Behan Sex Kahani मेरी प्यारी दीदी
3 hours ago,
#1
Lightbulb  Behan Sex Kahani मेरी प्यारी दीदी
दोस्तो,

हमारे घर मे मैं और मेरी 1 बड़ी बेहेन है .मेरा नाम सोनू है और मेरे दीदी का नाम प्रीती है बात तब की है जब मैं 10th क्लास मे था और मेरी दीदी 12th क्लास में थी हम दोनों मैं किसी भी नार्मल भाई बेहेन की तरह प्यार था बचपन से हम साथ थे मेरे दीदी मेरा बहुत ध्यान रखती थी लेकिन मेरी लाइफ मै 1 दिन एसा आया की मेरा उसको देखने का ढंग ही बदल गया .जब दीदी 12th मै थी तो उनका फिगर होगा 34-30-34 लम्बे बाल 5'5 हाइट गोरा कलर .हम साथ मे ही स्कूल जाते थे।मेरे मन मे उनके लिए कुछ भी गंदे विचार नहीं थे लेकिन उस 1 दिन ने सब कुछ बदल दिया।


उस दिन सन्डे था हमारे स्कूल की छुट्टी थी मै और मेरे दीदी साथ ही सोते थे उनके और मेरे बेड के बीच 1 टेबल रखी हुई थी।हा तो उस दिन सन्डे के दिन मम्मी ने मुझे बोला की जा सोनू दीदी को उठा दे 9 बज रहे है मैंने कहा हा मम्मी मैं अपने रूम मे गया तो दीदी सो रही थी गर्मियों के दिन थे तो दीदी रात मे गाउन पेहेन लेती थी
उस दिन सुबह जब मै दीदी को उठाने पहुंचा तो दीदी साइड करवट में सो रही थी और उनका गाउन ऊपर हो गया था मैंने जेसे ही उन्हें उठाने के लिए उनपे से चद्दर हटाई मेने अपनी दीदी के नंगी चिकनी टांग देखी उनका गाउन उनकी thigs तक ऊपर हो गया था और जेसे ही मेने उनकी नंगी गोरी और चिकनी टांग देखी मुझे पता नहीं क्या होगया मेरे लंड मे 1 दम से हरकत हुई न चाहते हुए भी मुझे दीदी के ऊपर उठे गाउन मे से उनकी नंगी चिकने thighs म मजा आ रहा था बिलकुल गोरी साफ़ और चिकनी thigs थी मेरे दीदी की
उनकी नंगी गोरी thigs देख के क मुझे पता नहीं क्या हो गया था आज तक मैंने किसी भी लड़की का एसा कुछ नहीं देखा था उस समय मुझे ये तक नही पता था की लड़की होती क्या है बस स्टडी और खेलना ही जानता था 1 दम से आज मैंने वो देखा जिसका मुझे आज तक पता नहीं था दीदी की thigs देखने के बाद मुझे और देखने की इच्छा हुई तो मैंने दीदी के गाउन को बड़े ध्यान से धीरे 2 डरते 2 थोडा सा और ऊपर किया तो मुझे उनके हिप्स की स्टार्टिंग दिखाई दी वो नजारा भी क्या नजारा था दोस्तों मेरे जवान बड़ी बेहेन की पूरी नंगी चिकनी टांग हिप्स तक मेरे सामने थी मुझे एसा अनुभव पहले कभी नहीं हुआ था मुझे पता नहीं क्या हो गया था मैंने फिर उनका गाउन ध्यान से थोडा और ऊपर किया अब मुझे उनकी पेंटी नजर आ गई उन्होंने black कलर की पेंटी पेहेन रखी थी मेरी दीदी मेरे सामने अपनी पेंटी मे सो रही थी मेरा लंड बिलकुल खड़ा हो गया था मैंने पहली बार किसी लड़की की पेंटी और हिप्स देखे थे मेरी दीदी के हिप्स देख के मैं पागल हो गया पता नहीं क्या हो गया था मुझे मैं उनकी पेंटी को छूना चाहता था जेसे ही मैंने अपना हाथ अपनी दीदी की thigs पे रखा मम्मी ने आवाज लगा दी "प्रीती क्या हुआ उठी नहीं तू " और मैं वहा से भाग गया

मेरा साथ एसा कुछ होगा मैंने कभी नहीं सोचा था मेरी दीदी के लिए मेरी फीलिंग्स अब बदल चुकी थी उस दिन दीदी उठी ब्रश किया और सबको गुड मोर्निंग कहा और मुझे भी हमेशा की तरह गले लगा के विश किया उस दिन दीदी के गले लगने पर मुझे 1 अजीब सा एहसास हुआ उनकी कोमल स्किन उनके बालो की खुशबु उनके बदन के स्पर्श से आज मुझे बहुत मजा आ रहा था मैं डाइनिंग टेबल पे बता था जब दीदी में मुझे झुक के गुड मोर्निंग विश किया.
जेसे ही दीदी झुकी तो मेरी नजरे दीदी के कुर्ते के अंदर गयी क्या नजारा था दीदी के कुर्ते के अंदर का उन्होने कुर्ते के अंदर ब्लैक शमीज पेहेन रखी थी और शमीज के अंदर ब्रा पेहेन रखी थी उनकी ब्रा का शेप तो मुझे दिखा लेकिन कलर नही दिखा क्योंकि उनकी शमीज का कलर ब्लैक था लेकिन अंदर क्या शेप बन रहा था उनके झुकने के कारन उनके बोबे थोड़े से लटक भी गए थे क्या बोबे थे मेरी बेहेन के मैंने तो कभी गोर ही नहीं किया था की मेरी दीदी के बोबे इतने मोटे हें.मुझे हग करके वो भी टेबल पर बैठ गए नाश्ता करने के लिए वो न्यूज़ पेपर पढ़ रही थी लेकिन मेरी नजर तो बार बार उनपे ही जा रही थी वो कुछ भी लेने के लिए हाथ इधर उधर करती तो उनके कुर्ते के गैप मे से मुझे उनकी शमीज और ब्रा की स्ट्रैप्स दिखाई देती जिसे देखने मे मुझे बहुत मजा आ रहा था

मैं बार बार दीदी की शमीज और ब्रा के स्ट्रैप्स उनके कुर्ते की साइड के गले मे से देख रहा था उनके अंदर के शरीर की गोरी गोरी कोमल skin देखने मे मुझे बड़ा मजा आ रहा था नाश्ता करते हुए मै किसी न किसी बहाने से दीदी का हाथ टच कर रहा था मैंने सोचा की अब और कुछ ज्यादा केसे मजे लिए जाये तभी दीदी ने मुझसे बोल "अरे सोनू मुझे सॉस की बोतल लाके देना किचन मे से " मै खड़ा हुआ और दीदी को सॉस की बोतल लाके दी और पीछे से दीदी के गले मै हाथ दाल के खड़ा हो गया और उनके कुर्ते के गले मे झाँकने लगा दीदी तो मुझे देख नहीं सकती थी उन्होंइ कहा की "क्या हुआ सोनू आज बड़ा प्यार आ रहा है तुजे अपनी दीदी पे " मैंने कहा नहीं दीदी वो तो एसे ही" और मैंने दीदी के कुर्ते के अंदर पास से देखा उनकी शमीज और उनकी ब्रा मुझे अब साफ़ नजर आ रे थी मैंने अब हाथ गले से निकाल कर उनके कंधो पे रख लिया और उनकी ब्रा स्ट्रैप्स को महसुस करने लगा ये सब करते हुए मेरा लंड बिलकुल टाइट खड़ा था इच्छा तो हो रही थी की पीछे से खड़े होके उनके कुर्ते के गले मे हाथ डाल के उनके बोबे दबा दू उनकी ब्रा फाड़ के चूस लो उनके मोटे कोमल बोबो को लेकिन कुछ कर भी तो नहीं सकता था।सबका नाश्ता ख़तम हो चूका था और दीदी भी नाश्ता करके घर की साफ़ सफाई मे लग गए थी अब मै बस इसी फिराक म था की दीदी झुके और उनके बोबे देखलू मै दीदी के आस पास ही था

1दम से मम्मी ने कहा "प्रीती तू झाड़ू पूछे का कम ख़तम कर बर्तन और खाना मै कर लुंगी " दीदी ने कहा ठीक है मम्मी की ये बात सुनके मुझे मजा आया था क्योंकि मुझे पता था की अब मेरे बेहेन झाड़ू निकालेगी झुक झुक के वो जेसे ही झुकी झाड़ू निकलने के लिए मुझे उसकी ब्रा दिखाई दी मैंने पहले बार अपनी बेहेन की ब्रा और बोबे इतने क्लियर देखे थे मैंने सोचा दीदी की शमीज कहा गई शायद गर्मी के कारन उतार दी होगी जेसे 2 वो झुकती मुझे उसके ब्रा मे क़ैद बोबो के दर्शन होते हाय कितने मोटे मोटे बोबे थे रस से भरे हुए कितने कोमल होंगे ये बस यही सोच के और दीदी के ब्रा देख देख के मेरे हालत ख़राब हो चुकी थी मेरे लंड मे इतना तेज दर्द होने लग गया था की मैं बता नही सकता मै फटाफट बाथरूम गया वहा मैंने देखा दीदी के टॉवल के नीचे उनकी शमीज लटकी हुई थी मैंने उस शमीज को उठाया और सुंघा इतने कमसीन खुशबु थी उस शमीज मे दीदी के बोबो की शमीज सूंघते 2 अपने आप ही मेरे हाथ मेरे लंड पर चले गए और मैं अपना लंड हिलाने लगा ये सोच के की ये शमीज दीदी ने पेहेन रखी थी इसमें उसकी ब्रा थी और ब्रा में उसके मोटे कोमल बोबे थे और ये सोचते 2 मै झर गया आज जेसा सुकून आज जेसी फीलिंग मुझे कभी नहीं हुई थी अब मैंने सोचा की अगर दीदी की शमीज से इतना मजा आया मुझे तो दीदी को पूरी नंगी देखने मे कितना मजा आएगा......जेसे ही मैं बाहर निकला मैंने दीदी के तकिये के नीचे उनके सेलफोन की लाइट चमकते देखी मैंने जाके सेलफोन चेक किया तो दीदी के सेलफोन1 पे मेसेज था मैंने वो मेसेज खोला उसमें लिखा हुआ था "गुड मोर्निंग मेरी सेक्सी जान क्या कर रही हो " वो मेसेज पड़ के मुझे शॉक लगा मैंने सोचा"ये क्या दीदी का कोई bf भी है " मुझे बहुत गुस्सा आया लेकिन मैंने अपने गुस्से को दबा लिया और मैं समझ गया की अगर ये लोग फोन पे chat करते हें तो नेट पे भी करते होंगे इनको पकड़ने के 1लिए प्लान सोच लिया . फिर मैंने सेलफोन वापस तकिये के नीचे रख दिया वो मेसेज डिलीट करके जब मैं हॉल मे गया तो दीदी पोछा लगा रही थी उनका कुरता थोडा पानी का काम करने के कारन गीला हो गया था इसी वजह से जब बी वो झुकती थी तो वो बहुत ज्यादा लटक रहा था मैं ये मौका नहीं छोड़ना चाहता था मैं 1 कॉमिक्स लेकर सामने बैठ गया जहा दीदी पोछा लगा रही थी और छुप छुप के उसकी ब्रा देखने लगा जब भी वो झुकती उसकी ब्रा का क्लियर व्यू मुझे दीखता क्योंकि कुरता गीला हो गया था , उसके झुकने पर उसकी ब्रा मे क़ैद उसके मोटे मोटे बोबे लटकते और ऊपर नीचे होते ये देख के मेरा लंड फिर से खड़ा होने लगा जब दीदी अपने हाथ उठा कर shelf साफ़ कर रही थी तो मैंने उनके underarms देखे वहां पर 1 भी बाल नहीं था बिल्कुल चिकना था मैंने सोचा दीदी क्या अपनी चुत के बाल बी साफ़ करती होगी क्या ये सब सोच 2 कर मेरा लंड वापस टाइट हो गया
तभी दीदी ने मुझे बुलाया "सोनू सुन जरा ये पानी के बाल्टी ऊपर लेके चल मैं तेरे पीछे 2 ऊपर आती हु " मैंने कहा हा दीदी मै बाल्टी लेके ऊपर चड़ा 2-3 सीडिया चडके 4th सीडी पे मेरे हाथ से पानी की बाल्टी छुट गई और सारा पानी दीदी के ऊपर गिर गया दीदी मुझ पर चिल्लाने लगी "पागल हे क्या अक्ल नहीं हे क्या तेरे में नहीं उठ रही थी तो बोल देता सारे कपडे गीले हो गए "लेकिन मेरा ध्यान तो मेरे बेहेन के हुस्न प था गीले होने के कारन उसके कुरता और कैपरी उसके शरीर से चिपक गए थे अब मुझे उसकी ब्रा का शेप बिलकुल क्लियर दिख रहा था और उसकी पेंटी का शेप भी मुझे साफ़ 2 दिख रहा था दीदी ने low waist पेंटी पेहेन रखी थी उसके बदन का 1-1 उभार मुझे नजर आ रहा था क्या मोटे 2 बोबे बाहर दिख रहे थे पतली कमर मोटी गांड गीले बाल बिलकुल कंचा लग रही थी फिर उसने मुझसे कहा की "क्या देख रहा है अब ध्यान से आना खुद मत गिर जाना सारे कपडे गीले कर दिए मेरे " मम्मी ने कहा अरे कपडे चेंज करले जल्दी नहीं तो सर्दी लग जाएगी मुझे पता था की अब दीदी बाथरूम मैं जाएंगी कपडे चेंज करने और ये मेरे लिए अच्छा मौका था उसे पूरी नंगी देखने का |

दीदी अपने गीले कपड़ो को चेंज करने के लिए बाथरूम मे गई ये मेरे लिए अच्छा मौका था अपनी दीदी को कपडे चेंज करते हुए पूरी नंगी देखने का दीदी के बाथरूम का दरवाजा बंद करने के थोड़ी देर बाद मै बाथरूम के बाहर आकर खड़ा हुआ और बाथरूम के अंदर देखने की कोशिश करने लगा मेरे दिमाग मे ये चल रहा था की दीदी अब अपना टॉप उतार रही होंगी अब दीदी केवल ब्रा मे होंगी मेरा लंड पूरा खड़ा था और मै बाथरूम के दरवाजे मे कोई छोटा सा छेद या दरार ढूँढ रहा था जहा से मुझे बाथरूम के अंदर का बेहतरीन नजारा सामने आ जाए लेकिन मेरे फूटी किस्मत साला दरवाजे म कोई दरार या छेद ही नहीं था तो मैंने नीचे झुक के दरवाजे और ज़मीन के बीच के गैप मे से अंदर देखने के कोशिश की मुझे नीचे बाथरूम की टाइल्स के reflaction से कुछ धुन्दला सा नजर आया लेकिन कुछ दिखा नहीं बस दीदी की टांगें दिखी फिर दीदी का टॉप नीचे गिरा फिर कैपरी फिर दीदी की काली ब्रा नीचे गिरी फिर पेंटी नीचे गिर मै झुके हुए ही अपने लंड को सहलाने लगा की अब दीदी बाथरूम मे पूरी नंगी होगी मै अपना लंड हाथ मे लेके इधर उधर घूम रहा था की कही से तो बाथरूम के अंदर देखने की जगह मिल जाए लेकिन कही कुछ जगह नहीं मिली मै वापस नीचे के गैप मे से देखने लगा दीदी ने साथ ही नहाना भी स्टार्ट कर दिया था दीदी बाथरूम मे पट्टे पे बैठकर नहा रही थी मुझे उनकी थोड़ी सी नंगी thigs के दर्शन हुए इतने मे मम्मी ने मुझे आवाज दी और मै चला गया सोचते हुए की दीदी नंगी बाथरूम मे है कहा 2 साबुन लगा रही होगी अपने नंगे जिस्म पे कहा 2 हाथ फेर रही होगी ये सोच सोच के मेरा दिमाग ख़राब और लंड बिलकुल टाइट खड़ा था
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3 hours ago,
#2
RE: Behan Sex Kahani मेरी प्यारी दीदी
जेसे ही दीदी नहा के बहार निकली मै जल्दी से बाथरूम मे घुस गया मैंने दीदी के टॉवल के नीचे देखा दीदी के उतरे हुए ब्रा और पेंटी लटके हुए थे मैंने दीदी की ब्रा को अपने हाथ मे लिया और उसे सूंघने लगा दीदी की ब्रा के कप्स को सहलाने लगा दीदी की ब्रा मे से इतनी प्यारी और मादक खुशबू आ रही थी की सूंघते ही मेरा लंड इतना टाइट हो गया जितना पहले कभी नहीं हुआ था फिर मैंने दीदी पेंटी ली और उसे सूंघा और उसे सूंघ कर कसम से दोस्तों मेरी हालत ही ख़राब हो गए दीदी की पेंटी मे से उनकी चूत के थोड़े डिस्चार्ज थोड़े पसीने की खुसबू थी उनकी पेंटी को मैंने अपने पूरे मुह पे फेरा उसे चाटा उसमे से नमकीन स्वाद आया लेकिन जो भी था मुझे बहुत अच्छा लग रहा था मैंने अपनी दीदी की पेंटी को अपने मुह पे और उनकी ब्रा को अपने लंड पे लपेट कर अपने लंड को हिलाने लगा मै पूरी तरह से दूसरी ही दुनिया मे था आँखें बंद करके दीदी की पेंटी को सूंघते हुए उनकी ब्रा अपने लंड पे सहलाते हुए हिलाने मे मुझे इतना मजा आ रहा था ये सोच रहा था की दीदी नंगी होके अपने हाथ से मेरा लंड हिला रही है और इतने मे मै झर गया और मेने अपने लंड का सारा मुट दीदी के ब्रा पे निकाल दिया इतना अच्छा मुझे कभी नहीं लगा था मेने फिर उनकी ब्रा को साफ़ करके वापस वही लटका दी और बाहर आ गया। दीदी ने नहा के 1 लॉन्ग कुरता और लेगिस पेहेन ली थी वो बाहर अपने गीले बालो को सूखा रही थी और मै साइड मे खड़ा 2 कुर्ते मे से दीदी के बोबे देख रहा था कितने मोटे और बाहर कि तरफ निकले हुए थे जेसे ही वो अपने बालो को झडकती उनके बोबे ऊपर नीचे हिलते उन्हें देखते 2 मै ये सोच रहा था की नहा के दीदी ने कौनसे कलर की ब्रा और पेंटी पहनी होगी मै कब अपनी दीदी को पूरी नंगी देखूंगा केसे उनको नंगी देखु और तभी दीदी ने पुछा "क्या देख रहा हे सोनू "मैंने मन मे सोचा दीदी आप नंगी केसी दिखोगी और आपको नंगी केसे देखू ये सोच रहा हु

उस दिन शाम को दीदी लैपटॉप लेके बैठी थी जब मै अपने फ्रेंड के घर से आया तो मैंने दीदी से पूछा की "दीदी क्या कर रही हो नेट पे " जेसे ही मैं पास गया दीदी जोर से चिल्लाई "मम्मी इस सोनू को बुलाओ ना ये मुझे काम नहीं करने दे रहा" मम्मी ने मुझे डांट के बुला लिया लेकिन मैंने सोचा की मैंने क्या किया मैं तो बस पूछ रहा था फिर मुझे समझ आया की दीदी शायद अपने bf से चैट कर रही होगी इसलिए उन्हें मुझसे प्रॉब्लम हो रही थी मै चुपके से उन्हें छुप के देखने लगा की वो कर क्या रही है जहाँ मैं छुपा हुआ था वह से दीदी की पीठ मुझे दिख रही थी कभी दीदी जोर से हंसती कभी गुस्सा होने का नाटक करती इस से मुझे पक्का यकीन हो गया की वो नेट पे चैट कर रही है अपने bf से दीदी की पीठ मेरी तरफ थी इसलिए मुझे दिखा नहीं की वो किस से और किस साईट पे चैटिंग कर रही है और तभी वो हुआ जिसकी मैंने कभी कल्पना भी नहीं की थी दीदी ने इधर उधर देखा की कोई है तो नहीं और अपना कुरता ऊपर कर दिया मुझे पीछे से दीदी की नंगी पीठ और उनकी वाइट ब्रा स्ट्रैप्स और ब्रा का हुक दिखाई दिया मैं शोक्केड़ रह गया और अब मुझे पता चल चुका था की दीदी अपने bf से विडियो चैट कर रही है और अपने bf को अपना कुरता ऊपर करके अपनी ब्रा दिखा रही है शायद वो कह रहा होगा की कुछ दिखाओ फिर दीदी ने वापस इधर उधर देखा मझे पता था की मुझे अब कुछ और भी दिखने वाला है तभी दीदी ने इधर उधर देखा खड़ी हुई और अपनी लग्गिएस अपने घुटनों तक नीचे कर दी मुझे पीछे से उनकी वाइट पेंटी मे क़ैद बड़ी और मोटी गोरी गांड दिखी मेरा हाथ अपने लंड पर चला गया और मै हिलाने लगा अपने लंड को दीदी की पेंटी और गांड देखते 2 मझे ये भी लग रहा था की साला वो लड़का तो मेरी दीदी का सारा माल सामने से देख रहा होगा उनकी ब्रा मे क़ैद उनके मोटे और टाइट बोबे उनके पेंटी मे छुपी हुई उनकी कोमल चूत ये सोच सोच के मैं झर गया

और अब दीदी ने भी चैटिंग बंद कर दी थी मैं वही छुपा रहा दीदी जब बाहर गयी और मम्मी से बातें करने लगी तब मैंने लैपटॉप मे browsing history चेक की उसमे लास्ट साईट FB थी मुझे पता था की दीदी FB पे अपने BF से video चैट कर रही थी और उसे सब दिखा रही थी अब मैंने सोचा की यार अगर दीदी का पासवर्ड मुझे मिल जाए तो मुझे उनकी chats भी पड़ने को मिल सकती है की दीदी आखिर क्या बातें करती है इतने मे पापा आ गए और हम सब खाना खाने लगे खाना खाते 2 मै बस यही सोच रहा था की अब दीदी सोने के लिए अपने कपडे चेंज करेंगी और गाउन पहनेगी मैंने सोच लिया था की कोशिश करूँगा दीदी को नंगी देखने की वो बाथरूम मैं गई और मैं नीचे बाथरूम के दरवाजे और फर्श के गैप मे से अंदर झाँकने लगा दीदी की पहले लेग्गिस नीचे गिरी फिर उनका कुरता और तभी दीदी 1 दम से बाथरूम के दरवाजे की तरफ जल्दी से चलती हुई आयी मेरी गांड फट गयी की कही दीदी ने मुझे देख तो नहीं लिया मैं बेड के नीचे चुप गया और दीदी ने मम्मी को आवाज लगाई "मम्मी मेरा गाउन देना अलमारी मे से " मम्मी ने कहा हां देती हु मैं बेड के नीचे ही छुपा हुआ था.....

जब मम्मी ने दीदी को गाउन दिया तो मम्मी ने दीदी से पूछा " प्रीती तेरे पास पैड का एक्स्ट्रा पैकेट पड़ा है क्या " ये सुन के मेरे लंड मे अंगडाई आने लगी मैंने सोचा की मेरे मम्मी या तो पीरियड्स मे है या होने वाली हे दीदी ने कहा "नहीं मम्मी मेरी डेट तो अभी 10 दिन बाद है आपको जरुरत है क्या "

मम्मी ने कहा "हाँ मैं हो गई हू मुझे लगा मेरे पास पैड का पैकेट रखा है तू चेक करना मैंने तुझे 2 पैकेट दिए थे पिछले महीने 1 whisper choice का था और 1 stayfree का था जिसमे 5 पैड्स बचे हुए थे " ये सब सुनके मेरा लंड टाइट खड़ा था और मैं उसे सहला रहा था मैंने कभी नहीं सोचा था की मेरे साथ एसा होगा तभी दीदी ने कहा "हा मम्मी शायद stayfree होगा रुको मैं देखती हु" और दीदी ब्रा पेंटी पहने हुए ही बाथरूम सी बहार निकले उन्हें क्या पता था की बेड के नीचे छुपा हुआ मै ये बातें भी सुन रहा हु और आखिर मे किस्मत ने मेरा साथ दे ही दिया और मैंने अपने बेहेन को ब्रा और पेंटी मै देख ही लिया दीदी ने वाइट ब्रा और वाइट low waist पेंटी पहनी हुई थी क्या सेक्सी लग रही थी उनकी ब्रा तो इतनी टाइट थी की लग रहा था की उनके मोटे बोबे ब्रा फाड़ के बाहर आ जाएँगे उनकी नंगी गोरी चिकनी टाँगे देख के मेरी तो हालत ख़राब हो गई और उनकी क्या गांड थी मोटी चिकनी गोरी गांड देख के मेरी आँखें फटी रह गयी अपनी दीदी को ब्रा पेंटी मे देखते हुए मैंने वापस मुट मारा और जब मेरा मुट निकला तो इतना सारा निकला और मुझे इतना आंनंद प्राप्त हुआ की मैं उसे बयां नहीं कर सकता मुट मारने के बाद भी मेरा लंड बिलकुल टाइट खड़ा हुआ था और मैंने दीदी को ब्रा पेंटी मे देखा और सोचा की आज रात को तो इनके कोमल बदन को छुना ह़ी है

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उस दिन रात को मेरे दिमाग मे बस यही चल रहा था की दीदी के नाजुक कोमल बदन को केसे छुआ जाये मैं बस रात को odd टाइम का वेट करने लगा उस समय रात के 2 बजे थे गर्मियों के दिन थे दीदी बस चद्दर मे सो रही थी मैं धीरे से उठा और उनके बेड की तरफ गया दीदी आराम से सो रही थी मैंने चद्दर हटाया धीरे 2 , दीदी करवट लेके 1 के ऊपर 1 अपनी 1 टांग रख के सो रही थी जिस से उनकी मोटी गांड बाहर की तरफ निकली हुई थी मैंने धीरे से गाउन पे से दीदी की गांड पे हल्का सा किस किया फिर दीदी का फेस देखा वो आराम से सो रही थी फिर मैंने धीरे 2 उनका गाउन ऊपर किया मुझे उनकी टांगें दिखी मैंने हलके से अपनी उंगलियों का स्पर्श किया कितनी चिकनी टांगें थी दीदी की फिर मैंने धीरे से उनके हाथो को टच किया फिर मैंने उनके गाउन को थोडा और ऊपर किया और उनकी thigs देखी मैंने उनकी thigs पे धीरे से और ध्यान से किस किया फिर मै घूम के उनके बेड के सामने की तरफ गया और दीदी के होठो को टच किया फिर मैंने ध्यान से धीरे 2 अपनी उंगलिया उनके बोबो की तरफ बड़ाई और उन्हें बहुत ध्यान से हलके से छुहा मेरा लंड बिलकुल टाइट था 1 तरफ तो ये डर की दीदी जग ना जाए मुझे पकड़ न ले तो दिल कह रहा था की बस अब आगे कुछ मत कर लेकिन लंड दिमाग पे हावी हो चूका था दिमाग ने कहा अभी तक कुछ नहीं हुआ तो कुछ नहीं होगा और मैंने वापस दीदी के बोबो को हलके से टच किया कितने नरम बोबे थे मेरी बेहेन के टाइट और कोमल मैंने 1 बोबे को छुआ और हलके से दबाया इतने मे दीदी ने करवट ले ली मेरे गांड फटी और मई भाग के अपने बेड पे लेट गया उस समय रात के 3:15 हो रहे थे मै वापस उठा और दीदी का गाउन वापस ऊपर किया दीदी का कोई रिएक्शन नहीं था फिर मैंने धीरे से दीदी का गाउन उनकी हिप्स तक ऊपर किया और मुझे उनकी वाइट पेंटी नजर आयी

मुझसे रहा नहीं गया और मैंने दीदी की पेंटी पे से उनकी गांड को हलके से टच किया फिर उनकी पेंटी को सुंघा फिर उनकी गांड पे किस किया मै 1 हाथ से अपने लंड को सहला रहा था और दुसरे हाथ से अपनी दीदी की गांड को छु रहा था अब मेरे इच्छा दीदी की पूरी पेंटी और उनकी चूत देखने की हुई मैंने उनका गाउन थोडा और ऊपर कर दिया और इतने मै दीदी ने अपने हाथ से अपना गाउन नीचे किया और उठ गयी मै जल्दी से उनके बेड के नीचे बैठ कर tommy (हमारे पेट से बातें करने लगा ) दीदी ने मुझे घूर के देखा और कहा " क्या कर रहा है तू सोनू " मैंने कहा दीदी पता नहीं टॉमी आपके बेड के नीचे बैठा है और हलके से रो रहा ह क्या हुआ इसको खाना नहीं दिया क्या आज दीदी ने उसे देखा फिर मुझे देखा पंखा भी तेज चल रहा था और कूलर भी तो शायद दीदी को लगा की हवा से उनका गाउन ऊपर हो गया था मेरी तो गांड फट के गले मे आ गए दीदी ने कहा "तू सोजा मै देखती हु टॉमी को " मै चुपचाप अपने बेड की तरफ गया और लेट गया और शुक्र मनाने लगी की दीदी को शक नहीं हुआ फिर मैंने आगे कुछ करने का नहीं सोचा और सो गया सुबह उठा तो दीदी मुझसे पहले उठ चुकी थी और नहा कर तैयार हो चुकी थी उनकी फ्रेंड का अज बर्थडे था तो वो वहा जा रही थी जेसे ही मेने दीदी को देखा तो देखता रह गया उन्होंने सूट पेहेन रखा था रेड और वाइट कलर का पतला सा कुरता रेड सलवार और रेड चुन्नी
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3 hours ago,
#3
RE: Behan Sex Kahani मेरी प्यारी दीदी
उस कुर्ते मे से दीदी के मोटे बोबे इतने बाहर आ रहे थे की मेरा दिमाग ख़राब हो गया दीदी ने शायद कुर्ते के नीचे आज शमीज नहीं पहनी थी तो उनकी वाइट ब्रा मुझे साफ़ 2 दिख रही थी मैंने सोचा की 1 पानी बाल्टी लाके दीदी के कुर्ते प डाल दू तो अंदर का सारा माल बाहर दिख जाएगा फिर मैंने दीदी की सलवार की तरफ देखा उनकी सलवार का कपडा इतना पतला था की कुर्ते के साइड के कट मे से उनकी गोरी मोटी thigs आराम से दिख रही थी मैंने सोचा की आज तो अपनी दीदी को नंगी देख कर ही रहूँगा इतनी सेक्सी परी तो मैंने आज तक नहीं देखी दीदी को ये कपडे उतारते हुए तो जरुर देखूंगा मैंने मम्मी से पुछा की दीदी वापस कब आएगी मुम्मी ने कहा शाम तक आएगी मुझे पता था की दीदी अपने कपडे तो चेंज बाथरूम मे ही करेगी तो मैंने 1 तीखा pechkus (पेचकस ) लिया और दीदी के बाथरूम के दरवाजे मे छेद करने लगा और छेद कर दिया इतना की किसी को नजर भी न आए और मुझे बाथरूम के अंदर का सब दिख जाए और उस छेद के अंदर मैंने पेपर टुकड़ा डाल दिया ताकि कमरे की लाइट से किसी को पता नहीं चल जाए की बाथरूम दरवाजे मे छेद हे जब दीदी अपने बाथरूम मे अपने कपडे चेंज करेंगी तो मै उस छेद मैं पेचकस से धक्का देके के उस पेपर के टुकड़े को हटा दूंगा और दीदी को कपडे उतारते हुए और उनके इतने प्यारे और मोटे बोबे उनकी चिकनी चूत मोटी गोरी गांड सब देखूंगा बिलकुल नंगी देखूंगा सब आज जिनके वजह से मैं अभी तक इतना तदपा था , लेकिन आज मैं अपनी दीदी को नंगी देखने वाला था

उस दिन मैं दीदी के आने का वेट करने लगा तभी मैंने सोचा की दीदी की चैटिंग को भी पकड़ा जाए शाम होने मैं अभी 2 घंटे बाकी थे मैं उस जगह पर पहुंचा जहाँ बैठ कर दीदी लैपटॉप पे चैट करती थी मैंने इधर उधर देखा उसी जगह के ऊपर 1 तिखाल थी जहा पर कुछ सामान रखा हुआ था मैंने उसकी हाइट चेक की उस तिखाल से नीचे की एक्टिविटी साफ़ 2 नजर आ रहे थे मैंने प्लान बनाया की उस तिखाल पर छुपा कर 1 कैमरा रखा जाये विडियो मोड पे जिस से जब दीदी अपना पासवर्ड डालेगी तो वो रिकॉर्ड हो जाएगा तो उस से मुझे पता चल जाएगा की दीदी ने कौन 2 सी keys दबाई हे और उनका पासवर्ड क्या और जब दीदी चैटिंग मे अपनी ब्रा पेंटी जो भी दिखाएंगी वो भी कैमरे मे रिकॉर्ड हो जाएगा मै अपने इस प्लान पे बड़ा खुश हुआ मैंने उस तिखाल पे 1 कैमरा विडियो रिकॉर्ड मोड पे करके सही एंगल पे एडजस्ट करके रख दिया और अब मै बहुत खुश था मेरी तैयारियो से की आज तो दीदी को नंगी जरुर देखूंगा। जेसे ही दीदी शाम को आयी मेरा दिल जोर 2 से धड़क रहा था लेकिन जेसे ही मैंने दीदी को देखा बस देखता ही रह गया कितनी सेक्सी लग रही थी मेरे बेहेन रेड सूट लम्बे बाल खुले हुए गोरे फेस पे ब्राउन गोगल्स

दीदी आयी और मैंने दीदी को कहा दीदी यहाँ आओ न मुझे ये सम समझ नहीं आ रहा दीदी सामने आके बैठी और मेरे हाथ से बुक ली और कहा "इसमें क्या हुआ सोनू मैंने बतया तो था ला कॉपी दे तेरी मै वापस समझा देती हु " दीदी कॉपी लेकर सम करने के लिए झुकी और जो मै चाहता था वही हुआ दीदी के कुर्ते के गले मे से मुझे उनकी ब्रा दिखाई दे गई कितने मोटे 2 बोबे थे मेरी दीदी के ये सोच के मेरा लंड खड़ा हो गया दीदी के गले मे पतली सी चैन और उस लटकी हुई चैन मे से दीदी की ब्रा के कप्स साफ़ साफ़ दिखाई दे रहे थे मै ये नजारा देखने मे व्यस्त था तभी दीदी ने बोला " आगया समझ अब हमेशा देखता ही मत रहा कर कुछ कर भी देखा कर खुद तभी तो पता पड़ेगा हमेशा किताब को देखता रहता है " मैंने सोचा दीदी आप करने कहा दे रही हो कुछ मै तो कितना try कर रहा हु तभी दीदी जाने लगी और मैंने उन्हें बुलाया दीदी सुनो दीदी ने कहा "अब क्या हुआ भोंदू" और मैंने दीदी को हग कर लिया कस के और कहा "थैंक यू दीदी मुझे ये सम समझाने के लिए " कितना नरम बदन था दीदी का मैं उनके नरम और कोमल बोबो को अपने शरीर पर महसूस कर सकता था दीदी ने भी मुझे हग कर लिया और उनके underarms मे से उनके perfume और थोड़े पसीने की इतनी कामुख खुशबु आ रही थी की मैं बयां नहीं कर सकता और फिर दीदी ने मेरे सर पे हाथ फेरा और कपडे चेंज करने के लिए जाने लगी

अब मै खुशी से पागल होने वाला था क्योंकि दीदी बाथरूम की तरफ जा रही थी अपने कपडे चेंज करने दीदी ने उनकी अलमारी मे से 1 टॉप और लोअर निकाला और बाथरूम की तरफ जाने लगी दीदी बाथरूम की तरफ गयी और मैं अपने लंड पे हाथ फेरते हुए पीछे 2 गया दीदी के , मेरे मन मे तो लडडू फूट रहे थे की आज दीदी नंगी होगी और मै उनको 1-1 कपडा उतारते हुए ही मुट मारूंगा दीदी ने बाथरूम का दरवाजा बंद किया और 1 sec बाद बाथरूम मैं से दीदी के चिलाने की आवाज आयी और दीदी भागती हुई बाथरूम मैं से बाहर आगयी मम्मी ने पुछा "क्या हुआ प्रीति " दीदी ने कहा मम्मी बाथरूम 1 बड़ी सी छिपकली है मम्मी जोर से हसनी लगी और कहा "हे भगवान ! इतनी बड़ी हो गयी है और छिपकली से डरती है रुक मैं आती हु अभी तब तक तू अपने रूम का गेट बंद करके कपडे चेंज करले " , अब मुझे इतना गुस्सा आया जिसकी हद नहीं थी मैंने सोचा साली इस कमीनी छिपकली को भी अभी आना था मेरी तो किस्मत मे ही लंड लटक रहे है अब मैंने सोचा की अब आज शाम को तो दीदी की ब्रा पेंटी में रिकॉर्डिंग होने से तो कोई नहीं रोक सकत....फिर दीदी ने लैपटॉप ऑफ किया और मम्मी के पास जाके बातें करने लगी मैं धीरे से अलमारी के पीछे से निकला और कैमरा उठाया और उसे चेक करने लगा की क्या 2 रिकॉर्ड हुआ है कैमरा ओन किया तो मेरी ठुक गयी उसमे बैटरी लो का साइन आ रहा था मैंने उसे चार्जिंग पे लगाया और विडियो क्लिप देखि वो 57 mins की थी मैंने सोचा ये क्या हुआ इतनी छोटी क्लिप केसे हो गयी क्योंकि कैमरा तो बहुत पहले ही एडजस्ट कर दिया था मैंने उस क्लिप को प्ले करके देखा एंड के 27 मीन्स की क्लिप में काम का बस ये रिकॉर्ड हुआ था दीदी आयी लैपटॉप ओन किया स्क्रीन पे फ्लाइंग किस्स किया बस यहाँ तक रिकॉर्ड हुआ था फिर कैमरा ऑफ हो गया था मुझे फिर इतना गुस्सा आया की मैंने बैटरी क्यू नहीं चेक की पहले फिर मैंने उस क्लिप को लैपटॉप मे डाला और जब दीदी पासवर्ड डाल रही थी तब zoom करके क्लिप को बार 2 pause कर कर के देखा और मुझे मजा आ गया क्योंकि मुझे दीदी का पासवर्ड मिल चूका था
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3 hours ago,
#4
RE: Behan Sex Kahani मेरी प्यारी दीदी
उनका पासवर्ड था " I love you janu " अब मैंने browsing हिस्ट्री चेक की पहले दीदी ने gmail खोला था तो मैंने दीदी की ID डाली और पासवर्ड बॉक्स में I love you janu डाला और उनका अकाउंट ओपन हो गया मैं खुद पर बहुत फक्र महसूस कर रहा था अब मैंने उनकी chats चेक की दीदी की और उनके bf से ये chats थी :-

raj2002 - hi जानेमन केसी हो ...

priti214 - अच्छी हु जानू तुम केसे हो ...
raj2002-बस तुम्हे याद कर रहा हु जान I love u so much
priti214 - I love u 2 so much जानू
raj2002- क्या पेहेन रखा है जान तुमने अभी
priti214 - कपडे और क्या हा हा हा हा हा !
raj2002- ढंग से बताओ न जान क्या पेहेन रखा है अभी
priti214 - टी शर्ट और लोअर जानू
raj2002 - उसके अंदर क्या पेहेन रखा है मेरी जानेमन
priti214 - जो सब पहनते है वही और क्या
raj2002 - बताओ न जान प्लीज
priti214 - ब्रा और पेंटी जानू
raj2002 - कौनसे कलर की ब्रा और पेंटी पेहेन रखी है मेरी सेक्सी
priti214 - जानू ग्रे कलर की ब्रा है और ब्लैक और ग्रे स्ट्राइप्स वाली पेंटी है , क्यू तुम क्यू पूछ रहे हो
raj2002 - क्योंकि मुझे तुम्हारी बहुत याद आ रही है जान , जान मैं 1 बात बोलू वो करोगी
priti214 - अच्छा जी बड़ी याद आ रही है हमारी जानती हु ना शैतान तुम्हे क्यू याद आ रही है
raj2002 - बताओ ना जान मैं 1 बात बोलू वो करोगी
priti214 - हा जानू बोलो ना
raj2002 - अपना 1 अच्छा सा विडियो बना के भेजो ना इन ब्रा पेंटी को उतारते हुए प्लीज
priti214 - पागल हो गए हो दिमाग ख़राब है क्या तुम्हारा
raj2002 - प्लीज जान प्लीज मेरे लिए भेजो ना प्लीज
priti214 - तुम पागल हो गए हो क्या लैपटॉप मेरे पापा भाई दोनों use करते है किसी ने कुछ देख लिया तो कुछ रह गया तो नहीं नहीं मैं नहीं करुँगी एसा कुछ भी
raj2002 - कुछ नहीं रहेगा जान मै सब डिलीट करवा दूंगा तुमसे भरोसा रखो किसी को कुछ नहीं मिलेगा
priti214 - नहीं यार राज समझा करो मै ये सब नहीं कर सकती और ना ही करना चाहती हु इसलिए ही मै तुमसे कही बाहर नहीं मिलती हू स्कूल के अलावा मै एसा कुछ नहीं करुँगी this is my final rply
raj2002 - ठीक है जान विडियो मत भेजो फोटो ही भेज दो खुद की 1 ब्रा पेंटी मे और 1 बिना ब्रा पेंटी के बिलकुल नंगी
priti214 - न मै कोई विडियो भेजने वाली हु न कोई फोटो ok मुझे इस तरह की demands अच्छी नहीं लगती है तो आगे मुझसे इस matter पे कोई बात मत करना ok

raj2002 - अरे जान तुम तो नाराज हो गयी अच्छा सॉरी अब कम से कम FB पे विडियो चैट पे तो आजाओ
priti214 - हां जानू अभी आती हु मम्मी को बाहर जाने दो
raj2002 - ok और मेरी सेक्सी उस दिन तो स्कूल मे मेरा खड़ा हो गया था पीछे से तुम्हारी ब्रा स्ट्रैप्स को देख के लेकिन क्या करू कुछ कर भी तो नहीं सकता था
priti214 - हा हा बड़े शरीफ हो तुम जो कुछ नहीं कर सकते थे बदमाश तो हो 1 नंबर के
raj2002 - क्यू जान मैंने क्या किया
priti214 - अच्छा उस दिन 5th पीरियड मे मेरी स्कर्ट मे हाथ डाल के मेरी पेंटी कौन चेक कर रहा था और किसने नीचे पेंसिल उठाने के बहाने मेरी स्कर्ट के अंदर देखा था की मै कौनसे कलर की पेंटी पेहेन के आयी हू बताना तो शैतान इंसान ...
raj2002 - हा यार जान उस दिन तो मजा आ गया था तुम्हारी ब्लैक पेंटी बहुत सेक्सी लग रही थी ,और तुम भी तो शैतान हो जानेमन तुम भी तो मेरे लंड पे अपना हाथ फेर रही थी उस दिन डेस्क के नीचे
priti214 - ओये मै कोई हाथ नहीं फेर रही थी तुमने मेरा हाथ पकड़ के उस पे लगाया था और कहा था प्लीज प्लीज करके की थोड़ी देर सहला दो ना
raj2002 - हा हा तो क्या हुआ तुमने मेरा लंड तो सहलाया था ना केसा लगा था तुम्हे बताओ ना
priti214 - अच्छा लगा था लेकिन वो कितना गरम हो रहा था एसा क्यू
raj2002 - तुम अपनी चूत में ऊँगली डाल के देखो अभी वो भी गरम हो रही होगी हा हा हा हा हा हा
priti214 - चुप करो बदमाश
raj2002 - अरे तुमने वो विवेक सर और सिम्मी का matter सुना अपने स्कूल में
priti214 - नहीं तो क्यू क्या हुआ
raj2002 - अरे पता है विवेक सर हमेशा सिमी के डेस्क के पास जाके खड़े हो जाते थे और उसकी पूरी पीठ पर हाथ फेरते रहते थे और पूछते रहते थे होमवर्क कर लिया कॉपी चेक करवाली nd all...
priti214 - क्या !!!!! क्या बात कर रहे हो
raj2002 - हां फिर 1 दिन उन्होंने पीठ पे हाथ फेरते 2 सिम्मी के कंधो पे हाथ फेरा और उसकी ब्रा स्ट्रैप्स पकड़ ली
priti214 - हे भगवान !!!! फिर
raj2002 - हा यार फिर 1 दिन गेम्स पीरियड मे विवेक सर ने सारे बच्चो को गेम्स के लिए भेज दिया और सिम्मी से कहा की ये copies लेके स्टाफ रूम मे आजाओ
priti214 - फिर !
raj2002 - फिर वहा पर सर ने सिम्मी की स्कर्ट ऊपर कर दी और उसकी शर्ट जोर से खीची तो सिमी की शर्ट के ऊपर के 3 बटन टूट गए उसने जेसे तेसे अपने आप को छुड़ाया और भाग गयी प्रिंसिपल मैडम के चेम्बर मे और complain कर दी
priti214 - सही किया उसने एसे लोगो के साथ तो एसा ही होने चाहिए साले कमीने बस साले इधर उधर हाथ लगाने का मौका ढूंढ़ते है
raj2002 - -क्यू जान कभी तुम्हारे साथ भी एस कुछ हुआ क्या
priti214 - नहीं नहीं ऐसी कोई बात नहीं है
raj2002 - नहीं जान बताओ तुम्हे मेरी कसम है
priti214 - अरे यार पापा के 1 फ्रेंड है दिनेश अंकल वो काफी अच्छे फ्रेंड है पापा के वो करते है एसी हरकते इधर उधर हाथ लगाते रहते है

raj2002 - क्यू कहा 2 हाथ लगाया जान उन्होंने तुम्हारे
priti214 - अरे यार मैं जब भी उनके पैर छूती हु वो सर पे हाथ रख के आशीर्वाद नहीं देते पीठ पे हाथ रख के देते है हमेशा मेरी ब्रा के स्ट्रैप्स और हुक को फील करते है पीठ पे से फिर मेरी पीठ से अपने हाथ मेरे कंधो पर लाते है और वहां ब्रा के स्ट्रैप्स खीचते है फिर गालो पे हाथ फेरते हुए बोलते है बड़ी सुंदर बिटिया है आपकी साला कमीना इस तरीके से सब करता है की किसी को कुछ पता ही नहीं पड़ता बस मेरे अलावा

raj2002 - और क्या किया उसने और तुम्हे कब पता पड़ा की उसकी नीयत ख़राब है तुम पे
priti214 - 1 बार हम लोग बाहर गए थे घुमने के लिए तो दिनेश अंकल की गाडी लेके ही गए थे तो जब मै पीछे बेठे तो वो भी मेरे साथ पीछे की सीट पे बैठ गए अब जेसे ही गाडी थोड़ी सी हिलती तो वो मुझे बार 2 धक्का देते और बार 2 कभी मेरे हाथ कभी मेरी टाँगे कभी मेरी जांघ पे हाथ लगते मुझे लगा नॉर्मली होगा लेकिन 1 बार उन्होनी अपनी कोहनी से मेरे वहां दबाया ..

raj2002 - कहा दबाया जान बताओ ना
priti214 - वही ना यार समझो ना
raj2002 - कहा बताओ ना मैं समझा नहीं
priti214 - मेरे बूब्स पे
raj2002 - हे !!! क्या बात कर रही हो केसे
priti214 - 1 दम से गाडी मे दचका आया और उन्होंने मेरे साइड बूब्स पे अपनी कोहनी से मारा मुझे लगा की गलती से लगा होगा उनसे लेकिन फिर मुझे अपनी चुन्नी के नीचे अपने बूब्स पर कुछ महसूस हुआ और वो उनकी उंगलिया थी

raj2002 - क्या तो तुमने किसी को बताया क्यू नहीं
priti214 - क्या बताती यार फिर वो सोने का नाटक करने लगे और मेरे कंधे पर अपना सर रख दिया अब वो बार 2 मेरी गर्दन पे अपने होंठ फेर रहे थे और मैं कुछ नहीं कर पा रही थी फिर उन्होंने मेरे कंधे पे से मेरी चुन्नी और मेरे कुर्ते के strap को साइड से थोडा सा नीचे किया और मेरी कंधे की ब्रा स्ट्रैप्स को किस किया मुझे इतना गुस्सा आ रहा था बस मैं उनसे छूटने की कोशिश कर रही थी फिर उन्होंने मेरी चुन्नी के नीचे से मेरे कुर्ते का गला पकड़ा और उसे हलके से खींच कर अंदर मेरी ब्रा देखने लगे और फिर मुझे गुस्सा आया मैंने सोचा enough is enough ये ऐसे नहीं मानेगा मुझे ही कुछ करना पड़ेगा

raj2002 - तो फिर क्या किया तुमने जान
priti214 - मैंने पापा से बोल की पापा मुझे आगे बेठना है अब गाडी मे
raj2002 - फिर क्या हुआ जान
priti214 - फिर क्या साला कमीना था वो भी जेसी ही पापा ने गाडी रोकी मैं आगे जाके बैठ गयी और मेरे भाई को पीछे बैठा दिया इतने मैं उस दिनेश कमीने ने पापा से बोल यार राजेंद्र तू गाडी ड्राइव कर 2 के थक गया होगा चल अब मैं ड्राइव करता हू मुझे इतना गुस्सा आया मैंने घूर के उसे देखा और वो कमीन मुस्कुरा रहा था मुझे देख के

raj2002 - फिर
priti214 - फिर क्या घर पहुचने मे अभी 2 घंटे का टाइम था और रात के 12:30 हो रहे थे मुझे थोड़ी सी झपकी लग गयी तभी मुझे 1 हाथ अपनी सलवार पे से अपनी जांघ पे महसूस हुआ वो हाथ मेरी जांघ को सहला रहा था और धीरे 2 ऊपर की तरफ आ रहा था ऊपर आते 2 वो हाथ मेरी दोनों जांघो के बीच मे आगया मुझे समझ मे आ गया था की यही कमीना है पर क्या करती उसने मेरे घुटने से लेके मेरी जांघ तक सब जगह हाथ फेरा और सब जगह अपने हाथो से सहलाने लगा फिर उसने अपने हाथ से मेरे दोनों जांघो के बीचे गैप बनाया और मेरी पेंटी पे से मेरे वहां हाथ फेरने लगा ....raj2002 - कहाँ मेरी सेक्सी बताओ ना
priti214 - मेरे वेजिना पे ...
raj2002 - फिर क्या हुआ
priti214 - वो अपना हाथ मेरी पेंटी पे फेर रहा था और मैं सोने का नाटक कर रही थी क्या करती आखिर फिर वो अपने हाथ से मेरी पूरी वेजिना को सहलाने लगा अपने हाथ की उंगलियों को वो मेरी वेजिना में फेरने लगा ऊपर से लेके नीचे तक उसके हाथ की दो उंगलिया मेरी पूरी वेजिना में घूम रही थी

raj2002 - अच्छा जान तुम्हे केसा लग रहा था सच बताओ
priti214 - केसा क्या गुस्सा आ रहा था बहुत
raj2002 - नहीं सच 2 बताओ तुम्हे केसा फील हो रहा था तुम्हे मेरी कसम
priti214 - सच बताऊ तो पहले बहुत गुस्सा आ रहा था लेकिन जब अंकल अपने हाथ की दो उंगलियों से मेरे वाजिना को सहला रहे थे उसमे अपनी उंगलिया घुसाने की कोशिश कर रहे थे मेरी वेजिना की स्किन को अपने नाख़ून से रगड़ रहे थे तो मजा आ रहा था एसा लग रहा था की ये सब बंद न हो बस चलता ही रहे
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3 hours ago,
#5
RE: Behan Sex Kahani मेरी प्यारी दीदी
raj2002 - मतलब मेरी जान तुम बहुत गरम हो गई थी है ना
priti214 - ह्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म
raj2002 -फिर
priti214 - फिर उन्होंने अपने हाथ को मेरे कुर्ते के अंदर डाला और मेरी सलवार के नाड़े को ढूंढ़ने लगे

दीदी की ये chats पढके मेरा लंड बिलकुल टाइट और गरम हो गया था मैं सोच रहा था की मेरी दीदी के साथ इतना कुछ हो चूका है दिनेश अंकल को कितना मजा आया होगा जब उन्होंने दीदी के नरम और मोटे बोबो को छुहा होगा उनका तो लंड खड़ा हो गया होगा और उन्होंने तो दीदी की चूत पे भी हाथ फेर रखा है केसा फील हुआ होगा उन्हें मजा आगया होगा उन्हें तो क्या दीदी की चूत पे बाल होंगे या चिकनी होगी दीदी की चूत और मुझे आश्चर्य हुआ की जब अंकल दीदी की चूत पे हाथ फेर रहे थे तो दीदी को भी मजा आ रहा था ये दीदी ने खुद ने बोल था मुझे ये सब सोच सोच के पता नहीं क्या हो रहा था मैंने इतना ज्यादा excited आज तक फील नहीं किया था मैं लंड पे हाथ फेर रहा था तो मुझे कुछ गीला 2 सा महसूस हुआ शायद वो pre cum था ये सब chats पढके के और उस situtaion को इमेजिन कर कर के मेरे लंड मे पैन होने लग गया था मैंने सोचा अब जाकर मूट मारता हु नहीं तो मेरा लंड फट जाएगा और मै सोचने लगा की काश आज भी दीदी की ब्रा पेंटी मिल जाए बाथरूम मे तो मजा आ जाये

मैं ये सोच ही रहा था इतने मे मम्मी दीदी के रूम की तरफ आई "प्रीती ओ प्रीती कहा ह तू " मेरी फट गयी मैंने फटाफट लैपटॉप की स्क्रीन बंद की और लैपटॉप सहीत ही बेड के नीचे चुप गया मम्मी रूम में आके बोली "कहा गयी ये लड़की"


दीदी की आवाज आयी "हा मम्मी अभी आयी " दीदी रूम मे आयी

दीदी - "हा मम्मी बोलो "

मम्मी - "अरे कहा थी तू वो कल शादी म चलना है तो चल मार्किट हो आते है , तुझे कुछ चाहिए "

दीदी - "हाँ मम्मी हा मुझे नयी ब्रा पेंटी भी लेनी है 1 सेट की ब्रा तो बहुत ही लूस हो गयी है ना फिटिंग आती है ना शेप और 1 ब्रा में से निप्पल्स साफ़ दीखते है चाहे कुरता पहनो या टॉप तो आप इस बार मेरे लिए ब्रा ऐसी देखना जिसमे मेरे निप्पल्स न दिखे "

मेरी और हालत ख़राब हो रही थी बेड के नीचे से ये सब बातें सुन सुन के मैं सोच रहा था दीदी के निप्पल्स बड़े होंगे या छोटे और कौनसे कलर के होंगे इतने में दीदी ने अपना टॉप ऊपर किया और कहा

दीदी- "और ये वाली जो ब्रा है ये इतनी टाइट है की दम ही निकल जाता है मेरा तो "

मेरे वारे न्यारे होगए दीदी को सामने से ब्रा मे देख के दीदी के मोटे बोबे उनकी टाइट ब्रा में से आधे बहार निकल रहे थे 1 बार तो मेरी इच्छा हुई की अपना लंड निकाल के बेड के नीचे ही मूट मारलु फिर दीदी बोली दीदी - "और हा मम्मी सेल्समेन के सामने मुझसे साइज़ मत पूछना वो साइज़ सुन के घूरते रहते है ब्रैस्ट पे मेरा साइज़ 34 है आप इस साइज़ की ब्रा निकलवा देना और मैं ऊँगली से इशारा कर दूंगी की मुझे कौनसी पसंद आ रहे है मैं कुछ नही बोलूंगी "

मम्मी - "ठीक है तो तूने अभी जो ब्रा पेंटी पेहेन रखे वो उतार दे और जो तुझे comfortable लगते हो पेहेन ले ताकि जरुरत पड़ी तो try करके और compare करके भी देख लेना तू "

अब मैंने सोचा जो मैंने माँगा था वो दीदी उतार रही है बाथरूम मे मेरी इच्छा पूरी हो गयी थी फिर दीदी मम्मी मार्किट चले गए मैंने गेट बंद किया और बाथरूम मे गया

दीदी के टॉवल के नीचे से पहले दीदी की ब्रा उठाई उसपे किस किया उनके कप्स पे किस किया उनके कप्स को सहलाया उनकी ब्रा के कप्स को दबाया और अपने पूरे फेस पे फेरा मैंने दीदी की ब्रा को फिर मैंने दीदी की पेंटी उठाई और उसे जेसे ही सुंघा आज उसमे कुछ ज्यादा ही अच्छी और कमसिन सी खुशबु आ रही थी , दीदी की पेंटी आज उस दिन से ज्यादा गीली थी मैंने दीदी के पेंटी मे देखा तो हैरान रह गया दीदी की पेंटी पे बहुत सारा वाइट गाड़ा पानी जेसा कुछ लगा हुआ था मैं समझ गया की ये दीदी की चूत का डिस्चार्ज है वो नीचे की साइड की पूरी पेंटी पे लगा हुआ था मैंने सोचा की आज दीदी का इतना सारा डिस्चार्ज केसे निकला फिर मुझे समझ मे आगया मैंने मेरे मन मे कहा की "दीदी गरम हो रही थी जब वो अपने bf को बता रही थी की दिनेश अंकल ने उनके बोबे दबाये और उनकी चूत पे अपना हाथ फेरा ये सब बताते 2 दीदी गरम हो गयी थी तभी उनकी चूत मे से इतना सारा डिस्चार्ज निकला " मैं अपनी दीदी की पेंटी मे लगे डिस्चार्ज को चाटने लगा और पूरा चाट के साफ़ कर दिया क्या मस्त taste था मेरी दीदी की चूत का फिर उनकी पेंटी को अपने लंड पे लपेटा और अपने लंड को हिलाने लगा और थोड़ी ही देर मे मैं झर गया आज जेसा अनुभव मुझे कभी नहीं मिला था मैंने वापस दीदी की ब्रा पेंटी रखी और बाहर आया और लैपटॉप ओन किया और दीदी की आगे की chats पड़ने लगा

priti214 - फिर उन्होंने अपने हाथ को मेरे कुर्ते के अंदर डाला और मेरी सलवार के नाड़े को ढूंढ़ने लगे मेरी दिल की धड़कने इतनी तेज चल रही थी की मैं बता नहीं सकती मेरे पापा की उम्र का आदमी मेरी सलवार और पेंटी पे से मेरी वेजिना पे हाथ फेर रहा था वो भी मेरे पापा मम्मी के उसी गाडी में होते हुए भी।।
raj2002 - आगे क्या हुआ जान
priti214 - मुझे समझ ही नहीं आ रहा था की मैं क्या करू ये आदमी मुझे नंगी करने की सोच रहा था इस गाडी मैं जिसमे मैं मेरी पूरी फॅमिली बेठी है फिर भी मै इसे रोक क्यों नहीं रही हू मेरा दिल बोल रहा था की मैं उसे रोकू और दिमाग कह रहा था की जो चल रहा ह उसे चलने दू नंगी हो जाऊ इस गाडी में और अंकल को अपनी नंगी वेजिना पे हाथ फेरने दू तभी अंकल को मेरी सलवार का नाडा मिल गया और वो उसे खींचने ही वाले थे की मैंने उनका हाथ पकड़ लिया जेसे ही मेरी आँखें खुली मुझे समझ आगया की मुझे क्या करना है मैंने अंकल की तरफ घूर के देखा उनके हाथ को झटका और पीछे मुडी उनके के चेहरे पे हवाइया उड़ रही थी क्योंकि उनकी भी दोनों जवान बेटियां उस गाडी मैं थी मैंने जोर से चिल्लाके कहा " मम्मी बहुत हो गया अब मुझसे नहीं झेला जाता आगे और मैं आपको कुछ बताना चाहती हु " अंकल की हालत देखने लायक थी उन्होंने मेरी तरफ देख के धीरे से कहा प्लीज बेटी किसी को कुछ मत कहने मैं आगे से ऐसा कुछ नहीं करूँगा सॉरी प्लीज सॉरी , मम्मी ने मुझसे पुछा "क्या हुआ प्रीती क्या नहीं झेला जाता मैंने मम्मी को धीरे से कहा मम्मी गाडी रुकवाओ न किसी रेस्टोरेंट पे मुझे भूख भी लगी है और टॉयलेट भी जाना है " मेरी बात सुनके अंकल के चेहरे पर सुकून आया
raj2002 - तो जान तुम बता देती ना उस कमीने की करतूत क्यों नहीं बताया
priti214 - यार मैंने सोचा छोड़ो अभी इसकी अच्छी खासी फॅमिली बिगड़ जाएगी और इसने सॉरी भी बोल दिया था इसलिए
raj2002 - फिर वो अंकल क्या अभी भी घर पे आते है क्या अभी भी तुम्हारी ब्रा के स्ट्रैप्स को फील करते है क्या
priti214 - नहीं फिर मैंने मम्मी को बोल दिया था की दिनेश अंकल गालो पे टच करते है तो मुझे अच्छा नहीं लगता कोई बच्ची थोड़ी ना हूँ तो मम्मी ने बोल दिया की तू पैर मत छुहा कर दूर से नमस्ते कर लिया कर

raj2002 - लेकिन जान तुम्हे मजा आया था ना जब अंकल तुम्हारे बूब्स और वेजिना पे अपना हाथ फेर रहे थे
priti214 - ह्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म
raj2002 - तुम्हारी वेजिना मे से डिस्चार्ज भी निकला होगा ना
priti214 - ह्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म
raj2002 - कितना निकला था
priti214 - इतना तो निकला था की मुझे मेरी पेंटी गीली गीली लगने लग गयी थी
raj2002 - जान 1 बात बोलू
priti214 - हा जी बोलो
raj2002 - तुम्हारी ये सारी बातें सुन के मेरा खड़ा हो गया
priti214 - हे भगवान् ! तुम्हारा तो हमेशा ही खड़ा हो जाता है सुला दो उसे बहुत बिगड़ गया है
raj2002 - केसे जान तुम सुलाओ ना इसे
priti214 - मैं वहां आगई ना तो मरोड़ दूंगी उसे हा हा हा हा हा हा
raj2002 - तो जान फिर कभी हुआ क्या एसा कुछ तुम्हारे साथ उन अंकल के अलावा किसी और ने हाथ लगाया क्या तुम्हे कभी यहाँ वहां
priti214 - नहीं और किसी ने तो नहीं लगाया
priti214 - हाँ याद आया 1 बार और हुआ था एसा
raj2002 - कब कहाँ पूरी बात बताओ ना

priti214 - अभी 6 महीने पहले की ही बात है मेरा 1 एग्जाम था जिसका सेण्टर दूसरे सिटी मे आया था तो मम्मी की बेहेन यानी मेरी मौसी की लड़की भी उसी सिटी में रहती है वो मैरिड है तो मम्मी ने कहा की तू वहीँ रुक जाना मैंने कहा ठीक है मै एग्जाम के 2 दिन पहले वहां पहुंची जीजू स्टेशन पे लेने आ गए थे दीदी जीजू की शादी को अभी 4 साल ही हुए थे और उनकी 1 बेटी भी थी श्रेया 1 साल की जीजू ने हाय हेलो किया और मुझे घर ले गए उनका घर ज्यादा बड़ा नहीं था 2 रूम किचन फ्लैट था मेरा सामान 2ण्ड रूम मे रखवा दिया था मैंने अपने कपडे चेंज किये और गर्मियों के दिन थे इसलिए 1 पतली सी कैपरी और पतला सा टॉप पेहेन लिया फिर दीदी से थोड़ी बातें की फिर थोड़ी देर सो गयी
raj2002 - फिर
priti214 - शाम को उठी तो दीदी खाना बना रही थी मैंने सोचा उनकी हेल्प कर दू थोड़ी तो किचन मे उनके पास जाके खड़ी हो गयी और उनकी हेल्प करने लगी इतने मैं जीजू भी आ गये और बातें करने लगे 1 दम से लाइट चली गयी और मुझे अपने हिप्स पर 1 हाथ महसूस हुआ वो हाथ मेरे पूरे हिप्स पर घूम रहा था सारी उंगलिया मेरे हिप्स को सहला रही थी वो हाथ मेरे हिप्स पर घूमते हुए मेरे हिप्स को सहला रहा था और जोर 2 से दबा रहा था
raj2002 - फिर
priti214 - मुझे तो कुछ समझ नहीं आ रहा था क्या करू क्या नहीं करू ये किसका हाथ है मेरे पास दो ही तो लोग थे जीजू और दीदी मैं ये सब सोच रही थी तभी 1 ऊँगली मेरे दोनों हिप्स के बीचे की दरार में घुस गयी और अंदर घुमने लगी मेरे अंदर 1 अजीब सी फीलिंग आ रही थी मुझे बहुत अच्छा महसूस हो रहा था मेरी आँखें बंद हो चुकी थी और मैंने नोटिस किया की मेरी पेंटी भी गीली हो गई थो थोड़ी सी इतने मे लाइट आ गयी और वो हाथ गायब हो गया लाइट आयी तो मैंने देखा मेरे पास दीदी खड़ी थी और उनके पास जीजू मैंने सोचा ये सब किसने किया होगा मैंने अंदाजा लगाया की शायद अँधेरे मे जीजू को पता नहीं होगा की वो किस के हिप्स पे हाथ फेर रहे है तो गलती से हो गया होगा
raj2002 - आगे क्या हुआ जान

priti214 - फिर हम खाना खा रहे थे दीदी और मैं साथ बैठे थे और जीजू सामने बैठे थे डाइनिंग टेबल पे , खाना खाते 2 अचानक जीजू ने अपना पैर मेरे पैर रख दिया और अपने पैर को मेरे पैर पे फेरने लगे फिर उनका पैर धीरे 2 ऊपर आने लगा और मेरी कैपरी पे से मेरी thigs पर जीजू अपना पैर फेरने लगे मैं चुप चाप जल्दी 2 खाना खा रही तभी जीजू ने अपने पैर को मेरी दोनों thigs के बीच में डाल दिया और मेरी thigs के अंदर की तरफ अपने पैरो की उंगलियों को फेरने लगे फिर उन्होंने अपने पैर के अंघूटे से मेरी वेजिना के होल पे फेरने लगे उसपे धक्का देने लगे मेरी हालत तो ख़राब हो चुकी थी बुरी तरह मेरी धड़कने बहुत तेज चल रही थी क्योंकि मेरी कैपरी बहुत पतली थी मुझे जीजू के पैर का अंघूठा अपनी वेजिना के होल पे बहुत अच्छी तरह से फील हो रहा था वो अपने पैर के अंघूटे से मेरी वेजिना के होल पर ऊपर नीचे फेर रहे थे उस पे धक्का दे रहे थे मेरी कैपरी काफी पतली थी और मुझे बहुत मजा आरहा था मेरा बहुत सारा डिस्चार्ज निकल गया था और मेरी पूरी पेंटी गीली हो गयी थी शायद उन्हें भी मेरी वेजिना के गीलेपन का एहसास हो चूका था वो जोर 2 से मेरे वेजिना के होल पे धक्का देने लगे और मुझे इतना अच्छा महसूस हो रहा था मुझे इतना मजा आ रहा था तभी दीदी ने जीजू से कहा की क्या कर रहे हो जीजू ने जल्दी से अपना पैर नीचे करके पुछा क्या हुआ दीदी ने कहा खाना तो ढंग से खाओ खाली सब्जी क्यों खा रहे हो और इतने में मैंने अपनी प्लेट उठाई और किचन में चली गयी फिर बाथरूम में जाके देखा तो सामने से मेरी कैपरी गीली हो गयी थी फिर मैंने अपनी पेंटी में देखा तो वो भी पूरी गीली हो गयी थी और उसमे मेरी वेजिना का बहुत सारा डिस्चार्ज था मैंने कैपरी और पेंटी चेंज की और श्रेया को गोद में लेके खिलाने लगी तभी जीजू ने श्रेया को मुझसे माँगा मैंने श्रेया को आगे किया जीजू की बाँहों मैं देने के लिए इतने में जीजू ने अपने हाथ से मेरे बूब्स को दबा दिया श्रेया को लेने के बहाने और मुस्कुरा कर चले गए ..

मैंने सोचा की दीदी के कितने लोगो ने मजे ले रखे हैं बस मैं ही पीछे हु इतने में मम्मी और दीदी मार्किट से आ गए मैंने लैपटॉप बंद कर दिया और सोचने लगा की मैं दीदी के मजे केसे लू
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3 hours ago,
#6
RE: Behan Sex Kahani मेरी प्यारी दीदी
रात हो चुकी थी इतने मैं घर पे दिनेश अंकल आ गए मम्मी ने कहा "नमस्ते भाई साहब केसे आना हुआ" तो उन्होंने कहा की " भाभी मुझे इन्टरनेट पे कुछ काम था थोड़ी देर का अब मुझे तो यूज़ करना आता नहीं है तो सोचा की प्रीती की हेल्प ले लू " मम्मी ने कहा हा हा क्यू नहीं "प्रीती जरा यहाँ आना दिनेश अंकल की हेल्प कर दे थोड़ी " दीदी आई अंकल को नमस्ते किया और लैपटॉप लेने अंदर चली गयी दीदी ने अंदर रूम मैं मुझे बुलाया और कहा की " सोनू जब मैं अंकल के साथ बैठू तो तू भी मेरे साथ बैठ जाना हमारे बीच में " मैं समझ गया की दीदी एसा क्यों कह रही ताकि अंकल वापस कुछ छेड़खानी ना करे दीदी के यहाँ वहां हाथ न लगाये मैंने कहा "हाँ दीदी " दीदी लैपटॉप लेके ड्राइंग रूम मे आयी और सोफे पे बैठ गयी और सामने की टेबल पे लैपटॉप रख दिया जब उसे ओन किया तो वो ओन नहीं हुआ दीदी ने देखा की लैपटॉप की बैटरी ख़तम हो गयी थी उन्होंने चार्जर लगाया और लैपटॉप ओन किया मैं आके अंकल और दीदी के बीच मैं बैठ गया दीदी बिलकुल मुझसे चिपक के बैठी थी उनकी जांघ मेरी जांघ से टच हो रही थी दीदी ने वाइट कलर का लम्बा और ढीला कुरता और पटियाला सलवार पेहेन रखी थी ब्लैक कलर की दीदी की सलवार बहुत पतली थी बहुत सेक्सी लग रही थी दीदी लम्बे बालो को क्लिप से बाँधा हुआ फेस पे स्पेक्ट्स और कुरता और पटियाला सलवार


मुझे दीदी के बदन की धीमी 2 खुशबु आ रही थी और उनकी जांघ की टचिंग से मेरा लंड खड़ा हो गया था इतने में लाइट चली गयी और लैपटॉप फिर से बंद हो गया पूरे घर में अँधेरा हो गया मम्मी ने कहा "सब जहा बठे हो वही रहना मैं टोर्च लाती हु " मेरे दिमाग मैं दीदी की chats घूम गयी केसे दीदी की गांड पे जीजू ने हाथ फेरा था जब लाइट गयी थी अगर मैं भी हाथ फेर लू तो दीदी तो यही सोचेगी की दिनेश कर रहा है मैंने दीदी की जांघ पे हाथ फेरा दीदी ने कोई हरकत नहीं की फिर मैंने दीदी के बोबो पे हाथ फेरा उनके कुर्ते के ऊपर से उन्हें दबाया दीदी के मुंह से आह की आवाज निकली मेरा लंड टाइट हो गया आज पहली बार मैंने अपनी दीदी के कोमल बोबो को छुहा था जिनकी वजह से मैं इतना तडपा था आज वो मेरे हाथ मे थे मैंने दीदी के बोबो को सहलाया उन्हें दबाया 1 दम से दीदी के मुह से मीठी सी सिसकी निकली और उन्होंने अपना हाथ मेरी जांघ पे रखा दिया मुझे पता था की दीदी को एहसास ही नही है की उनका छोटा भाई ही उनके बोबे दबा रहा है मैंने दीदी के बोबे दबाते हुए दीदी से पुछा " क्या हुआ दीदी " दीदी ने कहा " कुछ नहीं सोनू " फिर मेने दीदी के कुर्ते को थोडा ऊपर किया और अपना हाथ दीदी के कुर्ते के अंदर डाला और उनकी ब्रा पे से उनके बोबे दबाने लगा उन्हें मसलने लगा कितने मस्त बोबे थे मेरी बेहेन के बिलकुल टाइट मोटे 2 मैंने उनके दोनों बोबो पे अपना हाथ फेरा उन्हें सहलाया उन्हें दबाया मेरा लंड अपनी मस्ती मैं फुल टाइट खड़ा था दीदी के बोबे दबाते 2 मुझे एहसास हुआ की दीदी की धड़कने बहुत तेज़ चल रही थी

फिर मैंने 1 हाथ से दीदी की ब्रा के कप को नीचे कर दिया और उनका 1 बोबा पूरा नंगा हो गया मैंने उस नंगे बोबे पे अपना हाथ फेरा कितना नरम और कोमल था वो बिलकुल मुलायम मुलायम मैंने दीदी के निप्पल को अपनी उंगलियों से घुमाया उनका निप्पल बहुत छोटा था और बिलकुल टाइट खड़ा था मैंने उनके खड़े निप्पल को अपनी ऊँगली से गोल 2 घुमाया उसे खींचा तो दीदी के मुह से धीरे से स्स्स्स आह सिसकरी निकल गयी मेरी इच्छा तो हो रही थी की दीदी के बोबे को अपने मुह मे लेके चुसू उनके निप्पल को चूस 2 कर उनका सारा रस पी जाऊं लेकिन मैं एसा कर नहीं सकता था फिर मैंने अपना हाथ दीदी के कुर्ते मैं से निकाला जैसे ही मैंने अपना हाथ दीदी के कुर्ते मैं से निकाला उन्होंने अपना हाथ अपने कुर्ते मैं डाल लिया अपनी ब्रा के कप को वापस ऊपर करने के लिए फिर मैंने दीदी की जांघ के अंदर की तरफ अपना हाथ फेरा दीदी की सांसें बहुत तेज चल रही थी उन्होंने कांपती आवाज मैं पुछा " मम्मी टोर्च नहीं मिली क्या आपको अभी तक " मम्मी ने कहा " नहीं ढून्ढ रही हु " मेरा हाथ दीदी की दोनों जांघो के बीच में था अब मैंने अपना हाथ दीदी की चूत पे रखा दीदी ने अपने मुह पे हाथ रख लिया उनकी सांसें बहुत तेज़ चल रही थी उसकी आवाज को बंद करने के लिए मैंने अपने हाथ को दीदी की चूत मैं थोडा और नीचे की तरफ फेरा तब मुझे पता पड़ा की दीदी की पटियाला सलवार बहुत गीली हो चुकी थी मुझे समझ आ गया था की दीदी भी गरम हो चुकी है मैंने अपना हाथ उनकी पूरी चूत पे फेरा और अपनी हथेली को दीदी की पूरी चूत पे ऊपर नीचे फेरने लगा दीदी की प्यारी कोमल चूत को सहलाने लगा दीदी की चूत की स्किन बहुत नरम और गीली थी मैंने कभी सोचा भी नहीं था की इतनी जल्दी मैं अपनी दीदी की चूत को सहला पाउँगा

मैं जल्दी 2 उनकी पूरी चूत पे अपना हाथ फेरने लगा और अपने हाथ की बीच वाली ऊँगली उनकी चूत के अंदर ऊपर नीचे फेरने लगा दीदी ने अपने हाथ से मेरी जांघ को बहुत टाइट भींच लिया उनके नाखून मेरी जांघ पे चुभ रहे थे मै और ज्यादा उत्तेजित हो गया मैं अपनी ऊँगली दीदी की चूत के होल पे घुमाने लगा और तभी दीदी का बहुत सारा चूत का पानी बह निकला मुझे समझ आ गया था की दीदी झर गयी हैं वो बहुत लम्बी 2 साँसे ले रही थी इतने मैं दीदी ने कांपती आवाज में मेरे कान मैं बोल " सोननननू तू यह्ह्ह्हीइ रहनानाना कही जानानानाना मत " मैंने दीदी की चूत मैं अपनी ऊँगली फेरते हुए बोला " हाँ दीदी नहीं जाऊंगा लेकिन अँधेरे में मुझे डर लग रहा है " दीदी ने कहा "डर मत मैं यही बैठी हु तेरे पास" फिर मैंने वापस दीदी के कुर्ते मैं हाथ डाला और उनके दोनों ब्रा के कप्स को 1-1 करके नीचे कर दिया उनके दोनों बोबे नंगे हो गए थे उनके कुर्ते में मैंने दीदी के दोनों नंगे बोबो को दबाया उन्हें मसला उनके निप्पल्स पे अपनी उँगलियाँ फिराई उनके निप्पल्स को खींचा उनके दोनों निप्पल्स खड़े हो गए थे और बिलकुल टाइट थे मै उनके नंगे बोबे के मजे ले रहा था इतने मे मम्मी की आवाज आयी " अरे !बाकी सबकी लाइट तो आ रही है " मैंने फटाफट दीदी के कुर्ते मे से अपना हाथ निकाल लिया दीदी ने अपनी ब्रा ठीक की मैंने मम्मी के आने से पहले जल्दी से वापस उनकी चूत मे अपनी ऊँगली फेरने लगा दीदी की पूरी सलवार सामने से गीली हो चुकी थी आज मैं बहुत खुश था की मेरी प्यारी दीदी मेरी ऊँगली से झरी थी तभी टोर्च की लाइट जली मैंने अपना हाथ जल्दी से बहार निकाला और हलकी से लाइट मे मैंने देखा दीदी की आँखें बंद थी इतने मैं लाइट आ गयी मैंने दीदी की आँखों को देखा वो पूरी लाल हो चुकी थी लेकिन उनके चेहरे से पता पड़ रहा था की वो पूरी तरह से संतुष्ट हो चुकी थी..

दीदी वहां से उठी और जाने लगी मैं साइड पोज़ से उनके बोबे देख रहा था कितने मोटे बोबे थे दीदी के मैंने देखा उनके चेहरे पे अजीब से expressions थे शायद आज जो कुछ भी हुआ उनके साथ वो उसी के बारे मैं सोच रही थी दीदी बाथरूम मैं चली गयी मुझे पता था की दीदी बाथरूम मैं क्यों गयी है शायद ये देखने की आज उनकी चूत ने क्या गुल खिलाये है दीदी के बदन के अँधेरे मैं इतने मजे लेने के बाद मेरा भी हालत ख़राब हो चुकी थी मैं भी टॉयलेट में गया और अपना खड़ा लंड बहार निकल कर उसे सहलाने लगा आँखें बंद करके और जो कुछ भी आज हुआ उसके बारे मैं सोचने लगा की मैंने दीदी के आज कैसे मजे लिए उनके बोबे दबाये उनकी चूत मसली आज पहली बार मैंने अपनी दीदी के नाजुक जिस्म को छुहा था कितना कोमल बदन था मैं सोचने लगा की दीदी के निप्पल्स कैसे होंगे मुझे तो वो छोटे 2 से लग रहे थे जब मैं उनपे अपनी ऊँगली फेर रहा था मैं कल्पना करने लगा की दीदी के निप्पल्स कैसे होंगे

इतने में मैं झर गया टॉयलेट से बहार आके मैं वापस आया तो दिनेश अंकल वही बैठे हुए थे दीदी अभी तक नहीं आई थी मैं सोच रहा था दीदी अंदर अपने कपडे चेंज कर रही होगी आखिर मैंने आज उन्हें इतने मजे दिए थे की उनकी सलवार गीली हो गयी थी सामने से और पेंटी के तो ना जाने क्या हाल होंगे अंदर से थोड़ी देर बाद दीदी आयी उन्होंने अपने कपडे चेंज कर लिए थे शायद दीदी नहा ली थी इसलिए उन्होंने अपने सारे कपडे ही चेंज कर लिए थे दीदी ने नहा कर पिंक कलर का स्लीवलेस टॉप और जीन्स की शोर्ट कैपरी पेहेन ली थी दीदी बहुत सेक्सी लग रही थी फिर दीदी आई और जिसे ही दिनेश अंकल दीदी से कुछ बोलने वाले थे दीदी ने उनसे कहा की "अंकल आज आपने जो भी किया अच्छा नहीं किया " अंकल ने कहा "बेटी मैंने क्या किया ?" दीदी ने कहा "अंकल मुझे कुछ नहीं सुन्ना आज के बाद आप प्लीज घर मत आईएगा नहीं तो मैं पापा और मम्मी को सब कुछ बता दूंगी जो भी आपने किया " अंकल चले गए मैं अंदर से खुश हो रहा था की मजे मैंने लिए और लंका दिनेश की लग गयी रात को हम सब साथ मैं खाना खा रहे थे तभी मम्मी ने दीदी से कहा "प्रीती कल बुआ जी की लड़की की शादी का लेडीज संगीत है तो तू भी चलना मेरे साथ कल स्कूल मत जाना " दीदी ने कहा "ठीक है मम्मी लेकिन मैं कल पहनू क्या जीन्स टॉप या सूट " मम्मी ने कहा "अरे ये सब तो तू हमेशा ही पहनती है कल तू मेरी साडीयों मैं से कोई अपनी पसंद की साडी देख लेना और जिसका भी ब्लाउज तुझे फिट आ जाये वो पेहेन लेना " दीदी ने कहा " ठीक है मम्मी " अब मेरे दिमाग मैं यही बात घुमने लगी की दीदी साडी में कितनी सेक्सी लंगेगी कल तो दीदी को नंगी देखूंगा ही आज दीदी के बोबे दबा के उनकी चूत पे अपना हाथ फेर के ऊँगली करके मजा तो बहुत आया था लेकिन मैंने अभी तक दीदी को पूरी नंगी नहीं देखा था और मैं अपनी दीदी को नंगी देखने के लिए बहुत उत्साहित था जिस दीदी के पूरे बदन के मैंने मजे लिए थे वो बिना कपड़ो के दिखता केसा है ये मुझे नहीं पता था इसलिए मैंने decide की अब तो दीदी को साडी उतारते हुए ही देखूंगा रात को खाना खाके पापा सोने चले गए और मैं बेड पर बैठा 2 टीवी देख रहा था मम्मी और दीदी भी उसी बेड पर बैठे हुए थे और बातें कर रहे थे दीदी ने खाना खाना के बाद लोअर और ब्लैक कलर का स्लीवलेस टॉप पेहेन लिया था मम्मी से बातें करते हुए दीदी थोडा सा लेट गयी और मुझे उनके टॉप के गले मैं से उनकी ब्रा और बोबो की झलक मिल

कितनी सेक्सी लग रही थी दीदी और उनके मुलायम कोमल बोबे जो शाम को मेरे हाथो मैं थे ये सोचते 2 मैं चादर के अंदर से अपना लंड सहलाने लगा और चोरी 2 दीदी को इस पोजीशन मैं लेटे हुए देखता रहा दीदी को एसे लेटे हुए देखते हुए मैंने दीदी की ब्रा के कप को देखा और देखते 2 सोचने लगा की यही ब्रा के कप्स थे जिनको शाम को मैंने नीचे करके दीदी के बोबो को ऊपर से नंगा कर दिया था इतने मैं मम्मी ने मुझसे कहा "सोनू तू भी कल स्कूल मत जाना घर पे रुकना कल तू " मैंने कहा " हाँ मम्मी " और सोचने लगा की कल दीदी को साडी उतारते हुए केसे देख जाये पहले जो चोंटे मेरे साथ हुई थी मैंने उनको भी ध्यान मैं रखा की एसा कुछ प्लान बनाऊ की ये मौका हाथ से न जाने पाए फिर दीदी और मैं सोने के लिए हमारे रूम मैं आगये मैं अपने बेड पे लेट गया और दीदी अपने बीएड पे बैठी हुई थी और सोने की तैयारी कर रही थी वो अपने दोनों हाथ ऊपर करके अपने बालो को खोल रही थी इस कारण उनके छाती बहार की साइड आगयी थी और उनके मोटे मोटे बोबे भी बहार आ गये थे मेरा लंड वापस अंगडाई लेने लगा दीदी के मोटे बोबो को देख के दीदी अपने बालो के क्लिप को साइड में रख रही थी और दीदी का क्लिप नीचे गिर गया और उसे उठाने के लिए वो नीचे झुकी और वापस उनके टॉप के गले मैं से मुझे उनके बोबो की झलक दिखाई दे गयी|
दीदी के बोबे देखते हुए मैं अपने होठो पे अपनी जीभ फेरने लगा की कितने रसीले हैं दीदी के बोबे कब मुझे इन्हें चूसने को मिलेगा कब मैं अपनी जीभ दीदी के निप्पल्स पे लगा के उन्हें चुसुंगा उनके दोनों बोबो को कब चुसुंगा कब इनका रस पियूँगा तभी दीदी ने लाइट बंद कर दी और मुझे gudnight विश किया लेकिन नींद तो आँखों से बाहर थी मेरे दिमाग मैं तो बस दीदी के बोबे ही घूम रहे थे 6 सुबह बजे मैं उठा तो दीदी ने अपनी चादर हटा दी थी और दीदी को सोते हुए देख मेरा लंड खड़ा हो गया दीदी करवट लेके सो रही थी ओत उनके बोबे चिपक रहे थे ओए उनके मोटे बोबे कितना हसीं क्लीवेज बना रहे थे उनकी ब्रा की स्ट्रैप्स मुझे साफ़ 2 नजर आ रही थी उनकी ब्रा की स्ट्रेप उनके कंधे तक आगयी थी मैं धीरे से दीदी के पास गया और उनकि ब्रा की स्ट्रेप पे धीरे से किस किया फिर उनकी टॉप के गले को आगे से धीरे से खींचा तो मुझे उनकी अंदर से ब्रा के कप्स नजर आ गए थे मेरी इच्छा तो हुई की उनके ब्रा मैं हाथ डाल के उनके बोबे दबा दू लेकिन मैं ऐसा कुछ कर नहीं सकता था मैंने 1 हाथ से उनके टॉप का गला पकड़ा हुआ था और दुसरे हाथ से अपना लंड बाहर निकाला और उसे 2 जल्दी हिलाने लगा और दीदी की ब्रा और बोबो को देखते हुइ सोचना लगा की इन्हें कल मसला था मैंने अँधेरे में थोड़ी देर मे मैं झर गया मैंने दीदी के टॉप के गले को ठीक किया और वापस सो गया सुबह से दीदी और मम्मी अपनी 2 तैयारियों मैं लगे हुए थे शादी मैं जाने के लिए वो अपनी तैयारी कर रहे थे मैं अपनी तैयारी कर रहा था की दीदी को नंगी केसे देखा जाये दिन मे दीदी मम्मी के रूम मैं गई और गेट बंद कर लिया मैं रूम के दरवाजे पर कान लगा कर उनकी बातें सुनने लगा दीदी "मम्मी मुझे साडी पहननी तो आती नहीं है तो कैसे पहनुगी " मम्मी ने कहा "अरे तो यहाँ पेहेन ले न मेरे सामने " दीदी ने बोला "फिर मम्मी ब्रा पेंटी ?" मम्मी ने कहा " ओहो ! जो भी ब्रा पेंटी तुझे पहननी है वो अपने बाथरूम मैं पेहेन ले और वापस यही कपडे डाल के मेरे रूम मैं आजा फिर यहाँ साडी पेहेन ले मैं बता दूंगी केसे पहननी है " दीदी ने कहा "ठीक है मम्मी " मैंने ये बातें सुन ली थी और मुझे याद आया की मैंने दीदी के बाथरूम के दरवाजे मैं पहले छेद कर दिया था आज मेरे पास में मौका था दीदी को ब्रा पेंटी पहनते हुए देखने का दीदी बाथरूम मैं घुसी दरवाजा बंद किया और मैंने दरवाजे के छेद मे से वो पेपर का टुकड़ा निकाला और मेरे सामने मेरी दीदी पेहेन रही थी
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3 hours ago,
#7
RE: Behan Sex Kahani मेरी प्यारी दीदी
आज मैंने पहली बार इतने पास से और सामने से अपनी दीदी को ब्रा मैं देखा था क्या शेप बन रहा था दीदी की ब्रा को उनके मोटे बोबो के कारन फिर मैं दीदी को ब्रा पहनते हुए देखते हुए अपना लंड सहलाने लगा फिर दीदी पेंटी पहनने लगी लेकिन बाथरूम के दरवाजे का छेद छोटा था तो मुझे नीचे का कुछ नजर नहीं आया फिर दीदी बाहर निकली और मम्मी के रूम में चली गयी मैं वापस अपनी तयारी मैं लग गया थोड़ी देर बाद दीदी बहार आयी और मैंने उन्हें देखा तो देखता ही रह गया इतनी सेक्सी लग रही थी मेरी दीदी साडी मैं लम्बे खुले बाल आँखों मैं काजल कानो मैं बड़े 2 इअर रिंग्स हाथो मैं चूडिया गले मैं छोटा सा हार मैंने अपनी दीदी को इतनी सेक्सी तो कभी नहीं देखा था दीदी ने साडी उनके पेट की नाभि के नीचे बाँधी हुई थी जिस से वो और भी सेक्सी लग रही थी मैं दीदी को देखने मैं इतना खो गया की मुझे ध्यान ही नहीं रहा की दीदी मुझे आवाज दे रही है दीदी ने मुझे हिलाया और कहा "ओ बेहरे कौनसी दुनिया में है तू कब से पूछ रही हु कैसे लग रही हु मैं " मैंने मन में कहा बहुत सेक्सी और हॉट दीदी बड़ी कातिल लग रही हो आप दीदी ने फिर पुछा "अरे बता ना !" मैंने कहा "दीदी आप बहुत अच्छी लग रही हो आप बहुत सुंदर हो I Love you " दीदी ने कहा "धत पागल कही का कुछ भी बोलता रहता है " और दीदी चली गयी और मैं जाते हुए साडी में से उनकी गांड देखने लगा क्या सेक्सी गांड लग रहि थी दीदी की साडी मे अब मैंने सोच लिया था की आज तो दीदी को साडी उतारते हुए जरुर देखूंगा चाहे कुछ भी हो जाये इतने सेक्सी परी को नंगी देखने एसा मौका फिर कभी नहीं आएगा मम्मी और दीदी संगीत के लिए निकल गए और मैं घर पे अकेला था और सोच रहा था की इतनी खुबसूरत मेरी दीदी को आज साडी उतारते हुए केसे देखा जाये मैंने दीदी के बाथरूम के दरवाजे में तो पहले ही छेद कर दिया था अब मैंने सोचा की क्या पता दीदी आज वापस अपने रूम में ही अपने कपडे चेंज करने लग जाये तो मैं आज वापस कुछ नहीं देख पाऊंगा तो मैंने पेचकस लिया और दीदी के रूम के दरवाजे में भी 1 छेद कर दिया और उसमे भी पेपर का टुकड़ा फंसा दिया ताकि किसी को पता नहीं पड़े की दरवाजे मैं छेद है अब मैं बहुत खुश था क्यों की दो जगह थी जहाँ दीदी अपने कपडे चेंज करती थी और उन दोनों ही जगहों के दरवाजो मे मैंने छेद कर दिया था उन्हें नंगी देखने के लिए अब मैं मम्मी और दीदी के आने का वेट करने लगा अभी उनके आने मे टाइम था तो मैंने लैपटॉप ओन किया और दीदी का अकाउंट खोला और उनकी chats निकाली मैंने दीदी की वही chats निकाली जिसमे जीजू उनके यहाँ वहां हाथ लगा रहे थे जो क्योंकि मैं वो chat आधी ही पड़ पाया था मम्मी के आजाने के कारन मैंने उसे वही से ही पड़ना स्टार्ट किया जहाँ से मैंने छोड़ा था :-

priti214 - मैं श्रेया को गोद में लेके खिलाने लगी तभी जीजू ने श्रेया को मुझसे माँगा मैंने श्रेया को आगे किया जीजू की बाँहों मे देने के लिए इतने में जीजू ने अपने हाथ से मेरे बूब्स को दबा दिया श्रेया को लेने के बहाने और मुस्कुरा कर चले गए मुझे समझ नहीं आ रहा था की मैं क्या करू इन सब को कैसे रोको क्यों की जीजू बहुत ज्यादा छेड़ छाड़ कर रहे थे अगर दीदी देख लेती तो सारी बात मुझ पर आती जबकि मेरी कोई गलती ही नहीं थी
raj2002 - फिर जान
priti214 - उस दिन दीदी के घर 2-3 गेस्ट्स और आगये उनका फ्लैट बहुत ही छोटा था तो दीदी ने कहा "प्रीती तू 1 काम कर तू हमारे बेडरूम मैं ही सो जाना मेरे पास और इन गेस्ट्स को तेरे रूम मैं शिफ्ट कर देते हैं " मैंने कहा " ठीक है दीदी " दीदी के कहने पे मैं अपना सारा सामान दीदी जीजू के बेडरूम में ले आयी फिर रात को सोने का टाइम हुआ ...
raj2002 - जान तुमने उस दिन रात को पहना क्या था
priti214 - उम्म्म्म्म जानू याद नहीं है बट शायद क्रीम कलर का पतला सा टोपर था और कैपरी थी
raj2002 - फिर जान आगे क्या हुआ
priti214 - रात को सब सोने लगे तो डबल बेड पे जीजू 1 कोने में सो गए बीच मैं दीदी और सबसे कोने पे मैं सो गयी रात के करीब 1 बजे मेरी नींद खुली थोड़ी सी आवाजो से मैंने थोडा सा चादर हटा कर देखा तो पास में दीदी जीजू के ऊपर लेटी हुई थी और दोनों किस कर रहे थे और मुझे उनके किस्सेस की हलकी 2 आवाजें भी आ रही थी तभी दीदी ने जीजू से बोला " यार तुम पागल हो क्या प्रीती भी इसी रूम में सो रही है थोडा तो सोचो अगर उसने कुछ देख लिया तो छोड़ो न मुझे प्लीज " जीजू ने कहा "अरे कोई कुछ नहीं दिखेगा उसे सो रही है वो भी " फिर दीदी जीजू वापस किस करने लगे पूरे रूम में अँधेरा था बस हलकी सी चाँद की रौशनी आ रही थी मुझे उनकी आवाजें सुन कर कुछ 2 होने लगा था
raj2002 - वाओ !! यार तुम पास मैं लेटी हो और दीदी जीजू किस कर रहे थे सोच के ही खड़ा हो गया मेरा तो तुम भी तो गरम होने लग गयी होंगी न
priti214 - ह्म्म्म्म्म्म
raj2002 - फिर क्या हुआ जान
priti214 - फिर जीजू ने दीदी को बेड पे लेटा दिया और किसेस करने लगे फिर जीजू ने दीदी को वापस अपने ऊपर ले लिया करवट बदलते 2 जीजू मेरे काफी पास आगये थे अब जीजू दीदी को अपने ऊपर लेके किस कर रहे थे और तभी मुझे मेरे टॉप के ऊपर कुछ महसूस हुआ वो जीजू का हाथ था मेरी चादर के अंदर वो दीदी को किस 2 करते मेरे टॉप पे से मेरे बूब्स को दबा रहे थे मुझे समझ नहीं आ रहा था की मैं क्या करू इन्हें केसे रोको साला कमीना अपनी बीवी को किस कर रहा है और मेरे बूब्स पे हाथ फेर रहा है फिर दीदी जीजू के पूरी बॉडी पे किस करते 2 चादर के अंदर नीचे चली गयी और जीजू ने 1 हाथ अपनी बीवी के सर पे रख रखा था और उनके बालो को सहला रहे थे और दुसरे हाथ से मेरे टॉप पे से मेरे बूब्स को दबा रहे थे..raj2002 - फिर
priti214 - मुझे अजीब सी फीलिंग होने लगी तभी जीजू ने अपना हाथ मेरे पेट पे रखा और मेरे नाभि में ऊँगली डाल के गोल 2 घुमाने लगे मुझे पता नहीं क्या होने लगा था मैंने दोनों हाथ से अपना तकिया पकड़ लिया मुझे अपने शरीर पे जीजू का हाथ इतना अच्छा लग रहा था तभी जीजू का हाथ मेरे पेट पे से मेरे टॉप के अंदर गया और धीरे 2 ऊपर जाने लगा उनका हाथ मेरे टॉप के अंदर मेरी ब्रा पे था वो मेरे बूब्स को मेरी ब्रा पे से दबाने लगे मुझे अजीब सा नशा छा रहा था मेरे दोनों बूब्स को मेरी ब्रा पे से दबाने के बाद जीजू का हाथ मेरी गर्दन पे आया और मेरे टॉप के गले मैं वो अपना हाथ डालने लगे
raj2002 - फिर क्या हुआ जान और तुमने मना क्यों नहीं किया
priti214 - चाह के भी मैं उन्हें मना नहीं कर पा रही थी पता नहीं मुझे क्या हो रहा था फिर उन्होंने मेरे टॉप के गले में अपना हाथ डाला और मेरी ब्रा के कप के अंदर अपना हाथ डाल के मेरे 1 बूब को दबाने लगे और उसे बहार निकलने लगे उनका हाथ लगते ही मेरा निप्पल बिलकुल टाइट हो गया फिर वो मेरे टॉप के गले में से मेरा दूसरा बूब भी बहार निकलने लगे और अपने हाथ से उन्होंने मेरा दूसरा बूब भी बहार निकल लिया

फिर उन्होंने मेरे टॉप और ब्रा के स्ट्रेप्स को दोनों को मेरे कंधे से नीचे कर दिया जिस से मेरी ब्रा और टॉप दोनों अपने आप ही नीचे हो गए और मेरे दोनों बूब्स बाहर आ गये मेरे निप्पल्स जीजू का हाथ के कारन बिलकुल टाइट और खड़े हो गए थेअब वो मेरे बूब्स को दबाने लगे उन्हें सहलाने लगे मेरे मुह से भी हलकी 2 सिसकियाँ निकल रही थी मैं पता नहीं अलग ही दुनिया में थी मुझे इतना ज्यादा मजा कभी नहीं आया था मेरी पेंटी बहुत गीली हो गयी थी जीजू अपने हाथ से मेरे बूब्स को बारी 2 दबा रहे थे फिर वो अपने ऊँगली से मेरे खड़े हुए निप्पल को गोल 2 घुमाने लगे मेरे दोनों बूब्स के दोनों निप्पल्स से खेलने लगे तभी दीदी थोडा सा ऊपर आई और जीजू ने जल्दी से अपना हाथ मेरी चादर मैं से बहार निकाला तब मैं भी होश मैं आयी और फटाफट अपनी ब्रा ऊपर की टॉप ऊपर किया तभी दीदी ने जीजू से कहा "जानू जब होने वाला हो तब बता देना " मुझे इसका मतलब समझ नहीं आया की दीदी ने जीजू से एसा क्यों कहा फिर दीदी वापस वापस नीचे गयी और जीजू ने वापस मेरी चादर में हाथ डाला अब मुझे इन सब पे रोक लगानी थी तो मैं जोर से खांसी और करवट बदल के सो गयी दीदी भी फटाफट ऊपर आके मेरे पास जल्दी से लेट गयी शायद उन्हें लगा होगा की मैं उठ गयी हु |

अचानक दरवाजे की बेल बजी मैंने जल्दी से लैपटॉप बंद किया और ख़ुशी से दरवाजा खोलने गया देखा तो सामने मेरी प्यारी दीदी साडी पहेने हुए खड़ी थी वो लेडीज संगीत मे से वापस आ गयी थी मैंने कहा "दीदी मम्मी कहाँ है " दीदी ने कहा "सोनू मम्मी वही रुक गयी थोड़ी देर के लिए और मैं आगयी मम्मी भी आ जाएंगी अभी "
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3 hours ago,
#8
RE: Behan Sex Kahani मेरी प्यारी दीदी
अब मैं मन ही मन खुश हुआ की यार आज तो किस्मत भी मेरा साथ दे रही है घर पे बस हम दो जने ही है जब दीदी कपडे चेंज करेंगी तो उन्हें नंगी देखने में ना किसी का डर रहेगा ना कोई प्रॉब्लम होगा दीदी अपने आप को कांच में देख रही थी मैं जान कर के दीदी के रूम मैं बेठ गया दीदी अपनी सुन्दरता को कांच मैं निहार रही थी तभी दीदी ने मुझसे पुछा " सोनू आज मैं कैसे लग रही थी साडी में मैंने कहा "बहुत अच्छी दीदी आप बहुत ही सुंदर लग रही थी 1 परी की तरह " दीदी ने कहा हा हा चल अब बहार जा मुझे कपडे चेंज करने है मैं समझ गया की दीदी आज वापस रूम मैं ही चेंज करेंगी और मैं बहुत खुश था क्यों की उनके रूम के दरवाजे मैं मैंने छेद कर दिया था दीदी ने दरवाजा बंद किया और मैंने दरवाजे के होल मैं से देखा दीदी ने अपने कंधे पे ब्लाउज पे से अपनी साडी की पिन हटाई और टेबल पे रखी तो वो पिन नीचे गिर गयी दीदी उसको उठाने के लिए नीचे झुकी और मुझे उनके ब्लाउज के गले मैं से उनके मोटे मोटे बोबे दिखाई दिए दीदी ने पिन उठा के टेबल पे रखी फिर नीचे बेठ कर अपनी पयाल उतरने लगी जब दीदी नीचे बैठी तो उनका साडी का पल्ला नीचे गिर गया और दीदी को मैंने ब्लाउज मैं देखा क्या लग रही थी दीदी खुले बाल होठो पे लिपस्टिक गले मैं चैन बहुत ही सुंदर


फिर दीदी अपनी पायल उतार के खड़ी हुई और अपनी साडी उतरने लगी दीदी के खुले हुए बाल थे कानो में इअर रिंग्स हाथो में चूड़ियाँ दीदी अपनी साडी उतार रही थी तो उनके लम्बे घने बड़े काले बाल उनके फेस पे आगये क्या सेक्सी लग रही थी मेरी दीदी फिर दीदी ने साडी उतार दी मैं दीदी के नंगे कोमल पेट को देख रहा था उनके नाभि के छेद को देख रहा था फिर मैंने दीदी को ब्लाउज और पेटीकोट में देखा और उनको ऐसे देखते ही मेरा लंड खड़ा हो गया फिर दीदी ने अपने ब्लाउज के हुक खोलने चालू किये मैं अपने खड़े लंड को सहला रहा था और देख रहा था की धीरे 2 दीदी अपने ब्लाउज के सामने से हुक खोल रही थी दीदी ने अपने ब्लाउज के ऊपर के 3 हुक खोले और मुझे दीदी की ब्रा की स्ट्रैप्स और उनके मोटे बोबो का बड़ा सा क्लीवेज दिखाई दिया कितनी हॉट लग रही थी मेरी दीदी खुले बाल होठों पे लिपस्टिक आँखों मैं काजल कानो में बड़े 2 एअर रिंग्स गले मैं चैन ब्लाउज के ऊपर के 3 हुक खुले हुए थोड़ी सी ब्रा दिख रही थोड़े से बड़े बड़े बोबे दिख रहे दीदी की ब्रा के स्ट्रैप्स बहुत टाइट लग रहे थे उसी से पता चल रहा था की दीदी के बोबे कितने मोटे और टाइट हैं फिर दीदी ने अपना ब्लाउज पूरा उतार दिया अब मेरी दीदी मेरे सामने अपनी ब्रा मैं थी कितनी सेक्सी लग रही थी दीदी ब्रा मैं फिर पता नहीं उन्हें क्या हुआ वो उन्होंने वापस अपनी साडी ऐसे ही लपेट ली और अपनी ब्रा के ऊपर साडी का पल्ला डालने लगी शायद वो देखना चाहती थी की उनके बोबे कितने मोटे है और कितने बाहर आते है
ब्रा में से क्या मोटे मोटे बोबे लग रहे थे दीदी के मैं सोच रहा था की ये कब आयेंगे मेरे हाथ में फिर दीदी अपने आप को ब्रा पहने हुए कांच मैं देखने लगी और मुझे दीदी के बोबो का साइड पोज़ दिखा उनकी ब्रा में से फिर दीदी ने अपना पेटीकोट भी उतार दिया और साडी को ढंग से रखने लगी मेरी दीदी मेरे सामने अब ब्रा और पेंटी में थी दीदी साडी ढंग से रख रही थी और उनकी पीठ मेरे तरफ थी मैं दीदी को पीछे से ब्रा पेंटी मैं देख रहा था क्या टाइट और चिकनी गांड थी दीदी की तभी दीदी पलटी और मुझे मेरी दीदी को ब्रा और पेंटी मैं से सामने से देखने का मौका मिला मैं अपने लंड को हिलाने लगा कितनी सेक्सी लगती है मेरे बहिन ब्रा और पेंटी में चिकना गोरा कोमल बदन टाइट ब्रा लोवेस्ट पेंटी बिलकुल सेक्स की देवी लग रही थी मेरी दीदी मैं अपना लंड जोर 2 से हिलाने लगा उन्हें ब्रा पेंटी में सामने से देखते हुए मैं उन्हें ब्रा पेंटी में से देखते हुए लगा की कब मैं इनकी ब्रा उतार के इनके बोबे दबाऊंगा इनके निप्पल चुसुंगा इनकी चड्डी उतार के इनकी चूत पे हाथ फेरूंगा इनकी चूत चाटूंगा...दीदी मेरे सामने ब्रा पेंटी में खड़ी थी और अपनी साडी हेंगर कर रही थी वो जब भी झुकती मुझे उनकी प्यारी चिपकी हुई लो वेस्ट पेंटी में से उनकी कोमल गांड के दर्शन होते दीदी ने साडी हेंगर की और बेड पे ब्रा पेंटी में ही लेट गयी मैं उन्हें दरवाजे के छेद में से सामने से देख रहा था मैंने नीचे से ऊपर तक उन्हें लेटे हुए देखा गोरी टांगें फिर उनकी गोरी चिकनी जांघें उसपे उनकी छोटी सी पतली सी पेंटी जो सामने से उनकी चूत का शेप बना रही थी फिर उनके मोटे २ नरम 2 ब्रा में क़ैद बोबे जो बहुत अच्छा शेप बना रहे थे दीदी के हाथ उनके बालो पे थे उनके चिकने साफ़ अंडर आर्म्स मेरी दीदी कितनी सेक्सी लग रही थी उस तरह लैटे हुए तभी दीदी बैठ गयी थोडा सा मुस्कुराई और अपने पर्स में से अपना सेलफोन निकाला और फोन करने लगी मुझे दीदी की बातें साफ़ सुनाई दे रही थी दीदी अपने bf से बात कर रही दीदी ने फोन करके बोला "हेलो !! क्या कर रहे हो मैं तो आज शादी में गई थी , हा हा पता था मुझे तुम यही पूछोगे नालायक इन्सान की क्या पेहेन के गयी थी चुप हो जाओ नहीं बता रही हे देखो देखो कैसे तरस रहे हो जानने के लिए , साडी पेहेन के गयी थी सबने कहा की मैं बहुत सुंदर लग रही थी , हा बस यही पूछना तुम ब्रा पेंटी पेहेन रखी थी अंदर और क्या उम् ब्लैक कलर की पेंटी थी और ब्लैक कलर की ब्रा जानू , तुम्हे पता है की अभी मैं किस कंडीशन में हु , अगर देख लेते तो पागल हो जाते तुम , नहीं बता रही , अच्छा बाबा बताती हु वो मैं हे ना अपने कपडे चेंज कर रही थी , हा साडी भी उतार दी और ब्लाउज और पेटीकोट भी , हा बस ब्रा पेंटी में ही हू , हा हा तुम्हारा तो हमेशा ही खड़ा हो जाता है , हा बोलो ना करुँगी जो तुम बोलोगे , पागल हो क्या नहीं , यार मुझे शर्म आती है ना "

मुझे दीदी की बातें सुन कर इतना ज्यादा इरोटिक फील हो रहा था की मैं बता नहीं सकता मेरी दीदी मेरे सामने आधी नंगी होक अपने bf से फोन पे बात कर रही थी और उसे बता भी रही थी की वो इस समय ब्रा पेंटी में है दीदी की बातों से मुझे एस लगा की उनका bf उनसे कुछ करने को कह रहा है और दीदी को शर्म आ रही है तभी दीदी ने अपना हाथ अपने बोबे पे फेरा अब मुझे समझ आगया था की ये लोग फोन सेक्स कर रहे है और उनका bf उन्हें खुद को टच करने की कह रहा है मैं भुत ज्यादा excited था मैंने और ध्यान से दीदी की बातें सुनी " हा जणू कर दिया न अब मत बोलना एस कुछ भी , अरे यार किया न अभी , नहीं जणू वापस नहीं प्लीज यार समझो न मुझे शर्म आ रही है ना , जब तुम रहोगे सामने तो तुम ही कर देना , अच्छा है " और तभी दीदी ने अपने दोनों हाथ से अपने दोनों बोबो को दबाया उन्हें सहलाया फिर अपने ब्रा के कप मे हाथ दाल कर अंदर से अपने बोबो को दबाने लगी उन्हें सहलाने लगी मेरा लंड तो फटने की हालत में अगया था मेरी दीदी मेरे सामने खुद अपने हाथो से अपने बोबो को सहला रही थी उन्हें दबा रही थी , फिर दीदी ने कहा "लो दबा दिए मैंने ब्रा के ऊपर से भी और ब्रा के अंदर से भी हा अभी मेरे दोनों बूब मेरे हाथ मैं ही है ".फिर दीदी ने कहा "लो दबा दिए मैंने ब्रा के ऊपर से भी और ब्रा के अंदर से भी हा अभी मेरे दोनों बूब मेरे हाथ मैं ही है " मैंने कभी सोचा भी नहीं था की मुझे एसा नजारा भी कभी देखने को मिल सकता है और ना मैंने ये सोचा था की मेरी दीदी अपने bf को ये सब बतायेंगी की मैं आधी नंगी हु तुम खुद ही मेरी ब्रा खोल देना मेरे बोबे दबा लेना।।।दीदी को इसी हालत में देखते हुए मुझे मेरे लंड पे काबू नहीं किया जा रहा था दीदी भी अपने बोबो पे हाथ फेर रही थी ब्रा के अंदर से बहार से फिर दीदी ने बोला "हा जानू बोलो , अच्छा लग रहा है , हा ब्रा पेहेन रखी है अभी , ब्रा के ऊपर से हाथ फेर रही हु , हा नीचे गीला गीला सा लग रहा है , पेंटी मे और कहा सब जानते हो तुम जान कर के पूछते हो मुझसे , हा बहुत डिस्चार्ज हो रहा है और excited फील हो रहा है " ये सब बातें दीदी के मुह से सुन सुन के मुझे और भी मजा आ रहा था के मेरी दीदी भी गरम हो रही ही है उनके प्यारी चिकनी कोमल चूत में से पानी निकल रहा है , तभी दीदी ने अपनी ब्रा के 1 कप को नीचे कर दिया और उनका 1 बोबा बहार आ गया मैंने आज पहली बार इतना इरोटिक और सेक्सी सीन देखा था दीदी को किसी और के साथ फोन सेक्स करते हुए देखना उन्हें धीरे 2 किसी और के कहने पर अपने कपडे खोलते हुए देखना कितना मजा था इसमें ,

मैंने 1 बात नोटिस की कि दीदी अब अपने bf को किसी भी बात के लिए मना नहीं कर रही थी शायद उन्हें भी सेक्स अच्छी तरह से चढ़ चूका था दीदी ने अपनी ब्रा के कप को नीचे किया और अपने नंगे बोबे को सहलाने लगी उसे दबाने लगी दीदी के निप्पल बहुत ही प्यारे थे ब्राउन कलर के बिलकुल छोटे 2 वो कितनी excited थी इस बात का पता उनके खड़े हुए निप्पल को देख के ही पता चल रहा था उनका निप्पल बिलकुल टाइट खड़ा था , फिर दीदी ने अपनी ब्रा के दुसरे कप को भी नीचे कर दिया और अब उनके दोनों बोबे उनकी ब्रा में से बाहर आगये थे कितने प्यारे मोटे गोरे गोरे और मुलायम बोबे थे मेरी प्यारी दीदी गोरे बोबे उनके ऊपर छोटे 2 से ब्राउन निप्पल्स बहुत ही सेक्सी लग रहे थे फिर दीदी ने कहा "ह्म्म्म्म , मजा आ रहा है , हा मैंने अपनी ब्रा के दोनों कप्स नीचे कर दिए है हा जानू , मेरे निप्पल्स ब्राउन कलर के है हा खड़े हुए है , हा आओ ना चुसो ना मुझे बहुत अच्छा लग रहा है जानू , हा जानू मेरी वेजिना से काफी ज्यादा डिस्चार्ज हो रहा है मैं बहुत excited फील कर रही हु , मेरी पेंटी पूरी गीली हो गयी है " और तभी दीदी ने वो किया जिसकी मैंने कभी उम्मीद नहीं की थी दीदी ने अपना हाथ अपने बोबे को दबाते हुए अपनी पेंटी के अंदर दाल दिया अब मुझसे काबू न हुआ जिस लड़की को नंगी देखने के लिए मैंने इतने दरव्जो मे छेद किये आज वो मेरे सामने ऊपर से पूरी नंगी होके अपनी चड्डी मे हाथ डाल रही है ये सब देख कर मुझसे रहा ना गया और मैंने अपना लंड निकाला और जल्दी 2 पागलो की तरह हिलाना शुरू कर दिया अपनी दीदी को इस कंडीशन में देख के मुठ मारने मे कितना आनंद आता है मैं बयां नहीं कर सकता थोड़ी ही देर मे मैं झर गया मैंने सार मूट दीदी के रूम के दरवाजे पे ही निकाल दिया था मैं वहां से जल्दी उठा पोछा लाया मूट साफ़ किया जमीन पे से फिर वापस छेद में से देखा तो दीदी ने अपनी पेंटी में हाथ डाल रखा था अब मुझे थोड़ी जेलेसी होने लगी क्योंकि मेरा काम तो हो चूका था और कोई और लड़का मेरी दीदी के मजे ले या मेरी दीदी किसी और से मजे ले ये मुझसे सहा नहीं गया और मैंने फोन उठाया और मम्मी को फोन किया


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3 hours ago,
#9
RE: Behan Sex Kahani मेरी प्यारी दीदी
मैं : - " मम्मी कहाँ हो आप मुझे भूख लगी है "
मम्मी :- " क्यों सोनू प्रीती ने तुजे खाना नहीं दिया किया "
मैंने कहा :- " नहीं दीदी तो १ घंटे से दरवाजा बंद करके बैठी है पता नहीं क्या कर रही है"
मम्मी ने कहा :- "ला बात करा मेरी उससे "
मैं ख़ुशी से फोन हाथ मे लेके दीदी के रूम के दरवाजे पे गया और जोर 2 से दरवाजा खटखटाने लगा " दीदी दीदी दरवाजा खोलो " फिर छेद में से देखा तो दीदी सकपका गयी जल्दी से पेंटी में से हाथ निकाला फोन पर्स म डाला अपने ब्रा के कप्स ऊपर किये फिर बोली "रुक सोनू मैं कपडे बदल रही हु " फिर दीदी ने फटाफट कैपरी पहनी टॉप पहना और दरवाजे की तरफ बड़ी मैं वापस सामने खड़ा हो गया दीदी ने दरवाजा खोला और बोला
दीदी :- " हा क्या हुआ कयों चिल्ला रहा है "
मैंने कहा :- "आप क्या १ घंटे से कपडे बदल रहे थे क्या कर क्या रहे थे आप अंदर "
तो दीदी ने कहा :- "तू ज्यादा दिमाग मत लगा अपना बोल क्यों चिल्ला रहा था "
मैंने कहा :- "मम्मी का फोन है "
दीदी :- "ला दे हाँ मम्मी बोलो "
मम्मी :- "तूने सोनू को खाना नहीं दिया अभी तक पागल है क्या और क्या कर रही थी १ घंटे से कमरे का दरवजा बंद करके "
दीदी :- "अरे ! मम्मी मेरे तो दिमाग से ही निकल गया रुको मैं अभी दे देती हु वो कुछ नहीं कपडे चेंज कर रही थी , हा मम्मी "
फिर दीदी ने फोन रखा मुझे खाना दिया दीदी ने भी खाना खाया फिर दीदी अपने रूम में चली गयी गयी और दरवाजा बंद कर लिया शायद दीदी नहाने गयी थी
मैंने छेद मे से देखा दीदी ने अपना टॉवल निकाला अपने कपडे निकाले और बाथरूम में घुस गयी मैं भी जाके टीवी देखने लग गया जब दीदी ने दरवाजा खोला तो दीदी नहा के आई थी उनके बाल गीले थे जो उन्होंने
clutcher से बाँध रखे थे दीदी ने मेहरून कलर का टॉप और नीचे ब्लैक कलर की पटियाला सलवार पेहेन रखी थी क्या खुशबु थी दीदी के डियो की
उनके साबुन उनके बदन की कितनी सेक्सी लग रही थी मेरी प्यारी दीदी वो मेरे पास आके बोली " क्यों माँ के लाडले ज्यादा चुगली करनी आ रही है क्या बड़ा बोल रहा था मम्मी को की दीदी तो 1
घंटे से दरवाजा बंद करके बैठी है " फिर दीदी ने मुझे गुदगुदी करना शुरू कर दिया "बोल अब करेगा चुगली " मैं हंस 2 के पागल हो गया और भागता हुआ बेड के पास आने लगा तभी दीदी ने
मुझे पीछे से पकड़ लिया और मैं दीदी की कमर पे धक्का दे रहा था खुद को छुड़ाने के लिए इसी तरह खुद को छुड़ाने के चक्कर में मैंने भी दीदी को गुदगुदी करना शुरू कर दिया
और कभी उनके पेट पे कभी उनके underarms कभी उनके बोबे के साइड वाले हिस्से पे गुदगुदी करने लगा इस सब मस्ती से मेरा लंड वापस खड़ा हो गया था

तभी दीदी ने मुझे बेड पे लिटा दिया और मेरे ऊपर बैठ गयी ताकि मैं हिल न सकू फिर बोली "अब कहाँ जायेगा बोल करेगा चुगली वापस " और मेरे गुदगुदी करने लगी मैं भी दीदी से छुटने के लिए कभी उनके कमर पे हाथ फेरने लगा कभी उनकी पीठ पे और मैंने दीदी के कमर के नीचे भी हाथ फेरा उनकी सलवार का कपडा काफी पतला था मुझे उनकी झाँगें और उनकी पेंटी की इलास्टिक साफ़ 2 महसूस हो रही थी मैंने भी थोडा दम लगाया और अब दीदी को बेड पे लेटा दिया और मैं अपने घुठ्नो के बल उनके ऊपर बैठ गया दीदी के बाल खुल गए थे और दीदी मेरे नीचे थी मेरा लंड उनके पेट पे अड़ रहा था इस भागम भाग और मस्ती की वजह से दीदी के ब्रा स्ट्रैप्स उनके टॉप के गले में से बाहर आगये थे दीदी ने वाइट कलर
की पतले स्ट्रैप्स वाली ब्रा पेहेन रखी थी अब मैंने दीदी के पेट पे गुदगुदी करना स्टार्ट किया जेसे मैं गुदगुदी करता दीदी के बोबे ऊपर की तरफ होते उनके जोर जोर से हसने के कारण उनके बोबे बहुत ज्यादा हिलते और मुझे उनके बोबे का ऊपर की तरफ से मोटा मोटा हिस्सा उनके टॉप के गले में से थोडा थोडा बाहर आता हुआ दिखता अब इतनी मस्ती मजाक कर 2 के हम दोनों थक गए मैं दीदी के बिलकुल पास आके लेट गया और दीदी और मैं 1 दुसरे को देखने लगे तभी मैंने दीदी को बोला की " दीदी आपने मुझे माँ का लाडला क्यों कहा मैं आपका लाडला नहीं हु क्या "तो दीदी मेरे पास आगयी और बोली " अरे नहीं रे इधर आ " और दीदी ने मुझे कस के गले लगा लिया वो भी क्या मोमेंट था दीदी के गीले 2 बाल उनका ठंडा 2 बदन उनके बदन की खुशबू मैंने भी दीदी को टाइट हग कर लिया और अब मैं वापस मदहोश होता जा रहा था


और दीदी ने मुझे कस के गले लगा लिया वो भी क्या मोमेंट था दीदी के गीले 2 बाल उनका ठंडा 2 बदन उनके बदन की खुशबू मैंने भी दीदी को टाइट हग कर लिया और अब मैं वापस मदहोश होता जा रहा था ........अब आगे -
दीदी के इतना पास आके मुझे कुछ २ होने लगा था दीदी के बदन की खुशबु उनके बालो की खुशबु सब मुझे मदहोश करता जा रहा था मैंने दीदी को टाइट हग कर रखा था और यही सोच रहा था की अभी कुछ देर पहले ये परी मेरे सामने नंगी होके अपनी चड्डी मे हाथ डाल के अपनी चूत को सहला रही थी तभी दीदी ने मुझे थप थपाया और मै अपनी कल्पना से बाहर आया दीदी "बोली ओये सो गया क्या " मैंने कहा " नहीं दीदी क्यों " दीदी ने कहा " नहीं तू कुछ बोल ही नहीं रहा है तो मुझे लगा की कहीं मेरा सोनू मेरी बाँहों मे सो तो नहीं गया " मैंने कहा "नहीं दीदी जगा हुआ हु " और मैंने मन में सोचा की दीदी आप जेसी परी की बाँहों में कोई अगर सो जाये तो वो कोई बेवकूफ ही होगा तभी दीदी ने मुझे अलग करने की कोशिश की लेकिन मैंने दीदी को टाइट पकड़ रखा था दीदी बोली "क्या हुआ सोनू छोड़ ना " मैंने कहा "नहीं दीदी थोड़ी देर और मुझे अच्छा लग रहा है " दीदी बोली " ठीक है सोजा ऐसे ही थोड़ी देर मैं भी सो जाती हु "

मैंने हमेशा देखा है जीवन में की जो छोटा रहता है घर मैं उसे सब छोटा ही समझते है चाहे वो कितना भी बड़ा हो जाये आज शायद ने दीदी भी मुझे इसलिए इतना पास खुद से चिपका के सुला रही थी क्योंकि उनकी नजर में तो मैं अभी भी बच्चा ही था फिर मैंने थोडा सा मुह ऊपर करके देखा तो दीदी की आँखें बंद थी मैं मन में यही सोच रहा था की अच्छा हुआ आज मम्मी नहीं आई दीदी के साथ मुझे आज इतना मजा करने को तो मिल गया और फाइनली दीदी के साथ इतना पास चिपक के सो रहा हु मेरा लंड टाइट था दीदी को सोये हुए आधा घंटा हो चूका था मैं दीदी के पास ही चिपका हुआ था मैंने धीरे से दीदी के टॉप के गले को खींचा दीदी ने वी शेप का टॉप पेहेन रखा था दीदी के टॉप के अंदर का क्या नजारा था दीदी ने आज अपने टॉप के अंदर शमीज नहीं पहनी थी बस खाली ब्रा पेहेन रखी थी और उसके ऊपर टॉप दीदी के गले में उनकी सोने की चेन का पेंडेंट दीदी की ब्रा के गैप से थोडा सा ऊपर था दीदी ने वाइट कलर की ब्रा पेहेन रखी था आज मैंने दीदी को आधी नंगी देखा तो था लेकिन दूर से देखने में इतना मजा नहीं आता जितना की पास से देखने में आता है दीदी अंदर से बहुत गोरी थी दीदी के बोबे गोरे गोरे थे उनके टॉप के अंदर से उनकी ब्रा का इतना प्यारा शेप बन रहा था की मैं बयां नहीं कर सकता

उस वक़्त मैं सोचने लगा की थोड़ी देर पहले दीदी के ये गोरे गोरे बोबे मेरे सामने नंगे थे मैंने आज पहली बार रौशनी में दीदी के टॉप के अंदर ध्यान से देखा था मैंने देखा की मेरी दीदी कप वाली ब्रा नहीं पहनती वो तो सिंपल ब्रा पहनती है मैं टॉप के अंदर देखते २ सोचने लगा की दीदी का निप्पल कहा पे होगा इस ब्रा में , मैं दीदी के इतना पास था की आज रिस्क वाली कोई बात नहीं थी बस मुझे ध्यान से रहना था और धीरे धीरे ध्यान से सब करना था मैंने सबसे पहले दीदी के पेट पे अपना हाथ रखा उनका पेट बिलकुल चिकना और ठंडा था धीरे धीरे मैं अपना हाथ ऊपर लेके जाने लगा दीदी के टॉप में मैं पूरी तरह सतर्कथा की न तो दीदी को कुछ महसूस हो और ना ही दीदी का टॉप खिचे अब मैं धीरे धीरे अपना हाथ दीदी के टॉप के अंदर और ऊपर लेके जाने लगा और मेरे हाथ ने दीदी की ब्रा का नीचे का इलास्टिक टच किया मैंने धीरे से अपना दूसरा हाथ दीदी की कमर पे रखा जहाँ उन्होंने अपनी सलवार बंद रखी थी फिर मैंने अपना हाथ दीदी के टॉप मे और ऊपर किया और मेरे हाथ ने दीदी के 1 बोबे को टच किया मैंने अपना पूरा हाथ दीदी के बोबे पे घुमाया फिर मैंने अपना हाथ दीदी के दुसरे बोबे पे घुमाया और दीदी के दोनों बोबो पे हाथ घुमाने लगा और ब्रा पे से दीदी के बोबे के दोनों निप्पलो को ढूँढने लगा

मैंने दीदी के दोनों निप्पलों को सहलाया दीदी के बोबो को धीरे धीरे दबाया उन्हें सहलाया और उनके बोबे सहलाते सहलाते मैंने दीदी के गले पे बहुत ध्यान से धीरे से किस किया फिर उनका टॉप थोडा सा हटाया और उनके नंगे कन्धों पे किस किया फिर मैंने सोचा की दीदी की ब्रा को ऊपर किया जाए मैं अपना हाथ वापस नीचे दीदी की ब्रा के इलास्टिक पे लाया और उसे ऊपर करने की कोशिश की लेकिन दीदी की ब्रा का इलास्टिक बहुत टाइट था मैंने बहुत कोशिश की पर वो ऊपर ही नहीं हुआ अगर में ज्यादा जोर लगता तो दीदी को पता चल जाता इसलिए मैंने ब्रा ऊपर न करने की सोचा और दीदी के टॉप में से हाथ वापस बाहर निकाल लिया और दीदी की झांग पे अपना हाथ फेरने लगा जेसा की मैंने बतया था की दीदी की पटियाला सलवार का कपडा बहुत पतला था इसलिए मुझे उनकी झांगें आराम से फील हो रही थी मैंने धीरे 2 अपना हाथ उनकी अंदरूनी झांग पे डाला और वहां हाथ फेरने लगा मेरा लंड टाइट खड़ा था फिर मैंने अपना हाथ दीदी की दोनों झांगो के बीच डाल दिया वहां का हिस्सा थोडा गरम था और थोडा नम भी था मैं दीदी की दोनों झांगो के बीच अपना हाथ फेरने लगा दीदी की चिकनी झांगो को सहलाने लगा और धीरे धीरे अपना हाथ ऊपर लेके जाने लगा और फिर मेरे हाथ ने दीदी की पेंटी को टच किया अब मैं खुद पे से कण्ट्रोल खोता जा रहा था मेरी दीदी मेरे पास मुझे हग करके सो रही थी और

मैं उनकी दोनों झांगो के बीच अपना हाथ फेर रहा था और फिर मेरा हाथ दीदी की चूत पे टच हुआ मैं बहुत तेज तेज सांसें ले रहा था मैंने दीदी की पेंटी पे से उनकी चूत पे अपना हाथ फेरा और मै अपने दुसरे हाथ से दीदी की सलवार पे से उनकी गांड पे हाथ फेर रहा था आज तो मेरे दोनों हाथों में जन्नत थी १ हाथ में मेरी दीदी की गांड दुसरे हाथ में मेरी दीदी की चूत मैंने अपनी हथेली को सीधा किया और पूरी हथेली को अपनी दीदी की चूत पे ऊपर नीचे फेरने लगा अब मैं धीरे २ दीदी की चूत पे अपना हाथ ऊपर नीचे फेरते हुए उनके होठों के पास जाने लगा मैं उनके होठो पर किस करना चाहता था उनकी चूत पे हाथ फेरते हुए लेकिन मैंने खुद को कंट्रोल किया और दीदी की चूत पे ध्यान से और धीरे धीरे हाथ फेरने लगा फिर मैंने अपनी १ ऊँगली दीदी की चूत की लाइन के बीच डाली लेकिन वो पूरी तरह गयी नहीं उनकी पेंटी के कारन आज मैं वो सब कर रहा था जो मैंने सपने में भी नहीं सोचा था दीदी की चूत सहलाते सहलाते अब मुझसे रहा नहीं जा रहा था मैंने सोचा की 1 बार दीदी का हाथ अपने लंड पे टच करवाऊं मैंने दीदी के हाथ को उठाया और धीरे धीरे अपने लंड के पास लेके आने लगा और तभी दीदी ने करवट बदल अब मैं समझ गया की ये खतरे का संकेत है सोनू ज्यादा लालच मत कर नहीं तो जूत पड़ जायेंगे

मैंने दीदी का हाथ छोड़ा और उनकी पीठ पे से उनके टॉप को ऊपर करने लगा और उनकी पीठ पर धीरे से किस करने लगा फिर मैंने पीछे से दीदी के दोनों हाथों के नीचे से अपने हाथ डाले और पीछे से ही उनके टॉप पे से धीरे २ उनके बोबे दबाने लगा अब मेरा लंड कण्ट्रोल से बाहर हो रहा था मैं उठा और दीदी के बाथरूम में गया और वहां पर मुझे दीदी की उतरी हुई ब्रा और उतरी हुई वो पेंटी मिली जो उन्होंने पेहेन रखी थी जब वो अपने bf से फोन सेक्स कर रही थी मैंने दीदी की पेंटी को सूंघा उसमे से बड़ी ही सेक्सी खुशबु आ रही थी मैंने दीदी की पेंटी के अंदर देखा तो उसमे बहुत सार डिस्चार्ज लगा हुआ था उनकी पेंटी के डिस्चार्ज को देख के मुझे पता चला की दीदी कितनी ज्यादा excited थी उस समय मैंने दीदी की चड्डी में लगा सारा डिस्चार्ज चाट 2 के साफ़ कर दिया और पागलो की तरह उनकी पेंटी को कभी सूंघता कभी अपने मुह पे रखता और अपना लंड हिलाता तभी मुझे 1 आईडिया आया

मैंने दीदी की ब्रा और पेंटी ली और दीदी के पास जाके लेट गया दीदी की पीठ मेरी तरफ थी तो मैं दीदी की गांड के पास जाके लेट गया और उनकी गांड को धीरे धीरे किस करते हुए दीदी की पेंटी अपने लंड पे लपेटी और मूट मारने लगा वो एहसास भी क्या था पास में दीदी लेटी हुई और मैं उनके पास लेटे हुए अपना लंड बिस्तर पे निकल के उसपे दीदी की पेंटी लपेट के कभी उनकी गांड को किस कर रहा था कभी उनकी ब्रा को किस कर रहा था और मुट मार रहा था बिना किसी डर केमैं पागलो की तरह अपने लंड को हिलाने और थोड़ी ही देर मैं मैं झर गया मेरा इतना सार मुट निकला और मुझे इतना मजा आया की उस मजे के कारन मेरी आँखें ही बंद हो गयी और मैंने अपना सार मूट अपनी प्यारी दीदी की पेंटी पे निकाल दिया आज मूट मारके मुझे इतना satisfaction मिला था की मैं बयां भी नहीं कर सकता मैंने दीदी पेंटी वापस बाथरूम में रखी और आके दीदी के पास वापस लेट गया तभी किसी ने बाहर से गेट खटखटाया......(

मैं जैसे ही आके दीदी के पास लेटा किसी ने बाहर से गेट खटखटाया शायद मम्मी आ गयी थी मैंने सोचा वाह ! मम्मी भी सही टाइम पे आई है जब मेरा सारा काम हो गया है मै दीदी के पास गया और पेहले उनके कंधो पे हाथ फेरा फिर उनके होंठो पे फिर उन्हें धक्का देके जगाने लगा " दीदी उठो कोई गेट खटखटा रहा है शायद मम्मी आगयी है " दीदी उठी और गेट खोला सामने मम्मी ही थी मम्मी ने कहा "अरे दोनों भाई बेहेन क्या घोड़े बेच के सो रहे थे क्या जो सुना नहीं कितनी देर से दरवाजा पीट रही हु " दीदी बोली "हा यार मम्मी गहरी नींद में थी , अब सोने दो मुझे मैं जा रही हु अपने रूम में " ये कह के दीदी चली गयी अपने रूम में फिर मम्मी ने मुझे देखा और बोला "और राजा बेटा क्या किया आज पूरे दिन " मैंने मन में सोचा मम्मी आज मैंने २ बार मस्ती से मुट मारी और दीदी के बहुत मजे लिए आज पूरे दिन आज तो मेरी दीदी ने मुझे जन्नत की सैर करवा दी मम्मी ने फिर पूछा "अरे बता ना क्या किया होम वर्क किया या नहीं " मैंने कहा " हाँ मम्मी कर लिया होमवर्क " फिर मम्मी ने कहा " ठीक है चल अब बाहर जा मुझे कपडे चेंज करने है "

मैं बाहर आगया और खेलने चला गया
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3 hours ago,
#10
RE: Behan Sex Kahani मेरी प्यारी दीदी
शाम को घर आया तो दीदी उठ चुकी थी और तैयार थी कही जाने के लिए दीदी ने ऑरेंज कलर का चूड़ी दार सलवार सूट पेहेन रखा था मेरी दीदी सेक्सी आइटम लग रही थी उनके बदन से चिपका हुआ कुरता जिसमे से उनके बोबे बाहर की तरफ निकल रहे थे जिनको उन्होंने अपनी चुन्नी से ढक रखा था , उनके thighs और हिप्स से चिपकी हुई उनकी टाइट और चूड़ी दार सलवार जिसमे से उनकी सेक्सी पैरो और झांघो की सुन्दरता साफ़ नजर आ रही थी उनकी काजल लगी हुई आँखें नाक में छोटी सी नोज रिंग बाल ढीले clutcher से बंधे हुए बाल जिनमे से साइड से सामने के बालो की 2 लम्बी लटें जो बार 2 आकर उनके गालों पे गिरती जिन्हें दीदी बार 2 अपनी उँगलियों से अपने कान के पीछे करती कुल मिलाके बहुत ही सेक्सी और हॉट लग रही थी दीदी , जब भी दीदी बैठती मैं उनके कुर्ते के कट में से उनकी साइड की झांगो से लेके गांड तक का शेप देखता उनकी सलवार उनकी टांगो से इतनी चिपकी हुई थी की उनकी गांड तक का शेप साफ़ 2 नजर आ रहा था दीदी मुझे देख के बोली "और भंगी कहाँ से मिटटी में लोट के आ रहा है " मैंने कहा " दीदी खेलने गया था आप कहाँ जा रहे हो " दीदी बोली " अरे यार मार्केट जा रही हु 2 -3 सब्जेक्ट की रिफ्रेशर लेके आनी है एग्जाम आने वाले है ना " मैंने कहा "अकेले जा रहे हो क्या " दीदी बोली " हाँ क्यों ? "



मैंने कहा " मैं भी चलू दीदी मुझे भी अपनी ड्राइंग की बुक और कलर्स लाने है " इतने में मम्मी बोल पड़ी "हाँ प्रीती तू सोनू को भी लेजा वैसे भी शाम हो रही है आते 2 रात न हो जाये और जल्दी आ जाना " मैं खुश हो गया और मन ही मन सोचने लगा वाह मजा आ गया अब दीदी के कोमल और मुलायम मुलायम बदन को वापस छूने का उन्हें पकड़ने का मौका मिलेगा मैंने दीदी से कहा " दीदी 2 मिन रुको मैं अभी हाथ मुह धोके और जीन्स टी शर्ट पेहेन के आता हू " तो दीदी ने कहा "ओये डेट पे जा रहा है क्या जो इतना तैयार होक आ रहा है " मैंने दीदी से कहा "यही सोच लो दीदी आप जैसे सुंदर लड़की के साथ जा रहा हु तो डेट ही हुई ना हा हा हा " दीदी बोली "ओये चुप कर और जल्दी तैयार होके आ " मैं गया और तैयार होके आया दीदी बाहर स्कूटी पे ही बैठी थी मैं दीदी के पीछे बैठ गया और बोला "चलो दीदी " दीदी बोली "मुझे पकड़ ले अच्छी तरह से " मैंने मन में सोचा अरे दीदी इसलिए तो चल रहा हु आपके साथ की आपका सब कुछ पकड़ सकू लेकिन पता नहीं आप मेरा कब पकड़ोगी अपने हाथ से , मैंने अपने दोनों हाथो से दीदी के पेट वाले हिस्से को पकड़ लिया और कहा चलो दीदी

दीदी चल पड़ी और मैं दीदी के पीठ पे अपना सर लगा के उनके बदन की खुशबू सूंघ रहा था मैंने दीदी की पीठ पर उनके कुर्ते पे से उनकी ब्रा की स्ट्रेप को उनके ब्रा के हुक को महसूस करने की कोशिश की मुझे बहुत ही मजा आ रहा था कभी ,दचके में स्कूटी ऊपर नीचे होती तो मेरा हाथ भी कभी दीदी के पेट से ऊपर होता कभी नीचे उनकी सलवार के नाड़े को टच करता मैं यही सब कुछ कर रहा था इतने मे दीदी ने स्कूटी रोकी उनकी 1 फ्रेंड उनको रस्ते में मिल गयी थी वो भी मार्किट ही जा रही थी दीदी ने स्कूटी रोक के बोला "अरे श्वेता यहाँ कैसे कहाँ जा रही है ? " श्वेता ने बोला "हाय ! प्रीती अरे यार वो मार्किट जा रही हु कुछ सामान लेने " दीदी बोली "क्या लेने " श्वेता ने मुझे देखा और धीरे से दीदी को इशारा करके बोला "वो लेने " मैं समझ गया की दीदी की फ्रेंड जरुर व्हिस्पर या स्टेफ्री लेने जा रही होगी तभी मुझे देख के धीरे से इशारे में बताया उसने दीदी को दीदी बोली " अच्छा ठीक है चल आजा बैठ जा मैं भी मार्किट ही जा रही हु तूझे ड्राप कर दूंगी " अब मेरा मन ख़ुशी से पागल हो गया की अरे वाह आगे सेक्सी दीदी बीच में मैं और पीछे उनकी हॉट फ्रेंड श्वेता मजा आ गया दीदी की फ्रेंड श्वेता ने ब्लैक और ग्रीन कलर का टोपर और ब्लैक कैपरी पेहेन राखी थी बड़ी ही सेक्सी लग रही थी उसके बोबे बहुत मोटे मोटे थे जो उसके टोपर में से बाहर आ रहे थे श्वेता मेरे पीछे बैठ गयी

अब हम स्कूटी पे 3 जने थे जिस से मुझे बड़ा मजा अगया था क्योंकि मैं मेरी दीदी से और चिपक के बैठ गया था और पीछे श्वेता मुझसे चिपक के बैठी थी दीदी और उनकी फ्रेंड आपस में बात कर रहे थे और मैं मेरी दीदी के मजे ले रहा था मैं पीछे से उनके पीठ पे अपना सर लगा के बैठा था ताकि श्वेता को कुछ पता नहीं पड़े और धीरे 2 अपनी दीदी की पीठ पर अपने होंठ फेर रहा था उनके ब्रा स्ट्रैप्स को फील कर रहा था मैं थोडा सा भी साइड की तरफ मुह करता तो मेरे सामने श्वेता का मोटा बोब आ जाता मुझे बड़ा मजा आ रहा था थोड़ी देर में हम मार्किट पहुँच गए थे दीदी ने श्वेता को ड्राप किया स्कूटी पार्क की और हम बुक स्टाल की तरफ बढ गए रास्ते में सामने से 2 लड़के आ रहे थे उन्होंने मेरी दीदी के पास आके बोला " आओ सेक्सी रानी " मैंने ये सुन लिया था पता नहीं दीदी ने सुना या नहीं वो तो आगे चलती जा रही थी वो दोनों लड़के पता नहीं कहाँ से घूम के आये और वापस सामने से आ गये और इस बार दीदी के पास से धीरे 2 निकलते हुए उन्होंने बोला "आ ना मेरी जान लंड ले ले मेरा अपनी चिकनी चूत में जानेमन " मैंने वापस ये सुन लिया था लेकिन पता नहीं दीदी ने कुछ रियेक्ट क्यों नहीं किया फिर हम बुक स्टाल पे खड़े हुए और दीदी बुक्स खरीदने लगी वो दोनों लड़के भी वही आगये और खड़े हो गए और मेरी दीदी को देखने लगे दीदी के पीछे मैं खड़ा था और मेरे से थोड़ी दूर वो लड़के उनमे से 1 बोला "यार भाई क्या कातिल सामान है यार " दूसरा बोला " हाँ यार क्या कंचा है साली तू क्या बोलता है इसकी चूत पे बाल होंगे क्या " पहला वाला बोला "यार साली के कपडे पहनने के स्टाइल से तो लगता है की नहीं होंगे इसकी चूत तो चिकनी होगी ये साफ़ रखती होगी और इसके गांड को देख के लगता है की साली चुद्वाती होगी पता नहीं कितने लंड ले रखे होंगे इसने "

मुझे ये सब सुन के पता नहीं क्यों बहुत मजा आ रहा उनकी बातें सुन सुन के मेरा लंड टाइट खड़ा हो गया था और मेरी दीदी के बारे में वो गन्दी 2 बातें बोल रहे थे जिस सुनने में मुझे बहुत मजा आ रहा था तभी दूसरा वाला बोला "यार अगर इसका कोमल बदन छूने को मिल जाये तो मजा आ जाये मैं जाऊ क्या इसके पास लगता है अकेली आई है " अब मै पलटा और मैंने उन दोनों को घूर के देखा वो समझ गए की मैं दीदी के साथ हु मैंने अपना सेलफोन निकाला और झूटमूठ का फोन किया और बोला "हा आकाश भैया विजय भैया और पापा को बोलो यहाँ आ जाये नेक्स्ट शॉप है न बुक वाली वहां पे " अब उन दोनों लडको के चेहरे देखने लायक थे वो समझ गए थे की हम अकेले नहीं है हमारे साथ तो पूरी पलटन है इसलिए वो ऐसे भागे की उन्होंने मुड के भी नहीं देखा मैं तो अपनी हंसी ही नहीं रोक पाया मुझे खुद पर बहुत गर्व महसूस हो रहा था दीदी ने अपनी बुक्स ले ली थी और मेरी ड्राइंग बुक भी हम वापस स्कूटी की तरफ चल पड़े दीदी ने स्कूटी स्टार्ट की लेकिन वो स्टार्ट नहीं हुई दीदी ने काफी बार स्कूटी स्टार्ट करने की कोशिश की लेकिन वो स्टार्ट हो ही नहीं रही थी

फिर दीदी ने स्कूटी को किक मार्के स्टार्ट करने की कोशिश की जब भी दीदी किक मारती दीदी के बोबे ऊपर नीचे होते और जोर 2 से हिलते ये सीन देख 2 के मुझे बहूत मजा आ रहा था आखिर थक हार के जब स्कूटी स्टार्ट नहीं हुई तो दीदी ने मम्मी को फोन किया "हेलो मम्मी अरे यार ये खटारा स्कूटी स्टार्ट ही नहीं हो रही है क्या करूँ अब अच्छा चलो ठीक है , हाँ ठीक है " मैंने पूछा क्या हुआ दीदी अब क्या करें दीदी बोली "सोनू मम्मी ने कहा है की स्कूटी यही पार्किंग मे लगा दे पापा ठीक करा के ले आयेंगे अभी तो अपन को बस में जाना पड़ेगा " मैंने कहा " ठीक है " अँधेरा हो चूका रात के 8:15 बज रहे थे हमें बस मिली थोड़ी भीड़ तो थी दीदी को लेडीज वाली 1 सीट मिल गयी और मैं उनके पीछे वाली सीट के पास खड़ा हो गया नेक्स्ट स्टॉप पे थोड़ी भीड़ हो गयी मैं खड़ा तो दीदी के पीछे वाली सीट पे ही था तभी 2 लड़के मेरे सामने आके खड़े हो गए जिस सीट पे दीदी बैठी थी उसके पास उन्हें शायद पता नहीं था की मैं दीदी के साथ हूं , वो धीरे 2 फुसफुसा रहे थे वो जो भी बोल रहे थे मुझे सब सुनाई दे रहा था
पहले लड़का :- "यार मस्त माल बेठा ही इस सीट पे "
दुसरे लड़का :- "हा यार मस्त सेक्सी आइटम है "
पहले लड़का :- "हूर की पारी है यार क्या लग रही किसके नीचे जाएगी यार ये "
दुसरे लड़का :- "हा यार बोबे देख इसके कितने मोटे है बाहर ही निकल रहे हैं कुर्ते के कौन खुश नसीब इनका दूध पीएगा यार "
पहले लड़का :- "यार मेरा तो लंड खड़ा हो गया इसके बोबे देख के कितने मोटे है देख देख इसकी थोड़ी सी ब्रा दिख रही है साइड से "
दुसरे लड़का :- "हा यार मेरा भी खड़ा हो गया साली सफ़ेद कलर की ब्रा पेहेन की आई है "

मेरे excitement का तो ठीकाना ही नहीं था मेरा लंड 1 दम टाइट खड़ा था और मुझे उनकी बातें सुन सुन के बहुत इरोटिक फील हो रहा था 2 अजनबी लडको को पता चल गया था की मेरे दीदी ने वाइट कलर की ब्रा पेहेन रखी है और उसे देख 2 के उनके लंड भी खड़े हो गए थे इन सब से मुझे बहुत जोश इरोटिक excitement सब कुछ फील हो रहा था मैंने फिर से उनकी बाते ध्यान से सुनने की कोशिश की
पहला लड़का :- "पता है मैंने अभी धीरे से इसके कंधे पे हाथ फेरा "
दूसरा लड़का :- "वाह यार तूने तो छू भी लिया इसे देख इसकी चुन्नी और कुर्ते के गले में से इसकी ब्रा दिख रही है थोड़ी 2 "
पहला लड़का :- " हाँ यार साली इस बस में लाइट भी तो नहीं है नहीं तो देख लेते कुछ तो "
दूसरा लड़का :- "यार इस ने चड्डी कौनसे कलर की पहनी होगी "
पहला लड़का :- "जब ब्रा सफ़ेद है तो चड्डी भी सफ़ेद ही होगी पता है मैंने अभी 2 क्या किया "
दूसरा लड़का :- "क्या किया भाई "
पहला लड़का :- "इसने जिस हाथ से सीट के हैंडल को पकड़ रखा हैं न उस हाथ पे मैंने अपना खड़ा लंड टच करवाया "
दूसरा लड़का :- "क्या बात कर रहा है भाई एसा कैसे हो सकता है कुछ कहा नहीं इसने "
पहला लड़का :- "नहीं यार साली रंडी लगती है तभी इतनी रात को अकेली बस में घूम रही है मैंने वापस अपना लंड टच करवाया इसके हाथ पे और हलके से ऊँगली भी लगाई साइड से इसके बोबे पे "
दूसरा लड़का :- "साली ये तो पक्का रांड है तभी तो तेरा लंड छू रही है और अपना बोबा छूने दे रही है और कुछ बोल भी नहीं रही साली रंडी मुझे भी मजे लेने दे ना इस सेक्सी रांड के "

मै ये सब सुन के बहुत हैरान था की ये लोग इतना सब कर रहे है और दीदी कुछ कह नहीं रही या तो उनको पता नहीं है की एसा कुछ हो रहा है या ये अपनी इज्जत के डर के कारण कुछ नहीं बोल रही है लेकिन मुझे लगा की एस तो हो नहीं सकता की दीदी को पता ना चला हो शायद वो डर के अपनी इज्जत के कारण चुप है तभी मैंने सोचा की अँधेरा भी है दीदी कुछ बोल भी नहीं रही है क्यों ना मैं ही मजे ले लू मेरी दीदी के कोई और क्यों ले मैंने फिर वही किया अपना सेलफोन निकाला और उन लडको के कान के पास जाके बोला की हा मम्मी हा बस दीदी और मैं पहुँचने वाले है ये कहते हुए मैं उन दोनों लडको को पीछे करके आगे आ गया मैंने ये धीरे से बोला ताकि दीदी को ये पता न चल जाये की अब उनके पास मैं खड़ा हूं मैं दीदी के पास खड़ा था बस में पूरा अँधेरा था हमारा स्टॉप आने मैं अभी 20 मिनिट थे मेरा लंड बिलकुल टाइट खड़ा था मैंने पहले धीरे से अपना लंड दीदी के साइड के हाथ पे कोहनी से ऊपर की तरफ लगाया फिर मैंने धीरे अपना खड़ा लंड दीदी के हाथ पे बार 2 टच करवाया दीदी का कोई रिएक्शन नहीं था फिर मैं थोडा सा आगे बड़ा और दीदी के पास आया और धीरे से अपनी 1 ऊँगली दीदी के बोबे पे साइड से लगाई मैंने अपने 4 उंगलिया जेब में डाल रखी थी और 1 ऊँगली दीदी के साइड के बोबे पे लगा रहा था मैं इस बात का पूरा धयान रख रहा था की किसी को कुछ दिखे ना पीछे वाले लडको को भी नहीं फिर मैंने धीरे 2 अपना लंड दीदी के उंगलियों पे टच कराया जिस से दीदी ने सीट पकड़ रखी थी मैंने आज पहली बार अपना लंड दीदी के हाथ पे टच करवाया था मुझे बहुत मजा आ रहा था फिर मैंने अपना हाथ अपनी जेब से निकाला और अपने हाथ से दीदी के बोबे को साइड से टच किया धीरे से दीदी ने कुछ नहीं कहा

मुझे समझ मे नहीं आ रहा था की दीदी कुछ रिएक्शन क्यों नहीं दे रही है वो चाहती तो वो हाथ हटा सकती थी हाथ झटक सकती थी घूर सकती थी लेकिन बस वो तो सामने ही देखे जा रही थी शायद उन्हें भी डर लग रहा था की क्या करे क्या नहीं स्कूल की बच्चियों में इतनी अकल कहाँ होती है अब मैंने सोचा की देखते है की दीदी रियेक्ट कब करती है मैंने वापस अपना लंड दीदी की उंगलियों पे लगाया और लगा रहने दिए वहां से हटाया नहीं फिर धीरे से अपना हाथ दीदी की बोबे की तरफ लेके गया और उनका बोबा दबा दिया दीदी ने कुछ रियेक्ट नहीं किया अब मै अपना हाथ दीदी की चुन्नी के नीचे लेके गया और दीदी के बोबे को दबाने लगा अब मुझे पता चल चूका था की दीदी रियेक्ट नहीं करेंगी मैंने अच्छी तरह से दीदी के दोनों बोबो को दबाया उन्हें सहलाया मुझे बहुत मजा आ रहा था तभी मेरे दिमाग में 1 आईडिया आया मैंने अपनी जीन्स की चैन खोली और अपना लंड बाहर निकाल लिया अब मेरा खड़ा लंड बाहर था और नंगा था

मैंने दीदी की चुन्नी के नीचे से उनके बोबे को दबाते दबाते अपना नंगा लंड दीदी के हाथ पे टच कर दिया दीदी को शायद थोडा सा करंट लगा इसलिए वो थोड़ी सी हिली फिर वापस चुपचाप बैठ गयी अब मेरा नंगा लंड दीदी की उँगलियों पर था और मेरा हाथ मेरी प्यारी दीदी की चुन्नी के नीचे से उनके कुरते के ऊपर से उनके दोनों बोबो को दबा रहा था उन्हें सहला रहा था अब मैंने अपने हाथ से दीदी का हाथ पकड़ा और अपना लंड उनके हाथ में पकड़वाया ऊपर से उनके हाथ पे अपना हाथ रखा और आगे पीछे करने लगा मैं तो हवा में था आज पहली बार मेरी प्यारी दीदी अपने हाथ से मेरा मूट मार रही थी मुझे बहुत ही ज्यादा मजा आ रहा था जो काम आज घर के बंद कमरे में नहीं हुआ था वो इस भरी हुई बस मे हो रहा था मैंने अपना हाथ हटा लिया मेरा हाथ हटते ही दीदी ने मेरा लंड छोड दिया मैंने वापस दीदी का हाथ पकड़ा उसमे अपना लंड पकडवाया और ऊपर नीचे करने लगा दीदी अब शायद समझ गयी थी की उन्हें क्या करना है वो अपने हाथ से मेरा लंड आगे पीछे करने लगी और मैं अपना हाथ वापस दीदी के बोबे की तरफ लेके गया और उन्हें दबाने लगा वो भी क्या पल था एसा कभी हकीकत में होगा मैंने नहीं सोचा था मेरी प्यारी दीदी मेरा लंड हिला रही थी मेरी मुट मार रही थी और मैं अपनी दीदी के बोबे दबा रहा था और आज तो दीदी को सब पता था की क्या हो रहा है आज वो नींद मे भी नहीं थी इससे मुझे और मजा आ रहा था

मैंने अपना हाथ दीदी के हाथ पे रखा और लंड हिलाने की स्पीड बड़ाई दीदी समझ गयी की उनको स्पीड बढ़ानी है वो जल्दी जल्दी मेरा लंड हिलाने लगी और मैं इतना ज्यादा excited हो गया की मैंने दीदी के कुर्ते के गले में से अपना हाथ अंदर डाल दिया और ब्रा के ऊपर से उनके बोबे दबाने लगा दीदी जल्दी जल्दी मेरा लंड हिला रही थी मुझे बहुत मजा आ रहा था मैंने दीदी की ब्रा के अंदर हाथ डाल दिया और उनके बोबे दबाने लगा उन्हें मसलने लगा दीदी के निप्पलो को गोल गोल घुमाने लगा मैंने नोटिस किया की दीदी के निप्पल खड़े थे शायद इतनी टचिंग से दीदी भी गरम हो गई थी दीदी भी जल्दी जल्दी मेरा लंड हिला रह थी और मैं उनके दोनों बोबे दबा रहा था उनके निप्पल को अपने नाखून से रगड़ रहा था इतने मैं मेरा सारा मुट दीदी के हाथ पे और उनकी सलवार पे गिर गया मैं तो दूसरी दुनिया में था मैंने दीदी को देखा दीदी अभी भी सामने ही देख रही थी दीदी ने सामने देखते हुए ही अपना हाथ अपने नेपकिन से साफ़ किया सलवार पे लगा हुआ मुट भी साफ़ किया मैंने जल्दी से अपना लंड अंदर डाला और थोडा सा पीछे हो गया हमारा स्टॉप आ गया था दीदी खड़ी हुई मैं भी दीदी के पीछे आगया हम बस से उतरे सामने पापा खड़े थे दीदी को देख के पापा ने फ़ौरन पूछ "क्या हुआ प्रीती तुझे " दीदी ने कहा की "पापा मैं अब बस मैं नहीं जाउंगी कभी भी " ये कह के दीदी पापा के गले लग गयी पापा ने "पुछा प्रीती हुआ क्या बेटा बता मुझे क्या हुआ "....

हमारा स्टॉप आ गया था दीदी खड़ी हुई मैं भी दीदी के पीछे आगया हम बस से उतरे सामने पापा खड़े थे दीदी को देख के पापा ने फ़ौरन पूछ "क्या हुआ प्रीती तुझे "
दीदी ने कहा की "पापा मैं अब बस मैं नहीं जाउंगी कभी भी " ये कह के दीदी पापा के गले लग गयी पापा ने "पुछा प्रीती हुआ क्या बेटा बता मुझे क्या हुआ "........

अब आगे - मुझे लगा की कहीं दीदी पापा को वो सब ना बता दे जो बस में हुआ था कहीं दीदी को पता तो नहीं चल गया था की बस में उनके साथ वो सब कुछ मैं ही कर रहा था मैं बहुत डर गया की कहीं
घर जाके दीदी ने अगर पापा मम्मी को ये सब बता दिया की ये सब मैंने किया है तो मेरा तो पता नहीं क्या हाल होगा मुझे बहुत ज्यदा डर लग रहा था मेरा दिल डरके मारे जोर जोर से धड़क रहा था की क्या
होगा लेकिन फिर मैंने सोचा की दीदी को ये कैसे पता चल सकता है की वो सब मैंने किया है क्योंकि बस में तो बहुत अँधेरा था और जब दुसरे लड़के दीदी से छेड़ छाड़ कर रहे थे तब दीदी को पता था की वो
लड़के कोई और है मैं तो उनके बाद गया था और दीदी पापा को ये सब कैसे बताएगी की उन्होंने किसी का लंड हिलाया अपने हाथों से और अपने बोबे दबाने दिए उन्होंने किसी को मैंने सोचा की पता नहीं क्या
होगा मुझे बहुत ज्यादा डर लग रहा था

फिर पापा ने मुझसे पुछा "सोनू क्या हुआ प्रीती को " मैंने कहा "पता नहीं पापा मुझे तो " फिर पापा ने वापस दीदी से पूछा "अरे बेटा बोल ना क्या हुआ क्यों नहीं जाना बस में अब क्या हुआ " मैंने भी दीदी से बोला "बताओ न दीदी क्या हुआ आपको " दीदी ने मुझे देखा फिर थोड़ी देर बाद दीदी बोली "पापा बस में कितनी ज्यादा भीड़ रहती है ....." अब मेरी हालत ख़राब हो गयी मैंने सोचा अरे यार लगता है ये दीदी तो आज सब कुछ बताने वाली है पापा को लगता है इन्हें शक हो गया है या शायद पता है इन्हें की मैंने ही सब किया था मेरा दिल जोर जोर से धड़क रहा था दीदी ने अपनी बात पूरी की " पापा बस में कितनी ज्यादा भीड़ रहती है मेरी तो हालत ख़राब हो गयी ना ढंग से बैठने की जगह मिलती है ना खड़े होने की कितनी बदबू आती है मेरी तो हालत ख़राब हो गयी चक्कर आने लग गए सर दुःख रहा है और वोमिटिंग जैसा हो रहा है अब तो मैं कभी कदम ही नहीं रखूँ बस में " दीदी की पूरी बात सुन के मेरी जान में जान आई मैंने कहाँ बच गए भाई आज तो , ये मन भी साला कमीना होता है अभी अभी जब मुझे डर लग रहा था तब सोच रहा था की भगवान् इस बार बचाले आगे से कभी ज़िन्दगी में एसा कुछ नहीं करूँगा और जैसे ही दीदी की बात खत्म हुई सब ठीक हुआ वैसे ही वापस मेरा ध्यान दीदी की गांड पे चला गया दीदी पापा के साथ जा रही थी और मैं पीछे से उनकी सेक्सी गांड को देख रहा था और सोच रहा था की अभी मेरी इस कमसिन दीदी के बोबे मेरे हाथ में थे और मेरा लंड उनके हाथ में

आज मैंने जो कुछ भी किया था उसपे मैं बहुत गर्व महसूस कर रहा था की आज दीदी ने खुद ने अपने हाथ से मेरा लंड हिलाया और उन्हें पता था की कोई उनके बोबो से खेल रहा है और उन्होंने वो सब कुछ करने दिया अब मेरे मन में यही चल रहा था की अगर मेरी जगह कोई और होता तो वो भी मजे ले लेता दीदी के आखिर दीदी ने मना क्यों नहीं किया या तो दीदी डर गयी थी लेकिन तभी मेरे दूसरे मन ने कहा की कहीं दीदी को भी मजा तो नहीं आ रहा था क्या पता दीदी भी मजे लेना चाहती हो इसलिए सब करने दे रही हो क्योंकि जेसे मेरा मन होता है वैसे ही दीदी का भी तो होता होगा सेक्स करने का और वेसे भी दीदी फोन सेक्स तो करती ही थी अपने bf से तो कहीं दीदी को भी मजा तो नहीं आ रहा था जब मैं उनके बोबे दबा रहा था बस में तभी मेरे मन ने वापस कहा की नहीं यार दीदी बस मजे के लिए इतना रिस्क नहीं ले सकती वो डर ही गयी होगी मैं इन्ही खयालों में था इतने में दीदी ने आवाज दी " चल ना सोनू घर नहीं चलना क्या वहां क्या खड़ा है " मैं अपने खयालो से बाहर आया और बोला "हाँ दीदी चलो "
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