Incest Porn Kahani चुदाई घर बार की
04-29-2020, 01:22 PM,
#41
RE: Incest Porn Kahani चुदाई घर बार की
यहाँ से मैं कपड़े बदल के आती हूँ बाहर फिर बताईं कराईं गे और आज कुछ ख़ास्स बात भी करनी है मैने

मैं बिल्लो की बात सुन के खुश हो गया क्यों क मैं समझ रहा था क बिल्लो ने जो भी ख़ास्स बात करनी है वो ये ही हो सकती है की फरजाना तैयार है और इसी खुशी मैं

मैने फिर से बिल्लो के साथ चिपकना चाहा तो उस ने मुझे ढाका दे के हटाया और बोली यार तुम निकलो बाहर

मैं बिल्लो की तरफ देख के बोला यार तुम अम्मी की टेन्सन नहीं लो अम्मी ने अगर देख भी लिया तो कोई मसाला नहीं है वो कुछ नहीं बोलेंगी तुम्हें तो बिल्लो ने कहा हाँ मुझे पता है लेकिन मैं फिर भी अभी उन के सामने ऐसा कुछ नहीं कर पावंगी मुझे शरम आए गी उन से पल्ल्ल्लज़्ज़्ज़्ज़्ज़्ज़्ज़्ज़्ज़ विक्की मान जाओ मेरी जान अभी जाओ यहाँ से और मुझे कपड़े पहन लेने दो

मैं बिल्लो की बात मानते हो बोला ठीक है लेकिन एक शर्त पे जाओंगा की तुम ये गीली क़मीज़ भी उतार के एक बार मेरे सामने नंगी हो जाओ तो जाओंगा वरना जो भी हो मैं नहीं जाने वाला समझी

बिल्लो ने बेबसी से मेरी तरफ देखा और बोली विक्की वेसे तुम ना हो बड़े कामीने और इतना बोलते ही अपनी गीली शर्ट भी उतार डाली और मेरे सामने पूरी नंगी खड़ी हो गई और बोली अब खुश

मैं बिल्लो को अच्छी तरह देखते हो बोला अब बस कहाँ जान-ए-मान अब तो और भी नियत खराब हो रही है तो बिल्लो ने मुझे ढके देते हो रूम से निकल दिया और दरवाजे को अंदर से बंद कर लिया और फिर कपड़े पहन के ही रूम से बाहर आई तो तब तक मैं टुबेवेल के किनारे पे बेता अम्मी और अबू को धान (राइस) की फसल मैं काम करते हो देखता रहा

बिल्लो बाहर आ के मेरे पास ही बैठ गई और मेरी तरफ देखते हो बोली हन तो विक्की अब बताओ क्या इरादा है तुम्हारा फरजाना तो तैयार है लेकिन वो शर्मा रही है बोलती है की उस मैं इतनी हिम्मत नहीं है वो तुम्हारे साथ कुछ कर सके

बिल्लो की बात ख़तम होते ही मैं जल्दी से बोल पड़ा तो फिर अब क्या हो गा तो बिल्लो मेरी बेसब्री पे हंस पड़ी और आहिस्ता से बोली वेसे

विक्की हो तुम भी कोई पके बहनचोद कितनी जल्दी है तुम्हें अपनी ही बेहन को काली से फूल बनाने की

मैने भी बिल्लो की बात पे हंस पड़ा और बोला हाँ यार वाएसे बात तो तुम्हारी भी कुछ ग़लत नहीं है लेकिन खैर छोडो इन बातों को ये बताओ क अब क्या करना पड़े गा क्या कहती है फरजाना

बिल्लो ठंडी आअहह भरते हो बोली वो तैयार तो है लेकिन जो भी करना हो गा तुम्हें खुद ही करना हो गा क्यों की वो अपने आप मैं इतनी हिम्मत नहीं पति लेकिन वो तुम्हें किसी भी काम से मना नहीं करे गी

बिल्लो की बात सुन के मैं सोच मैं पड़ गया और बोला यार तो फिर तुम ये भी बता डालो क मैं आख़िर करू क्या तो बिल्लो ने कहा क तुम ने उस दिन जिस तरह रात फरजाना के साथ मस्ती की थी आज रात फिर से उस के रूम मैं चले जाना लेकिन आज का प्लान ये हो गा की

तुम पूरी आज़ादी के साथ उसे जिस तरह मर्ज़ी छोड़ना वो तुम्हारा साथ देगी लेकिन खुद कुछ नहीं करेगी

मैं बिल्लो की बात सुन के चुप हो गया और फिर कुछ सोचते हो बोला ठीक है बिल्लो मैं फरी बाजी से बात करता हूँ फिर आज ये काम भी कर ही डालते हैं तुम फरजाना को बता देना क तैयार रहे आज

बिल्लो के साथ कुछ देर तक और इस बारे मैं बात करने के बाद मैं उठा और घर को चल दिया बिल्लो के साथ ही और बिल्लो भी मेरे साथ ही हुमारे घर आ गई और फरजाना के पास चली गई तो मैं बाजी को इशारा करते हो अपने रूम मैं चला गया तो बाजी भी मेरे पीछे ही रूम मैं आ गई

मैने बाजी को अपने पास बैठने के लिए बोला और फिर सारी बात जो बिल्लो के साथ होई थी बता दी तो बाजी कुछ देर तक सोचती रही और फिर खुद ही हंस दी और खड़ी हो के बोली

मैं अभी आती हूँ और रूम से बाहर निकल क बिल्लो को आवाज़ दे के बुला लिया जो की बाहर फरजाना के साथ ही बैठी होई थी

बिल्लो के आने के बाद बाजी ने एक बार उस से सब कुछ पूछा और फिर बिल्लो की तरफ देखते हो बोली यार तुम ऐसा करो क एक बार इस बारे मैं मेरे सामने फरजाना से बात करो फिर मैं भी तुम्हारे साथ मिल के उसे संभाल लून गी

बाजी की बात सुन के मैं बोला लेकिन बाजी करना क्या चाहती हो कुछ पता तो चले तो बाजी ने कहा देखो भाई फरजाना की शरम अपनी जगह ठीक है क्यों की

तुम बाहर के कोई अंजन होते तो इतना मसाला नहीं था लेकिन तुम उस के बड़े और सगे भाई हो लेकिन मैं ना सिर्फ़ लड़की हूँ बलके उस की बड़ी बेहन भी हूँ मैं उसे समझा लूगी तुम ये मुझ पे छोड दो और मज़े करो

मैं बाजी की बात सुन के खामोश हो गया तो बाजी बिल्लो का हाथ पकड़ के उठ खड़ी होई और बोली चलो ज़रा फरजाना के पास बैठते हैं और दोनो मेरे रूम से निकल गई तो मैं वापिस बिस्तेर पे लेट गया और सोचने लगा क कहीं बाजी सारा काम ही ना खराब कर डाले लेकिन मैं कुछ कर भी तो नहीं सकता था

खैर काफ़ी टाइम गुज़र गया और दुपेहर का खाना भी खा लिया जो की फरीदा ही लाई थी

मेरे लिए लेकिन मैने उस से भी कोई बात नहीं की और खाने के बाद कुछ देर नॉवेल मैं बिज़ी रहा

3 बजे तक भी बाजी मेरे रूम मैं नहीं तो मैं बुक को साइड पे रख के सो गया और जुब आँख खुली तो 6 से ऊपर टाइम हो चुका था मैने उठ के हाथ मुह धोया और वापिस रूम मैं आ के बैठ गया और

बाजी को आवाज़ लिगाई की पानी पीला दूँ बाजी मेरे लिए पानी ले के आई तो मैने . से बाजी की तरफ देखा और पानी पकड़ लिया

और बोला क्या बात होई फरजाना से आप की तो बाजी हंसते हो बोली यार मारे क्यों जा रहे हो कुछ ना कुछ हो ही जाए गा

बाजी इतना बोल के फिर से निकल गई और मैं बेता बाजी को कोस्टा रहा क्यों क बाजी कुछ भी

नहीं बता रही थी और मैं इसी टेन्सन और सोचों से परेशान था क आख़िर क्या बात होई हो गी और क्या फरजाना मान जाएगी क्या हो गा लेकिन मुझे कोई भी कुछ ब्ताने को तैयार नहीं था

खैर रात होई खाना खाया गया और मैं फिर से अपने रूम मैं जहाँ आज का सारा दिन ही निकल गया था मेरा रूम मैं मैं अकेला लेटा हुआ तंग आ चुका था और मेरा दिल चाह रहा था क मैं ऊपर छत पे चला जाओं तो मैं उठा और रूम से निकल के छत पे आ गया और वहाँ खुद ही बिस्तेर बिछा के लेट गया

कोई 1 अवर गुज़रा हो गा क बाजी मुझे धौंदती होई ऊपर आई और मुझे देखते ही बोली क्या भाई पूरा घर छान मारा तुम्हें ढूँदने के लिए और तुम हो क यहाँ आराम से लेते हो हो

क्यों आप को क्या काम था मेरे साथ जो पागलों की तरह पोर घर मैं धौंदती फिर रही हो तो बाजी मेरा लहज़ा सुन के हंस दी और बोली भाई काम था नहीं तुम ज़रा चलो मेरे साथ फिर बतती हूँ
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04-29-2020, 01:22 PM,
#42
RE: Incest Porn Kahani चुदाई घर बार की
फरजाना अब निढाल सी पड़ी हांप रही जैसे कहीं बहुत दूर से भागती हुयो आयी हो और

अब मैं उठा और फरजाना के बूबस के पास जा बैठा और उस की साइड दिलवा के मैने ब्राका हुक भी खोल दिया और उस के बूबस को आज़ाद कर दिया और फरजाना को फिर से सीधा कर के फरजाना के बूबस पे झुक गया और उन्हें चूसने और दबाने लगा

थोड़ी ही देर मैं फरजाना फिर से गरम होने लगी और मुझे अपने बूबस की तरफ सर को पकड़ के दबाने लगी तो मैने अपना सर हटा लिया और उठ के उस के मुह के पास जा बैठा
अपना लंड अपनी प्यारी सी छोटी बेहन के मुह के पास कर दिया चुसवाने के लिए

फरजाना ने अपनी आखेँ उठा के मेरी तरफ देखा और फिर मेरे लंड की तरफ देखा और समझ गई की मैं क्या चाहता हूँ तो उस ने अपना सर साइड पे घुमा लिया और बोली नहीं

भाई पल्लज़्ज़्ज़्ज़्ज़्ज़्ज़्ज़्ज़्ज़्ज़ मुझ से ये नहीं हो पाए गा

मैने भी ज़्यादा ज़ोर नहीं दिया और उठ के फ़रज़ाना के रूम मैं अलमारी से उसी का हेर आयिल निकल लाया और
उस की रनो मैं जा बैठा और अपनी छोटी बेहन की टाँगों को फैला के आयिल उस की कुँवारी चुत पे लगा दिया और फिर अपने लंड पे भी अच्छा ख़ासा आयिल लगा के माल दिया और अपना लंड जैसे ही फरजाना की चुत पे रखा तो फरजाना ने मुझे रोक दिया

और बोली भाई बिल्लो और बाजी बता रही थी की पहली बार काफ़ी दर्द होता ,मैने हाँ मैं सर हिला दिया तो फरजाना बोली भाई आप ऐसा करो की मेरे मुह मैं कोई कपड़ा रक्द दो और आप एक ही बार मैं पूरा घुसा देना जितनी भी दर्द होनी है एक बार ही हो जाए

मैने फरजाना की बात मानते हो उसी का दुपटा उठा के उस की तरफ बडा दिया जिसे उस ने मुह मैं घुसा लिया और मेरी तरफ देखने लगी तो

मैने फरजाना की टाँगों को पूरी तरह उस के कंधों की तरफ फोल्ड कर दिया और खुद पूरा उस की टाँगों पे वज़न डालते हो अपना लंड फरजाना की चुत पे सेट कर के हल्का सा दबा दिया तो मेरा लूँद हल्का सा फरजाना की चुत मैं चला गया (मीन हाफ कॅप लंड की)

मैने अपने दोनों हाथों को फरजाना के ऊपर झुकते हो उस की गर्दन के पीछे जमा लिए जिस से फरजाना बुरी तरह जकड़ी गई तो मैने पूरी जान और ताक़त लगा के लंड को ज़ोर दर झतका मारा

जिस से मेरा लंड फरजाना की चुत को पूरी तरह खोलता हुआ जड़ तक जा घुसा और फरजाना के मुह से घहूउऊउन्न्ञननननणणन् घहूओउउन्न्ञनननननननणणन् की आवाज़ निकालने लगी और आँखों मैं पानी भर आया और वो ज़ोर लगाने लगी मुझे अपने ऊपर से हटाने के लिए

लंड के पूरा घुसते ही मैं वहीं रुक गया और कोई हरकत नहीं कर रहा था बस फरजाना को जकड़े हो उस के ऊपर पड़ा रहा लेकिन फरजाना मेरे नीचे बुरी तरह मचल रहा थी

तो मैने फरजाना की तरफ देखते हो कहा देखो फरजाना जितना ज़्यादा मचलो गी और ज़ोर लिगाओ गी दर्द उतना ही ज़्यादा हो गा आराम से पड़ी रहो गी तो दर्द अभी ख़तम हो जाए गा

मेरी बात सुन के फरजाना ने मचलना तो बंद कर दिए लेकिन उस ने अपना सर को पटखना शरू कर दिया

आँसू उस की आँखों से ऐसे निकल रहे थे क जैसे पानी गिर रहा हो किसी बर्तन से और दूसरी तरफ मुझे ऐसा लग रहा था की जैसे फरजाना की चुत मेरे लंड को जकड रही हो

कोई 2 मिनट तक हम ऐसे ही पड़े रहे तो फरजाना का रोना और मचलना बंद हो गया तो मैने उसे थोडा ढीला छोड दिया और एक हाथ से उस के मुह से कपड़ा भी निकल दिया

कपड़ा निकलते ही फरजाना सिसक उठी और रोते हो प्प्प्ल्ल्ल्लज़्ज़्ज़्ज़्ज़्ज़्ज़्ज़्ज़्ज़्ज़ भाईईईईईईईईईई बाहर निकल लूऊऊऊऊओ बौहत दर्द हो रहा हाईईईईईईईईईई अभी निकल लो ईईईईईईईईईईईई बाद मैं कर लेना

मैने फरजाना की तरफ देखते हो कहा मेरी जान अब तो हो गया जो दर्द होना था

अब तो बस मज़े ही मज़े होंगे और इतना बोलते ही अपने लंड को थोडा, बाहर निकाला और फिर से घुसा दिया तो फरजाना के मुह से आऐईयईईईईईईईईई मत करो भाई दर्द होता हाईईईईईईईईईईईईईईईईईईई

अभी नहीं हिलूऊऊऊ पल्ल्लज़्ज़्ज़्ज़्ज़्ज़्ज़्ज़्ज़

मैं अब बिना कुछ बोले फरजाना के बूबस को दबाने और मसालने लगा और फिर एक बूब, को अपने मुह मैं भर के चूसने लगा तो फरजाना के मुह से आअहह की हल्की सी आवाज़ निकल गई जिसे सुनते ही मैने अपने लंड को आहिस्ता आहिस्ता इन आउट करना भी शरू कर दिया

मेरा लंड फरजाना की चुत मैं काफ़ी टाइट था जिस की वजाह से मैं ज़्यादा तेज़ी से नहीं कर रहा था लेकिन फरजाना की टाइट चुत मैं लंड को आगे पीछे हिलने से जो मज़ा आ रहा था बता नहीं सकता

कोई 2 मिनट तक फरजाना के बूबस को मसालने और चूसने के साथ हल्के हल्के फरजाना की चुत मैं अपना लंड भी चलता रहा तो उस के मुह से आअहह भाई अब अच्छा लग रहा हाईईईईईईईईईई उन्म्मह बस ऐसे ही करो भाई अब ज़ोर से नहीं करना ऊऊहह भाईईईईईईईईईईईईईईईई उन्म्मह की आवाज़ करने लगी और साथ ही अपनी गांड को भी हल्का सा मेरे लंड की तरफ दबाने लगी जिस की वजाह से मुझे ऐसा लगने लगा के मेरा अभी के अभी ही पानी छोड जाएगा तो मैने अपना लंड बाहर निकल लिया

और जुब फरजाना की चुत पे मेरी नज़र पड़ी तो देखा की फ्रज़ना की चुत पे और मेरे लंड पे भी हल्का हल्का खून लगा हुआ था जो क मेरी अपनी छोटी बेहन की सील टूटने से निकला था

लंड के बाहर निकलते ही फरजाना बोल पड़ी नहीं भाईईईईईहर नहीं निकालूऊऊऊओ पल्ल्ल्लज़्ज़्ज़्ज़्ज़्ज़

अब ही तो मज़ा आ रहा था अंदर डल्ल्लूऊऊ भाईईईईईईईईईईईई पल्ल्लज़्ज़्ज़्ज़्ज़्ज़्ज़्ज़ फरजाना की बैचेनी
देख के
मैने फिर से अपना लंड वापिस फरजाना की चुत मैं घुसा दिया जो के अब बड़े आराम से घुसा गया तो मैं इन आउट करने लगा तो फरजाना अपनी गांड को मेरे लंड पे दबाने लगी और आअहहभाईईईईई अब ठीक से मज़ा आ रहा हाईईईईईई ऊऊहह उंन्नमममह मुझे कुछ हो रहा हाईईईईईई भाईईईईई की आवाज़ करने लगी

तभी फरजाना की चुत ने पानी छोड दिया जो क मेरे लंड पे गिरा तो मुझ से कंट्रोल नहीं हुआ और मैं भी फ्रज़ना की चुत मैं ही फारिघ् हो गया और उस के ऊपर ही गिर गया

थोड़ी देर तक मैं फरजाना के ऊपर ही लेटा रहा और अपनी साँस बहाल करता रहा फिर मैं उठा और फरजाना के ऊपर से हट गया और उस का दुपटा उठा के फरजाना के चुत पे रख दिया की जिस से वो अपनी चुत को सॉफ कर सके जिस पे मेरे लंड के पानी के साथ फरजाना की चुत से निकला हुआ खून और लोवे जूसीए भी लगा हुआ था

फरजाना ने मेरी तरफ देखे बिना अपने दुपते से अपनी चुत को अच्छी तरह सॉफ किया

लेकिन अपना फेस मेरी तरफ नहीं किया तो मैने फरजाना की तरफ करवट ली और उस के ऊपर अपना हाथ रख के फरजाना को अपनी तरफ खींच लिया और बोला फरजाना क्या बात है

कुछ बात तो करो यार

फरजाना अब भी कुछ नहीं बोली लेकिन अब उस के फेस पे हल्की सी और दिलकश प्यारी सी मुसकन आ गई थी
मैने उस की गालों पे हल्की किस की और बोला अच्छा ये तो बताओ कुछ मज़ा भी आया की नहीं या फिर दर्द ही होती रही मेरी जान को

फरजाना का फेस अब लाल हो गया और उस ने साइड से एक चादर खींची और अपने ऊपर कर ली और बोली पल्ल्ल्लज़्ज़्ज़्ज़्ज़्ज़्ज़ भाई आप जाओ अभी मुझे कोई बात नहीं करनी है आप से आप भुत गंदे हो, और मेरे सीने से चिपक गयी

फरजाना का जुमला सुन के मैं भी मुस्कुरा दिया.
थोड़ी देर की बाद एक किस करके और बिना कुछ बोले बिस्तेर से उठ खड़ा हुआ और अपने कपड़े उठा के पहनने लगा तो देखा के फरजाना एक टिक मेरे लंड की तरफ देखे जा रही थी तो मैं फरजाना की तरफ बढ़ते हो बोला
लगता है मेरी जान का दिल नहीं चाह रहा की मैं यहाँ से जाओं, तो फिर चलो एक बारऔर हो जाए

फरजाना मेरी बात सुन के पुतले सी हो गई और झट से अपनी आखेँ इधर उधर घूमते हो कहा पल्ल्ल्लज़्ज़्ज़्ज़्ज़्ज़्ज़्ज़्ज़ भाई अप जाओ ना यहाँ से मुझे अभी कपड़े भी पहन,ने हैं

फरजाना की बात सुन के मैं हंस दिया और अपने कपड़े पहन के बिना कोई बात किए फ्रज़ना के रूम से निकला और अपने रूम मैं जा के लेट गया जहाँ मुझे काफ़ी देर तक नींद ही नहीं आ सकी

खैर सुबह फरी बाजी के उठाने से मेरी आँख खुली तो मैने बाजी की तरफ देखते हो कहा क्या यार बाजी सोने दो ना क्यों सुबह सुबह ही मेरे सर पे सवार हो रही हो सोने दो ना

बाजी... मुझे कान से पकड़ के मरोदते हो बोली कामीने तुम्हें ये सुबह नज़र आ रही है देखो तो सही 9 बज चुके हैं और तुम ही क अभी तक गधों की तरह सो रहे हो अभी तक

मैं... अरे बाजी गधे बेचारे को इतनी देर तक सोना कहाँ नसीब होता है आप चलो मैं अभी आता हूँ

बाजी... नहीं मुझे पता है तुम नहीं उठोगे अगर मैं चली गई तो इस लिए अभी उठो और नहा के आऊ

मैं तुम्हारा नाश्ता लाती हूँ बाकी बताईं नाश्ते के बाद कराईंगे हम लोग

मैं उठा और कपड़े उठा के बात रूम की तरफ चल दिया और नहा के वापिस अपने रूम मैं आ गया और नाश्ते का इंतजार करने लगा. बाजी मुझे रूम मैं आती हुयी देखते ही ले आयी

मैं नाश्ता करने लगा तो बाजी मेरे सामने ही बैठ गई और मुझ नाश्ता करता हो देखती रही जैसे ही मैने नाश्ता ख़तम किया बाजी ने बर्तन उठा के साइड पे किए और मुस्कुराती होई बोली हाँ तो भाई अब बताओ रात कैसी गुज़री

मैने बाजी की तरफ देखा और बोला यार बाजी आप को तो सब पता ही है और वेसे भी अब मैं आप को जितना समझ चुका हूँ आपने कौन सा अभी तक मेरे उठने का ही इंतज़ार कर रही होगी और फरजाना से कुछ पूछा ही नहीं होगा
आप तो शैयद सारी रात सोई भी नहीं हो गी और जहाँ तक मेरा ख्याल है जैसे ही मैं फरजाना के रूम से निकल के अपने रूम मैं आया हूँ गा आप उसी वक़्त फरजाना के रूम मैं जा घुसी होगी और उस के कान खाने लगी होगी

बाजी मेरी बात सुन के खड़ी हो गई और मेरे पास आ के खड़ी होई और अचानक मेरे बॉल पकड़ के मेरे सर को आगे पीछे हिलाते हो बोली विक्की कामीने इंसान बन जा समझा

अब तो मुझे कुछ बताएगा भी या युही अपने मेरे बारे मैं खियालट ही सुनता रहेगा

मैने बाजी से अपने आप को छुडवा लिया और फिर रात की हर बात बाजी को बता दी रात की

सारी बात सुन के बाजी बोली अच्छा तुम्हें पता है की रात फरीदा तुम्हारे रूम मैं आयी थी और तुम्हें ना देख के अबू के रूम मैं भी झँकति रही और वहाँ भी कुछ ना दिखने पे वापिस आ के लेट गई और काफ़ी देर तक जागती रही
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04-29-2020, 01:23 PM,
#43
RE: Incest Porn Kahani चुदाई घर बार की
मुझे नहीं जाना कहीं भी और ना ही मुझे आप के किसी काम से कोई मतलब है आप जाओ यहाँ से मुझे नींद आ रही है सोना है मुझे तो बाजी मेरे पास बैठ गई और बोली अलेलएलएलएलएलएले मेरा राजा भैया नाराज़ हो गया है अपनी बाजी से चलो मैं अपनी भाई को खुश करती हूँ

मैने अब कोई जवाब नहीं दिया और मुह फूला के लेटा रहा तो बाजी ने मेरा हाथ पकड़ लिया और मुझे चारपाई से उठा दिया और अपने साथ नीचे की तरफ ले चली और मेरे रूम की तरफ जाने की ब्ज़ाएे फरजाना के रूम की तरफ चल दी तो मेरे दिल की धड़कन तेज़ होने लगी

फरजाना के रूम की तरफ बाजी के जाता देख के थोडा बोखला गया और बाजी को वहीं रोक दिया और बोला बाजी कुछ मुझे भी तो बताओ क आप की फरजाना के साथ क्या बात होई है और अब मुझे क्या करना है

बाजी रुक गई और मेरी तरफ देखते हो बोली भाई उसे मैने अपने और तुम्हारे बारे मैं सब कुछ बता दिया है लेकिन अम्मी और अबू का अभी नहीं ब्टाया क्यों क मैं नहीं चाहती थी क फरजाना अम्मी अबू का सुन के घबरा जाए तो बाकी अब वो खुद भी तैयार है

तुम से छुड़वाने के लिए क्यों क मैने उसे अच्छी तरह समझा दिया है क अगर वो मज़ा लेना चाहती है तो तुम्हारे साथ कर ले क्यों क इस से घर की बात घर मैं ही रह जाए गी और इज़ात दर भी बनी रहे गी

मैं बाजी की बात सुन के खुश हो गया और बोला वेसे बाजी आप हो बड़ी हरामी चीज़ ये कोई मैं आप के मुह पे तारीफ नहीं कर रहा बलके ये ही सच है और हंस दिया तो बाजी का मुह बन गया मेरी बात सुन के और वो अपना मुह फूलटे हो बोली अच्छा

बचु जी ये बात है तो फिर ठीक है मैं भी अभी जा के फरजाना को मना कर देती

हूँ फिर देखों गी मैं क तुम फरजाना के नज़दीक भी कैसे जाते हो अब तुम उस से बात भी ना कर सको गे

अरे अरे बाजी मैं तो आप से मज़ाक कर रहा था आप तो सच मच की नाराज़ हो गई हैं तो

बाजी भी हंस दी और बोली तो मैं कों सा सच मैं बोल रही थी मज़ाक ही कर रही थी अब यहाँ खड़े बताईं ही किए जाओ गे फरजाना के पास नहीं जाना है क्या और मुझे रूम की तरफ ढाका दे दिया

मैं नहीं हिला अपनी जगा से और बाजी के हाथ पकड़ के बोला लेकिन बाजी मैं बोलोंगा क्या फरजाना से जा के क्या बात करूगा कुछ तो बता दो मुझे
तो बाजी हल्की आवाज़ मैं हहेहेहहे कर क हँसी और बोली भाई मैने बता तो दिया है क मैने उस को सारी बात बता भी और समझा भी दी है अब वो तुम्हें कुछ नहीं कहेगी

मैं समझ सकती हूँ की तुम्हारी फॅट रही होगी
इस वक़्त लेकिन ऐसा करो क रूम मैं चले जाओ वो इंतजार कर रही है तुम्हारा अगर हिम्मत ना हो रही हो तो कुछ मत बोलना बस अपना काम कर लेना जिस के लिए जा रहे हो वो तुम्हें कुछ नहीं कहे गी और ना ही मना करेगी मेरे भोले राजा

मैं बाजी की बात सुन के फरजाना के रूम की तरफ चल दिया सच पौछ तो उस वक़्त मेरा दिल इस तरह धड़क रहा था क जैसे सीना चियर के बाहर निकल आए गा और पावं भी काँप रहे थे

मुझे इस तरह क़दम बधता देख के बाजी ने मेरा हाथ पकड़ लिया और बोली कुछ नहीं होता भाई और मुझे फरजाना के रूम के दरवाजे तक ले गई और दरवाजे खोलते हो बोली दरवाजे अंदर से बंद कर लेना और मुझे अंदर धकील दिया

बाजी के ढके से मैं जैसे ही रूम मैं इन हुआ तो देखा के सामने मेरी छोटी बेहन फरजाना पूरी तैयारी से बेती होई थी और मुझे दरवाजे से अंदर आते हो ही देख रही थी

तो फरजाना को इस तरह सज़ा सँवरा देख के मैं वहीं जैसे जाम सा गया और अपनी बेहन पे सदके वारी जाने लगा
जैसे ही हम दोनो की नज़रै आपस मैं मिल्ली तो फरजाना का फेस मैं शरम से लाल होता देखा और उस ने अपना सर भी झुका लिया और अपनी फिंगर मरौड़ने लगी तो
मैने पीछे मूड के देखा तो वाहा अब कोई भी नहीं था तो मैने दरवाजे बंद किया और फरजाना की तरफ देखने लगा

फरजाना को इस तरह बेता देख के मुझे ऐसा लग रहा था की जैसे आज मेरी और फरजाना की गैर रस्मी सी सुहागरात हो क्यों की फरजाना के बिस्तेर की साइड पे रखे टेबल पे मुझे दूध और कुछ फ्रूट भी रखा हुआ नज़र आ रहा था

अब मैं आगे बढ़ा और फरजाना के पास जा के बैठ गया तो मुझे कुछ समझ नहीं आ रही थी की आख़िर करू तो क्या और सही मीनिंग मैं मुझे अब पता चल रहा था क किसी कुँवारी लड़की के पास बैठ के उस से बताईं करना वो भी ऐसे मोका पर कितना मुश्किल होता है

अब मुझे हल्का पसीना भी आ रहा था और अपनी इस हालत पे मुझे हेरनी भी हो रही थी क्यों की मैं आज कोई पहली बार किसी लड़की को छोड़ने नहीं जा रहा था मैं पहले भी चुदाई कर चुका था और वो भी अपनी सग़ी अम्मी और बेहन की बेहन की तो मैं सील भी तोड़ चुका था लेकिन तब मुझे याद आया क अम्मी और फरी बाजी ने खुद पेश क़दमी की थी लेकिन यहाँ मुआंला और था

अभी मैं इन ख्याल मैं ही था की मेरे सामने एक ग्लास आ गया जिस मैं के दूध था मैने ग्लास की तरफ से नज़र हटा के फरजाना की तरफ देखा तो वो अब भी अपना सर झुका के बैठी थी लेकिन उस के एक हाथ मैं दूध का ग्लास था जो क उस ने मेरे सामने कर रखा था

मैने दूध ले लिया और आधा ग्लास दूध खुद से पी लिया और बाकी फरजाना की तरफ बड़ा दिया तो उस ने ग्लास पकड़ लिया और सवालिया नज़रों से मेरी तरफ देखने लगी

तो मैने अब हिम्मत की और बोला ये बाकी दूध तुम पियो इस से हुमारा प्यार और भी बढ़ेगा

मेरी बात सुन के फरजाना का रंग जो की शर्म से अब भी हल्का लाल था और भी लाल होने लगा तो उस ने नज़र झुका ली लेकिन कुछ देर बाद आहिस्ता आहिस्ता बाकी का दूध पी गई तो मैने अब अपनी पेश क़दमी शरू की क्यों क मैं समझ रहा था क चाहे सारी रात ऐसे ही गुज़र जाए फरजाना ना तो कुछ बोले गी और ना ही कोई हिम्मत करे गी जो भी करना है मुझे ही करना है

अब मैं अपनी टांगे बिस्तेर के ऊपर रख के बैठ गया और फरजाना की थोड़ी(चीन) के नीचे अपना हाथ रखा और उसे ऊपर उठा दिया तो उस का फेस मेरे सामने आ गया लेकिन उस ने अब भी अपनी आखेँ नहीं उठाई

मैं अब फरजाना का फेस उठाये बड़े ही प्यार से देखे जा रहा था की फरजाना शरमाते हो अपना फेस घुमा गई
आ मैने फरजाना के दुपते को पकड़ा और खींच के हटा दिया लेकिन उस ने मेरा हाथ नहीं रोका तो मैं उठ के थोडा फरजाना के करीब हो गया और उस के कंधों पे अपना हाथ रखते हो थोडा अपनी तरफ खींच लिया तो फरजाना बे जान अंदाज़ मैं मेरे सीने से आ लगी

अब मैने बिना बात किए फरजाना की तरफ देख तो उस के लीपस लराज़ रहे थे जिन्हाइन देखते ही मैं बेचैन हो गया

मैने आगे को फरजाना के ऊपर झुकते हो अपने लीपस को फरजाना के लीपस पे रख दिया और अपनी ज़ुबान उस के मुह मैं घुसा के किस करने लगा जिस मैं फरजाना भी मेरा साथ तो दे रही थी लेकिन कुछ ख़ास्स नहीं

थोड़ी देर किस करने के बाद मैं फरजाना के बूबस पे हाथ मारा और हल्का सा दबा दिया तो फॉरन फरजाना का हाथ अपने बूबस पे रखे मेरे हाथ पे आया और मेरा हाथ पकड़ लिया लेकिन किस करती रही

फिर फरजाना ने अपने हाथ से जिस से मेरा हाथ अपने बूबस पे रोक रखा था मेरे हाथ को हल्का सा दबा दिया तो मैं अपने हाथ को उस के नरम और सॉफ्ट कुंवारे बूबस जिन पे आज तक किसी मर्द के हाथ नहीं पौहनचे थे दबाने और हल्के हल्के मसालने लगा

मेरे इस तरह बूबस को दबाने से फरजाना थोडा बेचैन होती जा रही थी जिस का अंदाज़ा मुझे उस की किस से भी होता जा रहा था क्यों क अब वो बुरी तरह मेरे लीपस को चूस रही थी मेरे बलों मैं भी अपनी उंगलियाँ घुमा रही थी

अब मैने अपना हाथ फरजाना की क़मीज़ के गले पे रखा और उस की क़मीज़ के बटनों झतका मार के तोड़ दिए( जो क़मीज़ फरजाना ने पहन रखी थी उस मैं सामने 3 4 बातों लगे हो थे) और फरजाना को अपने साथ नीचे को गिरते हो खुद उस के ऊपर गिर गया और किस करने लगा

मैने आगे को फरजाना के ऊपर झुकते हो अपने लीपस को फरजाना के लीपस पे रख दिया और अपनी ज़ुबान उस के मुह मैं घुसा के किस करने लगा जिस मैं फरजाना भी मेरा साथ तो दे रही थी लेकिन कुछ ख़ास्स नहीं

थोड़ी देर किस करने के बाद मैं फरजाना के बूबस पे हाथ मारा और हल्का सा दबा दिया तो फॉरन फरजाना का हाथ अपने बूबस पे रखे मेरे हाथ पे आया और मेरा हाथ पकड़ लिया लेकिन किस करती रही फिर फ्रज़ना ने अपने हाथ से जिस से मेरा हाथ अपने


मैं अब फिर से फरजाना के पास बैठ गया और फरजाना की आँखों मैं झँकते हो फरजाना की क़मीज़ मैं हाथ डालने लगा तो फरजाना ने मेरे हाथ अपने हाथों से पकड़ लिए और लरज़ती होई आवाज़ मैं बोली नहीं भाईईईईई पल्ल्लज़्ज़्ज़्ज़्ज़्ज़्ज़्ज़ ये बौहत बड़ा है आप का

फरजाना की बात सुनते ही मैं बोला नहीं मेरी जान ये बड़ा नहीं है लड़कों के तो इस से भी बड़े होते हैं और वेसे भी तुम्हें डरना नहीं चाहिए क्यों क मैं जो भी करूगा

तुम्हारी मर्ज़ी और खुशी से ही करूगा अगर तुम देखो क दर्द हो रहा है और बर्दाश्त नहीं कर सको गी तो बता देना हूँ नहीं कराईंगे

फरजाना मेरी बात सुन के कुछ सोच मैं पड़ गई लेकिन उस की नज़र अब भी मेरे तगड़े लंड पे ही टिकी होई थी और
जुब मैने देखा क अब वो कुछ नहीं बोल रही है तो मैने उस की क़मीज़ को ऊपर करने की कोसिस की तो उस ने कोई रुकावट नहीं डाली क़मीज़ उतरने मैं क़मीज़ के बाद मैने उस की एलस्टिक वाली सलवार को पकड़ के नीचे खींच दिया और पैरों से निकल के साइड मैं फैंक दिया तो फरजाना मेरे सामने सिर्फ़ ब्रा और पनटी मैं रह गई
अब मैने फरजाना को बिस्तेर पे सीधा लिटा दिया और खुद उस की पनटी के पास बैठ गया और अपनी फिंगर अपनी सब से छोटी और प्यारी सी बेहन की पनटी मैं फँसा दी और हल्का सा नीचे कर दिया तो

उसकी सॉफ और चिकनी बिना बलों वाली चुत के उपरी हिस्से को देखते ही पागल होने लगा
अभी मैं पूरी तरह फरजाना की पनटी उतार भी नहीं आया था क फरजाना ने अपनी टांगे खींच के साथ जौड़ लीं और उठ के अपना सर अपने घुटनों मैं घुसा के बैठ गई

फरजाना के इस तरह बैठ जाने से मैं अपनी जगा छोड के उठा और फरजाना के बलों मैं अपनी फिंगर घूमते हो बोला क्या हुआ मेरी जान क्या अच्छा नहीं लग रा था जो उठ के बैठ गई हो

लेकिन फरजाना कुछ नहीं बोली और ऐसे ही अपना सर घुटनों मैं दिए बेती रही तो

मैने उसे एक बार फिर से लिटा दिया जिस मैं उस ने कोई मुज़हमत नहीं की लेकिन जुब मैं फिर से उस की पनटी उतरने लगा तो
फरजाना अब की बार साइड पे करवट ले गई लेकिन मैने अब की बार उस की पनटी ज़रा ज़ोर लगा क उतार ही दी पनटी उतरते ही जुब मेरी नज़र फरजाना की कोमल और कुँवारी चुत पे गई तो मेरा और मेरे लंड दोनो का हाल्ल बुरा होने लगा फ्रज़ना की चुत देख के

अब मैं और ब्रदाश्त नहीं कर पाया और फरजाना की टाँगों को पकड़ के खोल दिया और खुद दरमियाँ मैं लेट गया और अपनी ज़ुबान फरजाना की गीली और पिंक चुत पे रख के हल्का सा घुमा दिया

ज़ुबान के चुत से टच होते ही फ्रज़ना का जिस्म एक बार अकड़ गया और फिर उस के मुह से उन्म्मह सस्स्सीईईईईई क्या कर रहे हो भाईईईईईईईईई पल्ल्लज़्ज़्ज़्ज़्ज़्ज़्ज़्ज़ ऐसा नहीं करो मुझे कुछ हो रहा हाईईईईईईईईईईईईईईईईईई आअहह की आवाज़ैईन निकालने लगी और साथ ही वो मचल भी रही थी

मैने अपनी ज़ुबान फरजाना की चुत से हटा ले और सर उठा के फरजाना की तरफ देखते हो बोला

क्या होमे जान मज़ा नहीं आ रहा क्या जो मना कर रही हो तो फरजाना ने अपनी आखेँ बंद कर लीं और आहिस्ता से बोली भाई पल्ल्लज़्ज़्ज़्ज़्ज़्ज़्ज़ ऐसा नहीं करो ये गंदी होती है

मुझे फरजाना की बात पे हँसी आ गई और मैं हंसते हो बोला मेरी भोली बहना इस से अच्छी और प्यारी तो कोई चीज़ हो नहीं सकती और सच ब्ताना क्या तुम्हें मज़ा नहीं आया

क्या तुम्हारा दिल नहीं चाह रहा क मैं अपनी प्यारी सी गुड़िया बेहन की चुत को अच्छे से चाटू.

फरजाना अब की बार कुछ नहीं बोली और अपनी आखेँ बंद किए लेती रही तो मैं फिर से फरजाना की चुत पे झुक गया और अपनी ज़ुबान बाहर निकल के फरजाना की चुत पे ऊपर से नीचे तक घूमने लगा

अब फरजाना मुझे मना नहीं कर रही थी बस अपनी चुत को मेरे मुह की तरफ हल्का हल्का दबा के मज़ा ले रही थी और साथ आअहह भाईईईईईईईईईईई उन्म्मह अच्छा लग रहा है पल्ल्ल्लज़्ज़्ज़्ज़्ज़्ज़्ज़ भाई ऐसे ही चटूऊऊऊऊओ ऊऊहह भाईईईईईईईईईईईईईईई

आप कितने आचे हूऊऊऊओ की आवाज़ निकल रही थी और पागल होती जा रही थी जैसे जैसे मैं अपनी ज़ुबान को तेज़ी से फरजाना की चुत पे घुमा के चाट रहा था और साथ ही केभी कभी हल्का सा काट भी देता था

मेरी इन हरकतों से मेरी छोटी बेहन और भी मचल उठती और आअहह भाईईईईईई पल्ल्ल्लज़्ज़्ज़्ज़्ज़्ज़्ज़्ज़ काटूऊऊओ नैईईईईईईई ऊऊहह भाईईईईईईई मुझे कुछ हो रहा हाईईईईईईईईईईईई उनम्म्मममह भाईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईई ऊऊहह की आवाज़ क साथ ही फरजाना की चुत मैं से पानी का सेलाब बह निकला जो के सारा मेरे मुह के ऊपर गिरा और कुछ मेरे मुह मैं चला गया जिसे मैं पी गया और बाकी चाट के सॉफ कर दिया
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04-29-2020, 01:23 PM,
#44
RE: Incest Porn Kahani चुदाई घर बार की
बाजी की बात सुन के मैने बाजी की तरफ अपना फेस घुमाया और बाजी से बोला

लेकिन वो रात को मुझे क्यों ढूंडती फिर रही थी तो बाजी ने हंसते हो कहा मैं ये बर्तन रख के आती हूँ फिर उस के बाद बात कराईंगे और उठ के बर्तन समेटे और रूम से बाहर निकल गई

बाजी के जाने के बाद मैं रूम मैं बैठा बाजी का ही इंतजार कर रहा था की बाजी थोड़ी ही देर मैं वापिस आ गई और आते ही बोली यार फरजाना तो अभी तक अपने रूम से ही नहीं निकली क्या किया है उस के साथ

मैं...कुछ नहीं बाजी मैने क्या करना था उस के साथ वेसे ही तक गई होगी और आराम कर रही होगी अभी निकल आए गी

बाजी... अच्छा तो अब बताओ खुश तो है ना मेरा भाई

मैं... हाँ बाजी मैं तो खुश हूँ लेकिन आप ने बतया नहीं की रात फरीदा क्यों आयी थी मेरे रूम मैं

बाजी... यार मुझे भी नहीं पता था लेकिन जुब वो रूम मैं वापिस आयी तो उस ने मुझ से पूछा था की तुम अपने रूम मैं नहीं हो तो फिर कहाँ गये होगे क्यों की अम्मी के रूम मैं भी नहीं है

मैं... फिर क्या बताया आप ने उसे बाजी...,,,,,,,, हंसते हो भाई परेशान क्यों हो रहे हो सब ठीक है लेकिन रात वो अपने आप पे कंट्रोल नहीं कर पाई और तुम्हारे रूम मैं चली गई थी और अगर तुम रूम मैं होते तो रात जो तुम ने फरजाना के साथ किया है फरजाना की जगाह रात फरीदा की ठुकाई करते

मैं... बाजी आप का मतलब् है की फरीदा रात यहाँ मेरे साथ मतलब् हुमारे साथ शामिल होने आयी थी

बाजी... हाँ भाई क्यों क मैं देख रही हूँ की पिछले कुछ दिनों मैं उस ने जो कुछ देखा और सुना है उस पे यक़ीन ना होते हो भी अब वो भी अपनी जवानी का मज़ा पूरी तरह लेना चाहती है जिस की वजा से वो खुद ही तुम्हारी तरफ चल दी लेकिन बात फिर भी नहीं बन सकी

मैं... नहीं बाजी ये नहीं हो सकता क्यों की अगर फरीदा को हुमारे साथ मिलना ही है तो उसे सब से पहले अबू के साथ करना हो गा

बाजी... लेकिन भाई आप ये भी तो सोचो क वो किस तरह अबू के साथ.......

अभी बाजी ने यहाँ तक ही बात की थी की अचानक फरीदा रूम मैं आयी और बाजी को खामोश होने का बोलते हो मेरी आँखों मैं आखेँ डॉल के बोली भाई अब मैं और बर्दाश्त नहीं कर सकती पल्ल्लज़्ज़्ज़्ज़ आप जो चाहते हो मैं करने को तैयार हूँ लेकिन अब और बर्दाश्त नहीं कर सकती अगर आप अबू के लिए बोलोगे तो भी मैं मना नहीं करूगी

लेकिन मैं अबू से कुछ नहीं ख सकोंगी बाकी आप जानो और आप का काम मुझे बस अपने जिस्म मैं लगी इस आग को ठंडा करना है जिस तरह भी हो सके मुझे कोई परवा नहीं इस बात की

फरीदा की बात सुन के और इस तरह अचानक रूम मैं आ के बिना झिझके बात करने से मैं सटपटा सा गया और इस से पहले क मैं कुछ बोल पता फरीदा झटके से मूडी और रूम से बाहर निकल गई

फरीदा के जाने के बाद मैं बाजी की तरफ देखा तो बाजी ने अपनी नज़र झुका लीं तो मैं उठा और बिस्तेर से उतार आया तो बाजी ने मेरा हाथ पकड़ लिया और बोली सॉरी भाई

मुझे फरीदा को इस तरह छुप के बताईं नहीं सुनने देना चाहिए था तो मैने बाजी की तरफ देखा और बोला नहीं बाजी मैं आप से नाराज़ हो के नहीं जा रहा इसी मसले पे अबू और अम्मी से बात करने क लिए खेतों पे जा रहा हूँ

बाजी ने मेरा हाथ छोड दिया और बोली हाँ भाई ये ज़रूरी है क्यों की फरीदा मेरे साथ ही रूम मैं रहती है और मैं अच्छी तरह समझ रही हूँ की उस को कितनी अग लगी हुयी है चुत मैं कुछ करना होगा अगर कुछ ना किया जल्द ही तो कहीं ये कुछ और ही कर बैठे

मैं बाजी को तसली दे के घर से निकल गया और खेतों पे जा पंहुचा जहाँ अबू किसी काम से साथ वाली ज़मीनो पे गये हो थे लेकिन अम्मी वहीं थी मुझे आता देख के

अम्मी खुश हो गई और बोली आओ बेटा क्या बात है आज तो तुम्हें खुश होना चाहिए था लेकिन तुम्हारे फेस पे 12 बजे हो हैं सब ठीक तो है ना क्यों परेशान हो

मैने अम्मी को भी फरीदा का सारा मसाला बता दिया तो अम्मी सोच मैं पड़ गई और

वो तेरे अब्बू के साथ ...नहीं नहीं.... ..फिर बोली तुम क्या चाहते हो तो मैने अम्मी को बता दिया की मैं चाहता हूँ की आज ही रात अबू फरीदा को ठंडा करंगे वरना ये कहीं और मुह मारेगी जिस से हम ही बदनाम होंगे

पर तेरे अब्बू उसे ठंडा नहीं कर पाएंगे ...............बेटा ..बल्कि एक आग लगा देंगे...............अम्मी के मुह से हूउंन्ं की आवाज़ निकली और फिर किसी सोच मैं पड़ गई और फिर मेरी तरफ देख के बोली ठीक है विक्की अभी तुम्हारे अबू आते हैं तो बात करते हैं उन से

फिर देखते हैं की तुम्हारे अबू क्या बोलते हैं

अबू के आने पे जुब हम ने अबू से बात की तो उन के फेस पे अचानक चमक बढ़ गई और वो ज़रा एक्टिव हो गये और बोले

लेकिन बेटा ये होगा कैसे तो मैने कहा अबू कुछ भी नहीं करना आप को बस रात को आप फरी बाजी वाले रूम मैं चले जाना वहाँ सिर्फ़ फरीदा ही होगी

बाजी को मैं अपने पास बुला लूनगा उस के बाद आप फरीदा के साथ जो मर्ज़ी करना

लेकिन बेटा फिर भी वो क्या सोचेगी आख़िर मैं बाप हूँ उस का तो अम्मी ने कहा आप उस का बाप हो उस की चुत के तो नहीं हो ना और वेसे भी फरी उसे अच्छी तरह समझा दे गी वो कुछ नहीं बोले गी

अबू ने हुमारी बात सुन के सर झुका लिया और बोले ठीक है लेकिन फरीदा से बात ज़रूर कर लेना मैं नहीं चाहता की कोई मसाला हो

अबू की बात सुन के मैं उठा और बोला ठीक है अबू मैं चलता हूँ आप फिर तैयार रहना रात को और घर की तरफ चल दिया घर आया तो बाजी को फ्रज़ना के पास बेते हो देखा जो मुझे देखते ही लाल हो गई और उठ के अपने रूम की तरफ भाग गई तो

मैने बाजी को अपने रूम मैं आने का इशारा किया

बाजी के आने के बाद मैने अम्मी और अबू से होने वाली हर बात बता दी और कहा क आप फरीदा से बात कर लो क वो क्या चाहती है अगर तैयार है तो आज तैयारी कर रखे रात को उसे भी जवानी का मज़ा दिला दिया जाए

बाजी हन मैं सर हिला के उठी और रूम से निकल गई

बाजी के जाने के बाद मैं लेट गया और कुछ देर तक नॉवेल पढ़ता और उस के बाद शाम तक पड़ा सोता रहा शाम को उठा और अभी हाथ मौंण ही धोया था क बाजी आ गई और बोली भाई फरीदा तुम्हारे साथ काफ़ी गुस्सा है

मैने हेरनी से बाजी की तरफ देखा और बोला क्यों बाजी वो भला मेरे साथ क्यों नाराज़ हो गई है तो बाजी मेरा कान मरोदते हो बोली विक्की वो अब भी तुम्हारे साथ ही करना चाहती है लेकिन तुम हो उसे नज़र अंदाज़ करते जा रहे अब बस करो इतना गुस्सा अच्छा नहीं होता

अरे बाजी आप से किस ने बोल दिया है की मैं फरीदा से नाराज़ हूँ जिस तरह आप और फरजाना मेरी बेहनैन हो उसी तरह फरीदा भी मेरी बेहन है और मैं बाजी फरीदा से भी उतना ही प्यार करता हूँ जितना आप दोनो से लेकिन बस ये मेरे दिल की कुवाहिश है की फरीदा बाजी अपनी ज़िंदगी का पहला मज़ा अबू के साथ एंजाय कराईं और कोई बात नहीं है जो आप यहाँ मुझ से नाराज़गी की वजाह पौचने आई हो

बाजी हंसते हो उठी अच्छा तो ये बात है तो फिर ठीक है मैं अभी जा के समझती हूँ उसे के कोई परेशानी की बात नहीं है बस मज़े करे अबू के बाद तुम से जितना चाहे मज़ा लूट सकती है

बाजी उठी और मेरे रूम से निकल गई तो बड़ी शिदत से मेरे दिल मैं कुवाहिश उठी , काश मैने अबू से फरीदा के लिए बात ना की होती तो मैं आज फरीदा की चुत को भी बड़े प्यार से खोलता लेकिन अब हो भी क्या सकता था क्यों क अगर मैं ऐसा कुछ करता

तो अबू कुछ बोलते तो नहीं लेकिन उन के दिल मैं दरार पड़ जाती मेरी तरफ से और मैं ये नहीं चाहता था

अम्मी अबू के आने के बाद हम सब ने मिल के खाना खाया तो

उस के बाद अम्मी ने बाजी को बोला की चलो फरी हम काम निबटा लेते हैं मिल के

फरीदा की तरफ देख के बोली तुम जाओ बेटी तुम आराम कर लो अब सारा दिन काम मैं लगी रही हो तक गई होगी तो फरीदा अम्मी की बात सुन के उठी और अपने रूम मैं चली गई तो मैने फरजाना की तरफ देखा और इशारा किया की मेरे रूम मैं आ जाओ और उठ क अपने रूम की तरफ चल दिया और

फरजाना का इंतजार करने लगा

फरजाना थोड़ी देर के बाद ही मेरे पास रूम मैं आ गई दूध का ग्लास ले के और साइड पे पड़ी टेबल पे रख दिया और मेरे सामने बैठ गई और बोली
जी भाई क्यों बुलाया रहे थे मुझे

मैने फरजाना का हाथ पकड़ के अपनी तरफ खींच लिया जिस से वो मेरे ऊपर आ गिरी जिस से हम दोनो क सीने आपिस मैं मिल गये तो फरजाना के बूबस मेरे ऊपर गिरने से मेरे सीने पे दबने लगे तो मैने फरजाना के फेस पे किस कर दी और बोला

जान-ए-मान रात की मुलाकात के बाद तुम मेरे पास ही नहीं आयी तो मैने सोचा के खुद ही बुला लूं तुम तो आओगी नहीं

फरजाना मेरे ऊपर से ज़ोर लगा के उठते हो बोली भाई क्या करते हो कोई आ जाएगा
दरवाजे भी खुला हुआ है तो मैने कहा यार क्यों परेशान हो रही हो कोई नहीं आए गा अगर आ भी गया तो कुछ नहीं कहे गा

भाई बाजी का तो मुझे पता है के उन का कोई मसाला नहीं है लेकिन अम्मी या फरीदा भी तो आ सकती है

इस लिए मुझे छोडो अभी बाद मैं आ जाओंगी जुब सारे सो जायंगे
मैने फरजाना को और भी अपने साथ दबाते हो बोला नहीं जान आज तुम कहीं नहीं जा रही हो

क्या समझी बाजी का तो तुम जानती हो कोई मसाला नहीं है
लेकिन फरीदा भी अब बाहर नहीं निकले गी अपने रूम से और अम्मी की भी टेन्सन नहीं लो तुम.
फरजाना मेरी बात सुन के हेरनी से मेरी तरफ देखते हो बोली क्या मतलब भाई मैं कुछ समझी नहीं आप कैसे बोल सकते हो की फरीदा बाजी रूम से अब बाहर नहीं निकलेगी और अम्मी भी नहीं आएगी

मैं फरजाना की बात सुन के हंस दिया और उसे छोड़ते हो बोला जाओ दरवाजे बंद कर दो

फिर तुम्हें सब कुछ बतता हूँ ठीक है
तुम भी आज के बाद बिना किसी डर और झिझक के सेक्स एंजाय किया करो

फरजाना अजीब सी निगाहों से मेरी तरफ देखते हो उठी और दरवाजे को बंद कर दिया और दरवाजे को बंद कर के मेरी तरफ मूडी ही थी तो मैने कहा जान अपने कपड़े वहीं उतार के मेरे पास आऊ

फरजाना के फेस मेरी बात सुन के लाल हो गया ओए उस ने सर झुका लिया और बोली भाई पल्ल्लज़्ज़्ज़

ये मुझ से नहीं हो पाएगा तो मैने कहा यार फरजाना पल्ल्ल्लज़्ज़्ज़्ज़्ज़्ज़ यार ट्राइ तो करो कब तक शरमाती रहोगी ऐसे तो मज़ा नहीं आएगा ना

फरजाना ने मेरी बात सुन के भी सर तो नहीं उठाया लेकिन अपनी क़मीज़ को पकड़ के ऊपर उठाने लगी और आहिस्ता से क़मीज़ उतार दी और मेरी तरफ आने लगी तो मैने उसे वहीं रोक दिया और बोला नहीं ऐसे नहीं सलवार भी निकालो वहीं पे और फिर मेरी तरफ आना है तुम्हें

मेरी बात सुन के फरजाना ने शरमाते हो सर उठा के मेरी तरफ देखा और तनकते हो बोली पल्ल्लज़्ज़्ज़्ज़्ज़ भाई मुझे शरम आ रही है मुझ से नहीं हो गा भाई ये सब पल्लज़्ज़्ज़्ज़्ज़्ज़्ज़्ज़ भाई

मैने इनकार मैं सर हिलाते हो कहा नहीं मेरी जान अगर तुम ने अभी मेरी बात नहीं मानी तो फिर ये बात याद रखना क मैं तुम्हें कुछ भी नहीं बताऊंगा तो
फरजाना ने अपना सर झुका के अपनी सलवार मैं हाथ डाला और अपनी सलवार उतार के साइड पे रखी और खड़ी हो के मेरी तरफ देखते हो बोली भाई अब ठीक है या और भी कुछ करना है मुझे

मैने फरजाना को अब सिर्फ़ ब्रा और पनटी मैं देख के अपना लंड मसलता हुआ बोला नहीं अब आ जाओ

फरजाना अपनी गांड मटकती (जो की मुझे नज़र तो नहीं आ रही थी लेकिन मुझे लग रहा था क अगर इस तरह ये किसी के सामने भी चली गई तो बच नहीं पाए गी) होई मेरे पास बिस्तेर पे आ गई तो मैने अपनी क़मीज़ उतरी और अपनी सलवार का नडा खोल के अपना लंड बाहर निकल के अपनी सब से छोटी बेहन के हाथ मैं पकड़ा दिया जिसे उस ने पकड़ के दबा दिया

मेरे लंड को हाथ मैं पकड़ के ज़ोर से दबाती होई फरजाना ने कहा हाँ भाई अब बताओ की आप कैसे बोल सकते हो की अम्मी या फरीदा बाजी मैं से यहाँ कोई भी नहीं आ सकता है

तो मैने कहा यार अम्मी जानती हैं की तुम यहाँ इस वक़्त मेरे साथ क्या कर रही हो और रह गई फरीदा तो वो इस वक़्त अबू के साथ होगी और चुदाई के लिए तड़प रही होगी

अब समझ गई हो तो अपने भाई के इस बेचारे लंड पे भी कुछ तरस खाओ और इस का भी कुछ सोचो

मेरी बात ने फरजाना को जहाँ झटका किया था वहीं कुछ देर बाद उस के फेस पे एक मुतमान सी मुस्कान दौड़ गई और वो बोली भाई ये तो

मैं आप से अब बाद मैं पुचुंगी ये सब कैसे हुआ लेकिन अभी आप के इस बहनचोद लंड का मसाला हाल कर लून

फरजाना के इतना बोलते ही मेरे लंड को छोड के थोडा पीछे हटी और मेरी सलवार को निकल के साइड मैं फैंक दिया और मेरे लंड को अपने हाथ मैं पकड़ के मसालने लगी

कुछ देर लंड सहलाने के बाद फरजाना ने मेरी तरफ देखा और बोली भाई मज़ा आ रहा है
अपनी बेहन के हाथों से लंड मसलवा के तो मैने उसे की तरफ देखते हो कहा नहीं यार इसे ज़रा अपने मुह मैं ले के प्यार करो तब भी कोई बात बने ऐसे तो मज़ा नहीं आएगा ना

नहीं भाई पल्ल्लज़्ज़्ज़्ज़्ज़ ये काम मुझे कभी नहीं बोला मैं तो कभी इस गंदे को मुह मैं नहीं ले सकोंगी तो मैने हंसते हो कहा अच्छा जी इस गंदे को अपनी चुत मैं ले सकती हो लेकिन मुह मैं नहीं

फरजाना आखेँ मटकाते हो शरारत से बोली वो तो भाई बनी ही इस के लिए है तो फिर मैं भला क्यों ना लून तो
मैने अपना लंड, फरजाना के हाथ से निकल लिया और फरजाना को बिस्तेर पे गिरा के लिटा दिया और उस की रनो को दोनो तरफ फैला दिया और खुद अपनी छोटी बेहन की चुत पे झुक गया और अपनी ज़ुबान को बाहर निकल के फ्रज़ना की गीली और गरम चुत पे रख दिया

जैसे ही मेरी ज़ुबान फरजाना की चुत पे लगी फरजाना के पूरे जिस्म मैं लज़ात की लहर से दौड़ गई और उस के मुह से आअहह सस्स्सीईईईईई भाईईईईईईईईईईई ये क्या कर रहे हो की आवाज़ करने लगी और अपने लीपस को अपने ही दाँतों से काटने लगी और अपने बूबस भी मसालने लगी
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04-29-2020, 01:23 PM,
#45
RE: Incest Porn Kahani चुदाई घर बार की
फरजाना का जिस्म चुत चाटने से एक दम से जैसे काँपने लगा था की मैं थोडा घबरा गया और उठ के बैठ गया तो फरजाना ने अपनी आखेँ खोल के मेरी तरफ देखा

अपनी चुत पे फिंगर रखते हो बोली भाई हट क्यों गये चतो ना ... कितना मज़ा आ रहा था मुझे

मैने इनकार मैं सर हिलाते हो कहा नहीं मेरी जान अब चाटूँगा नहीं अब मैं तुम्हारी चुत मैं अपना लंड घुसा के चोदुंगा और इतना बोलते ही मैं आगे हुआ

अपना लंड फरजाना की चुत पे सेट कर के हल्का सा झतका दे के अपने लंड को 3 इंच....,, तक फरजाना की चुत मैं घुसता हुआ उस के ऊपर लेट गया तो

फरजाना के मुह से सस्सिईईईईईईई की आवाज़ के बाद भाई पहले आराम से करना पल्ल्लज़्ज़्ज़्ज़्ज़्ज़्ज़्ज़ कल बहुत दर्द हुआ था तो
मैने कहा आज कुछ नहीं होगा मेरी जान अब बस मज़े ही मज़े हैं और इतना बोलते ही

अपने लंड को फरजाना की चुत पे दबाने लगा जिस से मेरा लंड आहिस्ता आहिस्ता फरजाना की चुत मैं पूरा जा घुसा और फरजाना के मुह से आअहह सस्स्सीईई भाई बस आहिस्ताआआ ऊओह हान्ंनणणन् बस अभी रुकूऊऊऊ उनम्म्मह की आवाज़ भी कर रही थी और हम मेरे सर को भी अपनी तरफ खींच के मुझे अपने ऊपर पूरी तरह लिटा लिया
थोड़ी देर तक मैं ऐसे ही फरजाना के ऊपर लेटा रहा और फिर मैं उठा और

फरजाना की टाँगों को पूरी तरह खोल के अपने लंड को भी फरजाना की चुत से कॅप तक निकाला और वापिस घुसा दिया तो फरजाना के मुह से आऐईयईईईईईईईईईईईईईई ऊऊहह भाईईईईईईईईईई पल्ल्लज़्ज़्ज़्ज़्ज़्ज़ आहिस्ता करूऊऊऊऊ ऊऊओह भाईईईईईईईईईईईईईईईईई आहिस्ता पल्ल्लज़्ज़्ज़्ज़्ज़्ज़ की आवाज़ै करने लगी

जैसे जैसे मैं अपना लंड फरजाना की टाइट चुत मैं इन आउट करता तो मुझे अपना आप कंट्रोल करना मुस्किल लगता जा रहा था क्यों की फरजाना की चुत मेरे लंड को अंदर से एक बार भींचती और फिर हल्का सा ढील छोड डेटी तो
वहीं दोसरि तरफ फरजाना भी अपनी फरजाना को नीचे से मेरे लंड की तरफ दबा के मेरे झतकों का साथ देनी लगी और हाआंन्णाणन् भाइईईईईईईईई फाड़ डालो मेरिइईईईईई चुत को मुझे गश्ती की तरह छोड़ो भाई

जान ऊऊहह मैं गैिईईईईईईईईई भाईईईईईईईईईईईईईईईई की आवाज़ैईन भी करती जा रही थी और फिर फरजाना का जिस्म एक बार आकड़ा और फिर ढीला पड़ गया क्यों की उस की चुत ने अपना सारा पानी निकल दिया था

फरजाना के फारिघ् होने के बाद मैं भी फरजाना के चुत मैं 5 6 तेज़ झतकों के साथ फारिघ् हो गया और अपना लंड बाहर निकल लिया और फरजाना की चुत की तरफ देखने लगा

जहाँ मेरे लंड से निकला पानी लगा हुआ था

मुझे इस तरह अपनी चुत की तरफ देखता पा के फरजाना उठ के बैठ गई और हंसते हो बोली क्या देख रहो हो भाई तो मैने हंसते हो कहा कुछ नहीं मेरी जान बस हुस्सान का ख़ज़ाना देख रहा था


उस रात मैने 2 बार व् की चुत मारी और उस के बाद मैं फरजाना को अपने साथ ही लिपटा के सो गया तो

मेरी आँख फरजाना के हिलने से खुली मैं उठा तो फरजाना ने कहा भाई कपड़े पहन लो मैं जा रही हूँ अभी सुबह होने वाली है तो मैने अपने ऊपर एक चादर खींच ली और फरजाना की तरफ देख के बोला ठीक है यार तुम जाओ और मुझे सोने दो नींद आ रही है

फरजाना कब गई मुझे नहीं पता लेकिन जुब दोबारा मेरी आँख खुली तो उस वक़्त मुझे फरी बाजी ने उठाया था और जैसे ही मैं उठा तो बाजी ने मेरा कान पकड़ लिया और बोली

विक्की तुम कितने बड़े कामीने हो रात को खामोशी से फरजाना को अपने साथ रूम मैं ले के घुस गये और मेरा और अम्मी का कुछ भी ख्याल नहीं आया तुम्हें और ऊपर से तुम

किस बेशर्मी से नंगे सो रहे हो

बाजी के कान मरोड़ने की वजा से भी मेरी नींद उड़ चुकी थी तो मैने बाजी के हाथ से अपना कान छुदया और उन का हाथ पकड़ के उन्हें अपने पास बिता लिया और बोला

यार अब घर मैं किस से शरम करू क्या अब भी कुछ बाकी बचा है जिस से हमनें शरमाना चाहिए

नहीं भाई बात तुम्हारी ठीक है लेकिन मेरी एक बात हमेशा याद रखना और अबू अम्मी भी ये ही चाहते हैं की हम आपिस मैं जिस तरह मर्ज़ी से रहें जो चाहे कराईं लेकिन हुमारे बीच एक परदा भी रहना चाहिए ताकि हम बाहर के लोगों के सामने भी थोडा अपने आप को संभाल सकैं क्यों के अगर हम ने हर हद पर कर डाली तो हुमारी तबाही मैं कुछ भी बाकी नहीं बचेगा यहाँ जो लोग हुमारी इज़्ज़त करते हैं आज ये लोग ही हुमारी बोटियाँ काट खाईंगे

बाजी की बात सुन के मैं सोच मैं पड़ गया और थोड़ी देर के बाद बोला बाजी बात तो आप की ठीक है हमनें जो भी करना है उस मैं कुछ ना कुछ शरम हया

हमेशा रखनी होगी वरना सिर्फ़ तबाही ही हुमारे नसीब मैं होगी बाकी अगर हम अब यहाँ से सब कुछ छोड चार के ज़मीन बेच के किसी दौर के शहर मैं शिफ्ट हो जायं तो बहतेर है जहाँ कोई हमनें ना जनता हो

मेरी बात सुन के बाजी हंस दी और बोली तुम्हें अब ख्याल आया इस बात का लेकिन अबू अम्मी इस बात का फ़ैसला पहले ही कर चुके हैं अब हमनें यहाँ से जाना होगा जहाँ हमनें कोई ना जनता हो

बाजी की बात सुन के मैं उठा और सलवार पहन के बाजी से बोला ठीक है बाजी अब मैं ध्यान रखा करूगा लेकिन ये तो बताओ रात क्या हुआ फरीदा अबू के साथ मज़ा ले चुकी है या अभी नहीं

बाजी मेरी तरफ देख के मुस्कुरई और बोली भाई लगता है की अब तुम्हें ख्याल आ रहा है फरीदा के बारे मैं पूछने का वेसे तुम्हें ये बता दूँ की फरीदा रात अबू के साथ सुहाग रात मना चुकी है
अब तुम निकलो यहाँ से और जा के नहा लो मैं नाश्ता लाती हूँ

मैं बाजी की बात सुन के रूम से निकल गया और नहा के रूम मैं वापिस आया तो बाजी मेरे लिए नाश्ता ला चुकी थी मैने बैठ के नाश्ता किया और उस के बाजी से फरीदा के बारे मैं पूछा तो बाजी ने कहा

अपने रूम मैं ही है अभी तक निकली नहीं

मैं तो रात अम्मी के साथ उन के रूम मैं ही थी बाकी अभी तक अपने रूम मैं नहीं गई तुम खुद ही जा के देख लो क्या कर रही है

मैं उठा और बाजी के साथ फरीदा के रूम की तरफ चल दिए और जुब रूम मैं पहुँचा तो फरीदा बाजी को देखा अपने बिस्तेर पे लेती होई थी मूड के हुमारी तरफ देखनी लगी जो

उस वक़्त सिर्फ़ एक चादर अपने ऊपर लिए लेती होई थी जो की उस के बूबस से हटी होई थी

फरीदा को इस तरह लेटा देख के और उस के नंगे बॉबस को देख के मेरा लूँद खड़ा होने लगा

हम दोनो के एक साथ देख के फरीदा थोडा शर्मा गई और जल्दी से अपनी चादर अपने ऊपर ठीक कर ली तो बाजी मुस्कुराती होई आगे बढ़ी और फरीदा के साथ जा के बैठ गई

बोली क्या हुआ फरीदा हमनें देख के अपने आप को छुपा क्यों रही हो शरम आ रही है क्या मेरी रानी को फरीदा जो के पहले ही शर्मा रही थी बाजी की बात से और भी लाल हो गई और चादर को अपने ऊपर कर के फेस भी चादर मैं घुसा लिया तो बाजी ने कहा

भाई आप ऐसा करो जाओ यहाँ से जुब तक तुम यहाँ रहोगे फरीदा इसी तरह शरमाती रहेगी तुम जाओगे

तो मैं इसे रूम से निकाल लुंगी

मैं दोनो की तरफ देखते हो बोला ठीक है बाजी अगर आप ये ही चाहती हो तो मुझे कोई मसाला नहीं है मैं चला जाता हूँ वेसे अब तो फरीदा को मुझ से नहीं शरमाना चाहिए और इतना बोल के फरीदा और बाजी वाले रूम से निकला और अम्मी के रूम की तरफ चल दिया

अम्मी के रूम मैं आया तो देखा के अम्मी अपने रूम मैं नहीं थी तो तब मुझे याद आया की अगर बाजी घर पे ही हैं तो अम्मी अबू के साथ खेतों पे गई हूँ गी तो मैं वापिस अपने रूम मैं आ गया

रूम मैं आ के मैं अपने बिस्तेर पे लेट गया और अभी थोड़ी देर पहले देखे फरीदा के नंगे बूब,स को याद कर के अपने लंड को हाथ मैं ले के मसालने लगा और सोचने लगा की काश मैने इतनी ज़िद ना की होती तो गुज़री रात अबू की जगा मैने फरीदा की कुँवारी चुत का मज़ा लिया होता

दोपहर तक का वक़्त मैने फरी और फरजाना के साथ गुज़ारा जिस मैं के कोई ख़ास्स बात नहीं होई

यहाँ आप के साथ शेर करू इस लिए आगे चलते हैं तो दोपहर के खाने के बाद जो की मैने अपने ही रूम मैं खाया था और जुब बाजी बर्तन उठाने आयो तो मैने बाजी को रोक लिया और बोला यार बाजी क्या मैं थोडा टाइम अगर आप इजाज़त दें तो मैं कुछ देर फरीदा के रूम मैं चला जाओं

बाजी.... विक्की कामीने बड़ा दिल कर रहा तेरा फरीदा की चुत मरने को मैं भी तुम्हारी बड़ी बेहन हूँ मेरा कुछ ख्याल नहीं है तुम्हें.... कुत्ते...

मैं... आप तो मेरी जान हो बाजी अगर आप का दिल कर रहा है तो मैं आप के साथ कर लेटा हूँ

बाजी... चल चल ज़्यादा माखन मत लगा मुझे और वेसे भी मैं कौन सा फरीदा की चुत पे अपना हाथ रख के बैठी होई हूँ जिस तरह वो मेरी बेहन है उसी तरह वो तुम्हारी भी बेहन है जाओ उस के रूम मैं देख लो क्या पता कुछ काम बन ही जाए तुम्हारा

मैं... नहीं बाजी फरीदा नहीं मानेगी मुझे पता है क्यों की मैने जिस तरह उस को अपनी ज़िद की वजाह से अबू की तरह धकेला था अब वो मुझे अपने पास भी नहीं फटकने देगी लिख लो मेरी बात को

बाजी ने बर्तन साइड पे किए और मेरा हाथ पकड़ के मुझे उठा दिया और बोली विक्की ऐसे ही अपने दिमाग के घोड़े मत दौड़ते रहा करो जाओ जा के फरीदा के पास जा के बैठो

तुम्हें पता चल जाएगा की वो क्या चाहती थी और अब क्या चाहती है चलो शाबाश और मुझे रूम से बाहर की तरफ ढाका भी दे दिया

मैं बाजी की बात मान के रूम से निकला और फरीदा के रूम मैं चला गया तो फरीदा उस वक़्त सलवार क़मीज़ पहने अपने बिस्तेर पे लेती आराम कर रही थी और मुझे देखते ही बाजी जल्दी से उठ के बैठ गई तो मैं जा के फरीदा बाजी के पास बैठ गया तो फरीदा ने अपना सर झुका लिया

मैने अब हिम्मत की और फरीदा के झुके हो सर की तरफ देखते हो बोला फरीदा क्या नाराज़ हो मेरे साथ तो फरीदा ने अपना सर ढेरे से उठाया और मेरी तरफ देख के अपना सर इनकार मैं हिला दिया लेकिन बोली कुछ नहीं तो मैने अपना हाथ आगे बढाया.

और उस की रनो पे रखते हो उस के फेस की तरफ देखा तो फरीदा मेरी तरफ ही देख रही थी
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04-29-2020, 01:23 PM,
#46
RE: Incest Porn Kahani चुदाई घर बार की
मैने अपना हाथ फरीदा की रनो पे रखते ही उस की रनो को सहलाने लगा और उस की आँखों मैं देखते हो पूछा फरीदा मेरा यहाँ आना तुम्हें बुरा तो नहीं लगा ना

फरीदा ने अब अपना सर झुका लिया और इनकार मैं सर हिला दिया और बस इतना ही बोली की भाई मैं आप को अपने पास आने से कभी मना नहीं कर सकती और रात भी जो हुआ और मैने जो किया आप ही की ख़ुसी के लिए किया है क्यों की आप मुझे सज़ा देना चाहते थे

और अब तो मैने आप की दी होई सज़ा भी पूरी कर ली है

सॉरी बाजी मुझे आप की ख्वाइश का अहतरम करना चाहिए था इस तरह आप के साथ ज़ोर ज़बरदस्ती नहीं करनी चाहिए थी और इतना बोल के मैं खामोश हो गया और अपना हाथ जो क बाजी की रनो पे था और उस से मैं बाजी की रनो को सहला रहा था थोडा तेज को किया और बाजी की आपस मैं जुड़ी होई रनो को अपने हाथ से थोडा खोल दिया और अपना हाथ बाजी की चुत तक पंहुचा दिया

जैसे ही मेरा हाथ बाजी की चुत से टच हुआ बाजी के मुह से सस्स्सीई की हल्की सी सिसकी निकल गई और बाजी ने अपनी रनो को भींच लिया जिस से मेरा हाथ बाजी की दोनो रनो के दरमियाँ मैं ही फँसा रह गया

बाजी की चुत उस वक़्त अपने ही पानी से भीगी होई थी जिस से सलवार भी काफ़ी गीली हो रही थी तो मैने अपना हाथ बाजी की रनो मैं से खींचा और बाजी की क़मीज़ को पकड़ के उठाने लगा तो बाजी ने मुझे रोकने की बिल्कुल कोशिश नहीं की बल्कि क़मीज़ उतरने मैं मेरा साथ देने लगी

बाजी की क़मीज़ उतार के मैने साइड पे रख दी और बाजी को बिस्तेर पे लिटा दिया और साथ ही उन के ब्रा भी उन के बूबस से थोड़ी ऊपर कर दी जिस से उन के बूबस मेरे सामने नंगे हो गये
फरीदा बाजी के बूबस को नंगा करने के बाद मैं खड़ा हो गया और अपने कपड़े उतार दिए और नंगा होके

बाजी के पास बिस्तेर पे बैठ गया उन के पैरों की तरफ और फरीदा बाजी की रनो को सहलता हुआ उन के बूबस की तरफ आया और उन के ऊपर पूरी तरह झुक के बाजी के बूबस को अपने एक हाथ मैं पकड़ के दबा लिया और झुक के बाजी के बूबस को मुह मैं भर लिया

थोड़ी देर तक मैं ऐसे ही बाजी के बूबस को चूस्ता रहा और सहलाता रहा जिस से बाजी काफ़ी गरम हो गई और उन के मुह से आअहह विक्कीईईईईईई मेरे भाईईईईईईईईई उन्म्मह हान्ंनननणणन् भाईईईईईईईई चूसो इन्हाइन मज़ा आ रहा हाईईईईईईईईईईईई भाईईईईईईईईईईईईई की आवाज़ै करने लगी

उस के बाद मैने बाजी के बूबस को छोड़ा और बाजी को उन की जगाह से उठा दिया और खुद उन की जगाह पे लेट गया तो
बाजी स्वालिया नज़रों से मेरी तरफ देखने लगी तो मैने कहा बाजी क्या अपने भाई के लंड को प्यार नहीं करोगी तो बाजी हल्का सा मुस्कुरा दी
अपने एक हाथ से मेरा लंड पकड़ लिया और खुद मेरे लंड की तरफ झुक के मेरी रनो और पेट पे किस करने लगी
बाजी के इधर उधर चूमने से भी काफ़ी मज़ा आ रहा था लेकिन मुझे बेचानी भी हो रही थी की बाजी ये क्या कर रही है

लंड को क्यों नहीं चूस रही अपने मुह मैं भर के तो मैने बाजी के सर को पकड़ के अपने लंड की तरफ घुमा दिया और बोला बाजी लंड को चूसो ना पल्ल्ल्लज़्ज़्ज़्ज़्ज़्ज़्ज़्ज़ तो बाजी ने मेरी तरफ देखा और हल्का सा मुस्कुरा के मेरे लंड की कॅप को अपने मुह मैं लेने लगी

अब बाजी मेरे लंड की कॅप को अपने मुह मैं ले के चूस रही थी और कभी कभार मेरे लंड को छोड के मेरे लंड की गोलियों को भी चूसने लगती

जिस से मेरे मुह से लज़ात सिसकियाँ भी निकल जाती
थोड़ी देर तक बाजी इसी तरह मेरे लंड को चुस्ती और चूमती रही और फिर उठ गई और बोली बस भाई
इस से ज़्यादा मुझ से नहीं होगा तो मैं भी उठ बैठा और फरीदा बाजी की पनटी और ब्रा को उतार दिया और बाजी फरीदा को बिस्तेर पे लेटने को बोला तो बाजी लेटते हो बड़ी अदा से मेरी तरफ देखने लगी

बाजी को इस तरह अपनी तरफ देखते हो पा के मैने बाजी की टाँगों को पकड़ के अपनी तरफ खींचा तो बाजी बिस्तेर पे गिर गई तो मैने बाजी की रनो को पूरी तरह खोल दिया

बाजी की छोटी सी और टाइट चुत को अपने दोनो हाथों से पूरी तरह खोल के देखने लगा

फरीदा बाजी की एक बार की छोटे लंड से चुदी होई चिकनी चुत को देख के मेरे मुह मैं पानी आने लगा तो मैं झट से बाजी की चुत की तरफ झुका और अपनी ज़ुबान निकल के बाजी की चुत के ऊपर रख के चाटने लगा और अपनी ज़ुबान को गोल कर के फरीदा बाजी की चुत मैं भी घुसने की कोशिश करने लगा

मेरे इस तरह चुत को चाटने से फरीदा के जिस्म मचल उठा और उस के दोनो हाथ मेरे सर पे गये और उस के मुह से आअहह भाईईईईईईईईईईईईईईईईईई ये क्या कर रहे हो उनम्म्मह मेरी नंननननननननणणन् ऊओह भाईईईईईईईईईईई हन चतो भाई खा जाओ अपनी बेहन की चुत कूऊऊऊओ आअहह भाईईईईईईईईईईईई बौहत अच्छा लग रहा हाईईईईईईईईईईईईई पल्ल्ल्लज़्ज़्ज़्ज़्ज़्ज़्ज़्ज़्ज़ भाई मुझे सारी ज़िंदगी इसीईईई तरह प्यार करना ऊओह भाईईईईईईईईईईईईई की आवाज़ मैं सिसकने लगी

थोड़ी देर तक मैं ऐसे ही बाजी फरीदा की चुत को चाटता रहा और चूस्ता रहा बाजी जल्दी ही मेरे मुह पे फ़ारिग हो गई उनकी चुत से निकला पूरा रस मै पी गया

उस के बाद मैं उठा
अपना लंड बाजी की चुत पे सेट किया और आहिस्ता आहिस्ता से दबाने लगा. मेरा लंड बाजी की तिघत चुत मैं नहीं घुस रहा था . मेने धीरे से बाजी को अपने दोनों हाथों से पकड़ा और एक तेज के झटके के साथ अपना पूरा लंड बाजी की चुत पे चाप दिया .
बाजी मेरे मोटे लंड का दर्द बर्दास्त करने लगी.. उन्होंने अपने दोंतों को आपस में कीट लिया था.. और दर्द के कारण उनका मुह लाल हो गया ..लेकिन बाजी.. कुछ नहीं बोली उनकी आखों से आसू निकलने लगी...

बाजी के मुह से सस्सिईईईईईईईईईईई आआहह आहिस्ता भाई आराम से डालो आप का थोडा ज़्यादा मोटा है ऊऊहह भाईईईईईईईईईईई की आवाज़ के साथ मेरा लंड अपनी चुत मैं लेती रही

आहिस्ता आहिस्ता मेरा पूरा लंड फरीदा बाजी की चुत मैं घुस गया तो मैं वहीं रुक गया और बाजी के ऊपर लेट के बाजी के बूबस को दबाने लगा और बोला
बाजी क्या अबू के साथ भी इतना ही मज़ा आया था आप को तो बाजी ने अपनी टाँगों को मेरी कमर पे पीछे की तरफ जाकड़ बनाते हो कहा भाई सच्ची पूछो तो....नहीं.. पर आपका हुकुम था .. आपने जो सजा दी थी मुझे......

लेकिन ये नहीं के आप का लंड उन से ज़्यादा तगड़ा है बस आप ये सोचो के उस वक़्त जुब अबू का लंड मेरी चुत मैं जा चुका था तो सिर्फ़ ये सोच कर ही क जिस के लंड के पानी की वजाह से मैं इस दुनिया मैं ऐइ थी आज उसी का लंड मेरी चुत मैं घुसा मुझे चोद रहा है तो यक़ीन मानो मेरी चुत ने उसी वक़्त पानी छोड दिया था बाकी तो पूछो मत.....ही मत
अब मेरा लंड बड़े आराम आराम से बाजी की चुत मैं घुसने लगा

मैने अपने लंड को फरीदा बाजी की चुत मैं आहिस्ता से इन आउट शरू कर दिया तो बाजी ने कहा आअहह विक्की लेकिन एक बात सच ये भीईीईईईई हाईईईईईईईईईई की तुम्हारा लंड अबू के लंड से ज़्यादा मोटा और तगड़ा हाईईईईईईईईईईईईई याक़ीम मानो भाई इस वक़्त मैं मज़े से हवाओं मैं उड़ रही हून्ंनणणन्

बाजी के मुह से निकालने वाले अल्फ़ाज़ को सुन के मुझे अब जोश आने लगा और मैने अपनी स्पीड बडा दी बाजी की चुदाई की और बाजी के बूबस को भी जानवरों की तरह दबाने लगा

तो बाजी के मुह से आऐईयईईईईईईईईईईईईईई व्क्कि मेरिइईईईईईईईई जान नैईईईईईईईईईईईईईईई ल्ल्ल्लज़्ज़्ज़्ज़्ज़्ज़्ज़्ज़्ज़्ज़ ऐसा मत करूऊओ भाईईईईईईईईईईई दर्द होता हाईईईईईईईईई आराम आराम से धीरे धीरे बही..बजुत मोटा लंड है... ओह बहुत मज़ा आ रहा है भाई मेरे बूबस को ऊओह की आवाज़ करने लगी

बाजी की बात सुन के मैने बाजी के बूबस को दबाना और मसलना बंद कर दिया और बाजी की रनो को पूरी तरह उठा के अपना लंड पूरा बाहर निकल के झटके से बाजी की चुत मैं घुसने लगा

बाजी के मुह से आअहह भाईईईईईईईईईईईईईईईईईई ज़्यादा ज़ोर मत लगाओ बस..ऐसे ही... ओह भैईईई ऊऊहह भाईईईईईईईईईईईई कितने आचे हूऊऊओ आप आअहह उंन्नमममह की आवाज़ै करने लगी

थोड़ी देर तक ऐसे ही छोड़ने के बाद मैने अपना लंड बाहर निकल लिया और बाजी को कुटिया बनने को बोला
बाजी के कुटिया बनते ही मैने फरीदा बाजी के पीछे अपनी पोज़िशन सेट की और अपना लंड फरीदा बाजी की चुत पे सेट किया और आहिस्ता से बाजी की चुत मैं घुसने लगा लंड के घुसते ही बाजी अपना सर घुमा के मेरी तरफ देखने लगी

मैने मुस्कुराते हो कहा क्या हुआ बाजी इस तरह अच्छा नहीं लग रहा है क्या तो बाजी मेरी बात सुन के मुस्कुरा दी और बोली अभी करोगे तो पता चले गाना की कैसा लगता है

बाजी की बात सुनते ही मैने बाजी की गांड पकड़ लिया और पूरी जान का झतका दिया तो बाजी के मुह से आऐईयईईईईईईईईईई भाई आराम से करो पल्ल्ल्लज़्ज़्ज़्ज़्ज़्ज़्ज़्ज़ अभी हल्का हल्का दर्द होता ईईईईईईईईई

ऊऊहह की आवाज़ करने लगी लेकिन मैं अब कोई बात सुन,ने के मूड मैं नहीं था और बाजी की गांद को जकड़े हो झटके लिगता चला गया तो बाजी भी आअहह भाईईईई पल्ल्ल्लज़्ज़्ज़्ज़्ज़्ज़्ज़्ज़्ज़्ज़्ज़्ज़्ज़ आहिस्ता ऊऊहह उंन्नमममह भाईईईईईईईईईई आअहह भाईईईईईईईईईईईईईईईई मैं गैिईईईईईईईईईईईईईईई आहिस्ता पल्ल्ल्लज़्ज़्ज़्ज़्ज़्ज़्ज़्ज़्ज़्ज़्ज़्ज़ आहिस्ता करूऊऊऊओ की आवाज़ करने लगी

लेकिन मैं नहीं रुका और लगा रहा झटके मरने और साथ ही आअहह फ्रीद्ाआाअ ईईईईईईईईईईईईईई मैं जाने वाला हूँ ऊऊहह बाजिीइईईईईईईईईईईईईई मेरा निकालने वाला हाईईईईईईईईईईईईईईईई की आवाज़ के साथ और 3-4 तेज़ झतकों के साथ ही मैं और फरीदा बाजी एक साथ मैं ही फारिघ् हो गए

फरीदा बाजी की चुत मैं फारिघ् होने के बाद मैं बाजी के ऊपर से हटा और उन के साथ ही साइड पे बाजी की तरफ करवट ले के लेट गया और

फरीदा बाजी की तरफ देखने लगा तो बाजी का फेस मेरे इस तरह उन की तरफ देखने से हल्का गुलाबी हो गया शरम से तो फरीदा बाजी ने अपनी निगाहें नीची कर लीं और धीमी आवाज़ मैं बोली पल्ल्ल्लज़्ज़्ज़्ज़्ज़्ज़्ज़ भाई ऐसे मत देखो ना मेरी तरफ

मैं......... क्यों बाजी क्या आप को मेरा इस तरह देखना अच्छा नहीं लग रहा जो आप मुझे अपनी तरफ देखने से भी मना कर रही हो क्या मैं आप की नज़र मैं इतना ही बुरा हूँ

बाजी के मेरे देखने से भी आप को तकलीफ़ हो रही है( जान बुझ के फरीदा बाजी को सताने के लिए बोल रहा था)
बाजी... मेरी बात सुन के अपनी आँखों को उठाया और मेरी तरफ देख के हल्का सा मुस्कुरई और फिर मेरी तरफ करवट बदल के बोली भाई

अगर मुझे आप के देखने या चुने से इतनी ही तकलीफ़ होती तो मैं रात अबू के साथ आप ही की ख्वाइश पूरी करने के लिए ना सोती और अभी भी अगर आप मेरी रनो के बीच मैं देखो तो आप को अपना ही लंड जूस जो के मेरे लोवे जूस के साथ मिक्स हो के फैला हुआ होगा नज़र आ जाए गा

फिर भी अगर आप ये समझ रहे हो के मुझे आप से कोई तकलीफ़ है तो आप ग़लत सोच रहे हो

मैं... फरीदा बाजी को अपनी तरफ खींच के किस करते हो बोला बाजी मैं जनता हूँ की आप कितनी अच्छी हो और मेरा कितना ख्याल करती हो वो तो मैं बस ऐसे ही आप की तंग कर रहा था (हंसते हो)

बाजी... विक्की तुम बहुत बुरे हो ( इतना बोलते ही फरीदा बाजी ने अपना सरमेरे सीने मैं छुपा लिया )

बाजी फरीदा के इस बे सखता से अंदाज़ ने यक़ीन मानिए के मेरा दिल ही लूट लिया था और उस वक़्त मुझे अपनी इस बेहन पे हद से ज़्यादा प्यार आया और इस से पहले के मैं कुछ और करता या बोलता के दरवाजे पे नॉक होने लगी जो की पहले ही खुला हुआ था बस एक परदा था जो दरवाजे पे गिरा हुआ था
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04-29-2020, 01:23 PM,
#47
RE: Incest Porn Kahani चुदाई घर बार की
नॉक की आवाज़ सुनते ही फरीदा बाजी ने जल्दी से एक चादर साइड से उठाई और हम दोनो के ऊपर कर ली
तभी फरी बाजी परदा उठा के मुस्कुराती होई रूम मैं इन होई और हम दोनो की तरफ देख के बोली अब बाहर भी निकल आऊ न्यू कौपेल के तुम लोगों के लिए यहाँ ही हनीमून का इंतज़ाम करना पड़ेगा

मैने बाजी की बात सुन के कहा आप चलो बाजी हम आ रहे हैं अभी तो बाजी मुस्कुराती होई आँखों से हुमारी तरफ देखती होई रूम से निकल गई तो मैं जल्दी से उठा और अपनी सलवार पहन के फरीदा बाजी की तरफ देखते हो बोला चलो बाजी आप भी अब कपड़े पहन के बाहर आ जाओ और नहा लो फिर बैठ के बताईं करते हैं आपिस मैं और रूम से निकल गया

फरीदा बाजी के रूम से निकला तो सामने सहन मैं बैठी फरजाना और फरी बाजी मेरी तरफ ही देख के मुस्कुरा रही
लेकिन मैने उन दोनो की तरफ ज़रा भी ध्यान नहीं दिया और बात रूम मैं जा घुसा और नहाने लगा जुब मैं नहा के बाहर आया तो फरजाना और फरी बाजी के फरीदा भी बैठी होई थी

लेकिन उस का सर झुका हुआ था और वो हल्का सा मुस्कुरा भी रही थी मुझे बात रूम से निकलता देखते ही फरीदा उठी और बाथरूम की तरफ भागी तो मैं अपने रूम मैं जा के कपड़े तब्दील किए और आराम करने लगा

बाकी का दिन ऐसे ही बिना किसी ख़ास बात के गुज़र गया और रात को जुब अम्मी अबू घर आ गये तो हम सब ने मिल के खाना खाया और खाना खा के मैं उठा और अपने रूम की तरफ जाने लगा तो

अबू ने मुझे रोक लिया और बोले विक्की अभी 30 मिनट के बाद तुम सब लोग मेरे रूम मैं आ जाओ मैं चाहता हूँ के आज हम सब बैठ कुछ बताईं जो ज़रूरी हैं कर लें

मैने हाँ मैं सर हिलाया और अपने रूम मैं आ गया और 30 मिनट के बाद

अबू के रूम की तरफ चल दिया जहाँ सब लोग जमा हो चुके थे मेरे रूम मैं इन होते ही अबू ने मुझे भी बैठने का इशारा किया और मेरे बैठते ही बोले के जैसा के अब हम सब लोग जानते हैं की हुमारे बीच एक रिश्ता तो वो है की जो दुनिया के नज़र मैं है
लेकिन एक रिश्ता जो की पिछले कुछ अरसे मैं हुमारे दरमियाँ तेज़ी से परवान चढ़ा है

वो ये है की अब यहाँ इस घर मैं जो औरतें हैं वो मेरे और व्क्कि की बीवियाँ बन चुकी हैं और हम दोनो तुम सब के शोहार बन चुके हैं
लेकिन इस के बावजूद एक बात ये है यहाँ सब लोग हमनें जानते हैं और अगर किसी को भी शक हो गया तो सिर्फ़ तबाही के इलावा कुछ हाथ नहीं आएगा

क्यों की ये जो हुमारा राज़ है इस मैं बिल्लो भी शरीक है और उस ने मेरे सामने एक मुतालबा रखा है उसे भी हम अपनी फॅमिली मैं शामिल कर लेंगे ( मीन वो विक्की के साथ शादी करना चाहती है)

ये जो मुतालबा है वो इतना बड़ा या कोई अजीब भी नहीं है लेकिन मैं समझ रहा हूँ वो इस मोका का फाइयदा उठना चाह रही है और आज वो हुमारा साथ भी दे रही है

लेकिन बात ये है की वो हम मैं से नहीं बाहर की है और कब हुमारा भंडा फोड़ देगी कुछ नहीं बोल सकते

इस लिए मैने उसे इनकार तो नहीं किया लेकिन ये कहा है की हम लोग यहाँ से ज़मीन बेच रहे हैं और शहर जा रहे हैं वहाँ अपना घर बार सेट कर के यहाँ आ के तुम्हारी शादी विक्की से करवा दूँगे

जिस पे वो बड़ी मुश्किल से मानी है

अब मसाला ये है की हमनें किसी दूरके सिटी मैं जाना होगा जहाँ हमनें ना तो कोई जनता हो और ना ही किसी का ख्याल वहाँ तक आ सके बाकी ज़मीन की बात फाइनल हो चुकी है 2 3 दिन मैं हमनें पैसे मिल जायेंगे ज़मीन के

तब तक तुम सब लोग सोच लो की हमनें यहाँ से किस तरफ निकलना है और कल तुम विक्की यहाँ से निकल जाओगे मकान की तलाश मैं जहाँ हम लोग कुछ दिन रुक सकैं. वहाँ पे तुम्हारी पदाई भी हो सके और तुम किसी अच्छी से नौकरी पे लग जाओ.....


मैने हाँ मैं सर हिला दिया और बोला अबू अप ने ये अच्छा फ़ैसला किया है यहाँ से जाने का अब जुब हम लोग जिस शहर मैं जायेंगे वहाँ ना तो कोई हुमारा जानने वाला होगा और वहाँ हुमारे न्यू रिश्ते भी बन जायंगे जिस पर कोई उंगली भी नहीं उठा सकेगा.
लेकिन मेरी एक ख्वाइश.. और दिली तमना भी की वहाँ जाके ,,मै पढाई कर के जब अच्छी से नोकरी पे लग जाऊँगा ..तो आपको मेरा निकाह फरी बाजी से करना होगा ..मै उनसे बहुत प्यार करता हूँ...
और जिंदगी भर उनके साथ ही रहना चाहत हूँ....
मेरे बात सुनके ..सब लोग मुझे और फरी बाजी को देखने लगे देखने लगे........

अब्बू बोले ..अगर फरी को कोई ऐतराज़ नहीं है हो हमने मंजूर है ...

अब्बू की बात सुन के फरी बाजी की आखों मै .आसूं ..आज गए ..शायद खुशी की... वो उठी और मुझे गले से लगा लिया...
इन सब बातों के बाद अबू ने कहा एक बात और भी ध्यान मैं रखना है

हम जहाँ भी रहेंगे आपिस मैं जो भी हूँ जो भी करेंगे लेकिन रात के अंधेरे मैं दिन मैं हम लोगों के एक शरीफ़ा और सीधी फॅमिली ही नज़र आना चाहिए क्यों की इस मैं ही हुमारी भलाई है

अबू की बात से सब ने इतफ़ाक़ किया तो उस के बाद फरी बाजी ने अचानक ही कहाकी अबू क्यों ना हम लोग यहाँ से जाने से पहले एक यादगार रात गुजारें क्यों क फिर तो हमनें यहाँ आना नसीब होगा नहीं

अबू ने फरी बाजी की तरफ देखा और बोले क्या मतलब बेटी जो बोलना है खुल के बोलो ज़रा यहाँ कों सा कोई गैर बेता है सब अपने ही तो हैं

फरी बाजी बोली के अबू मेरा दिल चाह रहा है

हम आज यहाँ आख़िरी बार सब लोग मिल की प्यार करें एक दोसरे के सामने इसी रूम मैं तो अबू बाजी की बात सुन के हंस दिए और बोले अगर तुम्हारा दिल कर रहा है तो मुझे कोई ऐतराज़ नहीं लेकिन बाकी सब से भी पूछ लो वो क्या चाहते हैं

उलझन या इनकार ना देख के फरी खड़ी हो गई और मेरे पास आ के मुझे भी खड़ा कर लिया और बोली जिस का जहाँ दिल चाहे जिस से दिल चाहे शरू हो जाओ शरमाओ नहीं कोई भी

तो सब मुस्कुरा दिए तो अम्मी उठी और फरजाना का हाथ पकड़ के उसे अबू की तरफ ले गई और फरीदा को मेरी तरफ भेज दिया

बाजी ने फरीदा के आते ही मेरी सलवार का नडा खोला और मेरी सलवार उतार दी तो मैने खुद ही अपनी क़मीज़ भी उतार दी और रूम मैं बिना सलवार क़मीज़ के एक निक्केर मैं खड़ा रह गया

मेरे कपड़े उतरते ही बाजी फरी ने भी कपड़े उतार दिए और हम दोनो ने फरीदा की तरफ देखा जो क अभी तक ऐसे ही खड़ी होई हुमारी तरफ देख रही थी तो मैं आगे बढ़ा

और फरीदा को एक स्टोल पे बिता दिया और बोला की यार क्या हमनें ही नंगा करवाना था खुद भी तो अपने कपड़े उतार दो

फरीदा मेरी बात सुन के सर झुका गई लेकिन इस के साथ ही उस के हाथ सलवार की तरफ गये और सलवार उतरने लगी और आहिस्ता आहिस्ता सलवार फरीदा के घुटनों तक आ गई तो उस की पिंक पनटी सॉफ नज़र आने लगी

फरीदा को इस तरह आहिस्ता आहिस्ता सलवार यतर्ता देख के फरी बाजी ने एक झटके से फरीदा बाजी की सलवार उतार दी और फिर उस की क़मीज़ भी निकल दी और फरीदा को बिना कपड़ों के सिर्फ़ पनटी मैं मेरे सामने खड़ा कर दिया

फरीदा के नंगा होते ही बाजी फरी मेरे पैरों मैं बैठ गई और मेरी निक्केर उतार के मेरे लंड को अपने हाथ मैं पकड़ के मेरी तरफ देख के मुस्कुरई और फिर मेरा लंड अपने मुह मैं ले के चूसने लगी

थोड़ी देर तक बाजी मेरा लंड चुस्ती रही और उस के बाद फरीदा की तरफ देखा जो क अब बिस्तेर पे बेती होई थी और अपनी पनटी उतार चुकी थी और अब अपनी चुत मैं उंगली कर रही थी अबू की तरफ देख के जो क अब फ़रज़ाना की चुत मैं अपना लंड घुसाए छोड़ रहे थे और उस के मुह से आआहह अबुउुुुुुुउउ जीईए थोडा तेज़ करूऊओ

उनम्म्मह अबू जीईई आअहह आप बौहत अच्छा छोड़ते हो अबू जीईए की आवाज़ कर रही थी और नीचे से अबू के हर ढके के जवाब मैं अपनी गांद को उछाल के अबू का जवाब भी दे रही थी

फरीदा को अपनी चुत मैं उंगली करता देख के मैने अपना लंड फरी बाजी के मुह से निकल लिया और

फरीदा के पास जा के खड़ा हो गया और उस की आँखों मैं देखने लगा जो क मेरी तरफ से नज़र हटा के मेरे तगड़े वॉर मोटे लंड की तरफ ही अब देखे जा रही थी

साथ ही अपनी चुत मैं उंगली भी कर रही थी तो मैने फरीदा को और ज़्यादा ना तड़पते हो बिस्तेर पे लिटा दिया और उस की टाँगों को पूरी तरह खोलते हो अपना लंड अपनी बेहन की चुत पे रख दिया लंड को

फरीदा बाजी की चुत पे सेट करते ही मैने फरीदा बाजी की कमर पे अपने दोनो हाथ रखे और एक तेज़ झतका दिया जिस से मेरा लंड पूरा फरीदा की चुत को खलता हुआ और अपनी जगा बनाता हुआ पूरा जड़ तक फरीदा बाजी की चुत मैं जा घुसा जिस से बाजी के मुह से आऐईयईईईईईईईईईई क्कीईईईईईईईईईई आहिस्ताआअ करूऊओ ऊऊहह भाईईईईईईईईईईईई

उंन्नमममह क्या लंड है तुम्हारा आअहह भाईईईईईईईईई आज फाड़ डालो अपनी बेहन की चुत कूऊऊओ कुटिया की तरह घस्सेट घस्सीट की छोड़ो मुझे भाईईईईईईई रंडी मना डलूऊऊऊऊ आआहह उंन्नमममह की आवाज़ैईन करने लगी और साथ ही अपनी गांड को भी मेरे हर झटके पे मेरे लंड की तरफ उछाल के चुदाई का मज़ा लेने लगी

अब फरीदा की टाँगों को मैने उस के कंधों की तरफ पूरी तरह दबा दिया और खुद उस की चुत क ऊपर अच्छी तरह अपनी जगा सेट कर के अपना लंड पूरा फरीदा बाजी की चुत से बाहर निकलता और फिर से पूरा लंड फरीदा बाजी की चुत मैं ताप्प्प्प्प की आवाज़ के साथ घुसा देता

फरीदा बाजी भी आआईयईईईईईईईईईई कामीने और तेज़ छोड़ो मुझे ऊऊओह विक्ककीईईईईईईईईईई फाड़ डालो अपनी बेहन की चुत कूऊऊऊऊओ उनम्म्मह विक्कीईईईईईईईईई मुझेव अपने बचे की मा बना डालो भाईईईईईईईईईईईईईई उनम्म्ममह ऊऊहह भाईईईईईईई की एक तेज़ आवाज़ के साथ ही थोडा काँपने लगी और इस के साथ ही फ़रीदा की चुत पानी चॉर्ने लगी

फरीदा फारिघ् होने के बाद निढाल सी हो गई तो मैने उस की चुत मैं से अपना लंड निकल लिया और फरी की तरफ देखा जो क मेरे करीब ही नंगी बैठी हुमारी तरफ देख रही थी

मैने फरी बाजी के बाद अबू की तरफ देखा जो की अभी तक फरजान की एक टाँग उठाए उसे छोड़ रहे थे और फरजान भी आअहह अबू और ज़ोर से करूऊओ उन्म्मह की आवाज़ कर रही थी

मैने उन दोनो की तरफ से नज़र हटाई और फरी को खड़ा कर के खुद बिस्तेर पे बैठ गया और फरी बाजी को अपने लंड पे बैठने को कहा तो बाजी मेरे लंड को पकड़ के अपनी चुत मैने लेती होई मेरे लंड पे बैठ गई

अपना एक हाथ मेरी गर्दन मैं डाल के मेरे फेस की तरफ मूडी और मुझे किस भी करने लगी मैने अपने

दोनो हाथ बाजी की कमर पे रख लिए और बाजी को ऊपर नीचे हो क छुड़वाने मैं मदद करने लगा जिस से बाजी आसानी से मेरा लंड अपनी चुत मैं इन आउट करवाने लगी और साथ ही थोड़ी थोड़ी देर के बाद मेरी तरफ मुड़ती और मुझे किस भी करने लगती उस के बाद मैने बाजी को अपने लंड से उठाया और बाजी को कुटिया बना के अपना लंड पीछे से बाजी की चुत मैं घुसा की धुवन दर चुदाई करने लगा जिस से बाजी क मुह से आआहह विक्कीईईईईईईईईईईईईई और तेज़ मेरी जानंणणन् उनम्म्मह भाईईईईईईईईईईईईई फाड़ डालो मेरी चुत को ऊऊहह मेरे बेहन छोड़ भाईईईईईईईईईईईईईईईई मुझ कुटिया की चुत को अपने लंड से फाड़ डलूऊऊऊओ उनम्म्मह भाईईईईईईईई बौहत मज़ा आ रहा हाईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईई की तेज़ आवाज़ैईन करने और मचलने लगी जिस की वजा से मुझ से भी अब कंट्रोल नहीं हो पा रहा था और मैं बाजी की मोटी गांद पे ज़ोर ज़ोर से तपद मरते हो आआहह मेरी गश्ती बेहन ये लीईईई

सलिइीईईईई रनडिीईईईईईईईईई की औलद्द्द्दद्ड आअहह की आवाज़ के साथ ही बाजी की चुत मैं ही फारिघ् हो गया और अपना लंड निकल के साइड पे हो के लेट गया और लंबी साँसाइन लेने लगा
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04-29-2020, 01:24 PM,
#48
RE: Incest Porn Kahani चुदाई घर बार की
कुछ देर तक मैं अपनी आखेँ बंद किए लेटा रहा और अपनी साँस बहाल करता रहा और फिर अपनी आखेँ खोल के देखा तो अबू भी अम्मी और फरजान को छोड़ने के बाद आराम कर रहे थे

कुछ देर हम सब ने आराम किया और उस के बाद अम्मी फरजान को ले के मेरी तरफ आ गई और बाजी फरीदा को अबू की तरफ ले गई और उस के बाद फिर से एक दौर चुदाई का लगा और

फिर हम सब नंगे ही रूम मैं सो गये एक साथ जुब हम उठे और नहा के नाश्ता कर लिया तो अबू ने मुझे कहा क तुम शहर चले जाओ (जिस का अबू ने नाम भी बताया) और वहाँ किसी मकान का इंतज़ाम करो

मैं शहर आ गया अबू से पैसे ले के और अब हम सब लोग यहाँ मकान ले चुके थे और ज़मीन बेच के यहाँ शिफ्ट भी हो चुके हैं .
इस बात को अब ६ साल हो गए थे मेने इंजीनियरिंग करके एक कम्पनी मै अच्छी नौकरी ज्वाइन कर ली..

उसकी बाद मुझे विदेश मैं एक अच्छी जॉब मिल गयी तो मै सब को लेके यहाँ आ गया ..३ साल पहले अब्बू का दिल की बीमारी से इंतकाल हो गया पर अब्बू ने मेरी और फरी बाजी का निकाह करवा दिया था

फिर मेने २ साल पहले फरीदा बाजी का और १ साल पहले फरजान को निकाह .अच्छे लड़कों से करवा दिया........वो अपने घर मै खुश है.

मै ..अम्मी और मेरी प्यारी बेगम, मेरी फरी बाजी जो आज भी मेरे लिये कुछ भी करने को तैयार रहती है

हम तीनों एक ही घर पे रह के ..अपनी जिंदगी का मज़ा ले रही हैं ...

जो भी हमारे बीच हुआ ...किसी को पता नहीं है.... फरीदा और फरजाना के शोहर फरी को मेरी बेगम के रूप मै जानते हैं...

कभी कभी हम सब भाई बहन और अम्मी ..जब भी अकेले मोका मिलता है... पुराने दिन याद करते है .. हमें..अब्बू की कमी बहुत खलती है... पर क्या करे...


समाप्त
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