Indian Sex Story ब्रा वाली दुकान
12-09-2018, 02:03 PM,
#81
RE: Indian Sex Story ब्रा वाली दुकान
मैंने राफिया पूछा कैसा लग रहा है हम दोनों का सेक्स ??? वह धीमी आवाज में बोली मज़ा आ रहा है .. मैंने कहा कभी तुमने भी चुदाई करवाई है किसी से ??? इस पर राफिया चौंककर बोली नहीं नहीं .... मैं कुंवारी हूँ अभी तक। मैंने कहा क्या लगता है तो आज तुम्हें लड़की से औरत क्यों न बनाया जाए ?? तुम्हारी योनी को भी लंड मिलन का एहसास दिलाया जाए ?? 

मेरी बात सुनकर राफिया बोली नहीं नहीं, शादी के बाद ही अपने पति से चुदाई करवाउन्गी . हमारी बातें सुनकर अलीना बोली कौन है ये रंडी जो हमारी चुदाई देख भी रही है और चुदना भी नहीं चाहती। उसकी बात सुनकर मैं हंसने लगा और कहा कोई नहीं, मेरी नई प्रेमिका है, बस थोड़ा शरमा रही है। मगर मुझे उम्मीद है मेरा लंड देखकर यह भी रह नहीं पायेगी और अभी कुछ ही देर में इसकी टाइट और कुंवारी योनी में मेरा लंड होगा। मेरी इस बात पर राफिया मुझे गुस्से से घूरने लगी मगर मैंने उसके गुस्से को नजरअंदाज करते हुए अलीना की चूत में धक्के लगाना जारी रखे। अलीना की चूत अब टाइट हो चुकी थी और उसकी पकड़ मेरे लंड पर काफी सख्त थी साथ ही उसकी सिसकियाँ पहले की तुलना में काफी तेज थी, मैं समझ गया कि वो झड़ने वाली है। मैंने 2, 3 ज़्यादा जानदार धक्के लगाए तो अलीना की चूत ने हार मान ली और उसकी सहन जवाब दे गई। 

अलीना की चूत से पानी का फव्वारा निकला और इस दौरान उसकी जोरदार सिसकियों से दुकान गूंजने लगी, अलीना के शरीर में कुछ झटके लगे और फिर शांत हो गई। मैंने उसकी चूत से लंड निकाला और राफिया की ओर होकर उससे पूछा तुम भी ज्वाइन करो हम दोनों को बहुत मजा आएगा। मगर राफिया एकदम पीछे हट गई और बोली नहीं मुझे नहीं करना यह सब। मैं केवल देखूंगी .
मैं राफिया के साथ बिल्कुल भी सख्ती नहीं करना चाहता था इसलिए उसका ख्याल मन से निकाल कर फिर से अलीना की ओर आया। अब मैंने उसको अपने ऊपर लिटा लिया और खुद सोफे पर लेट गया। अलीना ने अपने हाथ से मेरा लंड पकड़ कर अपनी चूत के छेद पर रखा और एक ही धक्के में सारा लंड अपनी चूत में ले लिया। मैंने उसे अपने ऊपर लिटा कर उसे कमर से कस कर पकड़ लिया और उसकी चूत में जोरदार धक्के लगाना शुरू कर दिया। इस स्थिति में मुझे चुदाई का बहुत मज़ा आ रहा था और मेरी गति काफी तेज थी। अलीना ने भी अपनी चूत को टाइट किया हुआ था जिसकी वजह से उसकी चूत की दीवारों पर मेरे लंड का घर्षण पहले की तुलना में बहुत अधिक था . मेरा लंड पूरी तरह से अलीना की चूत से बाहर निकलता महज टोपी अंदर रहती और फिर एक पावरफुल धक्के के साथ लंड अपने रूट मे अलीना की चूत में गायब हो जाता। 

राफिया अब मेरे पैरों की ओर जा कर खड़ी हो गई थी जहां से उसे अलीना की चूत में मेरा लंड अंदर बाहर धक्के लगाता स्पष्ट नजर आ रहा था। फिर मैंने एक जोरदार धक्का लगाया और लंड योनी से वापस निकालते हुए मैंने अपने लंड की टोपी को भी अलीना की चूत से बाहर निकाल दिया। उसके बाद मैंने अपना हाथ अपने लंड पर रखा और उसे अलीना की चूत में प्रवेश कराने लगा मगर जानबूझकर लंड उसकी चूत के छेद पर रखने की बजाय उसके चूतड़ों की लाइन पर रख दिया। अलीना की आवाज़ आई ये चूत नहीं है।, यह कह कर अलीना अपने हाथ पीछे ले जाने लगी मगर मैंने उसे रोका और राफिया से कहा राफिया प्लीज़ मेरा लंड इसकी चूत के छेद पर तो रख दो मुझे दिखाई नहीं दे रही चूत। अलीना भी मेरी बात समझ गई कि मैं राफिया का हाथ अपने लंड पर लगवाना चाह रहा हूँ। इसलिए उसने भी फिर से अपना हाथ पीछे ले जाने की कोशिस नहीं की। राफिया जिसको चुदाई देखने का शौक था वह थोड़ा घबराई, हिचकी, मगर फिर चुदाई देखने के शौक ने उसके अंदर हिम्मत पैदा की, उसने कांपते हाथों से मेरा लंड पकड़ा और अलीना की चूत के छेद पर रख दिया, चूत का छेद मलते ही मेरे लंड ने एक धक्का लगाया और चूत में गायब हो गया। मैंने एक बार फिर अलीना की चूत में पंप चलाना स्टार्ट कर दिया। 

कुछ देर इसी स्थिति में अलीना को चोदने के बाद मैंने अपनी स्थिति बदलने की सोची और अब की बार खुद सोफे पर बैठ गया और अलीना को अपनी गोद में बिठा कर अपने सीने से लगा लिया और नीचे उसकी चूत में धक्के लगाना जारी रखे। यहां भी मैंने फिर से वही हरकत की, यानी जानबूझकर अलीना की चूत से लंड बाहर निकाला और राफिया को कहा कि वह लंड अलीना की चूत के छेद पर रख दे। इस बार राफिया ने बिना किसी हिचकिचाहट के मेरा लंड पकड़ा और अलीना की चूत पर रख दिया और मेरे धक्के फिर से शुरू हो गए। मैंने एक दो बार यही हरकत की और अब की बार मुझे राफिया को कहना नहीं पड़ा वह खुद ही मेरा लंड पकड़ती और अलीना चूत पर रख देती और मैं फिर से धक्के लगाना शुरू कर देता है। 

5 मिनट तक इसी तरह अलीना को चोदता रहा तो मुझे लगने लगा कि अब मेरा लंड ज़्यादा अलीना की चूत चुदाई नहीं कर सकता। मेरे आंडों से पानी की एक पतली धार निकल कर मेरे लंड की टोपी तक पहुँच चुकी थी और अब सारा दबाव मेरी टोपी में मौजूद था तभी मुझे अलीना की चूत में पानी का सैलाब आता महसूस हुआ तो मैंने ज़्यादा तेजी से अलीना की चूत में धक्के लगाना शुरू कर दिए। जब अलीना की योनी अपना सारा पानी छोड़ चुकी तो मैंने तुरंत अलीना को अपनी गोद से नीचे उतारा और फर्श पर खड़ा होकर अपने लंड को हाथ में पकड़ कर मुठ मारने लगा। अलीना भी समझ गई कि मेरी वीर्य निकालना है उसने अपना हाथ आगे बढ़ाया और मेरे हाथ से लंड पकड़ लिया और खुद मेरे लंड की मुठ मारने लगी और मेरे लंड की टोपी का रुख अपने मुंह की तरफ करके मुंह खोल कर बैठ गई। अलीना के नरम नरम हाथों में मेरा लंड वीर्य छोड़ने को तैयार था और राफिया यह दृश्य बहुत जिज्ञासा के साथ देख रही थी, तभी मेरे लंड से गाढ़ी वीर्य की एक धार निकली और सीधे अलीना के मुंह में चली गई जिसके बाद अलीना ने अपना मुंह तो बंद कर लिया और आँखें भी बंद कर लीं मगर मेरे लंड की मुठ मारना जारी रखा और मेरे लंड कुछ धार निकलकर अलीना के मुंह पर गिरती चली गईं। 

जब मेरा लंड खाली हो गया और सारा वीर्य छोड़ चुका तो अलीना ने अपनी जीभ बाहर निकाल कर अपनी ज़ुबान में मौजूद वीर्य दिखाया और फिर ज़ुबान वापस अंदर ले जाकर सारा वीर्य निगल गई और फिर से जीभ बाहर निकाली तो उसके मुंह में वीर्य मौजूद नहीं था । फिर उसने अपनी उंगली से अपने चेहरे पर लगे वीर्य को साफ किया और अपनी उंगलियों को चाटने लगी जैसे कोई कुल्फी खोया चाटता है। मेरा लंड अब तक ढीला नही हुआ था उसमें सख्ती मौजूद थी, लेकिन वह पहले की तरह तना हुआ था। उसकी लम्बाई पहले जैसे ही थी मगर पहले उसका रुख छत की ओर था तो अब उसका रुख पृथ्वी की ओर था। फिर अलीना ने पास पड़े एक कपड़े से अपना चेहरा साफ किया और उठकर मेरे लंड पर एक चुम्बन दिया और फिर अपने होंठ मेरे होंठों पर रख कर कुछ देर चूसती रही। उसके होठों पर मुझे मेरे वीर्य का स्वाद महसूस हो रहा था। फिर अलीना ने अपने कपड़े पहने और मुझे वीडियो डिलीट करने का कह कर दुकान से चली गई। 

अलीना के जाने के बाद मैंने फिर से दुकान बंद की। मैं अभी तक नंगा ही था। अलीना के जाने के बाद सोफे पर नंगा ही बैठ गया और और राफिया से कहा राफिया कहो कैसा लगा ???

राफिया बोली बहुत मज़ा आया। मैंने कहा अगर देखकर इतना मज़ा आया है तो सोचो जब तुम्हारी योनी में मेरा लंड जाएगा तब कितना मजा आएगा। इस पर राफिया ने कहा जी नहीं आपका लंड मलीहा की योनी में ही जाएगा, मेरी योनी में मेरे पति का लंड ही जाएगा। यह सुनकर मैंने राफिया का हाथ पकड़ा और उसे अपनी तरफ खींच कर सोफे पर अपने साथ बिठा लिया। उसने पहले तो उठने की सरसरी सी कोशिश की मगर फिर वहीं बैठ गई और मेरे लंड की ओर देखने लगी। फिर बोली ये बैठेगा नहीं क्या ???

मैंने कहा जब तक तुम यहाँ मौजूद हो यह कैसे बैठ सकता है ??? इस पर राफिया बोली सलमान भाई शर्म करो मैं आपकी साली हूँ। मैंने कहा साली भी तो आधी घरवाली ही होती है। पत्नी घर में रात को बिस्तर गर्म करती है तो साली वैसे ही अपनी अदाओं से अपने जीजा को गर्म करती रहती है। यह सुनकर राफिया हंसने लगी और बोली बहुत ठरकी हैं सलमान भाई आप भी। मैंने राफिया से कहा राफिया तुम भी दो न अपनी चूत, मेरा मन कर रहा है तुम्हें चोदने को। यह सुनकर राफिया ने कहा नहीं सलमान भाई ऐसा नहीं हो सकता। 

मैन ने कहा, चलो एक बार मेरे लंड की चुसाइ ही लगा दो अपने मुँह में लेकर मगर राफिया ने इसके लिए भी मना कर दिया। फिर मैंने कहा अपने हाथ से पकड़ कर एक बार मुठ ही मार दो मेरे लंड की मगर मुझे यहाँ भी विफलता प्राप्त हुई। फिर मैंने राफिया से कहा अच्छा चलो फिर मुझे इतनी अनुमति तो दो कि मैं तुम्हारी कुंवारी योनी को अपनी जीभ से चाट सकूँ मगर यहां भी मुझे मना ही सुनना पड़ा और अब राफिया कुछ सीरियस हो गई थी और बोली- अब आप अपने कपड़े पहनें और मुझे घर छोड़ दें समय हो रहा है। जब मुझे दाल गलती और योनी मिलती नजर नहीं आई तो मैंने भी ज़्यादा प्रयास करना उचित नहीं समझा और अपने कपड़े पहन कर राफिया को घर छोड़ आया। राफिया की चूत तो नही मिली मगर अलीना की चूत भी कुछ कम न थी उसको चोद कर बहुत मज़ा आया था और वह भी अच्छी चुदाई कराना जानती थी। उसने भी चुदाई के दौरान अपनी योनी को बार बार टाइट करके मुझे बहुत मज़ा दिया था। 
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12-09-2018, 02:03 PM,
#82
RE: Indian Sex Story ब्रा वाली दुकान
अगले दिन रूटीन के अनुसार फिर राफिया को लेने घर गया तो वो पहले से तैयार थी और बाइक पर मेरे साथ बैठ गई। कुछ दूर जाने के बाद मुझे महसूस हुआ कि राफिया पहले की तुलना में आज मेरे साथ कुछ ज्यादा ही चिपक कर बैठी थी और मुझे उसका शरीर भी कुछ गर्म लग रहा था। मगर फिर मैंने उसको अपना भ्रम समझा और राफिया को कॉलेज छोड़ने के बाद दुकान पर आ गया। रूटीन के अनुसार काम जारी रहा जब 1 बजकर 45 मिनट पर राफिया दुकान में आ गई और आकर सोफे पर बैठ गई। 2 बजे तक सभी ग्राहकों को निपटा देने के बाद मैंने दरवाजा बंद लॉक कर दिया क्योंकि मुझे राफिया कुछ परेशान दिख रही थी।

दरवाजा बंद करने के बाद राफिया के पास बैठ गया और उससे पूछा कि क्या प्रॉब्लम है ?? मगर राफिया कुछ नही बोली। मैंने फिर पूछा तो वह भड़कती हुई दृष्टि से मेरी ओर देखने लगी। उसकी नज़रों में प्यास थी, सेक्स की प्यास, लंड की प्यास ..... उसकी सांसें भी तेज तेज चल रही थी ... मैं समझ गया कि कल दुकान से जाने के बाद राफिया सारा दिन सारी रात अलीना और मेरी चुदाई के बारे में सोचती रही होगी और अपनी चूत में उंगली डाल कर अपना पानी निकाल चुकी होगी मगर जब आराम नहीं मिला तो उसने रात में सोच लिया होगा कि वह अपनी चूत मेरे हवाले करके अपनी चूत की प्यास बुझाएगी . 

यह विचार मन में आते ही मैंने बेझिझक राफिया से पूछ लिया "लंड चाहिए" ?? राफिया ने भी बिना ठहराव हाँ में सर हिला दिया और मैंने बैठे बैठे ही राफिया के गले में अपनी बाहें डाल दी और उसके मख़मली नरम और मुलायम होंठों पर अपने होंठ रख कर उन्हें चूसना शुरू कर दिया। सुबह वाला मेरा शक सही साबित हुआ कि राफिया के शरीर में गर्मी थी और उसे लंड की ज़रूरत महसूस हो रही थी। राफिया ने भी सभी शर्मो हया को ताक पर रखते हुए मेरे होंठों को चूसना शुरू कर दिया। 5 मिनट मैं राफिया के होंठ चूसता रहा, कभी उसके मुंह में जीभ डाल कर उसको लहराता तो कभी उसकी ज़ुबान अपने मुँह में लेकर उसको चूसने लगता। राफिया मेरा भरपूर साथ दे रही थी मगर चुंबन से ही मुझे अंदाजा हो गया था कि वो इस काम में अनाड़ी है। उसके शरीर में गर्मी थी उत्सुकता थी मगर अनुभव की कमी थी। मेरी बाहों में उसका शरीर कांप रहा था लेकिन उसके शरीर की गर्मी से मुझे लग रहा था कि वह कितनी शिद्दत से लंड की ज़रूरत महसूस कर रही होगी। कुछ देर चुंबन करने के बाद मैंने राफिया की कमीज के ऊपर से ही उसके मम्मों को पकड़ लिया और उन्हें दबा दबा कर कमीज के ऊपर से ही चूसने लगा। 

राफिया ने मुझे बिल्कुल भी मना नहीं किया और अपना एक हाथ मेरी गर्दन पर रख कर और दूसरा हाथ कमर पर रख कर मुझे प्यार करने लगी। थोड़ी देर कमीज के ऊपर से उसके मम्मे चूसने के बाद मैं अपनी जगह से खड़ा हुआ और राफिया को भी खड़ा करके अपनी गोद में उठा लिया। और फिर से उसके रसीले होंठों का शहद पीने लगा। राफिया ने अपनी दोनों टाँगें मेरी कमर के गिर्द लपेट ली थीं और बड़ी शिद्दत के साथ वह मेरे चुंबनों का जवाब दे रही थी। इसी तरह चुंबन करते करते मैं राफिया की गर्दन पर आया और इस बात का ध्यान करते हुए कि मेरे दांत के निशान उसकी गर्दन पर न पड़े उसको चूमने लगा। वह निस्संदेह एक कुंवारी लड़की थी और उसमे विनय हया भी थी मगर इस समय सेक्स की ज़रूरत ने उसे मजबूर कर दिया था कि वह अपने ही जीजा के लंड को लेने के लिए तैयार थी। 

मैं तो यह बात जानता था कि लंड पर पहला हक मलीहा का है मगर मेरे लंड को यह बात कौन समझाता जिसके सिर पर योनी का भूत सवार था, उसे तो बस चूत चाहिए थी चाहे किसी की ही क्यों न हो। चुंबन के दौरान मेरा एक हाथ राफिया की कमर पर तो दूसरा उसके चूतड़ों पर था। गर्दन को चूसने के बाद मैंने राफिया के कंधे से कमीज साइड पर हटाई तो उसके कंधे पर ब्रा स्ट्रिप दिख रही थी। राफिया ने ब्लैक कलर का ब्रा पहन रखा था जो मैंने ही उसे लेकर दिया था। 

राफिया के गोरे गोरे कंधे पर मैंने अपनी ज़ुबान फेरना शुरू किया तो राफिया की सिसकियाँ निकलना शुरू हो गई, उसने अपने दोनों हाथ मेरे गले में डाले हुए थे और पैर मेरी कमर के आसपास लपेट रखे थे राफिया के कंधे से होता हुआ मैं राफिया के सीने पर आया, मगर उसकी कमीज का गला थोड़ा छोटा होने की वजह से मुझे उसके बूब्स खूबसूरती देखने को न मिल सकी। मगर मैंने फिर भी उसके सीने और कंधे और गर्दन को चाटना जारी रखा। गर्दन से अपनी जीभ फेरता हुआ मैं उसके कानों की लो तक ले गया और फिर उसके कान में अपनी जीभ फेरने लगा जिससे राफिया को बहुत मज़ा आया। 5 से 10 मिनट मैं राफिया को गोद में उठाए उसे चूमता रहा फिर मैंने राफिया को गोद से नीचे उतारा और उसकी कमीज को सीने तक ऊपर उठा कर उसके मम्मों पर टूट पड़ा। काले रंग के ब्रा में उसके बूब्स का उभार और मम्मों के मिलान पर बनने वाली गहरी रेखा बहुत ही सेक्सी लग रही थी। मेरी ज़ुबान फौरन ही उसके मम्मों के मिलान पर बनने वाली गहरी लाइन में घूमने लगी जबकि मेरा एक हाथ उसकी नग्न कमर से नीचे सरकता हुआ उसके चूतड़ों तक चला गया। मेरा एक हाथ राफिया की कमर पर था जबकि दूसरा हाथ उसके चूतड़ दबाने में व्यस्त था और ऊपर से मेरी जीभ उसके मम्मों की मालिश कर रही थी। इससे द्विपक्षीय मज़ा राफिया की सहनशक्ति से बाहर हो रहा था, यह उसकी जिंदगी का पहला सेक्स था इसलिये उसका शरीर ना ही बहुत गर्म हो रहा था बल्कि हल्का हल्का कांप भी रहा था। राफिया के दोनों हाथ मेरी गर्दन के आसपास लिपटे हुए थे। 

फिर मैंने अपने एक हाथ से राफिया के ब्रा के हुक खोल दिए और उसका ब्रा धीरे से उतार कर पीछे सोफे पर फेंक दिया और उसके 34 आकार के मम्मों को ध्यान से देखने लगा। गोल सुडौल ऊपर को उठे हुए मम्मे अपनी मिसाल आप थे। उन पर थोड़ा ब्राउन रंग का दायरा और हल्के गुलाबी रंग के छोटे निपल्स राफिया की कुंवारी जवानी को चार चांद लगा रहे थे। राफिया के मम्मों को देख कर मैं स्वतः ही उन पर झुकता चला गया, मेरी जीभ बाहर आई और उसकी नोक सीधी राफिया के छोटे से तने हुए निप्पल को चाटने लगी जिससे राफिया की सिसकियाँ बढ़ने लगीं। पीछे से मेरा हाथ अब उसके चूतड़ों को फिर से दबाने में व्यस्त हो गया था, लेकिन अंतर यह था कि पहले यह हाथ सलवार के ऊपर से ही राफिया के चूतड़ दबा रहा था जबकि अब मेरा हाथ राफिया की सलवार में प्रवेश कर चुका था और उसके नरम और मुलायम मांस से भरे हुए चूतड़ दबाने में व्यस्त था। कुछ देर तक इसी तरह राफिया के मम्मे चूसने के बाद मैंने राफिया को सोफे पर लिटा दिया और खुद अपनी कमीज और सलवार खुद ही उतार कर उसके ऊपर लेट गया। राफिया के ऊपर लेटने से पहले मैंने राफिया की सलवार भी उतार दी थी। उसने नीचे से पैन्टी नहीं पहनी हुई थी इसलिये सलवार उतारते ही मुझे राफिया की टाइट कसी हुई चूत का नजारा देखने को मिला। 

राफिया की चूत पहली नज़र में ही बता रही थी कि वह अभी तक कुंवारी है और किसी भी लंड ने उसे अभी तक छुआ भी नही है। उसकी चूत के होंठ आपस में मिले हुए थे और चूत पर हल्के हल्के पतले बाल थे। मैंने राफिया के दोनों पैरों को खोला और खुद उनके बीच बैठ कर उसकी चूत के ऊपर झुक गया। पहले मैंने अपना हाथ बड़ी नरमी से राफिया की कोमल और नाजुक चूत के ऊपर फेरा तो उसकी एक सिसकी निकली और उसका पूरा शरीर कांप गया। फिर मैंने अपनी जीभ बाहर निकाली और राफिया की चूत के लबों ऊपर ज़ुबान फेरने लगा। उसकी चूत का स्वाद नमकीन था और कुंवारी चूत की गर्मी अपने जोबन पर थी। मैंने राफिया की चूत को चाटना शुरू किया तो उसने मजे की तीव्रता से दाए बाएं सिर मारना शुरू कर दिया और अपने दोनों पैरों को आपस में इस तरह मिला लिया कि मेरा सिर उसकी टांगों के बीच फंस गया था और उसने अपने दोनों हाथों से मेरा सिर पकड़ कर चूत के ऊपर दबा दिया था। 

राफिया पेट पर कपकपाहट स्पष्ट दिख रही थी, यह किसी डर के कारण नहीं थी बल्कि उसकी चूत पर जीभ रगड़ने से मिलने वाले मजे की वजह से था। मैं कुछ देर तक उसकी चूत को चाटता रहा और उसकी चूत से निकलने वाला गाढ़ा नमकीन पानी मेरी जीभ को अपने अनोखे स्वाद से मजा देता रहा। फिर मैंने उसकी टाँगें खोली और उसकी चूत से सिर निकाल लिया। मैंने राफिया के चेहरे की ओर देखा तो वह टमाटर की तरह लाल हो रहा था। तीव्रता की भावनाओं की वजह से उसका चेहरा गर्म भी हो रहा था और उसकी आँखों में वासना स्पष्ट दिख रही थी। 

अब मैंने राफिया को खींच कर उसकी स्थिति कुछ इस तरह बदल ली कि उसका चेहरा सोफे के नीचे के हिस्से वाली तरफ था जहां मैं खड़ा था और उसकी टाँगें सोफे की टेक वाली साइड पर थीं। मैंने राफिया को थोड़ा ऊपर की तरफ धकेला तो उसकी कमर दोहरी हो गई, अब उसका सिर सोफे की सीट पर था और उसकी चूत सोफे की तकनीक पर थी, तो मैं अपने दोनों पैर चौड़े करके और सोफे पर घुटनों के बल इस तरह बैठ गया कि मेरा 8 इंच का लोड़ा राफिया के मम्मों से टकराने लगा। फिर मैंने राफिया से पूछा फिल्मों में लड़कियों का लंड चूसना देखा है न ??? राफिया ने कहां हां देखा है, यह कह कर उसने मेरी बात सुने बिना मेरा लंड अपने हाथ में पकड़ लिया और उसे अपनी मुट्ठी में खींच लिया। मैं भी उसकी चूत के ऊपर झुक गया और अपनी जीभ फिर से उसकी चूत पर रख कर उसको चाटने लगा। राफिया की गर्म साँसें मुझे अपने लंड पर महसूस हो रही थी। वह मेरा लोड़ा हाथ में पकड़े दोबारा देख रही थी मगर अब तक उसने मेरा लंड अपने मुँह में नहीं लिया था। 

कुछ देर तक उसकी चूत चाटने के बाद मैंने राफिया से कहा कि मेरा लंड मुंह में लेकर चूसे तो उसने धीरे धीरे मेरे लंड टोपी अपने मुँह के पास और फिर अपनी जीभ बाहर निकाल कर टोपी पर रख कर उसका स्वाद महसूस किया । फिर उसने रहकर रह कर यही हरकत दोहराई और बार बार अपनी जीभ मेरे लंड टोपी पर रगड़ते रही। फिर उसने हिम्मत की और एक ही बार में मेरे लंड की टोपी को अपने मुँह में लेकर चूसना शुरू कर दिया। जैसे ही उसने मेरी टोपी को चूसना शुरू किया मैंने भी फिर से अपनी ज़ुबान उसकी चूत पर रख कर उसको चाटना शुरू कर दिया।

मैंने राफिया की योनी के लबों को अपने हाथ से थोड़ा खोला और उसकी योनी के छेद पर अपनी जीभ रख कर उस पर दबाव बढ़ाने लगा। जिससे राफिया की सिसकियाँ निकलने लगी मगर मेरा लंड उसके मुंह में होने की वजह से कोई स्पष्ट आवाज नहीं आ रही थी। राफिया मेरा आधा लंड मुंह में ले चुकी थी और उसको चूसने में व्यस्त थी। ये उसकी पहली लंड चुसाइ थी इसलिए उम्मीद के मुताबिक मुझे थोड़ी तकलीफ हो रही थी मगर उसे इस बारे में बताकर में उसका मनोबल नही तोड़ना चाहता था, लेकिन मैं उसे उकसाने लगा कि तुम चुसाइ बहुत अच्छी करती है, लगी रहो इसी तरह। राफिया और मैं 5 मिनट तक इसी तरह 69 की स्थिति में योनी और लंड चाटते रहे। फिर कुछ देर बाद राफिया ने मेरा लंड अपने मुंह से निकाल लिया और सेक्सी आवाज में सिसकियाँ लेने लगी ... आह ह हओह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह ह ह ओह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह..... चाटो मेरी योनी को सलमान भाई ... आहह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह ह ह हईईईईईईईईईई हुहह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह ..... उफ़फफफफफफफफफ्फ़ एफ एफफफफफफफफफफफ्फ़ आह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह ... हाइईईईईईईईईईईईईई मेरी योनी ...... जोर से चाटो इसे ..... आहह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह ह ह ओह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्हह ह हईईईईईईईईईईईईईईई सलमान भाई ... खा जाओ अपनी साली की योनी को ..... आहह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह ह ह ह हइयीयायियैआइयैयीयीयियी हज्ज्ज्ज्ज्ज इन आवाजों के साथ उसके शरीर में कपकपाहट काफी बढ़ गई थी और फिर वह बोली सलमान भाई मेरी योनी में कुछ हो रहा है, कोई चीज़ चुभ रही है। मैंने उसकी बात का जवाब देने की बजाय उसकी योनी के छेद पर अपनी जीभ की गति और भी तेज कर दी और फिर कुछ ही देर के बाद राफिया की कुंवारी योनी का पहला पानी मेरे चेहरे पर अमृत की तरह बरसने लगा। पानी निकलने के दौरान राफिया का शरीर बुरी तरह कांप रहा था। उसको जीवन में पहली बार योनी से पानी निकलने का मज़ा मिला था क्योंकि सेक्स के दौरान मैंने राफिया से पूछा कि कल उसने फिगरिन्ग की थी तो उसने बताया था कि उसने कभी फिगरिन्ग नहीं की।
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12-09-2018, 02:03 PM,
#83
RE: Indian Sex Story ब्रा वाली दुकान
पैंटी चोर

दोस्तो एकपैंटी चोर की घटना जिसे मैं आपके साथ शेयर कर रहा हूँ हालाँकि इस घटना का इस कहानी के साथ कोई लेना देना नही है फिर भी आपको ये कहानी अच्छी लगेगी

सर्दियों के दिन सूर्य देव रुष्ट हो कर कोप भवन में पूरे एक सप्ताह तक बैठ गए। सभी परेशान, एक तो ठण्ड और ऊपर से कपडे सुखाने की समस्या। गीले कपडे घर में हीटर के आगे ही सूख रहे हैं। बिजली का बिल बढ़ रहा है। क्योंकि कोई समाधान नहीं। धूप निकले तब कपडे अच्छे से सूखेंगे। समस्या अंदर के कपड़ों की होती है, अंडर गारमेंट्स तो सूखे होने चाहिए, गीले पहने नहीं जाते। पैंट, कमीज तो कई होते है, कच्छे, बनियान तो गिनती के होते है, दो चार।

आज रविवार को सूर्य देव मेहरबान हो गए, सुबह ही दर्शन दे दिए। छुट्टी के कारण रविवार को अकसर देर से उठते है लोग, जैसे आंख खुली, सूर्य देव को देख कर सभी के चेहरे ख़ुशी से खिल गए। कपडे धुल गए और तारों, रस्सियों पर सबके कपडे सूखने लगे।

निर्मला ने भी तमाम कपडे धो कर सूखने डाल दिए। नाश्ता करने के बाद बाल सुखाती पतिदेव से कहा। "आज मौसम बहुत अच्छा है। पूरे हफ्ते ठण्ड के कारण बदन जकड़ा हुआ है, आज हफ्ते बाद धूप निकली है। पिकनिक पर चलें।"

पति निर्मल ने तुरन्त हामी भर दी। तय हुआ कि खाना बना कर टिफिन लेकर इंडिया गेट चलते है और शाम तक वहां लॉन में खाना खाते है, धूप का आनन्द लेकर पिकनिक मनाते हैं।

दोपहर एक बजे इंडिया गेट पहुंचे, वहां पूरा रेला पेला था। कड़ाके की ठण्ड में खिली धूप का आनन्द लेने सभी पहुंचे हुए थे। कार पार्क करके हरी घास पर चादर बिछाई और आराम करने लगे। टिफिन थोड़ी देर में खुलना था, तब तक खोमचे वालों से चाट पकोड़ी खाई गई। खिली धूप में खूब धंधा चल रहा है। लोग अपने म्यूजिक सिस्टम ले कर आए हैं। ग्रुप बना कर सभी मस्ती में झूम रहे हैं। बच्चे कहीं क्रिकेट, कहीं बैडमिंटन और कहीं फुटबॉल और फ्रिसबी खेल रहे हैं। निर्मल चादर पर लेट कर धूप सेंकने लगा।

"ये क्या हो रहा है?" पेट के बल लेते निर्मल को निर्मला ने झंझोरा।
"आराम तो करने दे।" झुंझला के निर्मल ने कहा।
"लेटने नहीं आए हो। कुछ पिकनिक वाली बातें करो।" निर्मला ने तुनक कर कहा।

पत्नी को नाराज़ देख निर्मल फ़ौरन तन कर बैठ गया और बात को पलटने के लिए कहा "निर्मला, एक बात है कि इंडिया गेट हमेशा प्रेमियों की पहली पसन्द रहा है और आज भी है। मॉल कल्चर के बाद भी देखो युवा जोड़े पेड़ो और झाड़ियों की ओट में आज भी बैठे है। वो देखो निर्मला।"

"देख रही हूं, तभी तुम्हे सोते हुए उठाया कि कुछ सीखो और अपने पुराने दिन याद करो।" कह कर निर्मला निर्मल से सट कर बैठ गई।

बच्चे कुछ दूर बैडमिंटन खेल रहे थे और निर्मल निर्मला एकान्त में कुछ पिछली बातों को याद करते हुए प्रेमालाप कर रहे थे। उनके प्रेमालाप में विघ्न तब आया, जब बच्चे खेलते हुए थक गए और भूख के कारण दौड़ते हुए आए। मुस्कुराते हुए निर्मला ने टिफिन खोला। सबने खाना खाया।

चार बजे धूप ढल गई और निर्मल परिवार सहित घर वापिस हो लिए।

घर आ कर कार से उतरते ही निर्मला ने सबसे पहले घर के बाहर की रस्सी से कपडे उतारे। निर्मल ने घर खोला। बच्चों ने टीवी चालू कर दिया। निर्मला ने कपडे सोफे पर डाले और रसोई में चाय बनाने चली गई।

चाय की चुस्कियां लेने के पश्चात निर्मला सूखे कपड़ों को घर में इस्त्री करने और धोबी से इस्त्री करवाने के लिए अगल किया और अंडर गारमेंट्स को अगल किया, क्योंकि उनको बिना इस्त्री के पहनना है।

"अरे, यह क्या, मेरे अंडर गारमेंट्स कहां है, क्या उतारना भूल गई। लाई तो सारे कपडे थे। एक बार फिर से चेक कर लेती हूं।" निर्मला बाहर गई परन्तु वहां कोई कपडा नहीं था।

"कमाल है, कहां गए।"
निर्मला ने अंदर आकर फिर कपडे देखे कि कहीं किसी कमीज़ या पैंट के अंदर न रह गए हों। छोटे से तो होते है, कहीं मिक्स हो गए हों।

"सुनो, मेरे अंडर गारमेंट्स देखे हैं, कहां हैं। कहीं तुमने छुपा तो नहीं लिए?"

इतना सुन निर्मल ने तपाक से कहा "मुझे क्या ज़रूरत पड़ी है तुम्हारे अंडर गारमेंट्स छुपाने की। मैंने तो थोड़े पहनने है।"

"बात तो ठीक है, पर गए कहां। तीन पैंटी और दो ब्रा सुखाई थी। सारे कपडे उतारे। वही नहीं हैं। कमाल है। तुम्हारे बनियान, कच्छे तो हैं। मेरी पैंटी, ब्रा नहीं है।"

"कहीं किसी और ने तो नहीं उतार लिए। कभी कभी गलती हो जाती है। पड़ोसियों के कपडे हम उतार लेते हैं, कभी पडोसी हमारे। फिर उसके बाद अदला बदली होती है।"

"सबको अपने अंडर गारमेंट्स की पहचान होती है। हर किसी की फिटिंग्स अगल होती है। कोई किसी और के नहीं पहनता। क्या आप किसी और का कच्छा, बनियान पहन लोगे?
"नहीं मैं तो नहीं पहन सकता।"
"वैसे मैं भी नहीं पहन सकती। आजकल इतने महंगे हो गए है ब्रा और पैंटी। पता नहीं कहां हैं।"

जब गुम हो गए तब क्या कर सकते है। चार दिन बाद निर्मला कपडे सुखा रही थी, पड़ोस की कुछ महिलाएं भी कपडे सुखा रही थी। आपस में बात करते हुए एक पड़ोसन गीता ने पूछा कि कल मेरी पैंटी और ब्रा नहीं मिली, कहीं किसी के कपड़ो में तो नहीं मिक्स हो गई।
इतना सुन कर निर्मला ने कहा "क्या कहा गीता कि तुम्हारी पैंटी और ब्रा जो सूखने के लिए रखे और नहीं मिले।"

"हां निर्मला दो पैंटी और दो ब्रा थे, नहीं मिले। बाकी कपडे अपने स्थान पर थे।"
"कमाल है, रविवार को मेरी तीन पैंटी और दो ब्रा गुम हो गई और आज तुम्हारी गुम हो गई।"

उन दोनों की बातें सुन कर दो तीन पड़ोसन और एकत्रित हो गई और उन्होंने भी बताया कि हफ्ते दस दिन पहले उनकी पैंटी और ब्रा गुम हुए। सभी महिलाएं हैरान और परेशान हो गई कि सिर्फ लेडीज अंडर गारमेंट्स ही गुम हुए। पैंटी और ब्रा ही गायब हुए, बाकि सभी कपडे सलामत हैं। पहले तो शर्म के कारण किसी महिला ने जिर्क नहीं किया, अब आपस में बात करने पर मालूम हुआ कि पड़ोस की लगभग हर महिला की यही शिकायत है कि पैंटी और ब्रा ही गायब होते हैं। पुरुषों के कच्छे, बनियान गायब नहीं होते। कौन हो सकता है इस रहस्य को जानने की जिज्ञासा सभी को थी। रात सभी ने अपने पतियो से बात की और सब हैरान हो गए कि किस का यह काम हो सकता है। सबने तय किया कि रविवार सुबह ग्यारह बजे मीटिंग करते हैं ताकि मिल कर कोई कारगार कदम उठाया जा सके।

रविवार को मीटिंग में आशा से अधिक परिवार एकत्रित हुए। किसी को उम्मीद नहीं थी कि यह एक गंभीर मुद्दा है। यह समस्या आस-पास की पांच छः गालियों की थी। कम से कम पचास परिवार कॉलोनी के पार्क में एकत्रित हो गए। सर्दियों की ख़िली धूप में चर्चा शुरू हुई। किशोरी युवती से जवान स्त्री और प्रौढ़ महिला सबने शिकायत की। हर कोई चुप रहा शर्म के कारण। कुछ ने तो शिकायत कि उनकी कई बार पैंटी ब्रा गुम हुई हैं।

मीटिंग के बीच एक सज्जन जिनका नाम शर्मा था बोलने उठे और उन्होंने चौकाने वाले तथ्य बताये कि यह समस्या इस कॉलोनी की नहीं, बल्कि विदेशों में भी है। उन्होंने इंटरनेट पर शोध किया है कि जो इंसान यह काम करता है, मनोरोगी होता है और महिलाओं की पैंटी ब्रा चुराता है। अमेरिका और यूरोप जहां सोसाइटी एकदम फ्री है, वहां भी ऐसे चोर पुलिस ने पकडे हैं। ऐसे पैंटी चोर अपने घर में ही अलमारी में सजा कर ऐसे रखते हैं जैसे कोई इनाम या ट्राफी हो। यह एक गंभीर समस्या है। शर्मा ने जो बात बताई, सभी चौंक गए कि यह समस्या लोकल नहीं है, अंतर्राष्ट्रीय है। हर जगह पैंटी चोर मिलते हैं, जो बाजार में नहीं बेचते, बल्कि घर में सजा कर रखते हैं। वे चोर इनके जरिये कल्पना की ऊंची उड़ान भरते हैं। ये भोले-भाले दिखने में होते हैं परन्तु दिमाग बहुत शातिर होता है। बहुत सफाई से पैंटी ब्रा चुराते हैं। वे अक्सर कुंवारे होते हैं या तलाकशुदा। शादीशुदा आदमी इसी हरकते नहीं करते।

सभी लोग शर्मा की बुद्धिमता और जानकारी की तारीफें करने लगे। शर्मा ने वाहवाही लूट ली।

मीटिंग में निर्णय लिया गया कि महिलाओं को थोडा सतर्क रहना होगा और महिलाएं ही उस चोर को पकड़ सकती हैं, क्योंकि पुरुष ऑफिस, दुकानों को चले जाते हैं। छोटे बच्चे भी मदद कर सकते है क्योंकि वे बाहर खेलते है और कपड़ो पर नज़र रख सकते हैं कि कोई पुरुष महिला कपडे उतारता है तो उस पर नज़र रखें।

पंद्रह दिन बीत गए कोई अप्रिय घटना नहीं घटी। किसी की पैंटी ब्रा चोरी नहीं हुई। हर महिला सतर्क थी। पंद्रह दिन बाद महिलाओं की चौकसी कुछ ढीली हुई। चौकसी में ज़रा सी लापरवाही से फिर पैंटी ब्रा चोरी होने शुरू हो गए। महिलाओं के माथे की लकीरों में चिंता फिर झकलने लगी।
एक दिन दोपहर में सलोनी अपने स्कूटर से कॉलेज से घर वापिस आ रही थी। गली के कोने पर स्कूटर की रफ़्तार कम की। अचानक से उसकी नज़र रस्सी पर सूखते कपड़ों पर पड़ी। एक मर्द कपड़ों के समीप नज़र आया। उस आदमी ने तेजी से पैंटी को अपनी जेब में डाल लिया और दूसरी पैंटी पर हाथ साफ़ कर रहा था कि उसकी इस हरकत को सलोनी ने देख लिया। उसने चीख कर कहा "चोर"। चोर सुनते ही उस आदमी ने झट से पैंटी को जेब से निकाल कर पास झाड़ी में फैंक दी और आराम से आगे चलने लगा जैसे कुछ हुआ ही नहीं। सलोनी ने स्कूटर की स्पीड तेज की और उस आदमी को टक्कर मारी। स्कूटर की टक्कर से वह आदमी लड़खड़ा कर गिर गया। सलोनी की आवाज़ से दो महिलाएं अपने घरों से बाहर निकली। सबने उस आदमी को दबोच लिया।

सलोनी ने स्कूटर को स्टैंड पर लगाया और कहा "आंटी यही पैंटी चोर है। मैंने इसे पैंटी जेब में डालते देखा। मेरे शोर मचाने से इसने पैंटी झाड़ी में फैंक दी।"

दोनों महिलाओं ने उस आदमी को दो तीन लातें जमा दी। जब उसका चेहरा देखा तो हैरान हो गए। वह शर्मा था जो उस दिन मीटिंग में विदेशों के पैंटी चोरों के किस्से सुना रहा था, वही कॉलोनी का पैंटी चोर निकला।
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12-09-2018, 02:04 PM,
#84
RE: Indian Sex Story ब्रा वाली दुकान
जब उसकी चूत का सारा पानी निकल गया तो मैंने राफिया को फिर से सोफे पर सीधा करके लिटा दिया और उसे बता दिया कि अब मैं अपना लंड तुम्हारी कुँवारी चूत में डालने वाला हूँ, पहली बार अंदर जाने पर दर्द होगा तो अपनी चीख को नियंत्रण में रखना और फिर तुम्हे इतना मज़ा आएगा कि तुम रोज अपनी योनी में लंड लेने के लिए मेरे पास आया करोगी। मेरी बात सुनकर राफिया ने कहा सलमान भाई प्लीज़ आराम से फाड़ना मेरी योनी। कल अलीना की योनी में आपने एकदम से अपना लंड घुसा दिया था। 

मैंने उसको हौसला दिया और बताया कि वह तो पूरी रंडी थी पता नहीं किस किस का लंड ले चुकी थी, लेकिन मुझे पता है कि मेरी ये प्यारी सी साली, मासूम सी लड़की है और इसकी योनी में अभी लोड़ा तो दूर की बात किसी की उंगली तक नहीं गई इसलिए मैं इसे आराम से ही चोदुन्गा और कोशिश करूँगा कि कम से कम दर्द हो। इसी दौरान मैंने अपने दाहिने हाथ की बड़ी उंगली उसकी योनी में डाल दी थी जिस पर राफिया ने अपनी योनी को टाइट कर उंगली को ज़्यादा अंदर जाने से रोका मगर योनी टाइट करने से उसे तकलीफ हुई तो उसने फिर से योनी को ढीला छोड़ दिया और मेरी आधी से ज़्यादा उंगली उसकी योनी में चली गई .

राफिया की हल्की सी चीख भी निकली मगर वह इतनी तेज नहीं थी कि दुकान से बाहर जाती। धीरे धीरे राफिया की योनी में अपनी उंगली अंदर बाहर करता रहा और वह मजे से सिसकियाँ लेती रही। जब मेरी उंगली धाराप्रवाह से उसकी योनी में अंदर बाहर होने लगी तो मैंने उंगली बाहर निकाली और दो उंगलियां मिलाकर उसकी योनी में डाल दी . दो उंगलियां योनी में गईं तो राफिया को थोड़ी तकलीफ हुई मगर कुछ ही देर में उसकी सिसकियाँ निकलने लगीं और उसकी योनी की चिकनाहट में वृद्धि होने लगी . 

जब मेरी दोनों उंगलियां तेजी के साथ राफिया की योनी मे जाने लगीं तो मैंने अपनी दोनों उंगलियाँ बाहर निकाल लीं तो मैंने अपने लंड की टोपी को राफिया की योनी के छेद पर रखा और खुद उसके ऊपर लेट गया, लेटने के बाद मैंने राफिया के होठों पर अपने होंठ रख कर उन्हें चूसना शुरू किया और अपने लंड का दबाव राफिया की योनी पर बढ़ाया। राफिया को अपनी योनी पर लंड का दबाव महसूस हुआ तो उसकी आँखों से डर झांकने लगा, लेकिन मैंने कोई झटका लगाए बिना लंड उसकी योनी पर टिका रहने दिया और उसके होठों को चूसता रहा। राफिया की योनी के दोनों होंठ खुले थे और मेरा लंड उसके मुंह के बीच अपने पसंदीदा छेद के ठीक ऊपर अपना दबाव कायम रखे हुए था। थोड़ी देर के चुंबन के बाद जब राफिया का ध्यान उसकी योनी पर मौजूद लंड से हटकर चुंबन की ओर हो गया और वह भी मेरे होंठों को चूसने लगी तो मैंने अपने चूतड़ों को थोड़ा ऊपर उठाया और एक ही झटके में अपना लंड राफिया की योनी में दाखिल कर दिया। 

मेरे इस झटके से राफिया की एक जोरदार चीख निकल गई जो वास्तव में दुकान से बाहर जाती अगर मैंने अपने होंठों से उसके मुंह को जोर से दबाया हुआ न होता। मेरे लंड का कुछ हिस्सा और टोपी उसकी योनी में प्रवेश हो चुकी थी। राफिया अब लगातार चीखें मार रही थी जिन्हें मैं सफलतापूर्वक उसके मुँह पर अपना मुँह रख कर रोक रहा था। उसके होंठों को चूसने के साथ मेरा एक हाथ राफिया के मम्मे पर था जहां उसके एक निप्पल को अपनी उंगलियों से रगड़ रखा था। 2 मिनट तक इसी तरह मेरा लंड राफिया की योनी में शांत खड़ा रहा और मैं उसका निप्पल रगड़ता रहा और उसके होठों को चूसता रहा तो उसकी चीखें निकलना बंद हुईं लेकिन उसकी आंखें दर्द की तीव्रता से आँसुओ से भीग चुकी थी। तब मैंने अपने होंठ राफिया के होंठों से उठाए तो वह दर्द भरी आवाज़ में बोली सलमान भाई प्लीज़ लंड मेरी योनी से निकाल लो। मैंने उसके होठों को एक बार चूमा और कहा घबराओ नहीं मेरी जान, बस थोड़ी देर दर्द होगा, फिर तो मज़ा ही मज़ा है। जैसे कल अलीना को मेरे लंड की सवारी का मजा आ रहा था ऐसे ही तुम मेरे लंड की सवारी करोगी। यह कह कर मैंने फिर से उसके होंठों पर अपने होंठ रख दिए और अपना लंड थोड़ा बाहर निकाल कर एक बार फिर जोरदार धक्का लगाया तो मेरा लंड राफिया की योनी का पर्दा फाड़ते हुए आधे से ज्यादा उसकी चूत में प्रवेश कर चुका था। फिर राफिया की ना रुकने वाली चीखों का सिलसिला जारी हो गया और उसकी आँखों से आँसुओं की धारा निकलने लगीं। मगर मैंने उसकी चीखों को उसके होंठ चूस चूस कर दबाए रखा और बाहर नहीं निकलने दिया और पहले की तरह ही उसके निपल्स को भी रगड़ता रहा। थोड़ी देर बाद मैंने अपने लंड धीरे धीरे उसकी योनी में आगे पीछे करना शुरू कर दिया। दर्द की तीव्रता के कारण उसकी योनी की सारी चिकनाहट ख़त्म हो चुकी थी और चूत बिल्कुल सूखी थी। इसलिए न केवल मुझे उसकी योनी में लंड अंदर बाहर करने में मुश्किल हो रही थी बल्कि उसको भी अपनी चूत में दर्द हो रहा था। फिर मैंने उसके मुँह को छोड़ा और अपना मुंह उसके मम्मों पर रख कर उसके नपल्स को इस तरह चूसना शुरू कर दिया जैसे कोई बच्चा अपनी माँ के मम्मों से दूध पीता है।
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12-09-2018, 02:04 PM,
#85
RE: Indian Sex Story ब्रा वाली दुकान
लड़की के अगर नपल्स चूसे जाएं तो उसको बहुत मज़ा आता है, यही राफिया के साथ हुआ। जब मैंने उसके मम्मों के निपल्स चूस चूस कर उसका दूध पीना शुरू कर दिया तो धीरे धीरे उसकी सिसकियाँ निकलने लगी और मुझे उसकी चूत में भी थोड़ी चिकनाहट महसूस होने लगी। योनी में चिकनाहट बढ़ने का मतलब था कि अब राफिया को थोड़ा मज़ा आना शुरू हो गया था। मैं लगातार राफिया की चूत मे हल्के हल्के धक्के लगाना जारी रखे और उसके मम्मों को चूसता रहा। 3 मिनट बाद राफिया का दर्द गायब हो चुका था और अब मजे से भरपूर सिसकियों का सिलसिला जारी था। यह देख कर मैंने राफिया की चूत में अपने लंड की गति को थोड़ा तेज कर दिया। उसकी चूत अब पूरी गीली हो चुकी थी और चिकनाहट से भरपूर थी। यह मेरे लिए ग्रीन सिग्नल था कि अब मैं खुलकर राफिया की टाइट योनी की चुदाई कर सकता हूँ। यह देखकर मैंने सामान्य गति से राफिया को चोदना शुरू कर दिया। 

इस पर राफिया की चीखें और सिसक़ियों के साथ निकलने लगीं। कभी उसकी चीख निकलती तो कभी उसकी सिसकियाँ निकलने लगतें। राफिया को चोदते हुए मैंने पूछा कैसा लग रहा है ??? राफिया ने चेहरे पर थोड़ी मुस्कान लाते हुए कहा बहुत मज़ा आ रहा है, लेकिन थोड़ी थोड़ी तकलीफ भी हो रही है। मैंने राफिया को कहा बस थोड़ी देर और, एक बार तुम्हारी चूत पानी छोड़ दे तो देखना तुम्हें चुदने के असली मजे से परिचित कराता हूँ। अब मैं राफिया के ऊपर से उठ चुका था और उसकी दोनों जांघों पर हाथ रख कर उसकी चूत में धक्के पर धक्का मार रहा था। राफिया की टाइट योनी में मेरा लंड बहुत आराम महसूस कर रहा था और उसकी चूत की दीवारों को चीरता हुआ उसकी चूत की गहराई तक जाकर दस्तक दे रहा था। फिर राफिया की सिसकियाँ तेज होना शुरू हुई और उसके शरीर में कपकपाहट भी बढ़ने लगी। 


यह देख कर मैंने अपनी गति बढ़ा दी और तेज तेज धक्के मारने लगा। राफिया की सांसें तेज हो रही थीं और आह अह्ह्ह्ह्ह हईईईईईईईईईईईई ह ह ऊहहह, .... आह ह ह ह ह ह ह ह .... उफ़ एफ एफ एफ एफ ... आह ह ह हुह हु हु हु .... उम म म म म म म .... .आह हु हु हु हु हु .... ओह हु हु हु ... ावोह हु हु हु हु की आवाजों से अब मेरी दुकान गूंजने लगी थी। फिर कुछ देर और धक्के लगे और राफिया की चूत में बाढ़ आ गई। उसकी चूत पानी छोड़ चुकी थी और अब उसके चेहरे पर शांति और संतुष्टि के आसार स्पष्ट थे। तब मैंने राफिया की चूत से अपना लंड बाहर निकाला तो मेरा लंड हल्का हल्का लाल हो रहा था। ये राफिया की कुंवारी योनी का खून था जो योनी के विस्फोट की वजह से निकला था। थोड़ा खून नीचे पड़े सोफे पर भी गिरा हुआ था, यह सोच कर मुझे आराम हुआ कि आज बहुत साल के बाद कोई कुंवारी चूत मिली है और सच में मज़ा भी कुंवारी चुदाई वाला था। राफिया की चूत का पानी निकलने के बाद राफिया लम्बे सांस लेती रही फिर मैंने राफिया सेपूछा और चुदाई करवानी है या बस काफी है आज के लिए ???


राफिया ने मेरे लोड़े की ओर एक नज़र डाली और कहा जब तक मेरी चूत को ये लोड़ा खड़ा दिखेगा वह कैसे बस कर सकती है ??? दुबारा लंड डालो अपनी साली की चूत में और मुझे खूब मजा दो। यह कह कर राफिया खुद ही अपनी जगह से उठ गई और बोली- अब तुम लेट जाओ मैं खुद आपके ऊपर आउन्गी... 

मैंने कहा यह बहुत कठिन काम है तुम्हारी आज पहली चुदाई है तुम्हारे लिए मुश्किल होगी। वह बोली कोई बात नहीं मैं सहन कर लूंगी मगर मुझे फिल्मों में बहुत मज़ा आता है जब लड़की लंड के ऊपर बैठ कर चुदाई करवाती है। इसलिए मैं भी ऐसे ही करवाउन्गी . यह सुनकर मैं लेट गया और राफिया मेरे ऊपर आकर मेरा लंड पकड़ कर अपनी योनी छेद पर सेट करके धीरे धीरे नीचे होने लगी। टोपी जैसे ही उसकी योनी में गई उसकी बस गई, वो बोली बस सलमान भाई और अंदर नहीं लिया जा रहा। यह सुनकर मैंने नीचे से एक धक्का लगाया जिससे राफिया की एक चीख निकली मगर आधे से ज़्यादा लंड उसकी चूत में गायब हो गया। और फिर वह खुद ही ज़्यादा वजन मेरे लंड पर डाल कर बैठ गई जिससे बाकी लंड भी राफिया की चूत में चला गया, 

लेकिन अब उसमे गाण्ड ऊपर नीचे हिलाने की भी हिम्मत नहीं थी। उसकी चूत में जैसे मिर्च लग चुकी थीं और उसके चेहरे पर दर्द के काफी आसार स्पष्ट थे। मैं समझ गया था कि वह उछल कूद नहीं कर सकती लंड के ऊपर इसलिए मैंने खुद ही उसको चूतड़ों से पकड़ कर थोड़ा ऊपर उठाया और नीचे से अपनी पम्पिंग मशीन चलाना शुरू कर दिया। इस बार भी राफिया को शुरू के कुछ धक्कों में दर्द हुआ मगर उसके बाद उसकी चूत चिकनी होना शुरू हो गई और मेरा लंड धाराप्रवाह के साथ उसकी चूत में अन्दर बाहर होने लगा। थोड़ी देर इसी तरह धक्के लगाने के बाद मैंने राफिया को अपने ऊपर लिटा लिया और उसकी गाण्ड को उठाकर आगे की ओर किया कि मेरे लंड की केवल टोपी ही उसकी चूत में रह गई, इस स्थिति में राफिया के 34 साइज़ के मम्मे मेरे मुँह के ऊपर लटक रहे थे जिन्हें मैंने अपना सिर ऊँचा उठा कर मुँह में ले लिया और उसके निपल्स को चूसना शुरू कर दिया, 


नीचे से अपनी टाँगें ऊपर की तरफ लाकर और अपने चूतड़ ऊपर उठा कर मैंने राफिया की चिकनी कुंवारी चूत में धक्के लगाना शुरू कर दिए। मेरे हर धक्के पर राफिया की एक सिसकी निकलती। जैसे जैसे मैं उसको चोद रहा था उसका दर्द कम होता जा रहा था और वह मजे की घाटियों में गुम हो रही थी। 3 मिनट की चुदाई के बाद अब राफिया मुझे जोर से चोदने को उकसा रही थी। यह उसकी जवानी की गर्मी थी कि मेरे जैसे व्यक्ति का मोटा लंड लेने के बावजूद वह अपनी पहली ही चुदाई में मुझे बराबर की टक्कर दे रही थी और हर धक्के के साथ उसकी आवाज आती हाईईईई, और जोर से चोदो .... आह हह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह ह ह ह ह ..... आह ह ह हहह राजा जोर से चोदो अपनी साली को।

। । । आह ह ह ह ह ह ... और जोर से .... और जोर से चुदाई करो अपनी साली की आहह्ह्ह्ह्ह्ह ह ह ह ह ह ह ह .... आह ह ह ह ह ह ह ह .... उफ़ एफ एफ एफ एफ एफ ........ शानदार लोड़ा है आपका .... घुसा दो अपनी साली की कुंवारी योनी में .... आह ह ह ह ह ह ह ह ..... तेज तेज धक्के मारो । । । आह ह ह ह। । । आह ह ह ह ह ..... मैं राफिया की हिम्मत पर हैरान था जो अपनी पहली ही चुदाई में मुझे रुकने की बजाय मुझे ज्यादा तेज चोदने पर उकसा रही थी। मुझे ज़रूर उसके कुँवारेपन पर शक होता अगर मैंने उसकी योनी से निकलने वाला खून अपने लंड पर अपनी आँखों से न देखा होता। बहरहाल, 5 से 7 मिनट तक राफिया को यूंही अपने ऊपर लिटा कर चोदता रहा उसके बाद उसकी चूत ने पानी छोड़ दिया। फिर मैंने राफिया को कहा कि तुम्हें तो मैंने तुम्हारी पसंदीदा पोज़ीशन में चोद दिया है अब मेरी इच्छा पूरी करोगी ??? 
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12-09-2018, 02:05 PM,
#86
RE: Indian Sex Story ब्रा वाली दुकान
राफिया बोली क्यों नहीं दूल्हे भाई, बोलो आप अपनी साली को कैसे चोदना चाहते हो ??? मैंने कहा मैं चाहता हूँ मेरी छोटी सी सेक्सी सी साली इस समय मेरे सामने घोड़ी बन जाए और पीछे से उसकी चूत को चोद चोद कर उसकी चूत को लाल कर दूं। यह सुनकर राफिया हंसी और बोली जो हुकुम मेरे जीजा का ... ये चूत अपने जीजा के काम नहीं आएगी तो भला और किस काम आएगी। जी भर कर मारो अपनी साली की चूत। यह कह कर राफिया सोफे पर घोड़ी बन गई और मैंने पीछे से उसकी चूत में लंड डाल करके अपनी फुल स्पीड में उसको चोदना शुरू कर दिया। 4 मिनट तक राफिया को घोड़ी बना कर चोदने के बाद मैंने राफिया को बूब्स से पकड़ लिया और उसकी कमर को ऊपर करके उसकी कमर अपने सीने के साथ लगा ली। मेरा लंड अब भी पिछली ओर से उसकी चूत को चोद रहा था मगर अब वह घोड़ी वाली स्थिति की बजाय खड़ी हो गई थी अपने घुटनों। या यूं कह लें . चुदाई करवाते करवाते हुए अपने पैर उठा चुकी थी। मैंने 5 से 6 मिनट तक राफिया की चूत को जी भर कर फुल स्पीड में एक ही स्थिति में चोदा और फिर अचानक राफिया की चूत ने पानी छोड़ दिया। राफिया की चूत ने पानी छोड़ा तो मेरे लंड ने भी उसकी गर्मी पकड़ ली और मैंने राफिया को कहा तुम्हारे जीजा का लोड़ा अपनी क्रीम निकालने को तैयार है, यह सुनकर राफिया बोली अपनी क्रीम मेरे मम्मों पर निकाल दो, सुना है लोड़े की क्रीम अगर मम्मों पर मस्लो तो मम्मे बड़े हो जाते हैं। मैंने कहा जो हुकुम मालिका यह कह कर मैंने राफिया की योनी से लंड निकाला और वह सोफे पर लेट गई, मैं उसके ऊपर आ गया और अपने लंड को हाथ में पकड़ कर मुठ मारने लगा । राफिया ने मेरे हाथ से मेरा लंड पकड़ा और बोली लाओ में मुठ मारूं अपने जीजा के लोड़े की। यह कह कर उसने मेरा लंड अपने दोनों हाथों से पकड़ लिया और लेटे लेटे उसकी मुठ मारने लगी। इस दौरान उसने मेरे लंड की टोपी का रुख अपने बूब्स पर ही किए रखा और थोड़ी ही देर मुठ मारने के बाद मेरे लंड ने भी हार मान ली और मेरे वीर्य ने राफिया के गोरे गोरे बूब्स को ढक लिया। जब सारा वीर्य निकल गया तो मैं सोफे से टेक लगाकर बैठ गया जबकि राफिया मेरे वीर्य को अपने मम्मों पर मसलने लग गई जैसे उसे विश्वास हो कि वास्तव मम्मों पर वीर्य मसलने से मम्मे बढ़ जाते हैं। कुछ देर तक राफिया अपने मम्मों पर वीर्य मसलती रही और जब सारा वीर्य मसल मसल कर गायब हो गया तो राफिया उठ कर मेरे ऊपर आ गई और मेरे होंटों पर अपने होंठ रख कर उन्हें चूसने लगी। 5 मिनट तक हम एक दूसरे से प्यार करते रहे। फिर मैंने राफिया को कहा कि चलो तुम कपड़े पहनो अब ताकि मैं तुम्हें घर छोड़ आउ .

राफिया ने अपने कपड़े पहने और मैं उसे घर छोड़ आया। अगले 3 दिन तक राफिया को घर से कॉलेज छोड़ता रहा और कॉलेज से छुट्टी के बाद वह मेरी दुकान पर आकर मेरे लोड़े से खेलती रहती और उससे नए नए स्टाइल में अपनी योनी चुदवाती रहती . 3 दिन के बाद उसके रिक्शा वाला सही हो गया और वह पहले वाली दिनचर्या के अनुसार रिक्शे वाले के साथ ही कॉलेज से घर और घर से कॉलेज जाने लगी। इस दौरान काफी दिन तक राफिया दुकान पर नहीं आई लेकिन सलमा आंटी एक दिन दुकान पर आईं तो मैंने अवसर का लाभ उठाकर न केवल उनकी चूत का बुरा हाल किया बल्कि उनकी गाण्ड की भी खूब चुदाई की। फिर सलमा आंटी मेरे लंड से संतुष्ट होकर अपने घर वापस चली गईं। राफिया ने भी एक चक्कर लगाया दुकान पर मगर वह नीलोफर और शाज़िया के साथ आई थी जिस वजह से न तो मैं राफिया की चुदाई कर सका और न ही नीलोफर और शाज़िया को चोद सका। 
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12-09-2018, 02:06 PM,
#87
RE: Indian Sex Story ब्रा वाली दुकान
फिर एक दिन शुक्रवार को जब मेरी दुकान से छुट्टी थी तो मुझे लैला मैम का फोन आया, वह मुझे अपने घर बुला रही थीं। लीला मैम के मम्मों और उनकी चूत के बारे में सोचता हुआ आधे घंटे में उनके घर पहुंच गया। अंदर जाकर लीला मैम के पति से भी मिला जिनकी तबीयत अब पहले से काफी बेहतर लग रही थी मगर अब भी वह उठकर बैठने की स्थिति में नहीं थे। उनसे मिलने के बाद लैला मैम ने उन्हें कहा कि मैं सलमान को अपनी हवेली लेकर जा रही हूँ तो उनके पति ने कहा, हां ठीक है तुम जाओ, क्योंकि नौकर तो खुद से काम नहीं करते तुम जाओगी तो कोई काम करेंगे वह। यह सुन कर लैला मैम बाहर आ गई, मैंने अंदर तो कुछ नहीं कहा मगर कमरे से बाहर निकलने के बाद मैंने लैला मैम को कहा कि मैं आपके साथ नहीं जाऊंगा। लैला मैम हैरान हुईं और बोलीं कि क्यों तुम क्यों नहीं जाओगे ??? मैंने कहा मैम आप बहुत गंदे हैं, पहले आपने पार्टी में मेरे लंड का बुरा हाल किया और जब मेरा भी दिल करने लगा तो मुझे घर जाने की सलाह दे दी, और उस दिन ट्यूबवेल पर भी आपने अपना सुंदर शरीर दिखा दिखा कर मेरा बुरा हाल करके रखा मगर जब मैंने आपकी चूत की ओर बढ़ने का इरादा किया तो आपने मना कर दिया। 

लैला मैम के सामने पहली बार इतना खुलकर बोला था, इससे पहले एक बार मैम से सरसरी तौर पर अपने लोड़े की चुसाइ लगवाने की बात हुई थी मगर उनकी चूत के बारे में बात नहीं हुई थी। मेरी बात सुनकर लैला मैम ने बनावटी क्रोध व्यक्त किया और कहा तुम्हें शर्म नहीं आती अपनी मैम की चूत के बारे में सोचते हुए ??? 

मैंने कहा मैम मुझे तो शर्म आती है इसीलिए तो अब तक आपकी चूत बची हुई है, मगर मैं अपने लंड का क्या करूँ ??? जब से आपके साथ पार्टी में डांस किया और आपने अपने चूतड़ मेरे लंड पर रगड़े हैं, आपको करीब पाकर मेरा लंड खुद ही खड़ा होने लगता है। और उस दिन ट्यूबवेल पर तो हद ही हो गई थी न, मैंने आपके मम्मे भी देख लिए, आपने अपनी गाण्ड के बीच मेरे लंड को भी फंसाया मगर चोदने की बारी आई तो मेरे अरमानों पर पानी डाल दिया। अब मुझसे बर्दाश्त नहीं होगा, मैं आपको जबरन चोद दूंगा, इसलिए बेहतर है आप मुझे न लेकर जाएं। 

मेरी बात सुनकर लैला मैम हंसने लगीं और बोलीं पहला पुरुष देखा है जो औरत को कह रहा है मैं आपको जबरन चोद दूंगा इसलिए मेरे साथ मत जाओ। जबकि पुरुष तो चाहते हैं कि उन्हें ज़बरदस्ती का मौका मिले . मैंने कहा नहीं मैम मैं किसी भी शरीफ औरत के साथ जबरदस्ती नहीं कर सकता। मैम बोलीं .... अच्छा .... और जो शरीफ न हो ??? मैंने कहा अगर औरत शरीफ न हो तब तो उसकी चूत में लंड डालना बनता ही है ना। 

मैम ने कहा, चलो आज हम ट्यूबवेल में नहीं नहाएँगे ताकि तुम्हारा बुरा हाल न हो। यह कह कर मैम बाहर निकल गईं मजबूरन में भी उनके साथ बाहर निकल गया, अब मोटर साइकिल की ओर बढ़ ही रहा था कि एकदम से बारिश शुरू हो गई। बारिश शुरू हुई तो मैंने मैम को कहा बस मैम, आज तो हम नहीं जा सकते। मैम ने कहा चलो वो तो ठीक है कि हम आज हवेली नहीं जा सकते, लेकिन बारिश में नहा तो सकते हैं ना .. यह कह कर लैला मैम एक 18 वर्षीय लड़की की तरह हाथ फैला कर आँखें बंद करके चेहरा आकाश की ओर करके खड़ी हो गईं और वारिश को एंजाय करने लगीं। देखते ही देखते मैम की सफेद रंग की कमीज भीग गई और गीली कमीज अब मैम के शरीर के साथ चिपक गई थी। मैम ने नीचे से काले रंग का ब्रा पहन रखा था जो कमीज गीली होने के बाद स्पष्ट नजर आ रहा था, मैं भी आज जानबूझकर अंडर वेअर पहन कर नहीं आया था ताकि अपने लंड के उभार से लैला मैम को चुदाई के लिए राजी कर सकूं । लैला मैम की काले रंग की ब्रा देखते ही मेरे लोड़े ने भी सिर उठाना शुरू कर दिया और मैं लीला मैम के पास होकर खड़ा हो गया। मेरा भी पूरा शरीर बारिश में भीग चुका था।


मैं काफी देर लैला मैम को देखता रहा जो एक मासूम लड़की की तरह बारिश में आंखें बंद किए खड़ी थीं। उनके चेहरे की मासूमियत पर मुझे बहुत प्यार आ रहा था, उन्हें शायद बारिश बहुत पसंद थी। कुछ देर मैम को उसी तरह देखता रहा फिर मेरी नजर उनके सीने पर पड़ी जहां उनकी गीली कमीज से उनके बूब्स का उभार भी स्पष्ट नजर आ रहा था। मैंने मैम को हिलाया और कहा मैम लगता है आपको बारिश बहुत पसंद है। मैम ने आंखें खोलीं और बोलीं, हां मुझे बारिश बहुत पसंद है। जब भी बारिश होती है बारिश में जरूर नहाती हूं। फिर मेम ने मुझे कहा आओ पिछली साइड पर चलते हैं वहां लॉन भी है और बारिश का पानी भी अधिक आ जाएगा। यह कह कर मैम मुझे अपने घर के पिछली साइड पर मौजूद लॉन में ले गईं जहां ऊपर किसी प्रकार की कोई छत नहीं थी और बारिश का पानी अपनी पूरी गति के साथ बरस रहा था, जबकि सामने वाले हिस्से में एक शेड की वजह से बारिश की गति थोड़ी कम थी . यहाँ आकर मैम पहले तो हाथ फैलाकर मुँह ऊपर उठाकर पानी के मजे लेती रहीं, फिर मुझे कहा, हे मेरे तुम भी नहाओ बारिश में। मैं पहले से ही भीगा हुआ था मगर इतना नहीं जितना मैम भीग चुकी थी, जबकी सलवार और कमीज दोनों ही उनके शरीर से चिपक चुकी थी और उनका शरीर कमीज से दिख रहा था। 
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12-09-2018, 02:06 PM,
#88
RE: Indian Sex Story ब्रा वाली दुकान
मैम मुझे हाथ पकड़ कर अपने साथ ले गई और एक हाथ से मेरा हाथ पकड़ कर फिर से अपने दोनों हाथ फैला लिए ऊपर देख कर आँखें बंद करके अपने चेहरे पर बारिश के पानी का आनंद लेने लगीं। फिर मेम ने मेरे दोनों हाथ अपने हाथ में पकड़ लिये और घूमने लगीं। जैसे बचपन में लड़कियों खेलती हैं, एक दूसरे का हाथ पकड़ लेती हैं और फिर तेज तेज घूमती हैं जिसे पंजाबी में कीकली भी कहते हैं। इसी तरह मेम मेरे हाथ पकड़ कर चलना शुरू हो गईं और मैंने भी उनका साथ दिया। वह इस समय बिल्कुल एक छोटे बच्चे की तरह खुश थीं। थोड़ी देर तेज तेज घूमने के बाद मैम को चक्कर आने लगे तो वह रुक गई और थोड़ा लड़खड़ाने लगी। मैंने अवसर का लाभ उठाया और मैम को पीछे से जाकर उन्हें कंधों से पकड़ लिया और उन्हें सहारा दिया। मैम ने अपने हाथ मेरे हाथों पर रख दिये और कुछ देर सीधी खड़ी रहीं। फिर जब उनके चक्कर खत्म हुए तो वो फिर से हवा में हाथ बढ़ा कर खड़ी हो गई, मैंने भी पीछे खड़े खड़े मैम के हाथ पकड़ लिए और टाइटैनिक वाला स्टाइल बना लिया। इस दौरान मेरा लंड जो मैम को गीला और सेक्सी पोशाक में देख कर खड़ा हो चुका था उसने मैम के चूतड़ों पर दस्तक देना शुरू कर दिया था, मगर मैम ने उसका कोई नोटिस नहीं लिया और ऐसे ही खड़ी रहीं।
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12-09-2018, 02:06 PM,
#89
RE: Indian Sex Story ब्रा वाली दुकान
मैम के चूतड़ों को छूने के बाद मेरे लंड ने एक अंगड़ाई ली और पहले से अधिक तन गया और थोड़ी देर के बाद मैं अपना शरीर मैम के शरीर से जोड़ लिया था और मेरा लंड मैम के चूतड़ों लाइन में घुसने की पूरी कोशिश कर रहा था मगर अब तक इसमें सफलता नहीं मिली थी। कुछ देर इसी तरह खड़े रहने के बाद मुझे महसूस हुआ कि मैम ने अपने चूतड़ों को थोड़ी सी हरकत दी है और मेरे लंड के ऊपर उन्हें रगड़ा है। इससे मुझे एक बार फिर हौसला मिला और मैंने मैम के चूतड़ों पर न केवल अपने लंड का दबाव बढ़ा दिया बल्कि मैम के बाजुओं से अपने हाथ मसलता हुआ मैम की गर्दन तक ले आया और वहां से मैम के सीने से रगड़ता हुआ उनके पेट तक ले गया और पेट पर ले जा कर मैंने मैम को झप्पी डाल ली और अपने होंठ मैम गर्दन की पर रख दिए। मेरे होठों का स्पर्श अपनी गर्दन पर महसूस कर मेम ने अपनी गर्दन पीछे मोड़ कर मेरी ओर शिकायती नज़रों से देखा लेकिन मुझे रोका नहीं। मैं भी कहाँ रुकने वाला था इसलिए मैंने मेडम की गर्दन पर प्यार करना शुरू कर दिया और मेडम थोड़ा झुक गईं जिसकी वजह से उनकी गाण्ड बाहर निकली और मेरे लंड ने आखिरकार मैम के चूतड़ों के बीच की लाइन में अपने लिए जगह बना ली । जैसे ही मेरा लंड मैम के चूतड़ों की लाइन में गया मैम ने अपने चूतड़ों को सख्ती से भींच लिया और मेरा लोड़ा मैम के चूतड़ों में फंस गया। मैंने मैम के कंधों से थोड़ी सी कमीज हटाई और फिर उनका ब्लैक रंग का ब्रा भी उनके कंधों से हटा कर उनके कंधों पर अपने होंठ रख कर उन्हें प्यार करने लगा। 

राफिया को प्यार करते हुए मेरी कोशिश थी कि उसके शरीर पर मेरे दांतों के निशान न पड़ें, लेकिन लैला मैम को प्यार करते हुए मैंने बिल्कुल भी ध्यान से काम नहीं लिया और पागल वार उनके शरीर पर अपने प्यार के लक्षण छोड़ना शुरू कर दिए थे । मैम भी अपना सर मेरे कंधे पर पीछे की ओर झुकाए गहरी गहरी साँस ले रही थीं। धीरे धीरे मैम के चूतड़ों में फँसा लंड भी आगे पीछे की ओर अग्रसर था जिससे न केवल मुझे बल्कि मैम को भी मज़ा आ रहा था, तो मैंने मैम का चेहरा साइड पर घुमाया और उनके गीले होठों पर अपने होंठ रख कर उनको चूसना शुरू कर दिया, जबकि मेरा एक हाथ मैम के पेट से सरकता हुआ उनके मम्मों पर आकर रुक गया था और अब मैं धीरे धीरे मैम का एक मम्मा हाथ मे पकड़े उसे दबा रहा था, जबकि मैम मेरे चुंबन का भरपूर जवाब दे रही थीं, उन्होंने उत्साह से मेरे होठों पर अपनी जीभ से दस्तक दी और मैंने मैम की ज़ुबान को अपने मुंह में वेलकम कर उनकी ज़ुबान मुँह में लेकर चूसना शुरू कर दिया। ज़ुबान चूसने के साथ साथ अपना दूसरा हाथ भी लैला मैम के 36 आकार के मम्मों तक ले आया था और अब अपने हाथों से लैला मैम के मम्मों को पकड़ कर उनके बूब्स को दबाने और उनकी ज़ुबान चूसने में व्यस्त था।

फिर लैला मैम ने अपनी पीठ दूसरी ओर कर मुंह मेरी तरफ कर लिया और मेरे होंठों पर अपने होंठ रख कर दीवाना वार मुझे प्यार करना शुरू कर दिया और मैंने अपने दोनों हाथ लैला मैम के चूतड़ों पर रख दिए। लैला मैम बहुत भावनात्मक रूप से मेरे होंठों को चूस रही थीं, होठों को चूसने के बाद मैम मेरी गर्दन तक आईं और फिर मेरी शर्ट के बटन खोल कर मेरी शर्ट उतार दी और मेरी बनियान भी उतार दी। लैला मैम ने बनियान उतारते ही मेरे सीने पर अपनी जीभ फेरना शुरू कर दिया और अपने दोनों हाथ मेरी कमर पर रखकर कमर की मालिश शुरू कर दिया। लैला मैम की साँसें बहुत गर्म थी और काफी तेज चल रही थी। उन्होंने अपनी जीभ की नोक से मेरे नपल्स पर भी थोड़ी देर परिक्रमा की जिसका मुझे बहुत मज़ा आया, तो मैंने लैला मैम को अपनी गोद में उठा लिया और उनकी कमीज के आगे के बटन खोल दिए जिससे उनके बूब्स का उभार स्पष्ट नजर आने लगा । लैला मैम के काले ब्रा में उनके गोरे मम्मे बहुत सुंदर लग रहे थे जिस पर बारिश के पानी की बूंदें भी मौजूद थे और लैला मैम के मम्मों का मिलान बहुत ही सेक्सी था। मैंने अपनी जीभ से लैला मैम के मम्मों से पानी की बूंदों चाटना शुरू कर दिया और उन्हें गोद में उठाए हुए एक कमरे में ले गया। यह कमरा भी एक बेडरूम था मगर लैला मैम के अपने बेडरूम से खासा दूर था, बीच में एक बड़ा हाल और किचन भी मौजूद था। बारिश अभी भी हो रही थी मगर अब लैला मैम को बारिश से अधिक लंड की मांग महसूस हो रही थी। 

अंदर ले जाकर मैंने लैला मैम को गोद से उतारा और उनकी कमीज पूरी उतार दी, कमीज उतारने के बाद मैंने लैला मैम की सलवार भी उतार दी। वाह क्या अहसास था, हुश्न की मूर्ति इस समय मेरे सामने भीगा हुई खड़ी थी संग मर मर की तरह चमकता शरीर और उस पर पानी की बूँदें और गोरे बदन पर काले रंग की सेक्सी ब्रा और पैन्टी क़यामत ढा रहे थे। लैला मैम की आँखों में इस समय लाल डोरे नज़र आ रहे थे जो सेक्स की तीव्र मांग के प्रतीक थे। मैंने आगे बढ़कर लैला मेम को बेड पर लिटा दिया और खुद उनके ऊपर लेट कर लैला मैम के पूरे शरीर को चाटना शुरू कर दिया। पहले मैंने लैला मैम के सीने पर और फिर उनके मम्मों के उभारों पर प्यार किया, मैं लैला मैम के पेट पर अपनी जीभ फेरता हुआ उनकी नाभि तक पहुंच गया जिससे लैला मैम की साँसें और भी तेज हो गईं। वहाँ से मैंने लैला मैम की नाभि के हिस्से पर ज़ुबान फिराई और लैला मैम की पैन्टी के ऊपर आकर उनकी चूत को चाटने लगा जहां बारिश और लैला मैम की चूत के पानी का मिश्रण मौजूद था। मैं लीला मैम के पैरों के बीच में आ चुका था और उनकी चूत पर अपनी जीभ से दबाव डाल रहा था। थोड़ी देर तक लैला मैम की चूत को पैंटी के ऊपर से ही चाटने के बाद मैंने लैला मैम की गुदाज जांघों पर अपनी जीभ को चलाना शुरू कर दिया, और फिर लैला मैम को औंधे मुंह लिटा कर उनके चूतड़ों पर भी खूब ज़ुबान फेरी और उन्हें प्यार किया। 

फिर चूतड़ों ऊपर आकर मैंने लैला मैम की स्लिम और सेक्सी कमर पर पहुँचने के बाद उनके ब्रा के हुक को अपने मुंह से खोला उनको सीधा करके उनका ब्रा उतार दिया। उफ़ ........ क्या क़यामत खेज मम्मे थे लैला मैम के। जबकि मैं एक बार पहले भी लैला मैम मम्मों का नज़ारा कर चुका था, मगर आज तो तसल्ली से अपनी आंखों की प्यास बुझा रहा था। लैला मैम के 36 आकार के मम्मों पर मौजूद छोटे नपल्स बहुत ही सेक्सी लग रहे थे उनका रंग गहरा ब्राउन था और उनकी सख्ती से लग रहा था कि लैला मैम इस समय काफी गर्म हो रही हैं। मैं लैला मैम की एक साइड पर करवट लेकर लेट गया और अपनी जीभ से लैला मैम के सुंदर तने हुए नपल्स को चाटने लगा, लैला मैम ने अपना एक हाथ आगे बढ़ाकर मेरे कच्छे के ऊपर से ही मेरा लंड पकड़ लिया और उसकी लंबाई का अनुमान लगाने लगीं। मेरे लंड को छूते हुए और अपने निपल्स चुसवाते हुए लैला मैम काँपती हुई आवाज़ में बोलीं, सलमान तुम्हारा लंड और मेरे पति का लंड लगभग एक जितना ही लंबा है उस दिन ट्यूबवेल पर मैंने तुम्हारा लंड देखा था तो मुझे तुरंत अपने पति के लंड की याद आ गई, जिस पर मैं बहुत ही मजे से सवारी करती थी, तब से ही मेरा मन कर रहा था कि तुम्हारे लंड से अपनी प्यासी चूत को आराम पहुँचाऊं। 

मैंने लैला मैम के निपल्स को चूसते हुए कहा मेडम आपका शरीर ही चोदने के लायक है, और आप चिंता न करें, आपकी चूत को शांत करके ही दम लूँगा और बहुत प्यार से चोदुन्गा आपको। मेरी बात सुनकर लैला मैम बोलीं अच्छा मुझे अपना लंड तो दिखाओ फिर से .. यह सुनने की देर थी कि मैंने जल्दी से पहले अपना कच्छा उतार दिया और मैम के सिरहाने अपना लंड पकड़ कर बैठ गया। मैम ने भी अब करवट ली और मेरे लंड पर अपना नरम और गरम हाथ रखकर उसको पकड़कर खुशी से देखने लगीं। लैला मैम मेरे लंड को दबा दबा कर उसकी मोटाई का अनुमान लगा रही थीं। फिर लैला मैम ने कहा तुम्हारी मोटाई भी वैसी ही है जैसे मेरे पति के लंड की है और सख्त भी है लंड। यह कह कर मैम उलटी होकर लेट गई और मैं उनके बेड पर पैर फ़ोल्ड करके बैठ गया। लैला मैम ने मेरे लंड की टोपी पर अपने होंठ रखे और उसको एक प्यार भरी किस करने के बाद उसकी टोपी पर मौजूद पानी को अपनी जीभ से चाट लिया। फिर लैला मैम ने मेरा लंड अपने मुंह में डाला और और उसको आराम से चूसने लगीं। मुझे यकीन नहीं आ रहा था कि आज मेरा लंड लैला मैम के मुंह में है और जो कुछ ही देर के बाद लैला मैम की चूत में जाने वाला था, जबकि मैने पहले भी 2 बार ट्राई की थी मगर लैला मैम की चूत न मिल सकी। मैं अपनी किस्मत पर खुश था और लैला मैम भी बहुत समय बाद एक और लंड अपनी चूत में लेने के लिए बेताब थीं और उनकी खुशकिस्मती थी कि जैसा मोटा और लंबा लंड लेने की वह आदी थीं वैसा ही लंड उन्हें बहुत वर्षों के बाद मिल रहा था। 

मित्रो लैला की चुदाई अगले अपडेट में ही हो पाएगी उसके लिए माफी चाहता हूँ जब तक आप भी लैला मेम के ख्यालो में खो जाइए 
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12-09-2018, 02:06 PM,
#90
RE: Indian Sex Story ब्रा वाली दुकान
लैला मैम मस्त होकर मेरे लंड की चुसाइ लगा रही थीं, मैंने कहा मैम कितना समय हो गया मगर चुसाइ करना नहीं भूलीं . मेरी बात सुनकर लैला मैम ने कहा नहीं ऐसी बात नहीं, मेरी चूत में काफी समय से लंड नहीं गया मगर चुसाइ तो लगाती ही रहती हूँ, तुम्हें बताया तो था कि अपने पति वीर्य में मुठ मार कर निकाल देती हूँ तो इस दौरान उनके लंड चौपा भी लगाती हूँ। मैंने कहा हाँ, तभी आप चूसने में तो माहिर हैं। इस बीच थोड़ा आगे झुक कर लैला मैम के चूतड़ों को अपने हाथ से दबा रहा था जबकि लैला मैम के मुंह में मेरा लंड मजे कर रहा था। फिर लैला मैम ने मेरा लंड अपने मुंह से निकाला और मेरे आँड अपने मुँह में लेकर चूसना शुरू कर दिए जिससे मुझे और भी ज़्यादा मज़ा आने लगा। कुछ देर तक मेरे आँड चूसने के बाद लैला मैम उठ कर बैठ गई और मुझे लेटने को कहा तो मैं तुरंत लेट गया, लैला मैम ने अपनी चूत मेरे मुँह के ऊपर रखी और खुद मेरे लंड के ऊपर झुक कर मेरे लंड को मुँह में डाल लिया, एक जोरदार चुसाइ लगाने के बाद लैला मैम ने कहा मेरी पैन्टी उतार दो और मेरी चूत चाटना और यह कह कर लैला मैम ने फिर से मेरे लंड की चुसाइ करना शुरू कर दिया। मुझे अपनी किस्मत पर यकीन नहीं आ रहा था। मैंने लैला मैम की पैन्टी उतार कर कुछ नीचे की तो उनकी चिकनी और गीली चूत पर नज़र पड़ी। लैला मैम की चूत बहुत टाइट थी, देखकर ऐसा लगता था कि जैसे यह कुंवारी चूत हो, शायद बहुत समय से चुदाई न होने के कारण लैला मैम की चूत टाइट हो गई थी। 

मैंने अपनी जीभ बाहर निकाली और लैला मैम की चूत के टाइट लबों को अपने हाथ की उंगलियों से खोलकर अपनी ज़ुबान उसमे घुसाने लगा। अभी मेरी ज़ुबान लैला मैम की चूत से स्पर्श ही हुई थी कि मेरे साथ लैला मैम को भी एक 440 वोल्ट का झटका लगा और वह तुरंत मेरे ऊपर से उठ गईं। कमरे के बाहर दूसरे दरवाजे से जो बड़े हॉल में खुलता था वहां से नर्स की आवाज आई थी जो किसी से कह रही थी बस में साहब को दवाई पिला दूं फिर उसी बेड रूम में मिलती हूँ तुम्हें। यह वही नर्स थी जो लैला मैम ने अपने पति की देखभाल के लिए रखी हुई थी। उसकी आवाज सुनते ही लैला मैम बिजली की सी तेजी से मेरे ऊपर से उतरीं और तुरंत अपने कपड़े ब्रा सहित पहन लिए। पैन्टी पहले ही उनकी टांगों में थी जो अब तक मैंने पूरी तरह उतारी नहीं थी, लैला मैम कपड़े पहनते देखकर मैं भी जल्दी से अपना कच्छा पहन कर बाहर भागा और बाहर कुर्सी पर पड़ी अपनी बनियान और कमीज़ पहन ली। अभी कमीज पहनकर में मुड़ा ही था कि लैला मैम भी बाहर लॉन में आ गईं। बारिश थम चुकी थी, लेकिन लैला मैम की चूत अब तक प्यासी थी। और जैसे ही लैला मैम बाहर आईं कमरे के दूसरी ओर का दरवाजा खुला और वह नर्स ने कमरे में प्रवेश किया, लेकिन बाहर वाले दरवाजे से जब उसकी नज़र लैला मैम और मुझ पर पड़ी तो वह एकदम से ठिठक गई और उसकी आँखें फटी की फटी रह गईं। 

लैला मैम ने पीछे मुड़कर नहीं देखा था मगर मैंने पीछे मुड़कर देखा तो नर्स के पीछे लैला मैम का चौकीदार भी कमरे में आ था और उसका हाथ शायद नर्स के चूतड़ों पर था। मैं पहले से ही नर्स की आवाज सुनकर समझ गया था कि वह चौकीदार से चुदाई करवाती है तभी उसे इस कमरे में मिलने का कह रही थी और अब उसके पीछे चौकीदार को देखकर तो मुझे यकीन हो गया था। लैला मैम ने जब मुझे पीछे मुड़कर देखते हुए पाया तो उन्होंने भी पीछे मुड़कर देखा, उन्हें मालूम तो था कि नर्स होगी, मगर वह अनजान बन गईं और पीछे देखकर नर्स से बोलीं तुम यहाँ क्या कर रही हो ?? फिर चौकीदार पर नज़र पड़ी तो उससे भी मैम ने पूछा तुम अंदर क्या कर रहे हो? नर्स ने तुरंत बहाना बनाया कि आपके पति ने कमरे की सफाई को कहा था तो चौकीदार को ले आई। मैम ने कहा, तुम जाओ, मैं करवा लूँगी सफाई। यह सुनते ही नर्स वहाँ से रफ़ू चक्कर हो गई और चौकीदार भी जान बचाकर चला गया। मैम भी समझ गई थीं असली मामला मगर अभी उनकी क्लास लेने की बजाय अपने आपको बचाना था। उनके जाते ही मैम ने मेरी ओर देखा और कहा बाल-बाल बच गए आज तो। अब तुम जाओ, मैं अपने पति को जाकर बताती हूँ कि हवेली नहीं जा सकी बस इधर लॉन में बैठी बारिश को एंजाय करती रही। यह कह कर लैला मैम वापस अपने कमरे में चली गई और लूटा हुआ मुंह और लटका हुआ लंड को लेकर वापस अपने घर चला गया और अपनी किस्मत को कोसता रहा . 

लेकिन मुझे ये आशा जरूर होचली थी, जब लैला मैम इस हद तक आगे चली गई थीं कि उन्होंने मेरा लंड मुंह में लेकर चुसाइ लगाई और अपनी चूत भी मेरे मुंह पर रख दी थी तो अब वह समय दूर नहीं था जब मैं लैला मैम की चूत में अपने लंड से धक्के मारूँगा। इस घटना के 3, 4 दिन बाद तक कोई विशेष घटना नहीं हुई। फिर एक दिन मेरी किस्मत खुली जब लैला मैम मेरी दुकान पर आ गई। उनको देखते ही मेरे लंड को एक झटका लगा और मेरी नज़रें घड़ी की ओर गईं। वहाँ 1 बजकर 50 मिनट का समय हो रहा था और सौभाग्य से उस समय दुकान में कोई था नहीं। मैं तुरंत बाहर गया और दुकान का दरवाजा लॉक करके दुकान बंद है का साइन बोर्ड भी लगा दिया। फिर मैंने मैम पूछा कि कैसे आना हुआ तो मैम ने कहा मुझे थोड़ी देर तक अपने एक चचेरे भाई की शादी में जाना है। तो उसकी अम्मी की कॉल आई थी उन्होंने अपनी बेटी के अंडर गारमेंट्स नहीं खरीदे, तो उन्होंने मुझे कहा कि ज़रीना के लिए अंडर गारमेंट्स लेती आना . मैंने लैला मैम से उसका साइज़ पूछा और उसके साइज़ के कुछ बराईडल अंडर गारमेंट्स निकाल दिए जो काफी सेक्सी थे . 

फिर मैंने मैम को कहा कि उसके लिए कोई सेक्सी नाइटी भी चाहिए ??? तो मैम ने कहा हां नई नई शादी होगी तो अपने पति को खुश करने के लिए कुछ भी इस्तेमाल करेगी वह। मैंने मेम को एक अरबी शैली की नाइट दी और उन्हें कहा कि आप यह पहन कर देख लें . मैम ने कहा नहीं मैं क्यों पहनू ??? मैंने कहा मैम पहन कर तो देखो, अगर आपके शरीर पर अच्छी लगी तो एक आप उसके लिए ले जाएगा और एक मैं आपको में उपहार दे दूंगा। मेरी बात सुनकर मैम हँसी और बोलीं नहीं मुझे उपहार नहीं चाहिए लेकिन पहन कर देख लेती हूँ अगर अच्छी लगी तो उसके लिए ले जाऊंगी . यह कह कर मैम ने नाइटी उठाई और ट्राई रूम में चली गईं जबकि मैं अपना लंड हाथ में पकड़ कर उसकी मुठ मारने लगा। थोड़ी देर बाद मैम की आवाज़ आई हां ठीक है यह नाइटी, काफी सेक्सी है। मैम की बात सुनते ही मैं ट्राई रूम की तरफ भागा और हाथ बढ़ाकर अंदर से कुंडी खोलकर दरवाजा खोल दिया। वैसे तो मैम एक बार मेरे सामने पूरी नग्न हो चुकी थीं और एक बार ब्रा पैन्टी में नहा भी चुकी थीं, लेकिन अचानक यूँ मेरा दरवाजा खोलना शायद उन्हें अच्छा नहीं लगा और उन्होंने अंगारे बरसाती नज़रों से मुझे घूरा और कहा यह क्या बदतमीजी है? ??

मैंने कहा कुछ नहीं मैम, बस देखना चाहता था कि आप नाइटी में कैसी लगती हैं। मैम ने कहा बस देख लिया न अब तुम जाओ। तब मैने कहा मैम आप अभी यह मत उतारें , बाहर आकर एक और नाइटी देख लें। 

मैम ने मुझे घूरते हुए कहा तुम्हें कहा ना तुम जाओ, मुझे देर हो रही है। मैंने अपना लंड मैम को दिखाते हुए कहा मैम इतनी ज़ालिम तो न बनें आप . उस दिन भी आपकी योनी पर ज़ुबान रखी ही थी कि वह खड़ूस नर्स आ गई। और मेरा सारा मज़ा खराब कर दिया। आज तो मजा करने दें मुझे। योनी का सुनकर उस दिन को याद करके शायद मैम के दिल में कोई हलचल हुई और इस बार वह थोड़े नरम स्वर में बोलीं कि वह तो ठीक है, फिर किसी दिन मौका मिल जाएगा मगर अब तुम बाहर जाओ। मैंने कहा नहीं मैम जिस दिन से आपकी योनी पर ज़ुबान रखी है मेरा लोड़ा बैठने का नाम नहीं ले रहा है, उसको आज हर हाल में आपकी चूत में जाना है। मैम ने मुझे प्यार से समझाते हुए कहा ले लेना तुम मेरी चूत, मगर अभी बात को समझो मुझे देर हो रही है। मैंने मैम से पूछा उन्होंने कहां जाना है ?? तो मैम ने कहा बहावलपुर शादी है और मुझे जल्दी पहुंचना है वहाँ।

मैंने मैम से कहा कि यह साथ ही में बहावलपुर है आप प्लीज़ आज इनकार ना करें मेरी बहुत बुरी हालत है, नही तो मैं किसी भी लड़की को रास्ते में ही पकड़ कर चोद दूंगा तब जाकर मेरे लंड आराम मिलेगा। यह कह कर मैं मैम के पास गया और उनका हाथ पकड़ कर अपने लंड पर रख दिया और खुद उनके नंगे पेट पर अपने हाथ रख कर अपने होंठ मैम के होंठों पर रख दिए जिन पर एक बारीक कपड़े का घूंघट था। 
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