Porn Sex Kahani रंगीली बीवी की मस्तियाँ
12-21-2018, 10:43 PM,
#11
RE: Porn Sex Kahani रंगीली बीवी की मस्तियाँ
वहां से मैं सीधे ही ऑफिस गया और तभी मेरा फोन बजता है ,स्क्रीन को देखकर मेरे दिल की धड़कने रुक सी गयी नाम था ,जान और काजल की तस्वीर वहां पर दिखाई दे रही थी ,मैंने काँपते हुए हाथो से फोन रिसीव किया,

“हैल्लो जान कहा हो आप “

“मैं आफिस में हु और तुम कैसी हो ,”मेरी आवज की थकान को जैसे वो पहचान गयी थी ,

“क्या हुआ आपको मैं कल से आपको काल कर रही हु पर आप जवाब ही नही दे रहे हो ,मैंने प्यारे काका को भी काल किया तो पता लगा की आप बिना कुछ बताये ही कही गए हो ,जानते हो कल से कितनी परेशान हु ,अब जल्दी से घर आ जाओ मैं घर आ गयी हु ,”

काजल घर आ गयी है ,क्या वो घर में अकेले है ,मेरे दिमाग में एक ही बात गूंज गयी ,

“हा जान आ रहा हु “

मैंने तुरंत रघु को काल किया वो वो गाड़ी लेकर आफिस आ जाए मैं जल्द ही अपने घर पहुचा वहां देखा तो 2 बड़ी suv खड़ी थी मैंने उन्हें पहचान लिया ये मेरे ससुराल की गाड़िया थी,घर के बाहर के गार्डन में कुछ गार्ड खड़े थे वो भी मेरे ससुराल के थे ,सबने मेरा अभिवंदन किया ,मैं जब अंदर गया तो वहां काजल के बड़े भैया और भाभी जी भी थी मुझे समझ आ गया की ये काजल को छोड़ने को ही यहां आये है मैंने सबका अभिनदंन किया काजल मुझसे तब तक बात भी नही कर रही थी ,वो बड़े ही सलीके से वहां खड़ी थी पास ही प्यारे खड़ा था जिसे मैंने गुस्से से देखा वो बेचारा किचन में चला गया,कुछ देर में काजल मेरे लिए चाय ले आयी और मुझे देखकर एक मुस्कान बिखरा गयी ,वो शरारत भरी मुस्कान मासूम सी मेरी प्यारी काजल ,वाह जैसे कुछ हुआ ही ना हो मैं अपने सभी गम भूलकर बस उसे देखने लगा की काजल की भाभी जी ने हल्के से खासते हुए हमे फिर से होश में लाया ,काजल तो शर्म से पानी पानी हो गयी और फिर किचन के दरवाजे के पास चली गयी वही भाभी और भैया दोनो ही हसने लगे …

“क्यो दमांद जी कहा चले गए थे आप,काल रात से काजल का रो रो कर बुरा हाल है ,आप फोन उठा नही रहे थे और घर में भी नही थे रातो रात हमे यहां आना पड़ा “मैंने काजल की तरफ निगाह घुमाई उसके मासूम से चहरे को देखा उसकी आंखे सचमे थोड़ी सूजी हुई थी मानो रात भर वो रोइ हो ,वो अपना सर झुककर खड़ी थी ,पता नही क्यो कहना तो वो बहुत कुछ चाहती थी पर जैसे अपने भैया भाभी की उपस्थिति में कुछ नही कह पा रही थी ,मैं कुछ बोलने ही वाला था की भैया बोल पड़े 

“देखो आकाश हमारी एक ही बहन है और हमने इसे बड़े ही प्यार से पाला है ,इसको की बात का दुख ना हो जाय ,ये तुमसे बहुत प्यार करती है और कल से ये तुम्हारे लिए ही परेशान है ,इसमें हम सबकी जान बसती है ,तुमसे हाथ जोड़कर विनती है इसका खयाल रखना “भैया ने अपने हाथ मेरे सामने जोड़ लिए ,मैंने तुरंत ही उनका हाथ पकड़ लिया,उनकी आंखे कुछ नम थी ,

“भैया ये आप क्या कह रहे है ,मुझसे सचमे कल गलती हो गयी असल में मैं कल अपने एक दोस्त के पास चला गया था और रात भर उसके ही साथ था,मैं काजल का काल देख ही नही पाया था,मुझे माफ कर दीजिये और आप यू हाथ जोड़कर मुझे शर्मिंदा मत करे आप तो बड़े है आपका तो हक है की आप हमे डांटे …”अब भैया के चहरे में कुछ मुस्कान आ गयी थी ,पर वो मुस्कान अब भी फीकी ही थी ,

“आप लोग बातें करे मैं और काजल मिलकर खाना बनाते है,”भाभी जी इतना कहकर वहां से चले गयी और भैया ने मुझे बाहर आने को कहा 

हम दोनो गार्डन में बैठे थे 

“देखो आकाश काजल अभी भी बच्ची है ,और अगर उससे कोई गलती हो जाए तो हमे बताना हम उसे समझायेंगे लेकिन इस तरह रुठ जाना सही नही है ना “भैया की बात से मेरी भवे चढ़ गयी 

“मैं काजल से नाराज नही हु भैया “

“ह्म्म्म देखो काजल ने अपनी भाभी को बताया था की तुम कुछ दिनों से थोड़े खोये खोये रहते हो और काजल के जाने के बाद से तुमने उससे फोन पर भी बात नही की ,और ये कल का किस्सा तुम एक क्लब में जाकर दारू पी रहे थे ,ये सब क्या है ..”मैंने उन्हें आश्चर्य से देखा 

“हा कल मेरा एक दोस्त वही था जहा बैठकर तुम दारू पी रहे थे ,और साथ में वो तुम्हारा दोस्त भी था ,उसने मुझे ये बताया तो मुझे समझ आ गया की काजल और तुम्हारे बीच कुछ ठीक नही है ,क्योकि जहा तक मैं तुम्हे जनता हु तुम तो शराब को हाथ भी नही लगाते क्यो सही हैहै ना “

मुझे समझ नही आ रहा था की मैं क्या कहु 

“भैया वो दोस्त ने मुझे जबरदस्ती पिला दी थी “

“उसने ये भी बताया की तुम दोनो में कुछ झगड़ा हो रहा था,और तुम पहले से वहां बैठे थे ,मैंने ये बात काजल को नही बताई पर तुम मुझे सच सच बताओ सब ठीक तो है ना “

“हा भैया सब ठीक है ,डरने वाली कोई भी बात नही है और रही काजल की बात तो मैं उसे अपनी जान से भी ज्यादा प्यार करता हु ,मैं कभी उसे दुखी नही करूँगा,और रही काल की बात तो वो कुछ अलग मेटर है ,मेरे और मेरे दोस्त के बीच की आप को चिंता की जरूरत नही है वो कल ही हमने सॉल्व कर लिया था,”

“तुम्हे अगर कभी भी हमारी जरूरत पड़े तो बिना झिझक कहना यहां हमारी बहुत पहचान है और तुम अब हमारे परिवार हो ठीक है ,किसी नेता या अधिकारी कोई दिक्कत देता है तो उसे हम सम्हाल लेंगे “भैया को मैंने बड़े प्यार से देखा

“नही भैया सब कुछ ठीक है यहां काम संबंधित कोई भी परेशानी मुझे नही है ,आप चिंता ना करे “

भैया अब थोड़े से निश्चिंत दिख रहे थे ,हम बैठे युही इधर उधर की बाते करने लगे ………..
भैया भाभी के जाने के बाद काजल और मैं एक अजीब सी और अनकही सी खामोशी का जन्म हो गया,मैं कुछ बोल नही पा रहा था और काजल अपनी नम आंखों से मुझे देखे जा रही थी….उसका भोलापन साला दिल को चीरने वाला होता है..वो कभी भी मेरे सामने किसी को भी तजव्वो नही देती,यही मुझे उसे प्यार करने पर मजबूर कर देता है.प्यारे की आंखों में एक चमक मैंने देखी थी,जो काजल के आने पर थी ,पर काजल अभी भी उसे कोई भी भाव नही दे रही थी,वो उससे बात करने की कोशिस करता पर वो मेरे बारे में ही पूछे जा रही थी...उसने काजल को सब बाता दिया की कैसे मैं आजकल ज्यादा गुस्सैल हो गया हु ,कैसे मैं उसे बिना बात भी चिल्ला देता हु…
प्यारे मेरी शिकायत कर रहा था पर काजल के लिए ये एक गंभीर बात थी वो मेरी चिंता में थी की आखिर इसे हुआ क्या है……..
मिया बीबी के बीच खामोशी रहे भी तो कब तक,जबकि वो एक दूजे को प्यार करते हो ,ये खामोशी हम दोनो के लिए ही जानलेवा थी...खाना हैम खा चुके थे,प्यारे सभी काम कर जा चुका था,काजल बिना बोले मेरे पास आकर खड़ी हो गयी ,हमारी नजर मिली उसके आंखों का आंसू मेरे दिल को पिघलने के लिए काफी था..

भीगी हुई आंखों के साथ मासूम काजल अग्रवाल को देख लो..चहरे से मासूमियत टपकती हुई सी,वो मुह खोले तो कोयल बोले,वो हँसे तो मोती शरमाये,प्यारे से चहरे पर मायूसी भी बड़ी प्यारी लग रही थी…
मुझसे रहा नही गया और मैं हाथ फैला कर उसे अपने पास आने को कहा,वो जोरो से रोती हुई मेरे सीने से लिपट गयी….
इतनी शांति….इतना प्यार …...इतनी कोमलता…..waaaahhhhhhh
वो मुझे प्यार से मारने लगी,
“क्या हो गया था आपको,क्यो कर रहे थो इतना गुस्सा…और जब से आयी हु प्यार से बात भी नही की,और ना ही काल न msg क्या हो गया…..”
अब इस पगली को क्या बताता की क्या हो गया है,जिसके कारण इतना तकलीफ में हु वही पूछ रही है की क्या हुआ…
लेकिन पूरा नही आधा सच तो बोल गया…
“तुम नही थी ना मेरे पास इसलिए...बेचैन हो गया था ,कही मन नही लग रहा था”
काजल ने मेरे आंखों में देखा,साला प्यार तो सच्चा था मेरा जो मेरी आंखों से भी उसे दिखता था...उसके आंखों में रुके आंसू फिर से हल्के हल्के से बहने लगे..वो मुझे बस थोड़ी देर देखती रही और मेरे ऊपर कूद पड़ी...मेरे गालो को होठो को ऐसे चूमना शुरू कर दिया जैसे मानो जन्मो की प्यासी है,
“अब कही नही जाऊंगी मेरी जान आपको छोड़कर “
उसके बच्चों वाली हरकत से मुझे हसी आ गयी,वो मेरे कंधे पर सर रखकर बैठ गयी...मैंने भी उसे अपनी बांहो में समा लिया…
मैं पुरानी बाते बस एक ही पल में भूल गया,मुझे पता था तो बस काजल का प्यार…
मैं उसके बालो को सहलाता हुआ वहां बैठा था की एक हल्की सी आहट ने मेरा ध्यान खिंचा…
msg का छोटा सा रिंगटोन..काजल का मोबाइल मेरे बाजू में ही पड़ा था,काजल ने उसे उठाया देखा और बिना किसी भी एक्सप्रेशन के ही उसे फिर से अपने बाजू में फेक दिया...वो पहले के ही तरह अपनी आंखे बंद कर मेरे बाजुओ में खुद को छोड़ गयी,
पर मैं अब वो नही था जो कुछ ही पलो पहले था मेरा ध्यान उस मोबाइल की तरफ गया...वो फिर कुछ जला इसबार टोन नही बजा शायद काजल ने उसे साइलेंट में डाल दिया था,वो बस जलता और बज जाता,मुझे आभस हो गया की लगभग 5 msg आ चुके थे...पर काजल का ध्यान वहां नही था..
थोड़ी देर में काजल और मुझे प्यार दे देखने लगी,उसकी आंखे कह रही थी की वो क्या चाहती है,प्यार ..?????
या सेक्स..?????
जो भी हो बस मुझे ये समझ आ चुका था की उसकी वो नशीली आंखे अब मुझे अपनी ओर खिंच रही है,उसके देह से उठाने वाली महक बता रही थी की वो मुझे आकर्षित कर रही है...वो मेरे गालो को प्यार से सहलाई फिर मेरे होठो के पास अपने होठ लाकर रुक गयी,शायद उसे मेरे एक्शन का इंतजार था...पर मैं बस मुस्कुरा दिया…
“क्या हुआ आप ……..”काजल बस इतना कह मुझसे दूर हो रही थी पर मैंने उसकी कमर को जकड़ लिया और अपनी ओर खिंचा…
“आउच “वो शरारती नजरो से मुझे देखने लगी,दोनो के ही होठो पर एक मुस्कान थी जैसे की हम दोनो ही जानते थे की आगे क्या होने वाला है...बड़े धीरे से उसके होठो तक अपने होठ लाये और उसके होठो को अपने दांतो में जकड़ कर खिंच दिया…
“आआआआआआहहहहहहहह “मुझे मजा आने लगा,काजल ने शिकायत भरे लहजे से मुझे देखा
मैं उसके नितंबो के नीचे अपना हाथ डालकर उसे उठा लिया और बेडरूम की तरफ जाने लगा ,वो मेरे होठो अपने होठो से भरकर चूसने लगी...दोनो ही अब डूबना चाहते थे कोई भी सब्र अब नही था,....हम दोनो साथ ही पलंग पर लुडकगये 
किस ने उत्तेजना को बढ़ाया और मैं उसके बड़े बड़े स्तनों को दबाने लगा,उसकी आहो की मधुरता ने हमारे जिस्म की आग को भड़का दिया था,मैं अपने कपड़े उतारने लगा पर वो मेरा हाथ खिंच कर अपने स्तनों पर ले आयी और खुद मेरे कपड़े खोलने लगी,उसकी बेताबी देखकर मुझे हसी आ गयी और वो मुझे देखकर शर्मा गयी...पर उसने मेरे कपड़े नही छोड़े और मेरे जीन्स के ऊपर से दिखते मेरे कसे हुए लिंग को अपने हाथो से दबा दिया…..
“ooooohhhh आआआआहहहह “अब मेरी बड़ी थी सिसकी लेने की ,उसने जल्दी ही मुझे नंगा कर दिया था मेरे लिंग को अपने हाथो से छोड़ ही नही रही थी उसकी बेताबी ने मेरा हाल बुरा कर दिया था,वो अपने होठो को खोलकर मेरे लिंग को अपने होठो से रगड़ने लगी…...हे भगवान ये क्या कर रही है,,,...मेरी हालात इतनी खराब थी की मैं अब ही निकल जाऊ पर वो तो पागलो की तरह उसे चूमे जा रही थी...उसने मेरे सुपडे की चमड़ी को पीछे खिंचा और उसे अपने मुह में लेकर चूसने लगी,
“मादरचोद….”मेरे मुह से अनायास ही निकल गया ,इतना मजा तो मैंने फील ही नही किया था,मैं लगभग छटपटा रहा था और वो मुझे देखकर एक स्माइल देती है,मैंने प्यार से उसे देखा उसका सर सहलाया और उसने फिर से मेरे लिंग को चुसान शुरू कर दिया...ये असहनीय था,मेरे सब्र की इन्तहां हो चुकी थी और में इतने दिनों से भरा हुआ सीधे अपनी धार उसके मुह में छोड़ता गया,मैं हफ्ता हुआ उसके सर को नीचे कर उसे देखा एक बून्द भी उसके मुह के बाहर नही था,यानी सब उसने पी लिया था...क्या हो गयी है मेरी काजल मुझे होश आया पर उसके चहरे पर आयी एक चमक………..
वो मुझे नीचे खीचने लगी और मेरे होठो से अपने होठो को मिला दिया मैं अपने ही वीर्य के बदबू या खुसबू जो भी कह लो को महसूस कर पा रहा था,साथ ही उसके स्वाद को भी जो उसके होठो पर अब भी लगा था………
थोड़ी ही देर में मेरे लिंग ने फिर से एक फुंकार मेरी इसबार मैं बिल्कुल भी बेताब नही था पर काजल थी...उसकी बेताबी मुझसे छिपी नही थी ...मै उसे चिढ़ाने के लिए वहां से उठाने लगा वो मुझे खिंच कर अपने ऊपर ले आयी और अपनी साड़ी को घुटनो के ऊपर तक ले आयी मैं उसे खोलने की कोशिस कर रहा था पर काजल मुझसे खिंच कर अपने ऊपर ले आयी 
“अभी मत खोलो न अभी जल्दी करो “
वो अपनी पेंटी भी नही उतारना चाहती थी उसने उसे साइड कर दिया और मेरे लिंग को अपनी गुफा के पास लाकर टिका दिया…
-  - 
Reply
12-21-2018, 10:43 PM,
#12
RE: Porn Sex Kahani रंगीली बीवी की मस्तियाँ
वो जैसे आग की भठ्ठी हो ,इतनी गर्म लेकिन इतनी गीली थी की मुझे आभस हो चुका था की काजल की हालात क्या है ,मेरा लिंग बिना किसी भी ज्यादा मेहनत के ही उसके अंदर जाने लगा,गुफा की गर्मी ने मेरे लिंग को और भी कड़ा कर दिया था,मैं स्पीड पकड़ कर उसे किसी पिस्टन से पिसे जा रहा था….
“आह जान आ आ आ आ जान ओ ओ हो “
सिसकिया,और कामरस की थपथप,चूड़ियों की एक ही लय में खनकार,उनके माथे का मोटा सिंदूर अब उसके पसीने से फैल गया था ,माथे की बिंदिया कुछ टेढ़ी सी हो चली थी ,ब्लाउज़ को अब भी उतारा नही गया था जिससे उसके ऊपर गहरे सिलवट पड़ रहे थे…...मैं एक बार झड़ चुका था मैं एक खिलाड़ी सा खेल रहा था पर काजल को तो प्यास बुझाने की ऐसे बेताबी थी की वो जोरो जोरो से चीखने लगी थी...उत्तेजना उसके शिखर पर पहुची और वो अपने चिरपरिचित अंदाज में मेरे पीठ पर अपने नाखुनो से गहरे घाव करते हुए झाड़ गयी……
ऐसी बरसात उसके योनि से हुई की जैसे सदियों से पानी भरा हो और आज बांध टूट गया….मैं अब भी अपना पिस्टन जारी रखे था,कुछ देर में वो भी थोड़ी सी एक्टिव हुई और दोनो ही साथ झाड़कर एक दूसरे से लिपट गए…….
इतने दिनों के बाद ऐसा सकून मिल रहा था...शायद दोनो ही ऐसे तड़फ रहे थे….दोनो ही इस घमासान प्यार की लड़ाई से थककर चूर हो चुके थे ….हम दोनो एक दूजे से लिपटे हुए थके से बस सो गए…...मीठी नींद थी आज.. मेरी काजल मेरे बांहो में थी ………..

जब मेरी नींद खुली तब भी काजल मेरी बांहो में थी मैं तो खुस था बहुत खुस था,मैं उसे हल्के से अपने से अलग किया और बाहर आया देखा तो काजल का मोब अभी भी वैसे ही पड़ा था,मुझे बहुत ही खुशी हुई और मैं जल्दी से उसे उठा लिया,देखा तो कुछ msg आये थे .मैंने उसे खोला तो ये प्यारे के msg थे…
“बहुरानी आज आओ ने मेरे पास चाय पीने”
“बाहुरानी जवाब क्यो नही दे रही हो<”
“क्या हुआ गुस्सा हो क्या”
“क्या हुआ”
“अगर मुझसे कुछ गलती हुई है तो मुझे माफ़ कर दो”
इतने msg तो काजल ने पड़ लिए थे ,पर कोई भी रिप्लाई नही था,लेकिन एक और नंबर से कुछ msg आये थे नाम था रॉकी…
अब ये साला कौन है,अगर मैं उसे खोलता तो काजल को पता चल जाता इसलिए मैंने उसे नही छेड़ा बस जो आखिरी msg था वो दिखा रहा था,कॉल मी टुमारो….
चलो एक बार काजल के पड़ने के बाद मैं पड़ लूंगा…..
मैं जाकर फिर से सो गया…..
सुबह वही पुराना काम धाम...आज फिर मैंने अपने लेपटॉप को ऑन कर छोड़ दिया और वीडियो रेकॉर्डर ऑन कर दिया…
आफिस में जाकर थोड़ा सा मन भागता रहा पर क्या कर सकता है….तभी काजल के भैया का काल आ गया…
“हैल्लो आकाश कैसे हो “
“अच्छा हु भैया आप बताइये”
“अरे यार तुमसे एक बात करनी थी जल्दीबाजी में भूल ही गया था…”
“हा बोलिये ना”
“असल में बात ऐसी है की काजल सोच रही थी की वो शहर में अपना काम शुरू कर दे,तुम्हारे क्वाटर से लगभग 25 किलो मीटर की दूरी होगी वो रोज कार से आ जा सकती है,और वो वहां घर में अकेले भी बोर हो जाती होगी,तो मैं भी उसे हामी भर दिया है...मैं वहां एक पुराना होटल पसंद किया है अभी तो वो घाटे में है,पर काजल का मानना है की वो उसे फिर से फायदे में ला सकती है...तो अगर हम उस होटल को खरीद कर उसे चलाये तो कैसा रहेगा...और ऐसे भी काजल की होटल मैनेजमेंट की डिग्री कब काम आएगी…”
मैं तो सोच में ही पड़ गया,कभी सोचा भी नही था की कोई होटल खोलूंगा,साला मैं ठहरा मिडिल क्लास और सर्विस क्लास का आदमी मेरे पास इतने पैसे भी कहा की मैं ये सब सोच सकू…
“भैया पर होटल खरीदना मतलब…….यानी की इतना पैसा मेरे पास…”
“अरे यार तुम भी ना….पैसा मैं लगाऊंगा काजल को बस वहां का काम देखना है…”
“हा भैया वो तो ठीक है पर शहर यहां से दूर है और काजल कार से …”
“हा तुम फिकर मत करो एक कार खरीद लेंगे और तुम्हारे ही इलाके में हमारा एक पुराना बाँदा रहता है ,काजल को कहा था की उससे मिल कर सब सेट कर ले,शायद वो आज उससे मिलने जाय हो सके तो तुम भी साथ चल देना,एक बार होटल को देख भी लो ,उस बंदे का नाम है रॉकी वो भी वही अपने मा बाप के साथ रहता है और शहर में एक जिम चलाता है,उसके चाचा हमारे खास दोस्त है तो अगर वो भी हमारे साथ आ जाए तो काजल को भी सहूलियत हो जाएगी ठीक है ना…..बाकी तुम्हारे ऊपर है की क्या करना है…कम से कम जाकर एक बार मिल तो लो….”
“हूमममममम ठीक है भैया…”
मैंने फोन रखा ही था की काजल का भी काल आ गया..
“सुनिए ना आज थोड़ा जल्दी आ सकते है क्या “
“क्यो”
“अरे भैया आपको फोन नही किये थे क्या...होटल के बारे में”
“हा किये थे पर तुम नही बता सकती थी “
मैंने झूठे गुस्से में कहा,लेकिन वहां से एक हल्की हसी आयी 
“आप ने बताने कहा दिया” अब वो मुस्कान मेरे भी होठो पर थी 
“आज जल्दी आ जाइये वो भैया किसी को हमसे मिलने को भेज रहे है हो सके तो आज होटल भी देखने चले जाएंगे”
“ओक्के जान “
“ऊऊऊमम्ममआआआ “
“लव u बेबी ऊऊऊमम्ममआआआ”
मैं जल्दी इस घर पहुचा पहले तो अपना वीडियो बंद करके उसे अपने मोबाइल में रख लिया फिर काजल के रॉकी को काल करके जल्दी आने को कहा आखिर थोड़ी ही देरमें रॉकी वहां आ गया……….
दिखने में 6 फुट लंबा और मसलमेंन रॉकी किसी हीरो से काम नही लग रहा था ,मुझे तो यकीन नही आ रहा था की ये हमारे इलाके का लड़का है,किसी मॉडल की तरह उसकी पर्सनाल्टी देख कर मैं थोड़ा सा घबरा भी गया क्योकि काजल उसके साथ काम करने वाली थी...वो बड़े ही नम्रता के साथ हम दोनो से मिला,
“तो काजल मेडम कब जाना है होटल देखने “
काजल उसकी बातो से हस पड़ी 
“अरे तुम मुझे मेडम क्यो बोल रहे हो,तुम तो उम्र में भी मुझसे बड़े हो,जस्ट काल मि काजल ओके “
रॉकी के चहरे पर एक मुस्कान आ गयी 
“ओके “
मैं थोड़ा से नर्वस था,पर क्या करता जैसे तैसे अपने अंदर के उस भाव को छुपा रहा था,
“हमे आज ही चलना चाहिये वहां,क्या ही फिर मुझे भी टाइम नही मिल पायेगा “
दोनो ने मुझे देखा और अपनी हामी भरी 
“ओक्के सर “
:”अब यार मुझे भी तुम आकाश ही कहो “
“नही सर आप तो मुझसे बड़े भी है ,आपका नाम लेना ठीक नही लगेगा मैं आपको सर ही कहूंगा “
रॉकी के यू मुझे तजब्बो देने से मेरे अंदर की इन्फिरियरटी थोड़ी काम हुई…
हम शहर पहुचे,होटल सच में बहुत ही बड़ा था पर शायद कई दिनों से बन्द पड़ा था.
“अच्छा तो इसे बन्द करने की क्या जरूरत पड़ गयी,”
एक स्वाभाविक से प्रश्न मेरे मन में आ गया 
“वो हुआ यू की मालिक ने इसपर खर्च तो बहुत किया पर ये छोटा सा शहर है और यहां लोग सुविधाओ से ज्यादा पैसे की किफायत देखते है ,ऐसे भी यहां मार्किट इतने बड़े होटल के लिए नही है”
रॉकी ने अपनी बात रखी ,लेकिन काजल शायद इस बात से सहमत नही थी
“नही असल में ऐसे जगहों पर होटल की डिमांड ही नही होती ,हमे इसे नए तरीके से चलना पड़ेगा,और इसपर ज्यादा खर्च नही करना है ,हमे यहां ऐसा हेल्थ सेंटर खोलना चाहिए जिसमे सभी लोग आ सके मतलब जो यहां के लोकलर है,वैसे ही यहां का खाना ऐसा हो और बजट में हो ,बार की सुविधा हो और बजट में हो तो लोग यहां रुकने के लिए शायद नही आएंगे पर ये उनके लिए अच्छा स्टैंडर का और किफायती साबित होगा….
धीरे धीरे लोगों को अगर अच्छे चीज की आदत लग गयी तो हम अपना दाम भी बढ़ा सकते है….”
काजल बिल्कुल ही उस जगह पर रम गयी थी और अच्छे से एक एक चीजो को देख रही थी मुझे तो ऐसे भी बिजनेस की कुछ भी समझ नही थी तो मै वहां से अलग ही रहने की सोची ,रॉकी और काजल दोनो ही एक दूसरे में मस्त थे और एक दूसरे को बहुत कुछ समझा रहे थे...मैं उन्हें देखे जा रहा था ,शायद ये पहली बार था जब मेरे रहते भी काजल मुझसे ज्यादा किसी और को तजब्बो दे रही थी पर ये बिज़नेस की बात थी और मैं था इसमें कच्चा तो मुझे सब ठीक ही लगा……
-  - 
Reply
12-21-2018, 10:43 PM,
#13
RE: Porn Sex Kahani रंगीली बीवी की मस्तियाँ
मैं वापस आकर बीडीओ को देखने लगा ,कुछ खास था ही नही काजल की वही बात पर वो आज दिन भर से कमरे में ही थी ,यानी वो प्यारे के पास नही गयी ये बात दिल को बहुत ही सुकून देने वाली थी….काजल आकर मुझसे लिपट गयी,
“जान तुम्हे वो साइट कैसी लगी”
“अरे जान मुझे तो इसके बारे में कुछ भी नही पता मैं क्या बताऊ “
काजल के आंखों में शरारत थी मुझे पता था की क्या होने वाला था,वो मुस्कुराते हुए मुझे देखने लगी,
“अच्छा सुनो ना मेरा काम करना आपको पसंद है ना ,आप बोलोगे तो मैं इस प्रोजेक्ट को बन्द करवा दूंगी “
वो सच में बहुत ही सीरियस थी
“पागल हो गयी हो क्या,तुम यहां बैठे बैठे ऐसे भी बोर हो जाती होगी वहां तुम्हारा टाइम पास भी हो जाएगा ,और ऐसे भी रॉकी भी तो तुम्हारे साथ बहुत ही हेंडसम है साला ,देखो कही उससे प्यार ना हो जाय तुम्हे “
मैं तो मजाक में कहकर हसने लगा लेकिन जब मेरी नजर काजल पर पड़ी तो मेरा दिल घबरा गया उसकी आंखे लाल थी जैसे वो मुझे गुस्से से घुरि जा रही हो,
“क्या हुआ जान “
“आप ऐसे सोच भी कैसे सकते है की मैं आपके सिवा किसी से भी प्यार करूँगी ,मेरे ऊपर आपका बिल्कुल भी भरोसा नही है क्या…”वो रोने लगी मैंने तो बस मजाक किया था और वो लड़की ऐसे बोल रही थी जो कभी मेरे ही नॉकर से साथ …..
“अरे नही जान मैं तो बस मजाक कर रहा था तुम तो “मै काजल के होठो को चुमने लग उसके गालो से गिरने वाले एक एक बून्द आंसुओ को पीने लगा…
“सॉरी मेरी जान “मैंने काजल के होठो में अपने होठो को भरकर एक जोरदार किस किया और तबतक किया जबतक की उसका रोना बंद नही हो गया वो भी मेरे बालो पर अपना हाथ रखकर उसे सहलाने लगी…..
थोड़ी देर में जब हम दोनो अलग हुए 
“जान एक बात पुछु इसबार बुरा मत मानना “
“हा बोलो पर याद रखना प्यार तो आपसे ही किया है और हमेशा आपसे ही करूँगी “
“अच्छा लेकिन अगर मानो वो पसंद आ गया तो “
“पसंद तो वो मुझे अब भी है ,पसंद और प्यार में बहुत फर्क होता है समझे “
काजल ने मेरे नाक को पकड़कर हिला दिया ,पर मैं थोड़ा गंभीर था 
“और सोचो अगर तुम्हारे बीच कुछ हो गया तो “
काजल ने मुझे घूर कर देखा ,
“जान मैं आपकी बीबी हु,और मैं सिर्फ और सिर्फ आपसे ही प्यार करती हु,और रही कुछ होने की बात तो मैं भी एक इंसान हु हो सकता है की मुझसे कुछ गलती कभी हो भी जाय तो भी मैं आपसे ही प्यार करूँगी कभी भी आप ये मत सोचना की मैं आपसे प्यार नही करती ……………..मैं आपकी हु जान सिर्फ आपकी हो सकता ही कोई मेरा जिस्म ले ले पर मेरा मन हमेशा आपका ही रहेगा और वो आपसे कोई भी नही छीन सकता ……….”काजल मुझसे ऐसे लिपट गयी जैसे किसी पेड़ से कोई लता लिपटी हो...वो मेरे सीने से अपने सर को रगड़ने लगी…
मेरा मन उसकी बातो से बहुत हल्का हो चुका था पर एक सवाल मेरे दिल में था..काजल की बात का मतलब क्या हुआ,क्या वो अब भी किसी के साथ ...मतलब की वो मुझसे दिल से प्यार करती है पर वो सो किसी के भी साथ सकती है ……
मेरा दिमाग फिर से काम करना बन्द कर रहा था मैंने सोचा की छोड़ो यार पहले तो खुद अपनी जान का मजा लिया जाय बाद में जो लेता है लेने दो ऐसे भी अगर उसे कुछ परेशानी नही है तो मैं उसे क्यो रोकू ऐसे भी प्यार तो वो हमेशा मुझसे ही करती है …………..

दिन बीते पर प्यारे और काजल के बारे में कोई भी सुराग हाथ नही आया,प्यारे के चहरे पर ऐसे तो कोई दुख का भाव नही दिख रहा था वो भी मेरे सामने अच्छे से ही व्यवहार करता था,और काजल भी सुबह से शाम तक काम मे ही व्यस्त रहती थी।

सुबह मेरे जाने से पहले ही रॉकी के साथ निकल जाती ,कभी जल्दी आ जाती तो कभी मेरे आने के बाद आती,थोड़ी थकी सी भी दिखती थी पर जो चीज उसमे नही बदली थी वो था उसका मेरे प्रति प्यार और समर्पण,,,,

कुछ दिन बीते थे कि डॉ का काल आया,

“कैसे हो दोस्त आ गयी भाभी”

“हा यार वो तो उसी दिन आ गयी थी जब मैं वहां से आया था,”

“अच्छा है साले तभी मैं बोलू साल कोई फोन कैसे नही कर रहा है,अभी क्या हालत है ,सब कुछ ठीक ही होगा तभी तो तेरा कोई पता नही है अभी तक,,”

“हा भाई सब ठीक ही लग रहा है,कोई भी ऐसी बात तो नही हुई जिससे मुझे कुछ शक हो,”

मैंने पूरी बात डॉ को बता दी,,,

“हूमममममम ये तो अच्छा है कि तू भी समझ गया कि प्यार तो तुझसे ही करती है ,ऐसे मैं उसके कॉलेज इसे कुछ इनफार्मेशन निकले थे ,शायद अब तुझे उसकी जरूरत नही है,”

साला चुतिया फिर से दिल की धड़कने बड़ा गया

“क्या पता चला तुझे”

“वही तेरे बीबी के कारनामे”

अब मेरे माथे में पसीना था पता नही ये डॉ क्या बताने वाला था,मैंने मन मे सोचा की यार ठीक है वो मुझसे ही प्यार करती है ,और हिम्मत कर कह गया 

“बता दे यार अब मुझे डर नही वो मुझसे ही प्यार करती है और अब जो भी हो जाय,मैंने फैसला कर लिया है,उसकी खुसी में ही मेरी खुशी है”

मुझे डॉ की जोरो की हँसी की आवाज सुनाई दी,

“मादरचोद तू भी आखिर बन ही गया ना cuckold ,मुझे तो बहुत ही ज्ञान दे रहा था”

डॉ की बात का मुझे बिलकुल भी बुरा नही लगा,

“बे चुतिया,तू चूतिया ही रहेगा….मुझे नही पता कि मैं क्या था और क्या बन गया हूं ...पर भाई अब उसके चहरे पर बस खुशी देखना चाहता हु,चाहे वो कुछ भी करे ,फर्क तो मुझे पड़ेगा ही पर क्या पता शायद मुझे भी इसमें वैसे ही मजे आने लगे जैसा उस क्लब वाले बंदे को आया था”

मैंने एक गहरी सांस छोड़ी साथ ही डॉ ने भी ..अब हम दोनों के मन शांत थे,,,

“अच्छा है यार ऐसे भी तेरा दुख देखा नही जा रहा था,तो सुन क्या पता चला है मुझे”

मैं उसकी बातों को ध्यान से सुनने लगा,उसकी हर बात के साथ मेरी आँखें नाम होते जा रही थी और काजल के लिए सम्मान और भी बढ़ने लगा था ,मुझे अब पता था कि वो ये सब क्यो कर रही है,लेकिन फिर भी वो मुझसे इतना प्यार करती है इस अहसास से मेरा दिल बाग बाग हो गया….

“चुतिया तूने जो बात मुझे बताई है उससे मेरा दिल बहुत ही हल्का हो गया है मेरे दोस्त,मेरी काजल का प्यार सच्चा है पर सेक्स की आग उसकी मजबूरी है,कोई बात नही मेरे दोस्त मैं अपनी जान का पूरा ख्याल रखूंगा,पर ये कब तक रहेगा…”

“मुझे नही पता पर मैं काजल से बात कर रहा हु इस बारे में ,मैं उसे नही बताऊंगा की तुझे पता है,अगर वो मेरा साथ दे तो शायद जल्द ही हम किसी ठोस नतीजे में पहुच सकते है”

मेरे दिल का एक बड़ा बोझ हल्का हो गया था ,अब मुझे पता था कि काजल मुझे कितना प्यार करती है और उसकी क्या मजबूरी है,पर एक अजीब सी झुनझुनाहट भी मेरे शरीर मे दौड़ गयी ये सोचकर कि काजल दूसरे मर्दो के साथ….साला क्या मैं सच मे cuckold हो रहा हु…

डॉ से बात करके काजल के लिए दिल मे इज्जत जागी, पर साथ ही एक डर भी था,क्या मैं काजल को संतुष्ट नहीं कर पा रहा,शायद हा भावनात्मक रूप से तो काजल मेरी है पर शायद शारिरिक रूप से उसे और ज्यादा की जरूरत है जो मैं उसे नही दे पाता,या शायद कॉलेज के वो दिन जिसमे काजल ने बहुत ही मजे किये थे या दर्द झेला था (वो तो वही जानती है) ने उसे इस कदर सेक्स के प्रति पागल बना दिया है कि वो अपनो मर्यादाओ से बाहर जाने से नही कतराती…
-  - 
Reply
12-21-2018, 10:43 PM,
#14
RE: Porn Sex Kahani रंगीली बीवी की मस्तियाँ
आखिरकार डॉ ने मुझे फिर से टोका

“क्या हो गया बे किस सोच में पड़ा है”

“यार काजल की खुशी में मेरी खुशी है पर…..”

“पर अब क्या चाहिए तुझे”

“मैं चाहता हु की वो जो भी करे वो कम से कम मुझे पता तो रहे,मैं नही चाहता कि वो किसी मुसकिल में पड़े”

“अच्छा मुश्किल में न पड़े इसलिए या ...मजे लेना चाहता है…”

डॉ की तो जोरो से हँसी छूट गयी और मुझे भी बड़ी शर्म महसूस हुई..

“साले मादरचोद “मैंने धीरे से कहा पर डॉ ने इसे सुन के अनसुना कर दिया,

“सुन एक काम कर मैं तुझे कुछ लिंक्स भेजता हु वहां से तू कुछ एप्प्स डाऊनलोड कर ले और ***** इन तरीकों से तू उसके अपने मोबाइल पर पड़ पायेगा,और अपने लेपटॉप से उसके मोबाइल की एक्टिविटी भी देख पायेगा “

वाह ये तो मेरे लिए कमाल ही हो गया 

“थैंक्स यार डॉ”

“कोई बात नही बेटा तू भी मजे ले अपनी बीवी के….”

इतना कहकर डॉ जोरो से हसने लगा,साला बड़ा कमीना था पर आज ना जाने क्यों उसके कमीनेपन में मुझे गुस्सा नही आ रहा था,,,,

डॉ के रखने के बाद से ही मैं काम मे भीड़ गया मुझे वो एप्पस अपने मोबाइल लेपटॉप और काजल के मोबाइल में इंस्टॉल करने थे ,काजल के आने के बाद चुपके से सभी काम पूरे कर लिए और उन्हें रन कर दिया,मैंने चेक भी कर लिया कि सभी कुछ ठीक काम कर रहा है या नही,

अब कल की सुबह से ही मुझे मेरी बीवी के कारनामो की खबर रहेगी,सोच के ही मैं बहुत उत्तेजित ही गया और सीधे काजल पर जैसे हमला बोल दिया,आज मेरे उतावले पन से काजल भी चकित थी पर उसे भी इसे देख बहुत मजा आ रहा था….

मैं अपने एडवेंचर से बहुत खुश था है ये मेरे लिए किसी एडवेंचर से कम भी नही था कि अपनी ही बीवी की जासूसी करना वो भी ये जानते हुए की वो किसी और के साथ अपने जिस्म का मजा ले रही होगी या लेने वाली होगी ये अजीब सी चुभन थी और अजीब सा नशा मेरे अंदर भर रहा था मुझे नही पता कि मैं क्या और क्यो कर रहा हु पर ये तो बात पक्की थी कि मुझे इसमें बहुत ही मजा आ रहा था ,

अभी तक जो बात मुझे जल रही थी आज वही बात में मैंने खुशी और खुशी से बढ़कर मजा खोज लिया था ,

ये बदलाव एक दिन में नही आया था इसके लिए कई दिन लगे थे और खासकर डॉ ने जो मुझे दिखाया और समझाया था और काजल की वो प्यार भरी बातें और उसका अतीत ये अभी एक साथ मिलकर मुझे मजबूर कर दिए कि मैं ऐसा ही जाऊ और अपने प्यार को दूसरों के साथ मजे लेते देखु,

शायद उस लड़के की बात सच ही थी कि जब उसे कोई प्रॉब्लम नही है तो आपको क्यो हो रही है,

काजल का मेरे लिए प्यार और सम्मान भी एक कारण था ,अगर वो ये सब ना भी करे तो भी क्या फर्क पड़ता अगर वो मुझे वो प्यार और सम्मान नही देती,मैने अपने कई दोस्तो के मुह से सुना था कि शादी के बाद जिंदगी झंड हो जाती है,पत्नियां प्यार की जगह बात बात पर झगड़े करतीं है,कई तरीकों से मर्द को बांधने की कोसिस करती है और मर्दो का भी इंटरेस्ट अपनी पत्नी पर से उठाना शुरू हो जाता है,और वो दोनो बाहर मुह मरते है,शायद समाज के बंधनों की फिक्र के कारण वो एक दूसरे से जुड़े रह भी जाय तो क्या ,,जिंदगी तो उनकी नरक की तरह हो जाती है,

लेकिन मेरे साथ ऐसा नही था ,बड़ी अजीब बात थी कि जिसे समाज शायद रंडी का दर्जा देता को मेरी पत्नी थी,जिसे बदचलन कहता वो मुझे इतना प्यार और सम्मान देती हैं जो मैंने कभी बजी किसी औरत को अपने पति को देते नही देखा,वो फूल सी खिली हुई और अपनी खुसबू सब तरफ फैला रही थी,मेरे पास दो ही ऑप्शन थे या तो उस फूल को कुचल कर अपना बना कर रखु और उसकी खुसबू को खो जाने दु या उसे युही महकने दु,,,

हा उसकी खुसबू सिर्फ मेरी नहीं रह जायेगी पर वो सदा ही महकेगी,,,, मैंने तो चुन लिया मैं उसे सदा महकता देखना चाहता हु…
काजल के जाते ही मैं ऑफिस पहुचा ज्यादा काम तो नही था इसलिए अपने मोबाइल में उस एप्प को खोलकर देखने लगा कि काजल क्या कर रही है,उसके मोबाइल का एक डुप्लीकेट मेरे मोबाइल में था जिसे मैं चला सकता था,मैं पहले उसके वाट्सअप मेसेज पड़ने की सोची,
प्यारे के कुछ मेसेज थे ,प्यारे से तो पता नही क्यो मुझे छिड़ सी थी पर साले की किश्मत बहुत ही बुलंद थी कि काजल जैसी हसीन परी उसे लाइन दे रही थी,
प्यारे रोज काजल को मनाने की कोसिस कर रहा था पर काजल कोई भी जवाब उसे नही दे रही थी,आख़िरकार उसने अपना दुखड़ा रोना सुरु कर दिया और काजल भी थोड़ी पिघल गयी पर काजल ने उसे सेक्स के लिए साफ मना किया हुआ था,काजल आज रात ही उससे मिलने जाने वाली थी,इसकी मा का साली काजल भी क्या चुतिया वाले काम कर रही है,मेरे दिमाग ने कहा पर साला चड्डी के नीचे से कुछ और ही आवाज आई एक जोरदार झटका मेरे लिंग ने मारा और मेरे होठो में एक मुस्कुराहट सी आ गयी…
दूसरा msg था रॉकी का अभी तो उसके साथ ही था पर ये msg उसने रात में और सुबह किये थे ,कोई प्रॉब्लम वाली बात तो कही दिखाई नही दी पर काजल की तारीफों के पुल उसने बांधे थे,जैसे आप बहुत सुंदर हो,आपका काम करने का तरीका बहुत अच्छा है वगैरह ,मतलब साफ था उसने काजल को लाइन मरना शुरू कर दिया है बस बात थी काजल के हा की ,काजल रिप्लाई में बस कुछ स्माइल लिखकर भेज देती या बस कल मिलते है,....
अब आगे क्या होगा ये तो मुझे नही पता था बस आज शाम का इंतजार जरूर था….
काजल और प्यारे की रंगीन शाम देखने को मैं बेताब हो रहा था मैंने लेपटॉप काजल के आने से पहले ही अपने कमरे के बाहर लेकर उसे ड्राइंगरूम में ऐसे रख दिया कि मुझे किचन का भी कुछ नजारा दिख जाय, लेकिन अगर काजल उसके कमरे में गयी तो….तब तो बस बाते ही सुन पाऊंगा…
जो भी हो मुझे मजा आ रहा था और यही सबसे चौकाने वाली बात थी...
-  - 
Reply
12-21-2018, 10:43 PM,
#15
RE: Porn Sex Kahani रंगीली बीवी की मस्तियाँ
आज की रात मेरे लिए मेरे लिए बड़ी बेताबी की रात होने वाली थी,काजल ने प्यारे को कह रखा था कि मेरे सोने के बाद वो उसके रूम में आएगी,मतलब था मुझे कुछ भी दिखाई नही देने वाला था ,
काजल रात में थोड़ी सुस्त दिखी,
“क्या हुआ जान,आज बड़ी सुस्त लग रही ही,काम से थक गई हो लगता है,”
मैने उसे अपने ऊपर खिंचते हुए कहा…वो मेरी बांहो में मचल कर समा गई..
“हा जान काम बहुत हो जा रहा है,इतना काम करने की आदत नही है मुझे...दिन भर काम करने वालो से कचकच,भला हो रॉकी का वो पूरा दौड़भाग के काम सम्हाल लेता है वरना मैं अकेली तो …..उफ्फ्फ जल्दी से होटल बन कर तैयार हो जाय तो थोड़ा आराम आएगा”
काजल मेरे सीने में मचलने लगी,मैं उसके होठो को अपने उंगलियों से सहलाते हुए एक उंगली उसके मुह में डाल दिया वो हल्के से उसे चूसने लगी,
मेरी काजल बला की खूबसूरती, हर एक अंग जैसे बड़ी मेहनत से तराशा गया हो,होठो पर प्यारी ही मुस्कान और आंखों में बेपनाह प्यार, उसके नजरो की नजाकत से ही दिल मे एक सुकून भर जाता था,
उसने अपनी मदभरे नयनो से मुझे देखा, इतनी चाहत इतना प्यार….
मैं उसे देखकर खुद को रोक ही नही पाया,और उसके आंखों पर अपने होठो को रख दिया,उसके चेहरे की मुस्कान और भी गहरा गयी..और वो फिर से मचलती हुई मेरे सीने से लग गयी…
आज मैं इससे ज्यादा बढ़ना भी नही चाहता था बस चाहता था कि उसे महसूस करू, अपनी रूह तक उसकी कोमलता को पहुचने दु...उसके कोमल अंगों को बस हल्के हाथों से सहला रहा था,और वो भी मेरे सीने में सर रखे बस सो रही थी ,मैंने भी अपनी आंखें बंद कर ली और अपने हाथों को उसके शरीर से लिपटा कर गहरी सांसे ले अपनी जान को महसूस करने लगा...ना जाने कब हम दोनों ही नींद के आगोश में चले गए थे..
जब नींद खुली तो सुबह हो चुकी थी काजल अब भी उसी तरह मेरे ऊपर लेती हुई थी मैं फिर से उसे निहारने लगा,वो सौंदर्य की प्रतिमा सोते हुए भी इतनी प्यारी लग रही थी….
अचानक मुझे याद आया कि उसे तो प्यारे ने अपने कमरे में बुलाया था,मैंने फिर काजल को देखा उसके शरीर से कपड़ो से ऐसे तो लग ही नही रहा था कि वो यहां से कही भी गयी हो…
एक अनजानी सी खुशी ने मुझे घेर लिया,पर साथ ही एक अनजाना से दुख भी था…
मैंने पास पड़े अपने मोबाइल को चेक किया ,और उससे ही काजल का मोबाइल एक्सेस किया,प्यारे रात भर काजल को आने के मैसेज किया था,साथ ही अपना दुखड़ा रोना और काजल को इमोशनल ब्लैकमेल करने की पूरी कोसिस उसने अपने तरफ से की थी,मुझे पता था कि जब काजल इसे पड़ेगी तो उसे अपने सो जाने पर थोड़ा पछतावा होगा ,फिर भी मुझे प्यारे पर हँसी आ रही थी ,मैं काजल को युही सोता हुआ छोड़कर जॉगिंग के लिए निकल पड़ा...कई दिनों से मैं गार्डन भी नही गया था,आज मन भी खुश था और नींद भी जल्दी ही खुल गयी थी,मैं जल्दी से तैयार हुआ और जाने से पहले मेरे दिमाग मे एक बात आई,मैंने बहुत खोजबीन कर कुछ सॉफ्टवेयर का पता लगाया था उसमें एक से मैं कही से भी अपने लेपटॉप को wifi के जरिये से एक्सेस कर सकता था,मेरे लिए एक जासूसी जैसे ही थी कि मैं लेपटॉप में एक हिडन वीडियो रेकॉर्डर इंस्टॉल कर उसे प्ले कर देता और उसे कही से भी बैठकर देखता पर उसकी अभी तक जरूरत ही नही पड़ रही थी,आज मैं उसे टेस्ट करने की सोची और लेपटॉप को खोलकर ऐसे सेट किया कि सोती हुई काजल के चहरे और सीने तक का हिस्सा मुझे क्लियर दिखे, मैं रेकॉर्डर चला कर वहाँ से चल दिया,घर से निकलकर चेक किया तो खुश हो गया मुझे काजल का सोता हुआ मासूम से चेहरा दिखाने लगा था,मैंने अपनी जोगिग शुरू कर दी….
लगभग आधे घंटे बाद जब मैं रुका मैं गार्डन में था और मेरी गार्डन वाली काजल (पेड़) मेरे सामने थी ,मैंने उसे बड़े प्यार से छुआ ना जाने को से वो लोग थे जो इस बेजुबान पेड़ को भी नही बक्शते इसे भी पत्थरो से कई जगह पर छिल डाला था,कोई अपना नाम लिखा था तो कोई अपने सनम का नाम..मुझे थोड़ी उदासी हुई पर वो थोड़ी बड़ी लग रही थी,मैं पास ही बैठकर आराम करने लगा,मुझे इस काजल(पेड़) को देखकर अपनी काजल की याद आ गयी मैंने सोचा चलो देखते है मेरी काजल क्या कर रही है,मैं अपना मोब लिए देखने लगा,,
काजल पीठ के बल लेटी हुई थी उसकी आंखें अब भी बंद थी,मैं उसके साइड में रखे लेपटॉप के कैमरे से उसे देख पा रहा था,इसलिए बस एक तरफ का चेहरा ही मुझे दिखाई दे रहा था,मुझे उसे देखकर बड़ा प्यार आया ,पर ये क्या उसके बाल तो बिखरे हुए थे,मेरा माथा ठनका,मैंने ध्यान से देखा तो समझते देर नही लगी कि किसी ने अभी अभी उसे अच्छे से मसाला है,उसने अभी भी रात वाली सलवार सूट ही पहनी थी,थोड़ी ढीली ढाली सी ,उसके उजोरो की चोटी उसके सूट से ही थोड़े थोड़े झांक रहे थे ,और किसी के बुरी तरह से मसलने से बनी उसकी सिलवटे साफ दिखाई दे रही थी,
अचानक ही देखते ही देखते काजल का मुह खुला,मुझे कोई ऑडियो तो सुनाई नही दे रही थी पर ये एक्सप्रेशन शायद ही कोई मर्द पहचान ना पाए,हा लिंग के किसी के अंदर घुसने से बना एक्सप्रेशन… वो हल्के से मुह का खुल जाना… मुह के खुलते ही उसका शरीर भी थोड़ा ऊपर को हुआ और फिर से अपनी जगह पर आ गया,मुझे बस काजल के उरोरो तक ही दिख रहा था,शायद वो थोड़ी और नीचे हुई थी,ये सोचकर ही मेरा खून खोल गया कि क्या वो प्यारे है,मैं इंतजार कर रहा था कि शायद वो उसके होठो का रस चूसने नीचे आये और उसका चेहरा मेरे सामने होगा ,पर ये क्या काजल को ही उठा लिया ,शायद उसके कमर में हाथ डालकर उसे उठाया था ,मुझे उसके हाथ भी दिखाई नही दिए,मैं मजबूर से देख रहा था,कभी कभी काजल के बाल दिख जाते जब वो थोड़ी नीचे हुई तो लगा जैसे उसे कोई किस कर रहा हो काजल बिस्तर में बैठी थी उसके बाल और थोड़े से उसके चेहरे का हिस्सा मुझे दिखाई दे रहा था,साथ ही उसका हाथ भी बिस्तर पर सहारे की तरह रखा था कभी कभी वो ऊपर नीचे होती पर दोनो ही एक दूजे के होठो के रसपान में ही व्यस्त थे,फिर काजल नीचे सोई इसबार उसका चेहरा कैमरे की तरफ घुमा था,आंखे बंद थी और शरीर जल्दी जल्दी *ऊपर नीचे होने लगा था,काजल ने अपने होठो को अपने दांतों में दबा रखा था,उसके हाथ अपने चेहरे पर जाते तो कभी आगे बढ जाते जैसे वो उसे जोर से धक्के देने से रोक रही हो….

उसके चेहरे पर उत्तेजना के भाव साफ दिख रहे थे,माथे पर पसीने की कुछ बूंदे आ रही थी,काश मैं उसकी आवाज भी सुन पता जरूर वो साल उसे कुछ कह रहा होगा,तभी एक मजबूत सा हाथ मेरी नजर में आया,जो सीधे काजल के गले से होता हुआ अपना हाथ उसकी कमीज के अंदर घुसा दिया,साला मैं जान के स्तनों को इतने बेरहमी से मसल रहा था,काजल जरूर जोरो से आहे भर रही होगी उसके होठ खुले हुए थे और मैं उसे महसूस कर पा रहा था,उसने अपना हाथ बाहर निकाला और अब वो अपने हाथ के सहारे काजल पर झुक गया,उसके दोनों हाथ काजल के दोनो ओर थे साला मेरी बीवी को पूरे जोर में चोदने की तैयारी कर रहा था,

मैं उस हाथ को फिर से देखा उसने तो घड़ी पहन रखी थी,मेरा दिमाग खटका इतनी महंगी घड़ी प्यारे कि तो नही हो सकती….तो फिर कौन….

मेरे दिमाग की हवाइयां उड़ गई मैं उसे जल्दी से बंद किया और घर की तरफ भागा… अब कितना भी तेज भागु 15 मिनट तो लगेंगे ही,टैब तक तो साले अपना काम पूरा कर चुके होंगे पर मैं भागा, धड़कने तो ऐसे भी तेज थी मैं शायद ही जिंदगी ने कभी इतना तेज भागा था,पता नही क्या सुरूर से चढ़ गया था मेरे अंदर ….

जब मैं अपने क्वाटर में पहुँचा तब तक मेरी हालत पूरी तरह से खराब थी मेरी धड़कने ऐसे चल रही थी जैसे राजधानी एक्सप्रेस, लग रहा था अब मार तब मारा, बाहर का गेट मैं खोलकर ही गया था पर अभी ये अंदर से बंद था,अंदर देखा तो रॉकी की गाड़ी खड़ी थी,

मादरचोद ये क्या है,ये तो अभी अभी लाइन मरना शुरू किया था,और आज ...यर काजल है क्या सेक्स मशीन इतनी जल्दी तो रंडी भी सौदा फिक्स नही करती...मैं अपना हाथ अंदर डाल कर गेट खोला ,प्यारे के रूम की तरफ देखा वो बंद था,इस मादरचोद को क्या हो गया जो अभी तक नही उठा है,मैंने मैन में ही कहा,मेरे सरकारी पुराने लोहे के गेट ने मेरी आने की सूचना शायद अंदर तक दे दी हो,इतना आवाज करता था कि कोई भी समझ जाएं, मैं अंदर गया तो रॉकी को सोफे में बैठा पाया,उसने पहली नजर में मुझे ऐसे देखा जैसे साल मार ही डालेगा,शायद मैंने जल्दी आके उसका खेल बिगड़ दिया था,15 मिनट तो दिए थे इनलोगो को अब क्या दिन भर इनके लिए बाहर रहू… मैं फिर मन मे सोचा,

लेकिन रॉकी ने अपने एक्सप्रेशन तुरंत बदले और उठकर मुझसे हाथ मिलाया,मैं भी अपने होठों पर झूठे एक्सप्रेशन लाने में कामयाब रहा,

“आज इतने जल्दी”

“हा सर वो आज एक क्लाइंट के साथ मीटिंग है ,कल मैंने काजल को मैसेज किया था पर वो रिप्लाई ही नही की,इसलिए आज जल्दी आ गया,”

“ओह ओक्के, काजल कहाँ है,”

“वो तैयार हो रही है,आप रोज दौड़ने जाते है,its गुड फ़ॉर हेल्थ “

मेरी तो सांसे ही थोड़ी देर ले लिए रुक गयी ,मादरचोद रोज मेरी बीवी को सुबह सुबह चोदना चाहता है क्या,लेकिन मैंने सम्हल के कहा ,

“नही आज जल्दी उठ गया था तो सोचा कि चलो”

“बढ़िया किये सर कभी कभी सुबह उठकर दौड़ना चाहिए”

रॉकी के चहरे में एक मुस्कान आ गयी,और मैं सब जानते हुए भी अनजान बने उससे इजाजत लेकर अपने कमरे में चला गया...
-  - 
Reply
12-21-2018, 10:44 PM,
#16
RE: Porn Sex Kahani रंगीली बीवी की मस्तियाँ
काजल के जाने के बाद मुझे फिर से अपना मोबाइल देखना ही व्यर्थ लगा,कुछ दिल में टूट सा गया था,क्या था मुझे नही पता,मेरे ही बिस्तर पर मेरी ही पत्नी इतनी सुबह मेरी गैरमौजूदगी में…..जो हुआ मुझे इससे दुख तो नही हुआ पर मेरे लिए ये किसी भी प्रकार की खुशी भी नही थी,मुझे लगा था की काजल कम से कम पटने में तो समय लेगी पर ये जानना बड़ा ही आश्चर्यजनक था की कल तक जिस रॉकी उसे पटा रहा था आज वो उसके साथ ऐसी हरकत…..
शायद वो प्यारे के साथ वो सब करती तो मुझे उतना अजीब नही लगता,
एक नवजवान से लड़का जो मुझे सर सर कह कर पुकारता है ,मादरचोद मेरी ही बीवी को मेरे ही बिस्तर पर चोद कर चला गया,वो भी सिर्फ एक दिन उसकी तारीफ करके,
माथा तो खनक गया था पर शायद काजल इतनी भी जल्दी पटने वाली लड़की नही थी,शायद वो काजल को तब से पटा रहा हो जब से मैं उसे नही जानता,ऐसे भी काजल के भैया उसके जान पहचान के थे…...ह्म्म्म हो तो सकता है ,या नही भी चलो जो भी हो मेरी बीवी ने तो अपने कारनामे दिखा ही दिए और वो मेरे ही जानने वाले दो मर्दो से चुद चुकी थी तो अब डर कहे का,साला अब कहे की शर्म हाय ,वो मस्ती करे तो मैं पीछे क्यो रहू,तो क्या उसे दुसरो से चुदते हुए देखना ही मेरी मस्ती है,..............मेरे दिमाग ने एक लहर सी उठी नही यार क्यो न मैं भी किसी को ट्राय करू.पर किसे….
मैं जिनको जानता था उनमे से कोई भी ऐसा नही था जिसे मैं ट्राय कर सकू...सभी या तो बहुत ही बदसूरत सी अधेड़ औरते थी या तो बहुत ही छोटी थी जिन्हें पटाना मेरे दिल को गवाही नही दे रहा था,तो फिर किसे मैंने अपना मीटर घुमाया,एक लड़की मेरे लायक थी,रघु की बीवी …………..
नही यार……….
हा ना यार…………
अरे नही यार इतना भी स्टैंडर मत गिरा………..
अबे मादरचोद जब तेरी बीवी एक नॉकर से चुद सकती है तो तू अपने ड्राइवर की बीवी को क्यो नही चोद सकता……….
हम्म्म्म……..
मैं मन में ही अपने से बातें करने लगा,
तो क्या मैं सच में ऐसा कर सकता हु……..
क्यो नही…….
लेकिन मैं तो काजल से प्यार करता हु ना……..
पर साले वो भी तो तुझसे प्यार करती है न पर वो भी तो …………..
पर उसकी तो मजबूरी है ना………
तो रे मादरचोद तू कौनसा तीसमारखाँ है,तेरी बीवी को दूसरे पटक पटक के चोद रहे है और तू यहां शराफत दिखा रहा है,स्टैंडर की बात कर रहा है,क्या इतनी मजबूरी काफी नही है की तू भी बाहर किसी से एन्जॉय करे ज्यादा नही, देगी तो ले लेना नही तो ऐसे भी तो तुझे भईया तो बोलती ही है,सोच साले साली के क्या बड़े बड़े मम्मे है……….सोच….
मेरी अंदर की एक शैतानी सी आवाज ने मुझे झकझोर सा दिया और जब मुझे होश आया तो मैंने अपने नीचे के भाग में गौर किया वहाँ एक बड़ा सा तंबू बना था…..मैंने अपने तंबू को मसला और मेरे मुह से अनायास ही निकल गया…
“हाय रे रेणु…….”


जब मैं ऑफिस के लिए निकाला तो मैंने रघु से बात की,
“यार रघु तुझे एक बात बोलू …”
“जी सर बोलिये ना”
जब से मैंने उसे गली दी थी तब से वो मुझसे थोड़ा डरा सा रहता था,
“यार मुझे एक कामवाली कम केयर टेकर चाहिए,क्या है काजल अब काम में जाने लगी थी और उसके लिए सभी जगह को अच्छे से मैनेज करना थोड़ा मुश्किल सा हो जा रहा है,मुझे एक भरोसेमंद औरत चाहिए जिसपर भरोसा किया जा सके और साथ ही जो कम से कम अच्छा खाना बनाये….”
रघु कुछ देर तक चुप ही रहा फिर 
“साहब वो प्यारे भी तो अच्छा खाना बना लेता है और वो तो आपके पूरे घर का काम हमेशा से पूरा ही करता आया है,...”
“हा वो तो ठीक है यार पर अब साला बुड्डा हो गया है ऐसे भी जब से काजल के हाथो का स्वाद लगा है उसके हाथ का खाना कुछ मजा नही आता है ,कोई और हो तो बता,काम तो कुछ खास होगा नही और जो बन पड़े वो पगार देख लेंगे…”
रघु को शायद ये आफर बहुत ही अच्छा लगा,ऐसे भी उसका घर मेरे बंगले से कुछ ही दूर था ,और उसकी बीवी रेणु भी वहां टहलने को आते जाते रहती थी ,काजल कभी कभी उसे काम भी बता देती ,रेणु और काजल की खूब जमती भी थी ,तो जब बिना किसी खासे मेहनत के पैसे मिल रहे हो तो कौन छोड़े…
“सर आप बोले तो मैं रेणु से बात कर लेता हु,ऐसे भी घर भी पास ही कुछ देर भी हो जाएगी तो परेशानी नही होगी और वो भी घर में बैठे बैठे बोर ही होती है,और उसके हाथ का खाना मुझे तो बहुत पसंद है और मेडम को भी …..तो आप बोलो तो ..”
मेरे चहरे पर एक सफल सी मुस्कान खिल गयी..
“यार इसमें बोलने की क्या बात है रेणु रहेगी तो मुझे और काजल को किसी भी बात की कोई भी फिकर ही नही है...कल से ही और कल क्या आज से ही उसे बोल दे कि मेरा घर जाकर खाना बना दे…”
“जी सर आफिस पहुचकर उसे काल करता हु…..”
मेरे चहरे में एक गजब की खुसी छलक रही थी ,सोचा था साला की कोई जंग जीत लूंगा,लेकिन मुझे क्या पता था की मैं तो यहां खेल ही नही रहा हु जितने की बात ही दूर है………
-  - 
Reply
12-21-2018, 10:44 PM,
#17
RE: Porn Sex Kahani रंगीली बीवी की मस्तियाँ
ऑफिस जाने पर मुझे पता चला की अगले सप्ताह मुख्यमंत्री जी का दौर होने वाला है ,मतलब साफ था की एक सप्ताह तक गधो की तरह काम करना पड़ेगा,सुबह से ही अधिकारियों के काल आना शुरू हो गया था ,सभी को सभी फ़ाइल कंप्लीट चहहिये थी जो साले कभी काम करते ही नही अचानक किसी नेता या मंत्री के आने से ऐसे कर्तव्यनिष्ट हो जाते है जैसे पूरे देश में काम करने वाले बस यही लोग है….
दिन भर की भागा दौड़ी नई कुछ और सोचने का समय ही नही दिया,आखिरकार जब घर आया तो मानसिक रूप से बहुत थक चुका था,वापस आने पर सीधे सोफे में जा गिरा ,तभी एक कोमल सी आवाज मेरे कानो में आयी ,
“भइया चाय ले आउ”
मैंने चौककर उसे देखा ,सावले रंग की मांसल देह की रेणु बड़ी ही शालीनता से खड़ी थी ,उसने के एक सस्ती सी साड़ी पहने हुए थी पर उसके भराव उस साड़ी का मूल्य बड़ा रहे थे…
“तुम आज से ही काम में लग गयी “
“हा भईया वो दोपहर में ही कह गए थे “
“अच्छा ठीक ही चाय बना लाओ,और प्यारे कहा है “
“काका की तबियत कुछ खराब है,वो सुबह से ही सोए है “
“अरे उसे क्या हो गया,चलो मैं देखता हु तुम वही उसके कमरे में चाय पहुचा देना,उसके लिए भी ले आना “
“जी भैया”
मैं ऐसे तो बहुत ही थक गया था ,पर रेणु के मधुर आवाज ने मुझे एक ताजगी दे दी और साथ ही मेरे मन के सभी ख्वाब फिर से मेरे मन में तैरने लगे…..
वो पलटी और किचन की तरफ जाने लगी और मैं उसकी लचकती हुई कमर को देखने लगा...उसके पिछवाड़े का मांस ऐसे हिल रहा था की मेरी सांसे ही रुक गयी थी ,ऐसे तो मैंने कई बार उसे देखा था पर आज कुछ अलग ही था,पहले से मेरा मन उसको लेकर वासना के हिलोरे मार रहा था ,यही करना था की उसे देखते ही मेरी थकान भी मिट गयी साथ ही मेरे लिंग ने एक झटका मारा…….
लेकिन ये क्या मैं जहा उसके नितंबो में अपनी आंखे गड़ा रखी थी वो पलट गयी और उसकी आंखे मेरे आंखों का पीछा करने लगी,जैसे ही मुझे आभास हुआ की वो मुझे रंगे हाथो पकड़ चुकी है मैं थोड़ा से सकपकाया पर उससे नजर मिलते ही मैं हैरान था,वो मुस्कुरा रही थी उसके चहरे पर एक शरारती सी मुस्कान खिल गयी थी ,मैं शर्म से अपनी नजर नीची किये उठ खड़ा हुआ,
“मैं प्यारे के कमरे में जा रहा हु “
“जी भैया जी”
इस बार रेणु के आवाज में शालीनता नही बल्कि शरारत थी …………………………….
पर अपने कमरे में सोया था वो सच में बीमार दिख रहा था,
“क्यो काका क्या हुआ “
वो मुझे देख कर उठकर बैठ गया ,तभी रघु भी वहां आ गया और साथ ही मेरा माली रवि भी था,सभी मुझे देख दरवाजे में ठिठके,और धीरे से अंदर आये ,
“कुछ नही साहब बस थोड़ी सी तबियत ठीक नही है “
हा साले मेरी बीवी को चोदता था तब तो बहुत ही मस्त था तू अब दे नही रही तो तेरी तबियत ही बिगड़ गयी ...मै मन में सोचा …
सभीआकर वही बैठ गए ,मैं रघु की ओर देखते हुए कहा 
“जा के रेणु को कह देना की चाय 2 नही 4 कप कर दे,वो उठकर वहां से चला गया …
हम इधर उधर की बातें करते रहे तबी काजल और रॉकी भी वहां आ गए उन्होंने भी प्यारे की तबियत का हाल जाना और वहां से निकल गए ,...............
अब मैं मेरे सोफे पर काजल के साथ बैठा था साथ ही दूसरे सोफे में रॉकी बैठा था...रेणु उनके लिए चाय बना रही थी ,
“आपने अच्छा किया की रेणु को यहां काम करने के लिए बुला लिया ,और मुझे आपसे एक बात करनी है…”
“हा बोलो ना”
काजल आज बहुत खुस दिख रही थी,
“आप जानते है हमारे होटल का काम अब लगभग पूरा होने को है ,पर भैया ने मुख्यमंत्री से बात कर उन्हें मना लिया है हमारे होटल का उद्घटान करने के लिए ,वो भी अगले ही सप्ताह ….”
मेरी आंखे चौड़ी हो गयी ,
“यार इतनी जल्दी तुम लोग कैसे सब कर पाओगे ,मतलब अभी भी तो बहुत सा काम बचा होगा ना,”
“हाँ बचा तो है पर क्या करे ,,उनके हाथो अगर उद्घाटन हो तो होटल का नाम भी हो जाएगा ,और उनका दौर भी तो है न अगले सप्ताह में ,उसी समय टाइम निकल कर ये काम भी कर देंगे फिर आ पाना मुश्किल होगा,...”
“आप फिकर मत कीजिये सर मैं और काजल पूरी मेहनत से पूरा काम टाइम में खत्म कर देंगे…”इसबार रॉकी ने पूरे जोश में कहा,
‘हा साले तेरी और काजल की मेहनत तो मैं दिन में ही देख चुका हु’मेरे मन ने कहा,वो वही लड़का था जो आज सुबह मेरी प्यारी बीबी को मेरे ही बिस्तर में चोद रहा था,और साले दोनो मेरे सामने तो ऐसे बैठे है जैसे इनसे शरीफ दुनिया में कोई भी ना हो .
मैने बस हा में अपना सर हिलाया…
“यार तुम्हारे मुख्यमंत्री जी के कारण तो अब मुझे भी दिन रात काम करना पड़ेगा,ऊपर से काम का बहुत प्रेसर आ रहा है ,”
मैंने अपना चहरा उतरते हुए कहा,काजल मेरी बांहो में आ गयी और मेरे कंधो पर अपना सर लगा कर लेट गई ,मैंने रॉकी को देखा वो जरूर जल रहा होगा,मै भी मन में कहा देख साले ये मेरी ही बीवी है….काजल ने अपना चहरा मेरे कंधे पर रगड़ा,
“हा जान कोई बात नही जल्दी के ये दिन निकल जाय फिर हम एक लंबी सी छुट्टी लेकर कही घूमने चले जायँगे….”
ऐसे मुझे उसका आयडिया पसंद आया पर मैं यही सोच रहा था की ये 10 दिन कैसे बिताने वाले है……….

रात ने फिर से दस्तक दी और मन का भवरा झूमने को हुआ,रात काम की बात करते करते मैं और काजल एक दूजे के बांहो में समाए हुए थे,धीरे धीरे से प्यार परवाने चढ़ने लगा और दिल मचलनने लगा,
हम दोनो थके होने के कारण बहुत दिनों से ठीक से प्यार में नही उत्तर पा रहे थे,आज मेरा मन बहुत जोर का था और शायद काजल भी गरमाई हुई थी जैसे ही दोनो के होठ मिले हम एक दूजे की बांहो में पिघलते गए,और एक दूसरे में मिलते गए……….
मेरी नींद टूटी तो काजल वहां नही थी बाहर देखा तो प्यारे के कमरे की रोशनी जल रही थी मतलब आज काजल प्यारे से प्यार करने गयी थी ,मैं चुपके से वहां गया और खिड़की से झांकने की नाकाम सी कोसिस की लेकिन खिड़की अंदर इस बन्द थी जैसा मुझे लग ही था की मुझे बस आवाज सुनकर ही अपना काम चलना पड़ेगा…..मैं धयन से सुनने लगा,हल्की से हँसी की आवाजे आई,ये आवाज मैं पहचानता था,ये हँसी मेरी प्यारी काजल का था,जिसका प्यार चहरा देखकर मैं सोया था जिसे मैं अपने जान से ज्यादा प्यार करता था उसी काजल का……..
मैं फिर से सुनने लगा,की आवाजे साफ आनी शूरू हुई..
“बस कुछ ही दिन तो हुए है और आप ने अपनी तबियत बिगड़ ली”
“अरे बाहुरानी तबियत क्या है सुधार जाएगी पर आप मुझसे यू रूठी है की दिल ही नही लगता किसी काम पे,और आप मुझे यू मना क्यो कर रही है,मुझसे क्या गलती हुई वो भी आप नही बताती ,बोलिये तो सही …”
काजल की एक हँसी फिर से गुंजी,
“अरे काका आपसे मैं क्यो नाराज होने लगी भला पर एक बात याद रखना की मैं आपके गुलाम नही हु,मैं अपने मर्जी की मालकिन हु,इसलिये मुझसे ये उम्मीद मत रखना की मैं आपके कहने पर यहां आऊंगी,जब मुझे दिल करेगा तो मैं यहां आऊंगी…..अब मेरा हाथ छोड़ो मुझे जाना है “
“बाहुरानी आज तो कम सेकम कुछ,चलो बस किस ही देदो ..”
“नही का मतलब नही होता है ,और मैंने कहा न की मैं अपने मर्जी की मालकिन हु..चलो छोड़ो अब मेरा हाथ…”
काजल जब बोल रही थो तो उसकी आवाज में एक आज्ञा थी एक दृढ़ता,मैं उसे हमेशा से ही एक कोमल सी लड़की के रूप में देखा था मुझे नही पता था की उसमे इतनी दृढ़ता भी होगी…..
“साली तू मुझे समझती क्या है की मैं तेरे हाथो का खिलौना हु,जब मन चाहे चुदवा लिया अब हाथ भी लगाने नही दे रही ,तेरी तो पूरी करतूत तेरे पति के सामने खोलूंगा साली रंडी...आज भी तू कैसे उस लड़के से चुदवा रही थी सब बताऊंगा तेरे पति को “
मैं सकते में आ गया था लेकिन तभी एक जोर का आवाज मेरे कानो में आया ,वो आवाज एक तेज झापड़ की थी शायद वो प्यारे के गालो में पड़ी थी ,
“मादरचोद बुड्ढे अपनी औकात में रह समझ गया,तू अपना मुह तो खोल फिर तुझे बताती हु ,साले तुझे कहा गायब करवा दूंगी तुझे भी नही पता लगेगा...मेरे पति तेरी बातो का कभी भी भरोषा नही करेंगे,और तूने मुझे रंडी कहा साले तेरी औकात क्या है ,हा मैं रंडी तो हु………...हा हा हा (काजल की जोरो की हँसी से सारा वातावरण गूंज गया)लेकिन तेरी नही ,समझा अपनी अकड़ को अपने पास रख मादरचोद साले,तेरे जैसे कितनो को मैंने निपटा दिया है ,याद रख की मैं मार्सल आर्ट और कराटे में 3रड डिग्री ब्लैक बैल्ट हु,तेरे जैसे तो मुझे छू भी नही सकते तूने मुझे छुआ वो तेरी मर्दानगी नही थी वो मेरी कृपा थी तुझपर,तुझे क्या लगा था की तेरी मर्दानगी की मैं गुलाम बन जाऊंगी अबे चूतिये तेरे जैसे कितनो को मैंने अपनी जांघो के बीच खिलाया है ,तेरी हैसियत क्या रे बुड्ढे…...तू है कौन जो मुझपर अपना अधिकार जाता रहा है…….”
कमरे में एक खामोसी सी छा गयी थी वही मेरे दिल में एक जोर का झटका लगा ,अपनी भोली भाली सी बीवी के बारे में तो मैं ये सोच भी नही सकता था की वो इतनी खतरनाक हो जाएगी ,उसे कोई भी डर नही था की वो उसे बदनाम कर देगा उल्टे वो उसे ऐसे डरा रही थी जैसे वो कोई डॉन हो,...जैसे उसके लिए ये कोई भी नई बात ना हो और ये क्या कहा उसने की वो उसके जैसे कितनो को अपने जांघो के बीच में खिला चुकी थी इसका क्या मतलब था….उसके अतीत के बारे में तो मुझे भी पता चला था पर ये नई बात थी की वो एक ब्लैकबेल्ट भी है वो भी 3rd डिग्री ,मतलब जो मुझे पता था की इसके साथ किसी ने जबर्दति की थी उसकी कितनी सच्चाई थी ये संदेहास्पद था,शायद उसने अपनी मर्जी से ही वो सब होने दिया ,और उसके बाद जो हुआ था वो सब …………..
आखिरकार क्या चीज है ये काजल मुझे तो कुछ भी समझ नही आ रहा था ,मै तो सीधे से यही सोच रहा था की मैं भी उसे चुदते देखकर मजे लूंगा,पर यहां तो बात ही अजीब हो रही थी ,मजे छोड़ो मुझे अब टेंशन होने लगी थी की वो किसी मुसीबत में ना फस जाय ………
हा यही चिंता मुझे सताए जा रही थी की काजल को किसी भी तरह की परेशानी ना हो शायद इसी को प्यार कहते है की कोई आपके लिए कुछ भी करे आप उसका हमेशा ही भला सोचते हो……………
एक भयानक सी खामोशी आखिर काजल के खिलखिलाने की आवाज से ही टूटी,
“क्या हुआ काका जी सांप सूंघ गया क्या….खैर छोड़ो जितना मिलता है उतने में खुश रहो और ज्यादा की सिर्फ फरियाद कर सकते हो हुक्म नही देना समझे तुम्हे फिर से माफ करती हु ...ठीक है अब आराम करो और याद रखना मैं रेणु नही हु जो तुम्हारी सभी बातो में हा में हा मिलाऊँ और तुम्हारे इशारों पर चलु,समझ गए अगर दिमाग खराब किया फिर से तो तुझे तेरी औकात दिखा दूंगी………..”
रेणु नही हु मतलब,......रेणु भी प्यारे से …...साला प्यारे…
“मैं जा रही हु अपनी ताबियत का ख्याल रखो ,बाई काका जी “काजल ने प्यार से उसे चिढ़ाते हुए कहा ,
मैं जल्दी से वहां से भागकर अपने बाथरूम में घुस गया,दौड़ाने की वजह से मेरी सांसे थोड़ी तेज थी इसलिए मैं बाथरूम में चला गया,काजल रूम में आयी और बेड में बैठी थी मैं फ़्लश चला कर अपनी सांसे सम्हालने लगा नार्मल हुआ तो बाहर आया…
“तुम कहा चले गयी थी “
काजल ने मुझे इतने प्यार से देखा की मुझे यकीन नही हो रहा था की ये वही लड़की है जिसे मैंने वो सब कहते हुए सुना था...वही मासूमियत अब भी उसके चहरे पर थी उसे देखते ही मुझसे रहा नही गया और उसके जवाब का इंतजार किये बिना ही मैं उसके होठो को अपने होठो में लेकर चूसने लगा…
जब हम अलग हुए तो हमारी नजरे मिली और वो फिर से कुछ बोलने को अपने होठ खोले तो मैं फिर से उसके होठो को अपने होठो में भर लिया...मैं उसे इतना चूमता गया की जैसे मैं उसे छोडूंगा ही नही धीरे धीरे हमने अपनी उत्तेजता तो कम किया लेकिन हमारे होठ ना जाने कबतक ऐसे ही एक दूजे से मिले रहे और साथ ही लिपट कर हम अपनी आंखे बंद कर ली…..
-  - 
Reply
12-21-2018, 10:44 PM,
#18
RE: Porn Sex Kahani रंगीली बीवी की मस्तियाँ
10 दिन मेरे लिये बड़े ही भारी होने वाले थे,सभी अफसरों का बहुत ही प्रेसर था वही काजल को भी एक बड़ा प्रेशर था काम को पूरा करने का,पहला दिन तो ऐसे गुजर गया की पता ही नही चला,हम दोनो ही थककर आये और बिना ही कुछ ज्यादा बात किये ही सो गए,रेणु को भी घूरने का मन नही कर रहा था ,अब समझ आया साला काम किसे कहते है की आपको टाइम ही ना मील जिस काम को लेकर आप हमेशा तैयार रहते है उसे करने की इच्छा भी नही करती उसे ही काम का बोझ कहते है,
मैं अपने काम के बोझ में दबा जा रहा था साला सपने में भी काम ही सूझता था,दूसरे दिन मैंने फैसला किया की अब थोड़ी जॉगिंग योगा मेडिटेशन किया करूँगा ताकि दिन भर फ्रेश रहू साथ ही मन भी शांत रहे,मैं काजल को भी जल्दी से जगा कर उसे अपने साथ गार्डन ले गया,वो भी इस बात से बहुत खुश हुई काम तो रेणु और प्यारे मिलकर कर देंगे और अब उसे खाना बनाने की भी फिक्र नही थी इसलिए वो भी सुबह का समय तो अपने हेल्थ और मन की शांति के लिए दे ही सकती थी ,वो अपने टाइट टी शर्ट और लोवर के साथ दौड़ने निकली मुझे नही पता था की उसके पास ऐसा कपड़े भी है क्योकि मैंने उसे इस कपड़े में कभी देखा ही नही था,वो मेरी आंखों को देखकर शायद समझ गयी…
“अरे वो ये मैंने जिम के लिये लिया है “
मेरी आंखे और भी बड़ी हो गयी ये कब से जिम जाने लगी वो फिर से कहा ,
“वो होटल के जिम का काम पूरा हो गया थी ना और रॉकी तो रोज ही वर्कआउट करता है इसलिए मैं भी ये कपड़े ले ली हु,वहां अगर थोड़ा टाइम मील तो एक्सरसाइज भी कर लेती हु,और ऐसे भी हम जिम को शुरू कर दिए है,और लड़कियों को सीखने के लिए मुझे भी तो कुछ आना चहिये ना,
“ओह तो तुम लेडिस ट्रेनर बनने वाली हो ,”
“हा क्यो नही ,ऐसे भी मैं मार्शल आर्ट और कराटे में ब्लैकबेल्ट} हु…”
मैंने थोड़ा आश्चर्य जताते हुए कहा
“अच्छा मुझे तो तुमने बताया ही नही”
वो थोड़ी सी शर्मा गयी क्यो पता नही ,और मेरे पास आकर मेरे सीने पर अपना हाथ रख दिया ,
“सॉरी जान वो कभी बात ही नही निकली ,,ऐसे आपसे कुछ भी तो नही छुपा है पर कुछ चीजे बताना भूल जाती हु ,
वाह से मेरी बीवी ना जाने क्या क्या बताना भूल गयी ही ये...जिसका मुझे पता ना जाने कब चलेगा और जब चलेगा तो पता नही मेरे साथ क्या होगा….
हम दोनो घर से निकल कर गार्डन की ओर चल पड़े आज मुझे पता चला की अगर सुंदर लड़की कसे हुए कपड़े पहन ले तो क्या होता है साले सभी हमे ही देख रहे थे और हमे कहना गलत है क्योकि वो सिर्फ काजल को ही देख रहे थे…….
मैंने भी धयन दिया तो मैं भी थोड़ा चौक गया क्योकि वो देखने के लायक ही था ,उसके स्तन ऐसे भी बहुत ही बड़े और कसे हुए थे वो पूरे अपने सुरूर में किसी चोटी की तरह से दिखाई पड़ रहे थे ,लेकिन मुख्य आकर्षण तो उसके लेगीस थे जो इतना टाइट और काजल के पिछवाड़े इतने गजब के थे की मुझे भी एक बार लगा की साला छोड़ो वाक को और घुस जाओ फिर से बिस्तर में ,वो उसके पिछवाड़े के दोनो फेंको को साफ साफ अलग कर रहे थे थोड़ी देर में ही उसने मुझे भी उसे देखता पाया और खुद ही शर्मा गयी ,
“चलो घर चलते है …….”
“अरे क्या हुआ ,”
“अरे नही प्लीज् “
“बताओ तो सही की क्या हुआ है “
“नही सभी मुझे ऐसे देख रहे है तो आपको बुरा लगेगा और ये बहुत ही टाइट है ,मैं इसे चेंज कर लेती हु “
मेरे चहरे पर एक मुस्कुराहट आ गई ,भगवान सभी को इतनी समझदार बीवी दे ,........बस वो आपकी ही रहे किसी और की नही मेरी बीवी में हर वो चीज थी जो एक मर्द चाहता है,पर बस एक चीज ऐसी थी जो शायद की कोई मर्द चाहे ,जी जा अपनी पत्नी का किसी दूसरे मर्द से जिस्मानी संबंध……
“अरे जान अगर तुम ऐसा शर्माओगी की तो जिम में कैसे करोगी,वहां भी तो लड़के आते होंगे ना “
तब तक वो घर की ओर मुड़ चुकी थी ,
“अरे वहां की बात अलग है पर यहां आपके सामने ये सब नही होगा कम से कम मुझे एक स्पोर्ट जैकेट पहनने दीजिये “
मेरे सामने नही होगा मतलब मेरे पीछे सब होगा ,वहां रे मेरी काजल …….
“आप बुरा मत मानना पर आपके सामने मुझे कोई घूरे ये मुझे अच्छा नही लगता,और आप ना हो तो मुझे कोई भी फर्क नही पड़ता की कौन क्या कर रहा है………”
क्या कर रहा है??????
मैं बस शक ही कर सकता था अभी तक मैंने देखा तो नही था की वो क्या करती है और जो देखा था वो बहुत ही कम था,
वो अंदर से जल्दी से जैकेट पहन कर आ गयी और हम फिर से गार्डन की तरफ जाने लगे ,इसबार हम दौड़ने लगे जैकेट के कारण काजल का मादक अंग नही दिख पा रहा था पर वो कपड़े वही पहने थी ,जब हम गार्डन पहुचे तबतक दोनो ही पसीने से भीग चुके थे पर मुझे आज पता चला की उसके अंदर कितनी ज्यादा स्टेमना है ,जहा मेरी सांसे फूली हुई थी वही उसे देखकर ऐसे लग रहा था जैसे उसने अभी कुछ किया ही नही हो.
हम कुछ एक्सरसाइज करने लगी और देखते ही देखते वहां लोग इकट्ठा होने लगे ,कारण था काजल के द्वारा किये जाने वाला एक्सरसाइज वो योगा और अलग अलग तरीके के कठिन कठिन *स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज़ को ऐसे कर रही थी जैसे की वो उनमे *एक्सपर्ट हो ,और उसे ऐसी कलाबाजियां करते देख थोड़ी ही देर में क्या बूढ़े क्या जवान और क्या बच्चे ,,,क्या महिलाएं और क्या पुरुष सभी बस खड़े होकर देखने लगे ,,,,

बाकियों का तो नही पता पर कुछ नवजवान से लड़के बस उसके जिस्म की कसावट को देख रहे थे उनकी आंखे ऐसे चौड़ी हो रही थी जैसे कोई अजूबा सा देख लिया हो ……….

काजल के मूव भी थे बहुत ही सेक्सी कोई भी सामान्य सा हवसी आदमी अगर उसे देखकर हवस का शिकार हो जाय तो कोई भी बड़ी बात नही थी,जैसे ही वो एक मूव पूरा करती वहां खड़े बच्चे और बुड्ढे तालिया बजाते और काजल उन्हें देखकर मुस्कुराती लगभग आधे घंटे तक यही चाहता रहा ,जब काजल ने ये सब खत्म किया तो वहां के कुछ लोग उससे मिलने आये ….जिनमे कुछ बुजुर्गों का ग्रुप था ,जिनमे महिला और पुरुष सभी थे ,साथ ही कुछ नवजवान और बच्चे अभी भी उसे घुरते हुए खड़े थे ,

“बेटा आप योग टीचर हो ‘

एक महिला ने कहा 

“नही आंटी जी *बस कुछ सीखा हुआ है ,और कोर्स किया था मैंने तो….”

“वाह क्या कमाल का शरीर है बेटा तुम्हारा “

इसबार एक बुजुर्ग अंकल ने कहा लेकिन उनका मतलब गलत बिल्कुल भी नही था बस वो उससे प्रभावित थे और उनकी आंखों में मुझे कोई भी हवस नही दिखी…

“थैंक्स अंकल “

“बेटा हम कुछ कहे तो बुरा तो नही मानोगे “

अंकल ने फिर से कहा 

“हा हा बोलिये ना “

“बेटा मै हमारे शहर के सीनियर सिटीजन सोसायटी का प्रेजिडेंट हु ,यहां पर बहुत से सरकारी अधिकारी रिटायर के बाद बस गए है,ये जगह है ही बहुत ही सुहानी सी ,हमने ये क्लब बनाया है ,हम सोच रहे थे की हम एक योग टीचर हायर करे जो हमे योगा सिखाए क्यो ना आप ही ये काम कर दे “

काजल ने मुझे देखा मैंने अपने कंधे उचकाए और उसे ही फैसला करने को कहा,जिससे वहां खड़े हुए सभी लोगो को शायद पता चल गया था की मैं उसका पति हु ,

अंकल मेरी तरफ रुख करते हुए कहा 

“बेटा आप ही कुछ कहो ..”

“अंकल मैं क्या कहु ऐसे ये भी काम करती है और शायद ही वक़्त निकल पाए “मैंने काजल की ओर देखते हुए कहा.

“अच्छा कहा काम करती हो बेटा “

“अंकल वो हमारा खुद का एक होटल है जो कुछ ही दिनों में शुरू हो जाएगा ,”

“कौन सा होटल “

काजल ने नाम बताया 

“अरे वहां तो रॉकी भी काम करता है ना आप जानते हो रॉकी को *वो मेरे ही घर के बाजू में रहता है …….”

रॉकी के घर के बाजू में यानी ये मिश्रा साहब ही रिटायर्ड IAS ऑफिसर ,मैंने उन्हें ऊपर से नीचे तक देखा बहुत कुछ सुन रखा था इनके बारे में ये कभी हमारे राज्य के चीफ सेक्रेटरी हुआ करते थे.मुख्यमंत्री के सबसे खास ऑफिसर कुछ सालो *पहले ही रिटायर हुए थे और इन्हें ये जगह बहुत ही पसंद थी शायद ये कोलाहल से दूर ही रहना चाहते थे इसलिए यहां जमीन खरीदकर बस गए ,

“सर आप मिश्रा जी है ,सर आपके बारे में बहुत सुना है आपसे मिलना मेरे सौभाग्य की बात है “मैंने अपना हाथ बढ़ाया

“अच्छा तो आप भी सरकारी ऑफिसर है “

“जी सर मैं *** पोस्ट पर काम करता हु “

उनके सामने ऐसे तो मेरी औकात कुछ भी नही थी पर फिर भी वो मुझसे मुस्कुराते हुए हाथ मिलाया 

“यार तुम भी सरकारी आदमी हो ,और रॉकी के साथ आप (काजल )काम भी कर रही है तो फिर तय रहा की आप हमे कल से योग सिखाएंगी ,और आप चाहे तो हम इसके लिए आपको पे भी करेंगे”

“नही नही अंकल ऐसा नही है ,मुझे इस काम के लिए पैसे नही चाहिये पर अभी होटल का काम जोरो पर है और 10 दिनों में ही मुख्यमंत्री जी के उसका उद्धाटन करवाना है ,मैं और रॉकी उसी काम में लगे हुए है तो अभी तो संभव नही है पर ये काम हो जाय तो मैं आपलोगो को *एक दो घंटे तो दे ही सकती हु ,बस मेरी एक शर्त है ,”

“हा हा बोलो “

“मैं यहाँ गॉर्डन मेंआने वाले सभी लोगो को सिखाऊंगी,जो भी आ जाय उसे फ्री में ही सिखाऊंगी और साथ ही इसके लिए आप मुझे कोई भी फीस नही देंगे और रॉकी भी मेरे साथ सिखाएगा …….”

सभी के चहरे पर खुशी नाच गयी खासकर उन नवजवानों के चहरे पर जो दूर खड़े उनकी बाते सुन रहे थे 

“बिल्कुल ठीक है बेटा पर ,उस नालायक रॉकी को कुछ आता भी है “

“अंकल हमारे होटल में एक हेल्थ सेंटर शुरू हो चुका है,जो रॉकी ही देखता ही और होटल के उद्घाटन के बाद से ही ये महिलाओं के लिए भी खुल जायेगा “

“वाह बहुत अच्छा बेटा ये हमारे इलाके में अपने तरह का पहला हेल्थ सेंटर होगा जिससे *महिलाओं को भी फायदा होगा,मैं खुद मुख्यमंत्री के साथ वहां मौजूद रहूंगा,”

सभी खुस होकर वापस आये मैं रास्ते भर काजल को मिश्रा के किस्से बता रहा था की वो कितना खतरनाक हुआ करता था और कैसे उससे सबकी फटती थी ,,,,,,,,,

जब हम घर पहुचे तो वहां रॉकी पहले से मौजूद था,आजकल वो जल्दी आने लगा था,काजल ने जाते ही उसे अपने गले से लगाया जैसे की वो उसका कोई बहुत ही अच्छा दोस्त है ,और रॉकी ने मुझसे बड़े ही तमीज से हाथ मिलाया जैसा की वो हमेशा ही करता था…..पास ही खड़ा प्यारे जो अभी अभी रॉकी के लिए चाय लेकर आया था रॉकी और काजल एक प्रेम पर ऐसे जल रहा था जैसे की वो ही उसका पति हो …….
साला रॉकी भी इसी उम्मीद में वहां जल्दी आ गया होगा की उसे उस दिन जैसे आज भी कुछ मिल जाय ………
रेणु ने खाना लगभग बना ही दिया था काजल जल्दी जल्दी तैयार होकर वहां आयी और जल्दी से खाना खाकर वहां से निकल गयी..आज काजल ने एक ब्लैक टॉप और ब्लू जीन्स पहने हुई थी ,उसके सभी सेप बड़े ही खूबसूरत लग रहे थे,मेरी काजल साड़ी से सलवार और अब जीन्स तक आ चुकी थी ,कोई भी बड़ी बात नही की कुछ दिनों में वो स्कर्ट वगेरह भी पहनने शुरू कर दे,वो अपने साथ एक बेग भी ले जाती थी पता नही उसमे क्या था,शायद उसे भी चेक करू कभी….काजल के उभरे हुए कर्व को देखकर मैं भी मोहित हो गया ,काजल बाहर को चले गयी थी और रॉकी के साथ उसके बाइक में उसकी कमर को पकड़े बैठी थी जब मैंने उसे आवाज दी…
“काजल जरा सुनो जल्दी आओ कुछ काम है ….”
-  - 
Reply
12-21-2018, 10:44 PM,
#19
RE: Porn Sex Kahani रंगीली बीवी की मस्तियाँ
काजल हैरानी से जल्दी से उतर कर मेरे पास आयी पर मैं तब तक अपने कमरे में जा चुका था,उसने मुझे देखा मैं थोड़ा सीरियस सा फेस बना कर बिस्तर में बैठा था ,मैंने उसे इशारे से दरवाजा बंद करने को कहा ,काजल जरूर ये समझ चुकी थी की कुछ तो गड़बड़ है शायद उसे ये लग रहा था की उसका ये मुझे बिना बताये जीन्स पहनना मुझे पसंद नही आया होगा या और कुछ ,ऐसे भी उसका जीन्स बहुत ही कामुक लग रहा था,पिछवाड़े का पूरा प्रदर्शन और साथ ही उसके कैसे हुए स्तनों की चोटी ऐसे भी उसके स्तन बहुत ही बड़े और आकर्षक थे…
काजल इस अहसास से अपनी नजर झुककर मेरे सामने खड़ी हो गयी …...मैं कुछ बोलता उससे पहले ही बोलने लगी…
“जान मुझे माफ कर सो मैंने आपसे बिना पूछे ही ये कपड़े पहन लिए मैं इसे अभी चेंज करती हु..”
मेरे होठो में एक मुस्कान फैल गयी और मैने उसका हाथ पकड़कर उसे अपने साथ बिस्तर में गिरा दिया….
“गलती तो की है जान लेकिन इसे पहनकर नही ऐसे मुझे बिना ही कुछ दिए जा कर ….कसम से कयामत लग रही हो और ऐसे कपड़े भी पहना करो यार ,मुझे पता होता की मेरी जान इतनी कयामत लगती है तो कब का मैं तुम्हारे लिए ले आता …..अब मुझे थोड़ा प्यार दे दो तुम्हे ऐसे देखकर तड़फ गया हु ….”
मैं काजल के ऊपर कूद गया और उसके होठो को पूरे ताकत से चूसने लगा,उसके होठो में लगी हलके लिपिस्टिक की लाली फैल गयी और वो भी मेरे उतावलेपन पर हसने लगी,थोड़ी देर में उसने अपना हाथ मेरे सर पर कसकर पकड़ा और मुझे जोरो से किश करने लगी,कितनी अच्छी बीवी मिली है मुझे जिसके दो आशिक उसका बाहर वैट कर रहे है और वो पूरे इत्मीनान से मुझे प्यार दे रही है …..
काजल की ये बात मुझे सबसे अच्छी लगती थी की वो हमेशा ही रेडी रहती थी ,मेरे हाथ भी अब खेलने लगे थे और उसके नितंबो से लेकर उसकी जांघो को सहलाने लगे थे ,मेरा लिंग भी अब पूरी तरह से तन चुका था ,पर मुझे भी पता था की हम ज्यादा देर तक ये लीला नही कर सकते और जल्दबाजी मुझे भी पसंद नही है….
आखिर मैंने ही उसे छोड़ा..
“जान मन है तो कर लीजिये ना ,.........जल्दी से “
काजल ने बड़े ही प्यार से कहा की मेरा दिल ही बाग बाग हो गया,क्या बीवी है मेरी यार………….
सबकुछ करने को तैयार बस मेरी खुशी के लिए बस वो एक चीज ही इसके बेतहाशा अच्छाई को कम कर देती थी ,जो शायद वो मुझसे हमेशा ही छुपाना चाहती थी और भी यही चाहता था की उसे ये कभी भी ना पता चले,मैं उसे इसीतरह प्यार करना चाहता था ,और प्यार पाना चाहता था ,मैं सोचता था की काश मैं उस रात उठा ही ना होता ,और मुझे पता ही ना होता की मेरी प्यारी सी काजल मेरे पीछे क्या करती है.,.....
लेकिन जो हो चुका है वो तो हो ही चुका है,मैंने अपने पूरे अस्तित्व में फैले हुए प्यार को इकठ्ठा किया और उसके होठो में एक हल्की सी चुम्मन दे दी,वो चुम्मन इतना प्यार भरा था की उसका आभास शायद काजल के मन की गहराइयों तक पहुच गया उसका सबूत था उसकी आंखों में आया हुआ वो आंसू...वो मुझसे लिपट गई ,
“जान मैं तुमसे कभी भी सेक्स नही करना चाहता मैं तुमसे बस प्यार करना चाहता हु ……..इसलिए कोई भी जल्दबाजी नही तुम आराम से आओ फिर पूरी रात तो मेरी और मेरे जान की है…….
काजल ने फिर से मेरी आंखों में देखा और मेरे होठो को अपने होठो में भर लिया ,उसके आंखों में अब भी वो आंसू तैर रहा था……………………………………
-  - 
Reply
12-21-2018, 10:44 PM,
#20
RE: Porn Sex Kahani रंगीली बीवी की मस्तियाँ
काजल के जाने के बाद मैं भी तैयार होकर खाने के टेबल पर पहुचा,आज मन बहुत ही प्रशन्न था,इसलिए आज मैं रेणु से भी मजाक कर रहा था ,काजल के जाने के बाद प्यारे भी जा चुका था और मुझे भी पता था की रेणु प्यारे की भी माल है,जैसा मैंने कल सुन रखा था,तो मेरे लिए बहुत ही आसान था की मैं रेणु से फ्लर्ट करू,मैंने जिन जिन को शरीफ लडकिया समझा था वो सभी बहुत ही चालू निकल गए साला किश्मत ही हो गांडू तो क्या करेगा अनडू…
रेणु भी मुझे खुलकर भाव दे रही थी या ये कहो की किलो के भाव में भाव दे रही थी,मैंने थोड़ी हिम्मत की और उसके बाजू में जाकर खड़ा हो गया,वो अभी बर्तन धो रही थी और मुझे भी ऑफिस के लिए देर हो रही थी ,यहां तक की रघु भी बाहर खड़ा मेरा वेट कर रहा था...ये बात रेणु को भी पता चल चुकी थी इसलिए उसे लगा की मैं घर से निकल कर चला जाऊंगा ,पर मैं उसके पास खड़ा हो गया और उसे निहारने लगा,पसीने से भीगी और एक झीनी सी साड़ी में लिपिटी वो गूदेदार महिला ,जिसके स्तनों की झलक मुझे उसके ब्लाउज़ से दिख रहे थे और उसकी थोड़ी मोटी सी कमर और उसके कमर के पीछे का वो उभार साफ बता रहा था की वो बहुत ही खेली खाई है,मैं धीरे से उसके नितंबो पर अपने कमर को सटा दिया मेरा लिंग अपनी पूरी अकड़ में अकड़ा हुआ था,और उसे भी इसका आभास हो गया होगा,वो बिल्कुल मूर्ति की तरह जड़ हो गयी उसे तो इसका भान भी नही रहा होगा की मैं ऐसा कुछ करने वाला हु,वो भी इस वक़्त जबकि उसका खुदका पति बाहर खड़ा है और मेरा इंतजार कर रहा है,वो अपना मुह खोले वैसे ही खड़ी रही मैंने हल्के से मुस्कुराते हुए,अपनी कमर को हल्के से पीछे किया और एक जोरदार धक्का उसके पिछवाड़े में मार दिया,
“आउच ...साहब जी “
उसकी काँपती हुई आवाज मेरे कानो में पड़ी और मेरी हँसी निकल गई …...मैं पीछे हुआ और उसकी मसल नितंबो को अपने हाथो में भर कर मसल दिया …
“बहुत मलाईदार है तेरे,इन्हें तो रगड़कर खाने का मन कर रहा है…..खैर अभी तो देर हो रही है पर कसम से आज नही तो कल इसे खाऊंगा जरूर ….”
मैं इतना बोलकर वहां से चला गया ,बाहर रघु बड़े ही बेचैनी से मेरा इंतजार कर रहा था,मैं वहां से ऑफिस को निकल गया पर रेणु वही स्तब्ध खड़ी थी वो कभी सोची भी नही होगी की मेरे जैसा आदमी ऐसा करेगा,इतना सीधा और सरीफ शायद उसके मन में कोई बात आयी और उसके होठो में एक मुस्कान सी आ गई……………

मैं आज अपने आप में एक नए कॉन्फिडेंस को महसूस कर पा रहा था,जो मुझे रेणु से किये गए अपने व्यवहार और काजल से मिले असीम प्यार का नतीजा था,आज काम के सिलसिले में मुझे शहर जाना था ,मोबाइल और मेसेज से तो काजल की हरकते पता ही नही चल पा रही थी तो सोचा क्यो ना आज शहर में काम निपटाकर उसके होटल ही चला चालू,ऐसे भी वहां मुझे कोई जनता नही और कजल या रॉकी मिल गए तो कह दूंगा की मिलने आया था,
शहर में मेरा काम होते ही शाम हो गया था,पता नही काजल मिलेगी या नही ,लगभग 6 बज चुके थे ,मैंने अपने मोबाइल से उसके मोबाइल को चेक किया लेकिन ना तो किसी से कोई खास बात ना ही कोई ऐसा क्लू जिससे मुझे कुछ रोमांचित सा महसूस हो,,,,,,मैं काजल के होटल के सामने जा कर खड़ा हो गया ,मैं शहर में रघु को छोड़कर उसे घूमने जाने को कह गया था,मैंने उसे ये नही बताया था की मैं होटल जा रहा हु,ऑटो से उत्तर कर मैं बाहर से ही होटल को देखने लगा ,सचमे बहुत कुछ बदलाव इसमें आ गया था,काच की संरचना बेहद आकर्षक लग रही थी ,साथ ही एक बड़ा आ फ़ोटो भी पास ही फ्लैक्स में लगा था जिसमे इस होटल के हेल्थ सेंटर का विज्ञापन था,और उसमे रॉकी और काजल की पिक थी,वाह मैंने कभी भी काजल के शरीर पर शायद इतना धयन नही दिया था वो पूरी तरह से बदल गयी थी ,फ़ोटो में कही भी उसके पेट में कोई भी चर्बी नही दिख रही थी ,वो जिम के कपड़ो में थी और बहुत ही बेहतरीन तरह से उसका शरीर का सुडौलपन दिख रहा था,पर मेरी नजर उसके चहरे के मासूमियत पर जाकर टिक गयी ,इतने मोडल की तरह से फ़ोटो खिंचने पर भी उसने अपने मांग का सिंदूर नही निकाला था,हाँ वो उतना गहरा तो नही था पर हल्के से और ध्यान से देखने पर मुझे समझ आ गया की फ़ोटो खिंचते समय उसने सिंदूर नही धोया होगा,,,,,,,,,,,,
शादी की इस परंपरा पर उसका इतना विस्वास और अपने पति से इतना प्यार और समर्पण उसकी की जाने वाली हरकतों से कोई भी साम्य नही रखती ,पर मैं जनता हु की वो दोनो में ही बहुत ही समर्पित है….
मैं अंदर गया तो वहां से सभी मजदूर जाने के लिए निकल रहे थे,किसी ने मेरी तरह कुछ खास ध्यान भी नही दिया ,वहां कोई ऐसा आदमी भी मुझे नही दिखा जिसे मैं काजल के बारे में पूछ सकू सभी मजदूर ही दिख रहे थे ,होटल इतना भी बड़ा तो नही था,पर एक वाचमैन मुझे दिखाई दिया मैंने काजल को पूछने से अच्छा रॉकी को पूछा...उसने मुझे ऊपर से नीचे तक देखा ,
“आप कौन है”
मुझे गुस्सा आ गया 
“तुझे क्या मतलब की मैं कौन हु तू बता ना कहा मिलेगा”
“अरे साहब यहां अभी सभी समान फैला हुआ है ना और रॉकी साहब ने 6 बजे के बाद किसी को भी यहाँ आने देने से मना किया है,सभी मजदूर भी चले गए है ,आप तो अंदर भी आ गए साहब ने तो गेट में ही रोकने को बोला था…”
“अच्छा यानी अभी साहब है यहां पर “
“जी साहब मेडम और साहब दोनो है “
मेरे दिल में जोर से हलचल हुई ,साले दोनो है यहां अकेले और रोज रहते है,ये तो हो ही नही सकता की वो कुछ ना कर रहे हो पर साला बहुत बड़ी मुश्किल तो ये थी की आज नही तो कल इस वाचमैन को पता लग ही जाता की मैं काजल का पति हु ,और वो उन्हें कभी बता भी सकता था की मैं यहां आया था,अगर इसे अभी बताया तो मुझे कुछ भी पता नही चलेगा,,क्या करू ??????????
मैंने फैसला कर लिया 
“मैं इस होटल का शेयर होल्डर हु और रॉकी मेरे लिए काम करता है ,,...”
वो वाचमैन सीधा खड़ा हो गया ,
“सर मैं अभी उन्हें फोन लगता हु”
“नही रहने दो कहा है वो और काजल कहा है “
“सर दोनो जिम में होंगे “
“अच्छा और जिम कहा है” 
“सर वो उधर सेकंड फ्लोर में “
‘ह्म्म्म ओके मैं वही जाकर मिल लेता हु “
वाचमैन मुझे रोकता है 
“सर……. वो सर मुझे डांटेंगे की मैंने उन्हें नही बताया ऐसे भी मैं आपसे पहली बार मिल रहा हु “
मुझे उसकी बात समझ आ गयी की बेचारे की नॉकरी का सवाल हो सकता है और कोई भी मालिक बोलकर अंदर आ सकता था ,मैंने अपना मोबाइल निकाला और रॉकी को काल कर स्पीकर ऑन कर दिया 
“हैलो”
रॉकी की हाँफने की आवाज आयी 
“हैलो रॉकी मैं आकाश बोल रहा हु “
“हा हा सर बोलिये “इतने में ही वाचमैन को समझ आ चुका था की मैं जो बोल रहा हु वो सच ही रॉकी मुझे सर से संबोधित कर रहा था….मैंने वाचमैन को देखा वो धीरे से मुझे सॉरी कहा ,
मैं फिर से फोन का स्पीकर हटा लिया ,और उससे थोड़ी दूर चला गया 
“हा बात ये है की मैं तुम्हारे होटल आ रहा हु ,कोई वाचमैन हो तो उसे बता देना की मैं आ रहा हु मुझे थोड़ा टाइम लगेगा अभी तुम लोग वहां हो या निकल गए ,और ऐसे सांसे क्यो ले रहे हो ठीक तो हो ना “
तब तक रॉकी अपनी सांसे सम्हालने की कोशिस कर रहा था और साथ में ही आवाज गूंजने लगी मुझे समझ आ गया की उसने अपना मोबाइल स्पीकर मोड़ में डाल दिया है…..
“वो वो सर मैं और काजल अभी एक्सरसाइज कर रहे है तो “
“ओके जिम में हो ,”
“जी सर आपको कितना समय लगेगा आने में “
“बस 5-10 मिनट में पहुचता हु तुम फिकर मत करो मैं जिम में ही आ जाऊंगा “
“ओके सर “
मुझे लास्ट में कुछ फुसफुसाने की आवाज आयी और मेरा लिंग एक झटके मारा,शायद ये झटका था उस कल्पना का की शायद दोनो लेटकर बिस्तर वाली एक्सरसाइज कर रहे है,.....मैं अभी तो कुछ नही कह सकता था पर मुझे काजल पर भरोसा जरूर था…...ही ही ही 
तुरंत ही वाचमैन के पास रॉकी का काल आ गया,उसने उससे कुछ कहा वाचमैन बस जी सर जी सर कर रहा था…
मैं वाचमैन से बिना पूछे ही आगे बढ़ गया और उसने भी मुझे रोकने की हिम्मत नही दिखाई,
जैसे जैसे मैं जिम के दरवाजे के पास जा रहा था मेरी धड़कन तेज हो रही थी,पता नही अंदर का क्या हाल होगा…
कांच से ऐसे तो अंदर का पूरा नजारा दिख रहा था लेकिन वो दोनो मुझे नही दिखे शायद अंदर कही होंगे जहा का नजारा यहाँ से ना दिखता हो,मैं दरवाजा खोलकर अंदर घुसा दिल की धड़कन बढ़ने लगी थी,ऐसा लग रहा था जैसे मैं चोर हु और कही चोरी करने आया हु,थोड़ा अंदर जाने पर मुझे कुछ फुसफुसाहट की आवाजें आयी मैं उधर ही चला गया…
मैंने आजतक जितने भी जिम देखे थे ये उनमे सबसे बड़ा था,सचमे ये हेल्थसेन्टर यहाँ का मुख्य आकर्षण बनने वाला था,मंहगे महंगे उपकरण,के साथ बहुत बड़ा स्पेस था मैंने जो कुछ भी उस कांच से देखा था वो बस एक झलक थी,अंदर जाने के बाद भी मुझे उन्हें ढूंढने में दिक्कत हो रही थी,की मुझे एक कोने से आती हुई कुछ हलचल सी दिखाई दी,कुछ मशीनों की आवाज भी साथ थी,ऐसे तो वहाँ का ac पूरी तरह से on था पर मेरे माथे पर पसीने की बूंदे आ चुकी थी,मैं उधर कदम बढ़ाया,देखा तो काजल पसीने से पूरी तरह से भीगी हुई अपनी सांसो को काबू में कर रही थी,हम दिनों की नजर मिली और मेरे होठो में एक मुस्कान आ गयी,मेरी नजर रॉकी पर गयी वो बेचारा भी एक डंबल पकड़कर कुछ करने की कोसिस कर रहा था,मुझे उनकी हरकते समझ मे आ रही थी,इन्हेंने जरूर उस वाचमैन से पूछा होगा कि साहब कहा पर है और उसने बता दिया होगा कि वो पहुच चुके है और जिम की तरफ जा रहे है,जल्दी जल्दी में उन्हें भी समझ नही आया होगा कि क्या करे….जैसे तैसे वो अपनी सांसो पर काबू कर पा रहे थे और जो हाथ मे आया वही एक्सरसाइज करने की कोसिस कर रहे है,दोनो के चहरे पर फैला वो डर मुझे बहुत ही सकून दे रहा था,जैसे तैसे काजल ने अपने चेहरे पर एक मुस्कान लायी और उठकर मेरे पास आकर मेरे गले से लग गयी,
“आपने बताया नही की आप आ रहे है”
“अरे कुछ काम से आया था सोचा मिलते चालू “
“बहुत अच्छा किया”वो मेरे गालो को एक किस दे गई, वही रॉकी आकर मुझसे हाथ मिलता है,
“ वेलकम सर”
मैंने उन्हें ध्यान से देखा रॉकी का लिंग अब भी तना हुआ था जी उसके लूस लोवर से बाहर आने की कोसिस में था वही काजल के जांघो के बीच का गीलापन मुझे दिखाई दे रहा था,बेचारे मेरे दो प्रेमी युगलों के मिलान में मैंने बाधा डाल दी,मुझे तो मजा आ रहा था लेकिन शायद दोनो ने मुझे दिल से गालिया दी होंगी,नही सिर्फ रॉकी ने मुझे गालिया दी होंगी मेरी जान काजल तो मेरे लिए हमेशा प्यार के शब्द ही निकलेगी वो मुझे गली नही दे सकती………..
मैंने रघु को काल कर होटल ही बुला लिया और रॉकी और काजल मुझे पूरा होटल घूमाने लगे.मैंने सभी कुछ। बड़े ही धयन से देखा और ना सिर्फ देखा बल्कि कुछ जगहों की फ़ोटो भी खिंच ली ताकि फिर जब मैं आउ तो उस वाचमैन को भी पता नही चले ,क्योकि भले ही मुझे उनकी तड़फ देखकर खुशी हो रही थी पर मैं काजल की रास लीला देखना चाहता था,मैं उसके चहरे का वो एक्सप्रेशन देखना चाहता था जो उसके चहरे पर उस वक़्त आता जब की कोई उसके अंदर अपना सरिया घुसा रहा होगा,,,,जब कोई चूहा या कोबरा उस बिल में जा रहा होगा जिसे समाज ने सिर्फ मेरे लिए मुझे दिया है,उस लाल लाल सी फांको के बीच कोई काला या गेहुआ से केला जब बार बार अंदर हो रहा होगा और मेरी जान के मुह से बस सिसकिया निकल रही होगी उस समय को याद कर पता नही क्यो मेरा भी लिंग अंगड़ाई लेने लगता है...एक झटका तो उसने भी मारा लेकिन मेरे जीन्स में ही दब कर घुटकर रह गया ,मैंने प्यार से अपनी काजल को अपने बांहो में खिंच लिया और जैसे ही रॉकी हमसे दूर हटा मैं उसके होठो को एक प्यार भरा चुम्मन दे दिया,साला कितने कोमल और गीले थे मेरी जान के वो रसीले होठ ,नरम नरम से गीले गीले जैसे अभी अभी किसी ने उसे अपने लार से भिगोया होगा,मैं उसे अपने तनाव का अहसास करना चाहता था ,मैंने उसे पीछे से पकड़ा और उसके भारी नितंबो में अपने लिंग रगड़ दिया,उसके होठ और भी खुल गए,और मैं उसमे अपनी जीभ घुसा दी पर अच्छे से एक और रगडें ने काजल की पोल खोल दी ,जी हा उसने अपने निकर के अंदर कुछ भी नही पहना था,एक तो उसका निकर भी उसकी जांघो के ऊपर तक ही था ,पूरी मांसल सी जांघ चमक रही थी और अंदर कुछ नही पहने होने का वो अहसास,उसकी कोमलता में मेरे तने हुए लिंग की वो रगडन ,शायद उसे भी अपने गलती का अहसास हो गया और वो मेरे से दूर जाने लगी और मैंने उसे अपनी ओर खिंचा और उसके उजोरो को सहलाने लगा ,जैसा की मुझे शक ही था उसने अपने स्पोर्ट टी शर्ट के अंदर भी कुछ भी नही पहना था ,और मैंने जोरो से उसे निचोड़ा की काजल के मुह से एक मादक सी आह निकल गई …
“हाय aaahhhhhhhhhh क्या कर रहे हो रॉकी आ रहा होगा,छोड़ो ना जान मुझे घर में करते है जल्दी से घर चलते है…….”
और काजल मेरे होठो को एक बार फिर से अपने होठो में भरकर अपना रस मुझे पीने दिया और हल्के से शरारती मुस्कान के साथ मुझसे अलग हो गयी…
रॉकी आया साथ ही रघु का भी काल आ गया वो भी नीचे ही खड़ा था,काजल चेंजिंग रूम में जाकर अपने कपड़े बदल लिए और मैं और काजल रघु के साथ वहां से निकल गए……...
-  - 
Reply


Possibly Related Threads...
Thread Author Replies Views Last Post
Big Grin Free Sex Kahani जालिम है बेटा तेरा 73 79,882 03-28-2020, 10:16 PM
Last Post:
Thumbs Up antervasna चीख उठा हिमालय 65 28,877 03-25-2020, 01:31 PM
Last Post:
Thumbs Up Adult Stories बेगुनाह ( एक थ्रिलर उपन्यास ) 105 45,541 03-24-2020, 09:17 AM
Last Post:
Thumbs Up kaamvasna साँझा बिस्तर साँझा बीबियाँ 50 64,925 03-22-2020, 01:45 PM
Last Post:
Lightbulb Hindi Kamuk Kahani जादू की लकड़ी 86 104,745 03-19-2020, 12:44 PM
Last Post:
Thumbs Up Hindi Porn Story चीखती रूहें 25 20,523 03-19-2020, 11:51 AM
Last Post:
Star Adult kahani पाप पुण्य 224 1,074,563 03-18-2020, 04:41 PM
Last Post:
Lightbulb Behan Sex Kahani मेरी प्यारी दीदी 44 107,769 03-11-2020, 10:43 AM
Last Post:
Star Incest Kahani पापा की दुलारी जवान बेटियाँ 226 756,805 03-09-2020, 05:23 PM
Last Post:
Thumbs Up XXX Sex Kahani रंडी की मुहब्बत 55 53,661 03-07-2020, 10:14 AM
Last Post:



Users browsing this thread: 2 Guest(s)
This forum uses MyBB addons.

Online porn video at mobile phone


Bhabi ne dever ke samne sarre khot ke chudbya story hindiantarwasna baba rapsexu.p news potho k sath h.d. iemagxxxvideoshidi ANTY madsudhay desy Hindi awaj ke sath chudai vedoBus ma mom Ka sath touch Ghar par aakar mom ko chodapar बहू रानी की प्रेम कहनी सेक्स खनिगुप्तांग सफाई करताना विडीओपरिवार में हवस और कामना की कामशक्तिमम्मी को देखा चूत के बाल साफ करतेहुवे Thrisum bolti kahani hindi lenge ek porn movieफिलिम बुर लडँ हिनदीindynvidoxxxgirlsexbabaSeptikmontag.ru hindinapagxxxएक लडकी पे गुंडोँ ने समूहिक Xxx VideoHot photos porn Shreya Ghosh pags 37 boobsचुड़क्कड़ परिवार की गन्दी चुदाईसेक्स south bollywood accousex south bollywood actor kaShasu bhahu ki sex video hindi cubaaiसलवार को गांड मे फंसी देखकर लंड रगडाPregnant bhabhi ko chodafuckकायनात अरोड़ा पंतय लाइन sote waqtChoda sagi sis kosonakshi singh shemale nude sexbaba imagesex xxxx लङकी की गाङ मे से टोइलेटlan fudi gadiya gala di hot story hindi vichUrvasi routela fake gif pornपल्लवी .काँमdisi bhbhi nude selfie videoaadhirasexनाइ बाली दुकान complete rajshrma sex हिन्दी कहानी maa ki sex stories on sexbaba.net.comNEW MARATHI SEX STORY.MASTRAM NETसस्पेंस चुदाई कहानी हिंदीभोजपुरि नालायक हिरोइनदीदी का लहगां उठाकर चोदा आम के बगीचे मे की अन्तर्वासनाचुदाति इमेचबेटे ने बेदर्दी से ठोका कामुक स्टोरीSexbabahindisexstories.inमहिलाकि चुत कहा हाथ लगाने से पानि निकलता हैनई हिंदी माँ बेटा सेक्स राज शर्मा कॉमशिकशी कहनीईगलिश पिकसर कि हिरोनि के बिना कपडे वालि का फोटो बताऔबेटे से मुझ को चोद नही तो तेरे पापा को बता दुगीचंदनंवालैविडेयेvillage aunty xxx barwajiबुर को कैशे चोदेपिंसिपल कि बेटि कि चूत चाटि Kahanesexy videos gavbaleबहन की लैगी खोलकर चोदा तबेले मेhttps://www.sexbaba.net/Thread-shirley-setia-nude-porn-hot-chudai-fakesdeshi bhabi devar "pota" ke leya chut chudai xxc bfbhabhi sadi mein Apna devar Ko Bhul chatvati Hui videobiwi aur saas ka pyar sexbabaसासरा आणि सून मराठी सेक्स katha xxx kahAni thakur pariwarSardyon me ki bhen ki chudai storyनहाती हुई थी जिसमें अनर्गल को लेकर काफी उत्साहित हूं एक्सएक्सएक्सराज शर्मा की रंगीन रातो कि कहानियाbHABHI KI FUDI KA MITHAMAZAमा योर बेटा काbf videoxxx हिनदी मैma aur masi ko putta dikaya sex storiesdesaya patni sexy videomodal bahan ki chudai sexbabaपति समझ कर पीछे से चुदाई करि बेटे बेटे से चुड़ै करवाई हिंदी सेक्स वीडियोमनजु कि कांख व बगल कि फोटुrukmini actress nude nagi picgf ला झवून झवून लंड गळला कथाbeba mms bheli nishas mms sex desimahima ke cudai ke photo sex baba comपति चाहता हबशी से चुदुHolli me dhokey se waif antarvasnaहिंदी देसी khani thand की चूहे मुझे मैमी ko ptaya सेक्स कश्मीर liy62मोटे चुतड मे लोडा कहानियाँसेक्सी देसी वीडियो प्लेयर इंडियन गांड में पहने टट्टी निकलनेmu me dekar cudaisex video hd bhabhisexy stories of taarak mehta ka foki chasmahबाय फ्रेड मुझको चुदवाता और पैसे ऐशसरमिला टेगोर कि चूत कि नंगी फोटोpriyanka chopra fucked sex stories sex babafucking fitting . hit chudieexxgame boor mere akh se dikhe boor pelanevalaburmari didichuto ka mela rajsharmastoriesचुत और मम्मे दबाये ससुरने