक से जानना चाहा। एक बार फ़िर उस्की इच्छा देख मुझे लगा कि बात फ़िर पटरी पर आने लगी है। मैं चाहता था कि कैसे भी अब आगे का रास्ता खुले जिससे मैं सानिया मे मक्खन बदन का मजा लूँ। पाँच दिन बीत गया था, और दो-तीन दिन में उसके अम्मी-अब्बू आ जाने वाले थे। मैने गंभीर बनने की ऐक्टींग करते हुए कहा-"बुरा मत मानना सानिया बेटा पर तुम्हें पता है कि मैं अकेला हूँ, इसलिए अपने जिस्म की जरूरत के लिए एक दलाल सेट किया हुआ है, वो हर महिने ५ और २५ तारिख को मुझे फ़ोन पर कौन्टैक्ट करता है।
-  - 
Reply
01-13-2019, 11:04 PM,
#6
RE: Chudai kahani एक मस्त लम्बी कहानी
मेरा जैसा मूड हो मैं उसको बता देता हूँ, वो लड़की भेज देता है। अक्सर जैसी फ़र्माईश की जाती है, वो अरेन्ज कर देता है।" वो बोली-"प्लीज चाचु आज बुला लीजिए ना। मैंने कभी कौल्गर्ल नहीं देखी।" मैंने कहा-"पर मैं तो तुम्हारे बारे में सोच कर न कह रहा था, तुम क्या समझोगी मुझे अगर मै घर पे लड़की बुला लूँ तब, न ये ठीक नहीं होगा, तुम्हारे रहते"। पर अब जिद कर बैठी। शनिवार का दिन था, बोली आज वो कौलेज नहीं जायेगी, अगर मैंने हाँ नहीं कहा। करीब एक घन्टें बाद मैने कह दिया, "ठीक है, पर..."। वो तुरन्त मेरा फ़ोन लायी, कौल-बैक किया और स्पीकर औन कर के सामने बैठ गई। मैं कह रहा था-"हाँ सुरी, भेज देना आज ८ बजे, कोई ठीक-ठाक, घरेलु टाईप भेजना, पर नई भेजना, रचना या पल्लवी नहीं"। सुरी बोला-"नई वाली सही है सर, रेट थोड़ा ज्यादा लेगी, पर मस्त माल है। आप उसकी लाइफ़ के पहले १० कस्टमर में होंगे। मेरे से पहली बार बुक हो रही है। इसी साल +२ किया है, और यहाँ पढ़ाई के लिए इस शहर में आई तो हौस्टल से उसको रोजी मेरे पास लाई। दिखने में तौप क्लास चीज है सर, एक दम मस्त सर, मैंने कभी गलत सप्लाई आपको किया आज तक। ३४-२३-३६ है सर, एक दम टाईट।" मैंने रेट पूछा, तो उसने ५५०० कहा, फ़िर ५००० पर बात पक्की हुई। अचानक मुझे थोड़ा मस्ती का मूड हुआ, मैने कहा-"सुरी, कहीं वो छुई-मुई तो नहीं, जरा उससे बात करवा सकोगे पहले?" वो बोला-"नहीं सर घरेलु है, पर मस्त है, खुब मस्ती करती है, एक बार मैने भी टेस्ट किया है उसको, तभी तो आपको कह रहा हूँ। उसको मैं आपका नम्बर दे देता हूँ।" करीब १० मिनट बाद मेरा फ़ोन बजा, तो मैने स्पीकर औन कर के हैल्लो किया। उधर से वही लड़की बोली-"जी, मेरा नाम रागिनी है, सुरी साहब ने मुझे आपसे बात करने को कहा है।" मैंने गंभीर आवाज में कहा-"हाँ रागिनी, आज रात तुम्हारी मेरे साथ हीं बूकिंग है। असल में मै तुमसे एक बात जानना चाहता हूँ, तुम तो नई हो। सुरी जो पे करेगा तुम्को वो तो ठीक है, पर क्या तुम्हें ऐतराज होगा, अगर मेरे साथ कोई और भी हो तो। मैं एक्स्ट्रा पे करूँगा। थोड़ी चुप्पी के बाद बोली-"दो के साथ कभी किया नहीं सर"। मेरे मन में शैतान घुसा था, कि आज जब सानिया साली खुद मुझे रन्डी बुलाने को कह रही है, तब आज उसको दिखाया जाए की रन्डी चोदी कैसे जाती है। मैं प्लान बना रहा था, कहा-"अरे नहीं, वैसा नहीं है, करना तुम्हें मेरे साथ हीं होगा। असल में एक लड़की मेरे साथ होगी, वो देखेगी सब जो तुम करोगी।" मैं ये सब बोलते हुए सानिया की तरफ़ देख रहा था। उसके चेहरे पे शुकुन था, जैसे मैंने उसके मन की बात की हो। रागिनी अब थोड़ा रीलैक्स हो कर कहा-"कोई फ़ोटो-वोटो नहीं होगा ना?" मैंने कह-"बिल्कुल नहीं"। वो राजी हो गई, फ़िर पूछी-"सर आपको कोई खास ड्रेस पसंद हो तो?" मैंने कहा-"नहीं, जो तुम्हें सही लगे।", और कुछ याद करके पूछा-"रागिनी, बुरा मत मानना, पर तुम्हारी चूत साफ़ है या बाल है?" वो बोली-"जी बाल है, करीब महीने भर पहले साफ़ किया था, फ़िर अभी तक काम चल रहा है। सुरी सर ने भी कहा कि जब तक कोई औबजेक्ट न करे मैं ऐसे हीं रहने दूँ। आप बोलेंगे तो साफ़ करके आउँगी।" मैंने खुश हो कर कहा-"नहीं-नहीं, तुम जैसी हो वैसी आना।
-  - 
Reply
01-13-2019, 11:04 PM,
#7
RE: Chudai kahani एक मस्त लम्बी कहानी
जरुरत हुई तो यहाँ साफ़ कर लेंगे।" और फ़ोन बंद कर दिया। इसके तुरंत बाद जमील का फ़ोन आया कि उन्हें अभी वहाँ १० दिन और रुकना होगा, जब तक औपरेशन नहीं हो जाता, सानिया के नाना का। मेरे लिए यह अच्छा शगुन था। मेरे लिए रागिनी लकी साबित हुई थी। मैं देख रहा था कि सानिया भी यह सब सुन खुश हो रही है। सानिया सब चुप-चाप सुन रही थी। मैने उसके जाँघ पे अपना हाथ फ़ेरा और कहा-"अब तो खुश हो सानिया बेटी, तुम्हारे मन की ही हो गई।" वो बिना बोले बस मुस्कुरा रही थी। मैने कहा, "आने दो रागिनी को, आज उसकी लैंडिग स्ट्रीप स्टाईल में बना के बताउँगा। वो भी नई है, थोड़ा सीखेगी मेरे एक्स्पीरियेंस से"। वो बोली-"अब खाना बना लेते हैं, दो घन्टें में तो वो आ जायेगी"। सानिया किचेन में गई, मैं टीवी में बीजी हो गया। करीब ७.३० तक हमने डिनर कर लिया, और बैठ कर रागिनी का इंतजार करने लगे। ८.१० पे कौल-बेल बजी, तो सानिया तुरंत कुद कर दरवाजे तक पहूँच उसे खोला। मैंने देखा कि एक छरहरे बदन की थोड़ी सांवली लगभग सानिया की लम्बाई की ही लड़की सामने थी। सानिया ने उसका नाम पूछा और भीतर ले आई। मैंने रागिनी को बैठने को कहा तो वो सामने सोफ़े पे बैठ गई। सानिया अभी भी खड़े हो कर उसको घुर रही थी। रागिनी ने चटख पीले रंग का सूती सलवार सुट पहना हुआ था, जो उसके फ़िगर पे सही फ़िट था। लौन्डिया १७-१८ की थी, ३४-२६-३६। मेरी अनुभवी नजरों ने उसका माप ले लिया। मैं अपनी किस्मत पे खुद हैरान था। मेरे पास दो-दो जवान लौन्डिया थी, और दोनो २० बरस से भी कम। रागिनी तो सानिया से भी उमर में छोटी थी, सानिया ने दो साल पहले इंटर किया था जबकि रागिनी ने इसी साल किया। हाँ, उसका बदन थोड़ा सानिया से ज्यादा भरा था। पर फ़र्क सिर्फ़ उन्नीस-बीस का ही था। मैंने रागिनी से कहा-"ये सानिया है, यही साथ में रहेगी रूम में और सब देखेगी।" रागिनी ने अब एक पुरे नजर से सानिया को घूरा उपर से नीचे तक। मैंने पूछा-"डिनर करके आई हो या करोगी?" उसने कहा की नहीं वो जिस दिन बूकिंग कराती है, रात में नहीं खाती। रागिनी ने बताया कि वो सिर्फ़ शनिवार को ही सुरी से बूकिंग कराती है और यह सब वो थोड़ा मजा और थोड़ा पैसे के लिए करती है। इजी मनी, यू नो। मैंने उसको ५००० दे दिये और कहा कि ये जो सुरी से बात थी, अर फ़िर २००० उसको दिए और कहा कि ये उसका पर्सनल हैं मेरे रीक्वेस्ट को मानने के लिए। वो संतुष्ट थी, बोली, "एक बार सर मैं बाथरूम जाना चाहुँगी"। मैंने कहा-"ठीक है थोड़ा साफ़ कर लेना साबून से, आगे पीछे सब" और मैंने उसको आँख मारी, ताकि पहली बार की झिझक कम हो। मुझे उसके चेहरे से लग रहा था कि वो सही में नई थी। मैंने सानिया को उसे पानी पिलाने को कहा, और वो चली गयी। पानी पी कर रागिनी ने अपना दुप्पटा सोफ़े पे डाला और सानिया से पूछा-"बाथरूम"...। करीब दस मिनट बाद वो आयी और कहा कि वो तैयार है, किस रूम में चलें? हम सब मेरे बेडरूम में आ गए, तब रागिनी ने पूछा-"मैं खुद कपड़े उतारूँ या आप दोनों में से कोई?" मैं सानिया की तरफ़ देख रहा था, कि उसका क्या मिजाज है। उसे लगा कि मैं शायद उसको कह रहा हूँ कि वो कपड़े उतारे, इसलिए वो रागिनी की तरफ़ बढ़ गई। रागिनी ने उसकी तरफ़ अपनी पीठ कर दी। जब सानिया उसके कुर्ते की जीप नीचे कर रही थी, रागिनी ने सानिया से हल्के से पूछा-"ये आपके पापा है?" सानिया सिटपिटा गई। उसे परेशानी से बचाने के लिए मैंने कहा-"नहीं सानिया मेरे दोस्त की बेटी है, अभी मेरे साथ रहेगी। उसे हीं मन था कि वो एक बार ये सब देखे।" रागिनी के मुँह से एक हल्का सा सौरी निकला। सानिया ने उसकी कुर्ते को खोलने के बाद उसकी समीज (स्लीप) भी निकल दी। रागिनी काले रंग की एक साटन ब्रा पहने थी। रागिनी की सपाट पेट देख मैं मस्त हो रहा था। चुचियाँ भी मस्त थी, एक दम ठ्स्स। १८ साल की लड़की की जैसी होनी चाहिए। मैं उसकी गदराई जवानी को घुर रहा था। सानिया ने उसके सलवार की डोरी खींची, और उसको नीचे कर दिया। उसने काले रंग की जाली-दार लेस वाली पैन्टी पहनी हुई थी। पैन्टी में से भी उसकी चुत अपने फ़ुले होने का आभास दे रही थी। सुन्दर सी लम्बी टाँगे, एक दम हल्के हल्के रोएँ थे जाँघों पे। उसके जवान बदन को मस्त निगाह से देखते हुए मैंने कहा-"अब रहने दो सानिया, तुम आराम से देखो बैठ कर, बाकि मैं कर लूँगा।"
-  - 
Reply
01-13-2019, 11:04 PM,
#8
RE: Chudai kahani एक मस्त लम्बी कहानी
 फ़िर मैंने प्यार से रागिनी को बाँहों में उठाया और बेड पे लिटा उसके ओठ चुमने शुरु किये। दो मिनट भी नहीं लगा, और रागिनी के रेस्पौंस मुझे मिलने लगे। सानिया अपने कैप्री-टी-शर्ट में पास ही चेयर पे बैठ गयी थी। मैंने रागिनी की ब्रा खोल दी, और उसके चुचियों से खेलने लगा। उसकी ठस्स चुचियाँ आजाद हो कर झुमने लगीं। एक बड़े से संतरे के आकार की थी उसकी चुची, जिस पर भूरे रंग का निप्पल मस्त लग रहा था। मैं उन्हें कभी चुमता, कभी चाटता, कभी निप्प्ल खींचता, कभी दबाता... मेरे दोनो हाथ भी कभी इधर तो कभी उधर मजा ले रहे थे। करीब दस मिनट चुम्मा-चाटी के बाद मैंने रागिनी की पैन्टी उसके कमर से खिसकाई, तो उसकी झाँटो भरी बुर के दर्शन हुए। मैंने रागिनी की झाँटों पे हाथ फ़ेरा। उसके झाँट करीब आधा-पौन इंच के थे। उसकी चुत पर मैने अपनी ऊँगली घुमाई और अंदाजा लगाया कि सही में उसकी अभी चुदाई ऐसी नहीं हुई है, जैसी आम रन्डी की हो जाती है। अभी भी वो घर का माल ही थी, सुरी ने सही कहा था। उसकी चुतड़ों का भी मैंने जायजा लिया, गोल-गोल, मुलायम गद्देदार। उन चुतड़ों को हल्के से मैंने दबाया फ़िर उनपर एक हल्की चपत लगाई। मैंने उसके चुत को सुँघा, सुभानल्लाह..., क्या जवानी की खुश्बू मिली मुझे मेरे लन्ड ने एक अँगराई ली। मेरे मुँह से निकला-"बहुत मस्त चीज हो मेरी जान", उसे अब तक चुप देख मैंने कहा-"थोड़ा बात-चीत करते रहो स्वीटी, वर्ना मजा नहीं आयेगा।" उसने कहा-"ठीक है सर"। मेरे दिमाग ने मुझे उकसाया तो मैं बोला, "अब ऐसे सर-सर ना करो। मुझे तुम डार्लिंग कहो, राजा कहो, जानू कहो, ऐसा कुछ कहो", तो रागिनी बोली-"अभी ऐसा सब बोलने की आदत नहीं हुई सर, सौरी डार्लिंग", फ़िर बोली-"मैं डार्लिंग नहीं बोल पाउँगी, आप मेरे से बहुत सीनियर हैं।" मुझे मौका मिल गया, मैं तो अब रागिनी में सानिया को देख रहा था, सो मैंने कहा-"ठीक है, तो तुम मुझे अंकल तो कह सकती हो?" रागिनी मुस्कुराई-"ठीक है अंकल"। अब मैंने कहा-"रागिनी, आज मुझे अपनी झाँट बनाने दो, इसके तुम्हें मै, ५०० रु० और दुँगा। वो चुप रही तो मैंने सानिया से कहा की वो शेविंग किट और पानी ले आए। सानिया तुंरंत उठ कर चली गई। वो जब तक आई, मैंने रागिनी को बेड पे टौवेल बिछा उस पर बिठा दिया था। मैंने रागिनी को पहले पलट कर घोड़ी बनने को कहा, फ़िर पीछे से उसकी गाँड़ और चुत के आस-पास के बाल पहले कैंची से काट कर फ़िर रेजर से शेव कर दिया। बड़े प्यार से मैने उसकी झाँट बनाई थी, और सोच रहा था काश एक दिन ये साली सानिया की झाँट बनाने क मौका मिले तो मजा आए। मैंने रागिनी को अब सीधा लिटा दिया और साईड से उसकी झाँटो को कैंची से काटने लगा। चुत की फ़ाँक के ठीक उपर और चुत की होठ पे निकले बाल रेजर से साफ़ कर दिए। अंत में मैंने उसके झाँटों को दोनो तरह से छिलना शुरु किया। सीधा-उल्टा दोनो तरफ़ से रेजर चला कर मैंने उसकी झाँट दोनो साईड से छील दी, और बीच में जो जैसे था छोड़ दिया। करीब दस मिनट बाद रागिनी की बुर एक दम साफ़ हो चमक उठी थी, उसके बुर के ठीक उपर से जहाँ से लड़कियों की झाँट शुरु होती है वहाँ तक करीब आध इंच चौड़ी एक पट्टी के तरह अब झाँट बची हुई थी। नाप के हिसाब से बोलूँ तो करीब तीन इंच लम्बी और आधा इंच चौड़ी और करीब पौना-एक इंच लम्बी झाँटों से अब रागिनी की बुर की सुन्दरता बढ़ गई थी। मैं अपने कलाकारी से संतुष्ट हो कर कहा-"देख लो सानिया, यही है, लैंडिंग स्ट्रीप, दुनिया की सबसे ज्यादा मशहूर झाँट की स्टाईल" रागिनी की भी नजरें मेरे कला की दाद दे रहीं थी। मैंने कहा-"रागिनी, जाओ एक बार फ़िर से चुत धो कर आओ।" वो टौवेल में अपने कटे हुए झाँटों को ले कर बाथरूम में चली गयी।
-  - 
Reply
01-13-2019, 11:04 PM,
#9
RE: Chudai kahani एक मस्त लम्बी कहानी
. सानिया भी शेविंग किट रखने चली गयी, तो मैंने अपने कपड़े उतार दिए, और पुरी तरह से नंगा हो कर अपना लन्ड सहलाने लगा। मैं सोच रहा था कि कैसे सानिया मेरा लन्ड देखेगी। सानिया पहले लौटी। मुझे नंगा देख थोड़ा हिचकी, पर मैं बेशर्म की तरह उससे नजरे मिला कर लन्ड से खेलते हुए बोला-"बैठो आराम से डेढ़-दो घन्टे तो पेलुँगा ही उसको। अगर तुम्हें बुरा लगे तो तुम चली जाना सोने के लिए। मुझे तो अपना पैसा भी वसूल करना है।" सानिया थोड़ा लजाते हुए कुर्सी पे बैठ गयी। रागिनी अब टौवेल से अपने चुत को पोछते हुए रूम में आई और टौवेल को एक साईड फ़ेंक दिया। मैंने उसको कहा-"आओ रागिनी, जरा लन्ड से खेलो एक बार पहले निकाल दो, फ़िर तुम्हारी चुत चुस कर तुमको भी मजा दुँगा। कोई झिझक मत रखो। अब थोड़ी देर भूल जाओ कि तुम कौल गर्ल हो और पैसे ले कर चुदाने आई हो। आराम से सेक्स करो, जैसे प्रेमी-प्रेमिका करते हैं। तुम्हे भी मजा आयेगा और मुझे ही।" वो मेरे सामने घुटनों पे बैठ गयी और प्यार से मेरे लन्ड को जो अभी तक लगभग ढीला ही था अपने कोमल हाथों में पकड़ लिया। मेरा लन्ड अभी कोई ५" का था ढ़ीला सा, काला। उसने दो चार बार अपने हाथ से पुरे लन्ड को हल्का-हल्का खींचा और फ़िर मेरे लन्ड की टोप से चमड़े को पीछे करने लगी। पर चमड़ा तो पीछे टिकता तब जब लन्ड कड़ा होता, सो वो बार-बार आगे आ जा रहा था। मेरे हाथ उसके कंधों तक फ़ैले बालों के साथ खेल रहे थे। रागिनी ने फ़िर मेरे लन्ड को मुँह मे ले लिया और चुसने लगी। धीरे-धीरे मेरे लन्ड में सुरुर आने लगा, वो अब थोड़ा खड़ा हो रहा था। करीब दो मिनट की चुसाई के बाद मेरा लन्ड ठीक से खड़ा हो गया। उसकी पुरी लम्बाई करीब ८" थी। रागिनी भी मस्ती से लन्ड चुस रही थी, और मेरे अंड्कोष तथा झाँटों से खेल रही थी। लड़की धंधे में नई जरुर थी, पर लन्ड चुसने में उस्ताद थी। मुझे खुब मजा दे रही थी। मैं रागिनी की तारीफ़ की, "वाह रागिनी मजा आ गया, तुम तो बहुत उस्ताद हो यार, वाओ, मजा आ रहा है"। रागिनी ने एक नजर मेरे से मिलायी और फ़िर मेरे लन्ड को दोगुने जोश से चुसने लगी। कोई ७-८ मिनट में मुझे लगा की मैं झड़ जाऊँगा। मैं अभी ५-७ मिनट और रुक कर झड़ना चाहता था इसलिए रागिनी को कहा-"आअह, अब रुको बेटा। मुझे जोर की सु-सु आई है।" रागिनी ने लन्ड मुँह से बाहर कर दिया। मैं तो थोड़ा समय चाहता था कि लन्ड एक बार थोड़ा रेलैक्स हो ले तो फ़िर चुसवाऊँ, सो मैं बाथरुम की ओर नंगे ही चल दिया। बाथरुम में मैं सुन रहा था कि रागिनी और सानिया बात कर रही हैं। रागिनी ने उससे पूछा कि वो कब ज्वाईन करेगी? तब सानिया ने कहा कि वो सिर्फ़ देखेगी अभी सब। रागिनी ने कहा-"क्यों आ जाईए दीदी, आपको भी मजा आयेगा"। पर सानिया ने छोटा सा जवाब दिया, "नहीं ऐसे ही ठीक है।" मैं समझ गया कि ये साली सानिया आसानी से नहीं चुदेगी, "साली कुतिया", मैं बड़बड़ाया। अब तक पेशाब करने के बाद मैं लन्ड को पानी से धोया और वो अब तक आधा ढ़ीला हो चुका था, जैसा मैं चाहता था। मैं रुम में आ गया, बेड पर लेट कर कहा-"यहाँ आ जाओ और चुसो, एक पानी निकाल दो मेरी। तुम भी तो नीचे बैठ कर थक गयी होगी।" रागिनी ने फ़िर से मेरे लन्ड को मुँह में डाला और शुरु हो गयी। मैं अब सानिया साली को उसके हाल पर छोड़ रागिनी से मजे लेने की मुड में आने लगा था। मेरे मुँह से अनायास निकलने लगा, "वाह स्वीटी, बहुत खुब...., अच्छा चुसती हो लन्ड, मजा आ गया..."। रागिनी भी लन्ड मुँह से बाहर करके कहा-"थैक्यु, अंकल", और फ़िर से चुसने लगी। मैं बोल रहा था-"बहुत खुब बेटा, चुसो और खेलो इसके साथ... आज तुम्हें बहुत मजा दुँगा, तुम बहुत अच्छी हो.. थोड़ा हाथ से भी करो रानी...मैं तुम्हें सिखाऊँगा कि कैसे मर्द को खुश किया जाता है, वेरी गुड... ऐसे ही करो" रागिनी ने हाथ से लन्ड सहलाना शुरु किया और अंड्कोश को चाटने लगी, "अब ठीक है, अंकल?" मैंने जवाब दिया-"हाँ बेटी, बहुत अच्छा... सही कर रही हो..आआआह्ह्ह्ह मजा आ रहा है, चुसे अब और निकल कर सारा माल खा जाओ.." रगिनी जोर जोर से अब लन्ड चुस रही थी। मैं झड़ने की स्थिति आने पर बेड से उठा और फ़िर रागिनी को कहा, "मुँह खोलो बेटा, सब खा जाओ", और उसके मुँह में झड़ गया। रागिनी भी सहयोग करते हुए सारा निगल गयी, चुस चाट कर लन्ड साफ़ कर दिया। लन्ड अब हल्के-हल्के ढीला होने लगा। मेरा पुरा ध्यान अब रागिनी पर था, सानिया को मैंने उसके हाल पे छोड़ दिया था।
-  - 
Reply

01-13-2019, 11:05 PM,
#10
RE: Chudai kahani एक मस्त लम्बी कहानी
मैंने अब रागिनी को कहा कि अब वो आराम से लेटे, और मैं अपनी ऊँगलियाँ उसकी ताजा ताजा साफ़ हुई चुत पर घुमाई। उसकी चुत एक दम गीली हो गयी थी, ऐसा लग रहा था कि पसीज रही हो। मैंने एक नजर सानिया पे डाली, वो एक टक बेड पे देख रही थी, उसकी नजर भी रागिनी की चुत पर थी। मैं झुका और एक प्यारा सा चुम्मा उसके चुत की फ़ाँक की उपर की साईड पर चिपका दिया, ’मजा आया रागिनी बेटा?" हल्के से काँपती आवाज में उसने कहा, "हाँ अंकल बहुत, आप बहुत अच्छे हैं"। मैं अब अपनी जीभ उसके चुत की फ़ाँक पर घुमा रहा था और नमकिन पानी चाट रहा था। फ़िर मैंने उसके पैरों को फ़ैला कर उसकी चुत खोल ली और उसके चुत तो चाटने चुसने लगा। रागिनी कभी आह भरती, कभी सिसकती, तो कभी एक हल्का सा उउउउउउम्म्म्म्म्म्म आअह्ह्ह...। उसे मजा आने लगा था। लड़की चोदते हुए मुझे करीब २५ साल हो गए थे, और मैं अपने अनुभव से किसी भी रन्डी को मस्ती करा सकता था। रागिनी तो अभी भी बछिया ही थी मेरे लिए, जब कि मैं एक साँढ़, जो शायद तब से चूत चोद रहा था जब से इनकी मम्मी चुदाना भी नहीं शुरु की थी। मैं अब रागिनी को सातों आसमान की सैर एक साथ करा रहा था। थोड़ी देर बाद मैंने रागिनी की चुत से मुँह हटाया। वो बिल्कुल निढ़ाल दिख रही थी। मैंने उसको तकिये के सहारे बिठा दिया और अपने दाहिने हाथ की बीच वाली ऊँगली चुत में घुसा दी। फ़िर उपर की तरफ़ उँगली को चलाते हुए रागिनी के जी-स्पौट को खोजना शुरु किया, और तभी रागिनी का बदन हल्के से काँपा। मुझे अपने खोज में सफ़लता मिल गयी थी। मैने अपने उँगली से चुत के भीतर उस जगह कुरेदना शुरु किया तो रागिनी मचलने लगी-"आआआआआअह्ह्ह्ह्ह अंकल , उउईईईमाँ.... इइइस्सस....। अचानक वो छटपटाई, अर फ़िर एक दम से ढीली हो गयी। मैं समझ गया कि साली को पहला चरमसुख मिल गया। मैने ऊँगली बाहर निकाल ली। उसको पहली बार जी-स्पौट का मजा मिला।
-  - 
Reply


Possibly Related Threads...
Thread Author Replies Views Last Post
Star Desi Porn Kahani काँच की हवेली 74 69,368 Yesterday, 12:11 AM
Last Post: Sexer
Star XXX Hindi Kahani घाट का पत्थर 90 22,193 Yesterday, 12:10 AM
Last Post: Sexer
Star bahan sex kahani भैया का ख़याल मैं रखूँगी 261 594,538 05-31-2020, 11:51 PM
Last Post:
Star XXX Hindi Kahani अलफांसे की शादी 72 27,099 05-22-2020, 03:19 PM
Last Post:
Star Desi Porn Kahani विधवा का पति 75 57,168 05-18-2020, 02:41 PM
Last Post:
  पारिवारिक चुदाई की कहानी 19 131,419 05-16-2020, 09:13 PM
Last Post:
Lightbulb Kamukta kahani मेरे हाथ मेरे हथियार 76 49,081 05-16-2020, 02:34 PM
Last Post:
Thumbs Up bahan sex kahani बहना का ख्याल मैं रखूँगा 86 407,743 05-09-2020, 04:35 PM
Last Post:
Thumbs Up Antarvasna Sex चमत्कारी 153 155,487 05-07-2020, 03:37 PM
Last Post:
Thumbs Up Incest Kahani एक अनोखा बंधन 62 48,976 05-07-2020, 02:46 PM
Last Post:



Users browsing this thread: 5 Guest(s)
This forum uses MyBB addons.

Online porn video at mobile phone


nenu venaka nundi aaninchanu mom sex storydesi aunties naked photos with kamar me black dhaga aur chainKapda fadkar mms banayaDeepshikha nagpal HD xxx nude newपहले छोड फिर लुंड चुसोगी हिंदी होत स्टोरनिशा अग्रवाल कि Xxx फोटो बडेJavni nasha 2yum sex storiesWWW.रेखा मॅडमला ठोकले मराठी.SEX.VIDEO.STORY.IN.anusuya xxx fakes babapoonam bajwa sexbabavideoxxxDELHIझटपट देखने वाले बियफO Pati ne mujhai chod nahi pata to me gairse chudwati kahanimitte mitte kulle vali padosan ko pta k chudai ki story,sनन्‍दोई जी का मोटा मूसल लन्‍ड मेरी गान्‍ड मेVelamma sex story 91बाबूजी का तेल मालिश और जबरदस्त चुदाईअंकल चा बुला माजी पुचीxxxDesi52 .comमै और मेरा परिवाय भाग-189 राज शरमा की चुदाई कहानीरश्मि एक सेक्स मशीनमाँ ने बहन के बुब्स को चुसवायाBhabhi ki nangi chut ki photo sasriwali hdbhabi ki chutame land ghusake devarane chudai kiबुरा नहीं भाभीकीचुतचोकेishita sex xgossip .comSarah jane dias sex BAbageeta kapoor Baba porn picsNude Nudhi Agrwal sex baba picsSardi me lannd ki garmi xxcघघरी पे बूर की चोदाईBhai me nangi Karke sadi pehnaieबेटा मुझे अपने लौङे पर बैठा ले मेरे मुँह मे मूत दे लँड मलाई चटवा देAyesha takia xxx photo baba.netThand Ki Raat bistar mein bhabhi ko choda aadhiraSexi faking video chupkese hous www sexbaba net Thread E0 A4 B8 E0 A4 B8 E0 A5 81 E0 A4 B0 E0 A4 95 E0 A4 AE E0 A5 80 E0 A4 A8 E0 A4havili saxbaba antarvasnaxxxbed rajaixxxkumari girls legi xxxxDeepachechi.sexvidiowww.hindisexstory.sexbabaMakhhan Malaidar chut pussi ka vedios & photoचुदकड घरजमाई 2 mast ramघरमे च लगाया जुगाड़ सेक्स स्टोरीsamuhik cudai bai bahan jisi hot sex stori picarsXxx.jo.ladaki.saya.pahane.ho.saya.utha.ke.khada.karke.pelta.hoBubuas Wali bhabhi xnxमोहीनी लडकिराजशर्मा सेक्सबाबाdesisexbaba.net mummy naukarsasur se chudi bahu ahhhh unhhhyoni and chute se pani nikalne HAL nangi h.d xxxx photoJUHU CHUPATE PUR XXXगांद से tatti निकाली छुड़ाई मे सेक्स स्टोरीmom ki fatili chut ka bhosra banaya sexy khani Hindi me photo ke sathshrenu parikh nude pic sex baba. Com Fate kache me jannat sexy kahani hinditel lagake chodane Vala xxxc videomaa ko rande bnakar thokar sex khanyemaa bhagi bete ke sath pyar main sex storiesDesi52sex.comeकेवल अलग बीस चूतो के फोटोजkacchi kali 2sex.comअंकल फॅक मी वीडियोमोटी गांड ओर बड़े लंड वाली फुल नंगी सेकसी बताऔSchool wala bf bhejo madam Badi Hai Ladkiyon ko chudwati hai BF HDxxx वीडियो मैय तेरी बीवी हूँ मैय तेरे मुहमे पेशाब करोमाँ चुड़ते बेटी ने देखिLadki ki ubharati hui chuchi ka massageरिक्शेवाले bhude se chodai kahaniyaहिंदी सेक्स बाबा छूटों का समन्दर हिंदी सेक्स स्टोरीvarshnisexphotosgand mar na k tareoabumi pednekar sex baba poto.combidhw ko sindur bhara ke Sadi Kiya sexy kahani sexbaba netNude Digangna sulwnshi sex baba piscमोठे लैंड का मोटा सूपड़ा बच्चेदानी में फसाma ne khus hokaar mere samne mere dosto se chudai kiटिवंकल खनना का XXXX फोटु भेजेkharidkar ladkiki chudai videosRhea chakraborty hd nudeporn image sexy Babaकैटरीना कि नगी फोटो Xxxxxxbfसेकसी बियफ विडियो बहुत बडा बुर का छेद और बुर मे खुब चोदावे नँगा चोदावेमजेxnxxcomathiya Shetty sexbabaVeedhika Sex Baba Gif Fakeमराठिसकसbf hindimovie sixhbशीलफा सेठी काxxx photokavita kaushik xxx naghi photoBoobs ko dbate chuste h to ladki kya sochti h btaiyehindiactresssexbabaxxx sex story padoshh ki bhabhi ne mujhse chudhwaya hindi magori gand ka bara hol sexy photoअनूप अनुष्का शर्मा की सेक्सी xxxxxवीडियोमा बहन की चुदाइ नोवलxxxshas bahaya bfमाँ की अधूरी इच्छा सेक्सबाबा नेट